Sunday, November 1, 2026
सऊदी समाचार

मक्का एक्सीलेंस अवॉर्ड का 18वां संस्करण लॉन्च, वेबसाइट बनेगी एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म

मक्का एक्सीलेंस अवॉर्ड का 18वां संस्करण लॉन्च, वेबसाइट बनेगी एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म

मक्का एक्सीलेंस अवॉर्ड का 18वां संस्करण लॉन्च किया गया है, और इस बार अवॉर्ड की वेबसाइट को एक एकीकृत, टिकाऊ और इंटरैक्टिव सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह प्लेटफॉर्म गवर्नेंस और ऑटोमेशन की एक समेकित प्रणाली के जरिए संचालित होगा।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, यह लॉन्च कस्टोडियन ऑफ द टू होली मस्जिद्स के सलाहकार और मक्का क्षेत्र के गवर्नर प्रिंस खालिद बिन फैसल बिन अब्दुलअजीज के निर्देश और पर्यवेक्षण तथा मक्का क्षेत्र के डिप्टी गवर्नर प्रिंस सऊद बिन मिशाल बिन अब्दुलअजीज की फॉलो-अप के तहत हुआ है।

एसपीए के मुताबिक, यह 18 साल की यात्रा को आगे बढ़ाता है, जिसमें उत्कृष्ट उपलब्धियों का जश्न मनाया जाता रहा है, उत्कृष्टता और रचनात्मकता के नमूनों को सम्मानित किया जाता रहा है, और संस्थाओं तथा व्यक्तियों को ऐसी अग्रणी पहल और अनुभव प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया जाता रहा है जो क्षेत्र में प्रदर्शन सुधारने और विकास को आगे बढ़ाने में योगदान देते हैं।

नए संस्करण में ऐसे कई विकास शामिल किए गए हैं जो अवॉर्ड के विकास को दर्शाते हैं और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के साथ कदम से कदम मिलाते हैं। इनमें सबसे प्रमुख है वेबसाइट का एक एकीकृत, टिकाऊ और इंटरैक्टिव सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म में विकसित किया जाना, जिसका प्रबंधन गवर्नेंस और ऑटोमेशन की एक समेकित प्रणाली से होगा।

एसपीए के अनुसार, इससे अवॉर्ड के वार्षिक चक्र की दक्षता बढ़ाने, नामांकन और मूल्यांकन प्रक्रियाओं को आसान बनाने तथा परिणामों की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिलेगी।

नया प्लेटफॉर्म पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल की अवधारणा से आगे बढ़कर एक ऐसा डिजिटल स्थान बनता है जो विजेता संस्थाओं और व्यक्तियों के सफल अनुभवों, नवाचारों और विशिष्ट प्रथाओं का दस्तावेजीकरण करता है। इन्हें ऐसे प्रेरणादायी नमूनों के रूप में उभारा जाता है जिनका उपयोग किया जा सकता है और अनुकरण किया जा सकता है।

एसपीए के मुताबिक, इससे प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है और अन्य संस्थाएं अपनी पहलों को विकसित करने तथा अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित होती हैं। साथ ही यह अधिक आसान और लचीली पहुंच प्रदान करता है तथा डेटा सुरक्षा और संरक्षा आवश्यकताओं को मजबूत करता है।

अवॉर्ड नवाचार की भूमिका को विकास के स्तंभों में से एक के रूप में मजबूत करता है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों के बीच सफल अनुभवों और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के अवसर दिए जाते हैं, संस्थानों को समाज के निर्माण में योगदान देने और स्थिरता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, तथा ऐसी उपलब्धियों को मान्यता दी जाती है जिनका गुणवत्ता पर ठोस प्रभाव पड़ता है।

एसपीए की खबर में यह भी सामने आता है कि यह संस्करण पिछले 18 वर्षों की निरंतरता है। अवॉर्ड का उद्देश्य संस्थाओं और व्यक्तियों दोनों को शामिल करना है, और नए प्लेटफॉर्म के जरिए नामांकन से लेकर मूल्यांकन तक की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा रहा है।

