राष्ट्रीय वनस्पति आवरण विकास एवं मरुस्थलीकरण रोकथाम केंद्र (एनसीवीसी) 21 मार्च को दुनिया भर में मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए एक जागरूकता अभियान शुरू करेगा। रियाद से 20 मार्च 2025 को जारी जानकारी के अनुसार यह अभियान सऊदी अरब में वनों के महत्व को रेखांकित करने पर केंद्रित है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, अभियान का उद्देश्य पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में वनों की भूमिका पर जोर देना है। यह पहल ठीक उसी दिन शुरू हो रही है जब दुनिया अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस मनाती है।
सऊदी अरब में विशाल वन क्षेत्र हैं, जिन्हें प्राकृतिक संपदा माना जाता है और जो पर्यावरण संरक्षण तथा स्थिरता प्रयासों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। क्या आप जानते हैं कि ये वन क्षेत्र किस प्रकार देश की पर्यावरणीय सुरक्षा में योगदान देते हैं? वन ऑक्सीजन उत्पादन, सैकड़ों टन कार्बन के भंडारण, जैव विविधता को बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा को समर्थन देने, मरुस्थलीकरण से लड़ने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एसपीए के अनुसार, अरक पेड़ (साल्वाडोरा पर्सिका) विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसका फल, जिसे “कबाथ” कहा जाता है, मनुष्यों और जानवरों दोनों के लिए भोजन का काम करता है। आर्थिक दृष्टि से इस पेड़ के विभिन्न भागों का उपयोग सिवाक (अरक पेड़ से बनी पारंपरिक चबाने वाली छड़ी) और प्राकृतिक तेलों के उत्पादन में किया जाता है। इसके अलावा, यह मौखिक और दंत स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य मूल्य भी रखता है।
इस पेड़ का धार्मिक महत्व भी है। पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने कहा था: “यदि यह मेरी उम्मत पर बोझ न होता, तो मैं उन्हें हर नमाज़ से पहले सिवाक का उपयोग करने का आदेश देता।” क्या आप इस पेड़ के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व की गहराई को समझ पा रहे हैं?
एनसीवीसी वनों को बहाल करने और पुनर्वासित करने के अपने प्रयासों को जारी रखे हुए है। केंद्र ने अब तक 35 लाख से अधिक पेड़ लगाए हैं। यह प्राचीन पेड़ों की पहचान और संरक्षण का भी प्रयास कर रहा है, साथ ही सीमा चिह्नों और सूचनात्मक संकेतों के माध्यम से वन क्षेत्रों की सुरक्षा कर रहा है। क्या आप जानते हैं कि इन प्रयासों का उद्देश्य क्या है? केंद्र सामरिक वन योजना और घाटियों के पुनर्वास तथा संरक्षण की कार्यकारी योजना को भी लागू कर रहा है।
ये प्रयास सऊदी ग्रीन इनिशिएटिव और सऊदी विजन 2030 का हिस्सा हैं। एसपीए के अनुसार, केंद्र राष्ट्रीय वन सर्वेक्षण परियोजना भी लागू कर रहा है, वन भूमि के लिए एक राष्ट्रीय निगरानी प्रणाली स्थापित कर रहा है और वन आग की निगरानी कर रहा है। क्या आप सोचते हैं कि ये निगरानी प्रणालियाँ सऊदी अरब के वनों के भविष्य को कैसे आकार देंगी?
अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस हर साल 21 मार्च को दुनिया भर में मनाया जाता है। एनसीवीसी का यह अभियान इस वैश्विक अवसर के साथ मेल खाता है, जिसमें सऊदी अरब के वनों के महत्व को उजागर किया जाएगा। क्या आप जानते हैं कि सऊदी अरब के वन क्षेत्र किस प्रकार जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद करते हैं?
सऊदी अरब के वन क्षेत्र न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि वे देश की जैव विविधता और खाद्य सुरक्षा में भी योगदान देते हैं। एसपीए के अनुसार, वन ऑक्सीजन उत्पादन और कार्बन भंडारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। क्या आप जानते हैं कि सऊदी अरब में कौन-कौन से वन क्षेत्र मौजूद हैं?
एनसीवीसी द्वारा लगाए गए 35 लाख से अधिक पेड़ों का लक्ष्य वनों को बहाल करना और पुनर्वासित करना है। यह केंद्र प्राचीन पेड़ों की पहचान और संरक्षण पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। क्या आप जानते हैं कि प्राचीन पेड़ों का संरक्षण क्यों महत्वपूर्ण है?
