Wednesday, October 28, 2026
सऊदी समाचार

जीसीसी प्रमुख ने यमन के विदेश मंत्री से फोन पर की बात, स्थिरता पर दोहराया रुख

जीसीसी प्रमुख ने यमन के विदेश मंत्री से फोन पर की बात, स्थिरता पर दोहराया रुख

गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैवी ने यमन गणराज्य के विदेश मंत्री और प्रवासी मामलों की मंत्री अफराह अब्दुलअजीज अल ज़ौबा से टेलीफोन पर बात की। यह जानकारी सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने रियाद से 5 अक्टूबर 2026 को दी।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, दोनों पक्षों ने बातचीत में यमन गणराज्य के हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा की। एसपीए के अनुसार यह समीक्षा मौजूदा क्षेत्रीय परिस्थितियों और तेजी से बदलते हालात के बीच हुई।

फोन कॉल में महासचिव अलबुदैवी ने यमन गणराज्य के समर्थन में जीसीसी के अटल और दृढ़ रुख को रेखांकित किया। उन्होंने यमन की सुरक्षा, स्थिरता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उठाए जा रहे सभी कदमों के समर्थन की बात कही।

एसपीए के मुताबिक अलबुदैवी ने सुरक्षा, शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने वाले प्रयासों के समर्थन के प्रति जीसीसी की प्रतिबद्धता भी जताई। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य यमनी लोगों की उस आकांक्षा को पूरा करना है जो सुरक्षा, गरिमापूर्ण जीवन, विकास और समृद्धि पर आधारित भविष्य से जुड़ी है।

महासचिव ने दोहराया कि यमन गणराज्य की सुरक्षा और स्थिरता जीसीसी सदस्य देशों तथा व्यापक क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता का आधारभूत स्तंभ है। उन्होंने यमन और उसके लोगों के साथ खड़े रहने तथा शांति और समृद्धि की दिशा में हर प्रयास के समर्थन के प्रति जीसीसी की स्थायी प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

एसपीए ने बताया कि यह फोन कॉल स्थानीय समयानुसार 22:36 बजे और ग्रीनविच मीन टाइम के अनुसार 19:36 बजे दर्ज की गई। समाचार एजेंसी ने बातचीत के दौरान चर्चा हुए विषयों का विवरण इससे आगे नहीं बढ़ाया।

जीसीसी महासचिव और यमन के विदेश मंत्री के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब एसपीए ने क्षेत्रीय परिस्थितियों और तेजी से बदलते हालात का उल्लेख किया है। एजेंसी ने इन बदलावों की प्रकृति या उनके कारणों का विस्तार नहीं किया।

एसपीए की रिपोर्ट में महासचिव के हवाले से यमन के प्रति जीसीसी के रुख को अटल और दृढ़ बताया गया। रिपोर्ट के अनुसार यह रुख यमन की सुरक्षा, स्थिरता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े सभी उपायों के समर्थन तक विस्तृत है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जीसीसी सुरक्षा, शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने वाले प्रयासों का समर्थन करता है। महासचिव ने इन प्रयासों को यमनी लोगों की आकांक्षाओं से जोड़ा, जिनमें सुरक्षा, गरिमापूर्ण जीवन, विकास और समृद्धि शामिल हैं।

एसपीए के अनुसार महासचिव ने यमन की सुरक्षा और स्थिरता को जीसीसी सदस्य देशों और व्यापक क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता का आधारभूत स्तंभ बताया। यह वाक्य रिपोर्ट में दो बार अलग-अलग रूप में आया है, जो यमन के मामले को जीसीसी के लिए केंद्रीय बताता है।

रिपोर्ट के अंत में महासचिव के हवाले से यह कहा गया कि जीसीसी यमन और उसके लोगों के साथ खड़ा रहेगा और शांति तथा समृद्धि की दिशा में हर प्रयास का समर्थन करेगा। एसपीए ने इस बातचीत के किसी ठोस परिणाम, समझौते या आगे की योजना का उल्लेख नहीं किया।

एसपीए की खबर में फोन कॉल के दौरान चर्चा किए गए विषयों की सूची सीमित है। इसमें यमन के हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा, क्षेत्रीय परिस्थितियों का संदर्भ और जीसीसी के रुख का पुनः उल्लेख शामिल है। एजेंसी ने किसी विशेष घटना, स्थान या तारीख का जिक्र नहीं किया।

यह फोन कॉल जीसीसी और यमन के बीच राजनयिक संपर्क की एक कड़ी है, जिसे एसपीए ने रियाद से प्रकाशित किया। रिपोर्ट में दोनों पक्षों के नाम, पद और बातचीत का माध्यम स्पष्ट रूप से दर्ज है, जबकि बातचीत की अवधि या अन्य सहभागियों का उल्लेख नहीं है।

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि यह बातचीत किस पहल के तहत हुई या इसका कोई अनुवर्ती कदम तय हुआ है या नहीं। एजेंसी ने केवल महासचिव के बयानों और बातचीत के विषय का विवरण दिया है।

फोन कॉल में कौन शामिल थे? जीसीसी महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैवी और यमन गणराज्य के विदेश मंत्री तथा प्रवासी मामलों की मंत्री अफराह अब्दुलअजीज अल ज़ौबा। एसपीए ने बताया कि बातचीत टेलीफोन पर हुई और इसे रियाद से 5 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित किया गया। रिपोर्ट में किसी अन्य सहभागी का उल्लेख नहीं है।

बातचीत में किन विषयों की समीक्षा हुई? एसपीए के अनुसार दोनों पक्षों ने यमन गणराज्य के हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा की। यह समीक्षा मौजूदा क्षेत्रीय परिस्थितियों और तेजी से बदलते हालात के बीच हुई। एजेंसी ने इन बदलावों की प्रकृति या किसी विशेष घटना का विवरण नहीं दिया।

महासचिव ने यमन के बारे में क्या कहा? अलबुदैवी ने यमन के समर्थन में जीसीसी के अटल और दृढ़ रुख को रेखांकित किया। उन्होंने यमन की सुरक्षा, स्थिरता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के सभी कदमों के समर्थन की बात कही। एसपीए के मुताबिक उन्होंने सुरक्षा, शांति और स्थिरता वाले प्रयासों के समर्थन पर भी जोर दिया।

यमन की स्थिरता को किस रूप में बताया गया? महासचिव ने कहा कि यमन की सुरक्षा और स्थिरता जीसीसी सदस्य देशों तथा व्यापक क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता का आधारभूत स्तंभ है। एसपीए ने यह वाक्य रिपोर्ट में दो बार अलग रूप में दिया। इससे यमन का मामला जीसीसी के लिए केंद्रीय बताया गया।

क्या बातचीत का कोई ठोस परिणाम बताया गया? नहीं। एसपीए की रिपोर्ट में किसी समझौते, ठोस परिणाम या आगे की योजना का उल्लेख नहीं है। एजेंसी ने केवल महासचिव के बयानों और बातचीत के विषय का विवरण दिया। रिपोर्ट में बातचीत की अवधि, किसी पहल का नाम या अनुवर्ती कदम भी नहीं बताया गया।