मक्का मुकर्रमा में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच ‘मक्का सामूहिक रक्षा समझौते’ पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसका मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने स्वागत किया है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 7 अगस्त 2026 को बताया, यह समझौता कस्टोडियन ऑफ द टू होली मॉस्क किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के निमंत्रण पर आयोजित मक्का शिखर सम्मेलन के दौरान हुआ। इस समझौते में क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद, तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मोहम्मद शहबाज शरीफ ने भाग लिया।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव और मुस्लिम विद्वानों परिषद के अध्यक्ष शेख डॉ. मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-ईसा ने इस समझौते की सराहना की। उन्होंने इसे साझा सुरक्षा को मजबूत करने और क्षेत्र तथा दुनिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि प्राप्त करने के लिए इस्लामी एकजुटता और भाईचारे के संबंधों पर आधारित बताया।
विज्ञप्ति में समझौते की विशिष्ट शर्तों या सैन्य विवरणों का उल्लेख नहीं है।
मक्का सामूहिक रक्षा समझौते में किन देशों ने भाग लिया? इस समझौते में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान शामिल हैं। इसमें क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, राष्ट्रपति रजब तैयप एर्दोगन और प्रधानमंत्री मोहम्मद शहबाज शरीफ ने भागीदारी की।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग की इस पर क्या प्रतिक्रिया थी? महासचिव शेख डॉ. मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-ईसा ने इस समझौते का स्वागत किया। उन्होंने इसे साझा सुरक्षा, शांति और स्थिरता के लिए इस्लामी एकजुटता पर आधारित बताया।
यह समझौता कहाँ और किसके निमंत्रण पर हुआ? यह समझौता मक्का मुकर्रमा में हुआ। इसका आयोजन कस्टोडियन ऑफ द टू होली मॉस्क किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के निमंत्रण पर किया गया था।