सऊदी ग्रीन इनिशिएटिव और सऊदी विजन 2030 के तहत, एनसीवीसी वनों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए कई परियोजनाएँ चला रहा है। इनमें राष्ट्रीय वन सर्वेक्षण परियोजना, राष्ट्रीय निगरानी प्रणाली और वन आग की निगरानी शामिल है। क्या आप इन पहलों के दीर्घकालिक प्रभावों की कल्पना कर सकते हैं?
एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि जागरूकता अभियान के तहत कौन-कौन सी विशिष्ट गतिविधियाँ की जाएँगी, न ही यह कि अभियान कितने समय तक चलेगा। रिपोर्ट में वन क्षेत्रों के विस्तार या पेड़ लगाने के भविष्य के लक्ष्यों का भी उल्लेख नहीं है।
एनसीवीसी क्या है और यह क्या करता है? राष्ट्रीय वनस्पति आवरण विकास एवं मरुस्थलीकरण रोकथाम केंद्र (एनसीवीसी) सऊदी अरब में वनों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए काम करता है। एसपीए के अनुसार, इसने अब तक 35 लाख से अधिक पेड़ लगाए हैं। यह प्राचीन पेड़ों की पहचान और संरक्षण, सीमा चिह्नों और सूचनात्मक संकेतों के माध्यम से वन क्षेत्रों की सुरक्षा, और सामरिक वन योजना तथा घाटियों के पुनर्वास की कार्यकारी योजना को लागू कर रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस कब मनाया जाता है और इसका क्या महत्व है? अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस हर साल 21 मार्च को दुनिया भर में मनाया जाता है। एसपीए के अनुसार, एनसीवीसी इसी दिन अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जागरूकता अभियान शुरू करेगा। इसका उद्देश्य सऊदी अरब में वनों के महत्व को रेखांकित करना और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में उनकी भूमिका पर जोर देना है।
अरक पेड़ का क्या महत्व है? एसपीए के अनुसार, अरक पेड़ (साल्वाडोरा पर्सिका) का फल, जिसे “कबाथ” कहा जाता है, मनुष्यों और जानवरों दोनों के लिए भोजन है। आर्थिक रूप से, इसके भागों का उपयोग सिवाक और प्राकृतिक तेलों के उत्पादन में किया जाता है। यह मौखिक और दंत स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य मूल्य भी रखता है। इसका धार्मिक महत्व भी है, क्योंकि पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने सिवाक के उपयोग के बारे में कहा था।
सऊदी अरब के वन पर्यावरण के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं? एसपीए के अनुसार, सऊदी अरब में विशाल वन क्षेत्र प्राकृतिक संपदा माने जाते हैं और पर्यावरण संरक्षण तथा स्थिरता प्रयासों के लिए आवश्यक हैं। वन ऑक्सीजन उत्पादन, सैकड़ों टन कार्बन के भंडारण, जैव विविधता को बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा को समर्थन देने, मरुस्थलीकरण से लड़ने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एनसीवीसी वनों की निगरानी के लिए क्या कर रहा है? एसपीए के अनुसार, एनसीवीसी राष्ट्रीय वन सर्वेक्षण परियोजना लागू कर रहा है, वन भूमि के लिए एक राष्ट्रीय निगरानी प्रणाली स्थापित कर रहा है और वन आग की निगरानी कर रहा है। यह प्राचीन पेड़ों की पहचान और संरक्षण भी कर रहा है तथा सीमा चिह्नों और सूचनात्मक संकेतों के माध्यम से वन क्षेत्रों की सुरक्षा कर रहा है।
ये प्रयास किस पहल का हिस्सा हैं? एसपीए के अनुसार, एनसीवीसी के ये प्रयास सऊदी ग्रीन इनिशिएटिव और सऊदी विजन 2030 का हिस्सा हैं। केंद्र सामरिक वन योजना और घाटियों के पुनर्वास तथा संरक्षण की कार्यकारी योजना को लागू कर रहा है। इसके अलावा, यह राष्ट्रीय वन सर्वेक्षण परियोजना, राष्ट्रीय निगरानी प्रणाली और वन आग की निगरानी पर भी काम कर रहा है।