गवर्नेंस और ऑटोमेशन की समेकित प्रणाली पर जोर यह संकेत देता है कि अवॉर्ड प्रशासन में पारदर्शिता और प्रक्रियात्मक स्पष्टता को प्राथमिकता दी जा रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म को टिकाऊ कहा गया है, यानी इसे लंबी अवधि के लिए डिजाइन किया गया है।

एसपीए के अनुसार, प्लेटफॉर्म का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह केवल जानकारी देने वाला पोर्टल नहीं रहेगा, बल्कि विजेताओं के अनुभवों का संग्रह और प्रदर्शन स्थल बनेगा। इससे अन्य संस्थाएं उन प्रथाओं से सीख सकेंगी जो सफल साबित हुई हैं।

खबर में यह भी कहा गया है कि प्लेटफॉर्म डेटा सुरक्षा और संरक्षा आवश्यकताओं को मजबूत करता है, जो डिजिटल शासन के लिहाज से एक अहम बिंदु है।

अवॉर्ड की 18 साल की यात्रा में यह पहला मौका नहीं है जब इसमें बदलाव किए गए हों, लेकिन इस बार बदलाव का केंद्र डिजिटल बुनियादी ढांचा है। एसपीए के मुताबिक, इससे अवॉर्ड के वार्षिक चक्र की दक्षता बढ़ेगी और परिणामों की गुणवत्ता में सुधार होगा।

मक्का क्षेत्र के विकास में इस तरह के अवॉर्ड की भूमिका को रेखांकित करते हुए खबर में कहा गया है कि यह संस्थाओं को समाज के निर्माण में योगदान देने और स्थिरता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करता है।

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि नए प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किस तारीख को हुआ, नामांकन की अंतिम तिथि क्या है, पुरस्कार राशि कितनी है, या मूल्यांकन कितने चरणों में होगा। यह भी नहीं बताया गया कि प्लेटफॉर्म को किस तकनीकी टीम ने विकसित किया है या इसके संचालन की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई है।

खबर में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि किन श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे, कितनी संस्थाएं और व्यक्ति भाग ले सकेंगे, या पिछले संस्करणों में कितने विजेताओं को सम्मानित किया गया था। इन विवरणों के बिना प्लेटफॉर्म के व्यावहारिक प्रभाव का पूरा आकलन करना मुश्किल है।

एसपीए के मुताबिक, अवॉर्ड का उद्देश्य उत्कृष्टता और रचनात्मकता के नमूनों को सम्मानित करना तथा अग्रणी पहलों को प्रोत्साहित करना है। नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को इसी उद्देश्य को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा करने के साधन के रूप में पेश किया गया है।

खबर में यह भी कहा गया है कि प्लेटफॉर्म विजेता संस्थाओं और व्यक्तियों की विशिष्ट प्रथाओं को प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभारेगा, जिससे प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और अन्य संस्थाएं अपनी पहलों को विकसित करने के लिए प्रेरित होंगी।

एसपीए की खबर में अवॉर्ड के 18वें संस्करण को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जोड़कर देखा गया है, और इसे गवर्नेंस तथा ऑटोमेशन की समेकित प्रणाली से जोड़ा गया है। यह दर्शाता है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तकनीक के जरिए सुव्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है।

खबर के अनुसार, प्लेटफॉर्म डेटा सुरक्षा और संरक्षा आवश्यकताओं को भी मजबूत करता है, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संवेदनशील जानकारी के प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

एसपीए ने यह भी बताया कि अवॉर्ड नवाचार को विकास के स्तंभों में से एक के रूप में मजबूत करता है और विभिन्न क्षेत्रों के बीच सफल अनुभवों तथा विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के अवसर देता है।

खबर में यह भी कहा गया है कि अवॉर्ड ऐसी उपलब्धियों को मान्यता देता है जिनका गुणवत्ता पर ठोस प्रभाव पड़ता है, और संस्थानों को समाज के निर्माण तथा स्थिरता बढ़ाने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करता है।

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि नए प्लेटफॉर्म के लॉन्च के बाद नामांकन प्रक्रिया में क्या-क्या बदलाव आएंगे, मूल्यांकन के मानदंड क्या होंगे, या विजेताओं की घोषणा कब की जाएगी। यह भी नहीं बताया गया कि प्लेटफॉर्म पर कितने अनुभव और प्रथाएं पहले से दर्ज हैं।

