रबात में 27 सितंबर 2026 को मोरक्को के राजा मोहम्मद VI ने सऊदी अरब पर आतंकवादी हूती मिलिशिया के बार-बार किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की। ये हमले नागरिक और आर्थिक सुविधाओं, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, शहरों तथा उन आवासीय क्षेत्रों को निशाना बना रहे हैं जहां आम नागरिक रहते हैं। राजा मोहम्मद VI ने यह निंदा अपनी ओर से और मोरक्को की जनता की ओर से व्यक्त की।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, मोरक्को के राजा ने दो केबल भेजे। ये केबल खादिम अल-हरमैन अल-शरीफैन किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद और क्राउन प्रिंस तथा प्रधानमंत्री महामहिम प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद को संबोधित थे। इन केबलों में उन्होंने सऊदी अरब के खिलाफ जारी हमलों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
राजा मोहम्मद VI ने कहा कि निंदा को और तीव्र करने वाली बात यह है कि हमले केवल सुविधाओं और नागरिकों तक सीमित नहीं रहे। वे इससे आगे बढ़कर पृथ्वी के पवित्रतम स्थलों और हर मुसलमान के दिल में सबसे पवित्र माने जाने वाले स्थानों अर्थात मक्का और मदीना को निशाना बनाने के हताश और आपराधिक प्रयासों तक पहुंच गए। क्या पवित्र स्थलों को निशाना बनाना किसी भी आस्था या मानवीय मूल्य के साथ खड़ा रह सकता है?
अपने संदेश में मोरक्को के राजा ने कहा, “आस्था, इतिहास और साझा नियति के बंधनों के प्रति निष्ठा से, और उन मजबूत भाईचारे के संबंधों के कारण जो व्यक्तिगत रूप से हमें, हमारे दोनों परिवारों और हमारे दोनों भाईचारे वाले लोगों को जोड़ते हैं, मैं आपसे आपके प्रिय देश के सामने इस नाजुक मोड़ पर बात कर रहा हूं, जब हमारी ऐतिहासिक जिम्मेदारी, धार्मिक मूल्य और रणनीतिक विचार हम सभी से यह मांग करते हैं कि हम सत्य, संप्रभुता, सुरक्षा और मुस्लिम उम्मah के पवित्र स्थलों की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़े हों।”
राजा मोहम्मद VI ने आगे कहा कि ये घृणित हमले और गर्वित सऊदी जनता की सुरक्षा, स्थिरता और कल्याण को कमजोर करने के हताश प्रयास केवल भाईचारे वाले सऊदी अरब साम्राज्य, उसकी जनता और वहां उमरा करने वालों पर हमला नहीं हैं। वे दुनिया भर के 1.8 अरब से अधिक मुसलमानों की भावनाओं पर भी खुला हमला हैं। क्या 1.8 अरब से अधिक लोगों की आस्था और भावनाओं को ठेस पहुंचाना किसी राजनीतिक या सैन्य लक्ष्य को सही ठहरा सकता है?
उन्होंने कहा कि ये हमले उन मूल्यों और सिद्धांतों का भी स्पष्ट उल्लंघन हैं जिन पर उदात्त इस्लामी आस्था आधारित है, जिनमें शांति, सहिष्णुता और रक्त, सम्मान तथा पवित्र स्थलों की पवित्रता शामिल है। उन्होंने इन आपराधिक कृत्यों की निंदा व्यक्त की।
मोरक्को के राजा का यह बयान ऐसे समय आया है जब सऊदी अरब पर हूती मिलिशिया के हमलों का सिलसिला जारी है। इन हमलों में नागरिक और आर्थिक सुविधाओं, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, शहरों और आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। राजा मोहम्मद VI ने इन हमलों को न केवल सऊदी अरब बल्कि पूरे मुस्लिम विश्व के लिए चिंता का विषय बताया। क्या इस तरह के हमलों का सामना कर रहे देश के साथ खड़ा होना हर मुस्लिम देश की जिम्मेदारी नहीं है?
एसपीए के अनुसार, मोरक्को के राजा ने दो अलग-अलग केबल भेजे। एक केबल खादिम अल-हरमैन अल-शरीफैन किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद को संबोधित था और दूसरा क्राउन प्रिंस तथा प्रधानमंत्री प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद को। दोनों केबलों में एक ही मुद्दे पर मोरक्को की स्थिति स्पष्ट की गई। यह दर्शाता है कि मोरक्को सऊदी अरब के साथ एकजुटता को कितनी गंभीरता से लेता है।
राजा मोहम्मद VI ने अपने संदेश में ऐतिहासिक जिम्मेदारी, धार्मिक मूल्यों और रणनीतिक विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये तीनों कारक हम सभी से यह मांग करते हैं कि हम सत्य, संप्रभुता, सुरक्षा और मुस्लिम उम्मah के पवित्र स्थलों की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़े हों। क्या ऐतिहासिक और धार्मिक जिम्मेदारियां देशों को एकजुट होने के लिए प्रेरित नहीं करतीं?
उन्होंने हमलों को केवल सऊदी अरब पर हमला नहीं बल्कि पूरे मुस्लिम विश्व की भावनाओं पर हमला बताया। उनके अनुसार, ये हमले उमरा करने वालों को भी निशाना बनाते हैं। मक्का और मदीना को निशाना बनाने के प्रयासों को उन्होंने हताश और आपराधिक बताया। क्या उमरा करने आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी मुस्लिम देशों का साझा दायित्व नहीं है?