खबर में यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्लेटफॉर्म का संचालन किस इकाई के पास होगा, इसका रखरखाव कैसे होगा, या इसके लिए कितना बजट निर्धारित किया गया है। इन विवरणों के अभाव में यह कहना मुश्किल है कि प्लेटफॉर्म कितनी जल्दी अपने पूरे दायरे में काम करने लगेगा।

एसपीए के मुताबिक, अवॉर्ड की यात्रा 18 वर्ष की हो चुकी है, और इस दौरान उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित करने, उत्कृष्टता और रचनात्मकता के नमूनों को पहचानने तथा संस्थाओं और व्यक्तियों को अग्रणी पहल प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करने पर ध्यान दिया गया है।

नए संस्करण में वेबसाइट को एकीकृत, टिकाऊ और इंटरैक्टिव सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाना इस दिशा में एक ठोस कदम के रूप में पेश किया गया है, जिसका प्रबंधन गवर्नेंस और ऑटोमेशन की समेकित प्रणाली से होगा।

खबर में यह भी कहा गया है कि इससे नामांकन और मूल्यांकन प्रक्रियाएं आसान होंगी तथा परिणामों की गुणवत्ता बेहतर होगी। साथ ही प्लेटफॉर्म विजेताओं के अनुभवों, नवाचारों और विशिष्ट प्रथाओं का दस्तावेजीकरण करेगा।

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि प्लेटफॉर्म किन भाषाओं में उपलब्ध होगा, क्या इसमें मोबाइल ऐप भी शामिल होगा, या नामांकन के लिए क्या पात्रता शर्तें होंगी। यह भी नहीं बताया गया कि मूल्यांकन समिति में कौन-कौन शामिल होगा।

खबर में यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्लेटफॉर्म को किस चरण में लॉन्च किया गया है, क्या यह पूरी तरह काम कर रहा है, या इसमें आगे और सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। इन बिंदुओं पर एसपीए की खबर में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

एसपीए के मुताबिक, अवॉर्ड का उद्देश्य संस्थाओं और व्यक्तियों को ऐसी पहल और अनुभव प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करना है जो क्षेत्र में प्रदर्शन सुधारने और विकास को आगे बढ़ाने में योगदान दें। नया डिजिटल प्लेटफॉर्म इस उद्देश्य को अंजाम देने का जरिया बताया गया है।

खबर में यह भी कहा गया है कि प्लेटफॉर्म प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाता है और अन्य संस्थाओं को अपनी पहलों को विकसित करने तथा प्रदर्शन सुधारने के लिए प्रेरित करता है। साथ ही यह अधिक आसान और लचीली पहुंच तथा मजबूत डेटा सुरक्षा प्रदान करता है।

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि पिछले संस्करणों में किन क्षेत्रों की संस्थाओं और व्यक्तियों को सबसे अधिक मान्यता मिली, या किन पहलों को सबसे प्रभावी माना गया। यह भी नहीं बताया गया कि अवॉर्ड के 18 वर्षों में कुल कितने विजेताओं को सम्मानित किया गया।

खबर में यह भी स्पष्ट नहीं है कि नए प्लेटफॉर्म के जरिए नामांकन कब शुरू होगा, मूल्यांकन कितने समय में पूरा होगा, या विजेताओं की घोषणा किस मंच पर की जाएगी। इन विवरणों के बिना अवॉर्ड चक्र की समय-सारणी का पता नहीं चलता।

एसपीए के मुताबिक, अवॉर्ड नवाचार को विकास के स्तंभों में से एक के रूप में मजबूत करता है और विभिन्न क्षेत्रों के बीच सफल अनुभवों तथा विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के अवसर देता है। यह संस्थानों को समाज के निर्माण और स्थिरता बढ़ाने में योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित करता है।

खबर में यह भी कहा गया है कि अवॉर्ड ऐसी उपलब्धियों को मान्यता देता है जिनका गुणवत्ता पर ठोस प्रभाव पड़ता है। नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को इस मान्यता प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के साधन के रूप में पेश किया गया है।

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि प्लेटफॉर्म पर डेटा सुरक्षा के लिए कौन-से तकनीकी उपाय अपनाए गए हैं, या इसे किस सुरक्षा मानक के अनुरूप बनाया गया है। यह भी नहीं बताया गया कि प्लेटफॉर्म का संचालन किस क्लाउड या सर्वर पर होगा।

खबर में यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्लेटफॉर्म पर विजेताओं के अनुभव किस रूप में प्रदर्शित किए जाएंगे, क्या इसमें वीडियो या दस्तावेज भी शामिल होंगे, या इसे जनता के लिए खुला रखा जाएगा। इन बिंदुओं पर एसपीए ने कोई जानकारी नहीं दी है।

एसपीए के मुताबिक, अवॉर्ड की 18 साल की यात्रा में उत्कृष्ट उपलब्धियों का जश्न मनाना, उत्कृष्टता और रचनात्मकता के नमूनों को सम्मानित करना तथा संस्थाओं और व्यक्तियों को अग्रणी पहल प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करना शामिल रहा है। नया संस्करण इसी दिशा में आगे बढ़ता है।

खबर में यह भी कहा गया है कि नए संस्करण में कई विकास शामिल किए गए हैं जो अवॉर्ड के विकास को दर्शाते हैं और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के साथ तालमेल बिठाते हैं। इनमें वेबसाइट का एकीकृत, टिकाऊ और इंटरैक्टिव सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म में विकसित होना सबसे प्रमुख है।

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि प्लेटफॉर्म के विकास में कितना समय लगा, इसे कितने चरणों में बनाया गया, या इसके लिए किस तरह की तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग हुआ। यह भी नहीं बताया गया कि इसे किस संस्था ने डिजाइन किया।

खबर में यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्लेटफॉर्म पर नामांकन के लिए क्या दस्तावेज आवश्यक होंगे, मूल्यांकन किस आधार पर होगा, या विजेताओं को किस रूप में सम्मानित किया जाएगा। इन विवरणों के अभाव में अवॉर्ड की पूरी प्रक्रिया का आकलन सीमित रह जाता है।

एसपीए के मुताबिक, अवॉर्ड का उद्देश्य संस्थाओं और व्यक्तियों को ऐसी पहल और अनुभव प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करना है जो क्षेत्र में प्रदर्शन सुधारने और विकास को आगे बढ़ाने में योगदान दें। नया डिजिटल प्लेटफॉर्म इस लक्ष्य को हासिल करने का साधन बताया गया है।

खबर में यह भी कहा गया है कि प्लेटफॉर्म विजेता संस्थाओं और व्यक्तियों के सफल अनुभवों, नवाचारों और विशिष्ट प्रथाओं का दस्तावेजीकरण करता है और उन्हें प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभारता है। इससे प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है और अन्य संस्थाएं अपनी पहलों को विकसित करने के लिए प्रेरित होती हैं।

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि प्लेटफॉर्म पर कितने उपयोगकर्ता पंजीकृत हो सकेंगे, इसमें किस तरह की भूमिकाएं होंगी, या मूल्यांकनकर्ताओं का चयन कैसे होगा। यह भी नहीं बताया गया कि प्लेटफॉर्म का उपयोग केवल मक्का क्षेत्र तक सीमित रहेगा या अन्य क्षेत्र भी इसमें शामिल हो सकेंगे।

खबर में यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्लेटफॉर्म के लॉन्च के बाद अवॉर्ड की प्रक्रिया में कितना समय बचेगा, या इससे मूल्यांकन की गुणवत्ता पर क्या असर पड़ेगा। इन बिंदुओं पर एसपीए ने कोई जानकारी नहीं दी है।

एसपीए के मुताबिक, अवॉर्ड नवाचार को विकास के स्तंभों में से एक के रूप में मजबूत करता है और विभिन्न क्षेत्रों के बीच सफल अनुभवों तथा विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के अवसर देता है। यह संस्थानों को समाज के निर्माण और स्थिरता बढ़ाने में योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित करता है।

खबर में यह भी कहा गया है कि अवॉर्ड ऐसी उपलब्धियों को मान्यता देता है जिनका गुणवत्ता पर ठोस प्रभाव पड़ता है। नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को इस मान्यता प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के साधन के रूप में पेश किया गया है।

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि प्लेटफॉर्म पर डेटा सुरक्षा के लिए कौन-से तकनीकी उपाय अपनाए गए हैं, या इसे किस सुरक्षा मानक के अनुरूप बनाया गया है। यह भी नहीं बताया गया कि प्लेटफॉर्म का संचालन किस क्लाउड या सर्वर पर होगा।

खबर में यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्लेटफॉर्म पर विजेताओं के अनुभव किस रूप में प्रदर्शित किए जाएंगे, क्या इसमें वीडियो या दस्तावेज भी शामिल होंगे, या इसे जनता के लिए खुला रखा जाएगा। इन बिंदुओं पर एसपीए ने कोई जानकारी नहीं दी है।

मक्का एक्सीलेंस अवॉर्ड का 18वां संस्करण किसके निर्देशन में लॉन्च हुआ? एसपीए के मुताबिक, यह लॉन्च कस्टोडियन ऑफ द टू होली मस्जिद्स के सलाहकार और मक्का क्षेत्र के गवर्नर प्रिंस खालिद बिन फैसल बिन अब्दुलअजीज के निर्देश और पर्यवेक्षण में हुआ। इसमें मक्का क्षेत्र के डिप्टी गवर्नर प्रिंस सऊद बिन मिशाल बिन अब्दुलअजीज की फॉलो-अप भी शामिल रही। खबर में यह नहीं बताया गया कि लॉन्च समारोह कहां या किस तारीख को हुआ।

नए डिजिटल प्लेटफॉर्म में क्या खास है? एसपीए के अनुसार, वेबसाइट को एक एकीकृत, टिकाऊ और इंटरैक्टिव सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म में विकसित किया जा रहा है, जिसका प्रबंधन गवर्नेंस और ऑटोमेशन की समेकित प्रणाली से होगा। इससे अवॉर्ड के वार्षिक चक्र की दक्षता बढ़ाने, नामांकन और मूल्यांकन प्रक्रियाओं को आसान बनाने तथा परिणामों की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिलेगी। खबर में प्लेटफॉर्म की तकनीकी बारीकियां नहीं बताई गई हैं।

प्लेटफॉर्म पारंपरिक पोर्टल से कैसे अलग है? एसपीए के मुताबिक, नया प्लेटफॉर्म पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल की अवधारणा से आगे बढ़कर एक डिजिटल स्थान बनता है जो विजेता संस्थाओं और व्यक्तियों के सफल अनुभवों, नवाचारों और विशिष्ट प्रथाओं का दस्तावेजीकरण करता है। इन्हें प्रेरणादायी नमूनों के रूप में उभारा जाता है। इससे प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है और अन्य संस्थाएं अपनी पहलों को विकसित करने के लिए प्रेरित होती हैं।

डेटा सुरक्षा को लेकर क्या कहा गया है? एसपीए के अनुसार, नया प्लेटफॉर्म अधिक आसान और लचीली पहुंच प्रदान करता है तथा डेटा सुरक्षा और संरक्षा आवश्यकताओं को मजबूत करता है। यह डिजिटल शासन के लिहाज से अहम बिंदु है। हालांकि खबर में यह नहीं बताया गया कि सुरक्षा के लिए कौन-से तकनीकी उपाय अपनाए गए हैं या प्लेटफॉर्म किस सुरक्षा मानक के अनुरूप बनाया गया है।

अवॉर्ड नवाचार और विकास से कैसे जुड़ा है? एसपीए के मुताबिक, अवॉर्ड नवाचार की भूमिका को विकास के स्तंभों में से एक के रूप में मजबूत करता है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों के बीच सफल अनुभवों और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के अवसर दिए जाते हैं। संस्थानों को समाज के निर्माण में योगदान देने और स्थिरता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, तथा ऐसी उपलब्धियों को मान्यता दी जाती है जिनका गुणवत्ता पर ठोस प्रभाव पड़ता है।

खबर में क्या जानकारी नहीं दी गई है? एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि नामांकन की अंतिम तिथि क्या है, पुरस्कार राशि कितनी है, मूल्यांकन कितने चरणों में होगा, या विजेताओं की घोषणा कब की जाएगी। यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्लेटफॉर्म किन भाषाओं में उपलब्ध होगा, इसे किस संस्था ने विकसित किया, या इसके संचालन की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई है।