मोरक्को के राजा ने इस्लामी आस्था के मूल्यों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि शांति, सहिष्णुता और रक्त, सम्मान तथा पवित्र स्थलों की पवित्रता जैसे सिद्धांतों का उल्लंघन इन हमलों में स्पष्ट दिखता है। उन्होंने इन आपराधिक कृत्यों की निंदा की। यह बयान मोरक्को और सऊदी अरब के बीच मौजूद भाईचारे और साझा हितों को भी रेखांकित करता है।
एसपीए की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बयान रबात से 27 सितंबर 2026 को जारी हुआ। इसमें मोरक्को के राजा ने अपनी ओर से और मोरक्को की जनता की ओर से सऊदी अरब के खिलाफ हूती मिलिशिया के बार-बार किए जा रहे हमलों की निंदा की। उन्होंने हमलों के लक्ष्यों का विस्तार से उल्लेख किया, जिनमें नागरिक और आर्थिक सुविधाएं, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान, शहर और आवासीय क्षेत्र शामिल हैं। क्या नागरिक ठिकानों पर हमले किसी भी संघर्ष में उचित ठहराए जा सकते हैं?
राजा मोहम्मद VI ने कहा कि हमलों ने सुविधाओं और नागरिकों को निशाना बनाने की सीमा लांघ दी है। वे मक्का और मदीना को निशाना बनाने के प्रयासों तक पहुंच गए हैं। उन्होंने इन स्थानों को पृथ्वी पर सबसे पवित्र और हर मुसलमान के दिल में सबसे पवित्र बताया। यह बयान धार्मिक भावनाओं और पवित्र स्थलों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को सामने रखता है।
मोरक्को के राजा ने अपने संदेश में सऊदी अरब के साथ एकजुटता का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक जिम्मेदारी, धार्मिक मूल्य और रणनीतिक विचार हम सभी से सत्य, संप्रभुता, सुरक्षा और पवित्र स्थलों की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़े होने की मांग करते हैं। उन्होंने इस मोड़ को सऊदी अरब के लिए नाजुक बताया। क्या किसी देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा में एकजुटता की भूमिका निर्णायक नहीं होती?
उन्होंने हमलों को सऊदी जनता की सुरक्षा, स्थिरता और कल्याण को कमजोर करने का हताश प्रयास बताया। उनके अनुसार, ये हमले केवल सऊदी अरब, उसकी जनता और वहां उमरा करने वालों पर हमला नहीं हैं, बल्कि दुनिया भर के 1.8 अरब से अधिक मुसलमानों की भावनाओं पर खुला हमला हैं। यह आंकड़ा वैश्विक मुस्लिम आबादी की ओर संकेत करता है।
राजा मोहम्मद VI ने इन हमलों को इस्लामी आस्था के मूल्यों और सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन बताया। उन्होंने शांति, सहिष्णुता और रक्त, सम्मान तथा पवित्र स्थलों की पवित्रता जैसे सिद्धांतों का जिक्र किया। उन्होंने इन आपराधिक कृत्यों की निंदा व्यक्त की। यह बयान मोरक्को की ओर से सऊदी अरब के प्रति समर्थन का स्पष्ट संकेत है।
एसपीए की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मोरक्को के राजा ने अपने संदेश में आस्था, इतिहास और साझा नियति के बंधनों का उल्लेख किया। उन्होंने उन मजबूत भाईचारे के संबंधों का जिक्र किया जो व्यक्तिगत रूप से उन्हें, उनके परिवारों और दोनों देशों के लोगों को जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि यही बंधन उन्हें इस नाजुक मोड़ पर बात करने के लिए प्रेरित करते हैं।
राजा मोहम्मद VI ने कहा कि हमलों का सिलसिला केवल सुविधाओं तक सीमित नहीं है। उन्होंने इसे पवित्र स्थलों को निशाना बनाने के आपराधिक प्रयासों तक बढ़ा हुआ बताया। उन्होंने मक्का और मदीना का विशेष उल्लेख किया। यह बयान धार्मिक संवेदनाओं और पवित्र स्थलों की सुरक्षा को केंद्र में रखता है। क्या पवित्र स्थलों की सुरक्षा केवल सऊदी अरब की जिम्मेदारी है या पूरे मुस्लिम विश्व की?
मोरक्को के राजा ने अपने संदेश में सऊदी अरब के खिलाफ हूती मिलिशिया के हमलों की निंदा की। उन्होंने इन हमलों को आतंकवादी मिलिशिया द्वारा अंजाम दिया गया बताया। उन्होंने कहा कि ये हमले नागरिक और आर्थिक सुविधाओं, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, शहरों और आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाते हैं। यह बयान सऊदी अरब के साथ मोरक्को की एकजुटता को दर्शाता है।
एसपीए के अनुसार, यह बयान दो केबलों के रूप में भेजा गया। एक केबल किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद को और दूसरा क्राउन प्रिंस तथा प्रधानमंत्री प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद को संबोधित था। दोनों केबलों में मोरक्को के राजा ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता व्यक्त की। यह कूटनीतिक संदेश दोनों देशों के संबंधों की मजबूती को दिखाता है।
राजा मोहम्मद VI ने कहा कि ये हमले सऊदी अरब की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक जिम्मेदारी, धार्मिक मूल्य और रणनीतिक विचार हम सभी से एकजुट होकर खड़े होने की मांग करते हैं। उन्होंने सत्य, संप्रभुता, सुरक्षा और पवित्र स्थलों की रक्षा का उल्लेख किया। क्या ऐसे मौकों पर एकजुटता दिखाना अंतरराष्ट्रीय संबंधों में आवश्यक नहीं है?
उन्होंने हमलों को इस्लामी आस्था के मूल्यों का उल्लंघन बताया। उन्होंने शांति, सहिष्णुता और रक्त, सम्मान तथा पवित्र स्थलों की पवित्रता जैसे सिद्धांतों का जिक्र किया। उन्होंने इन आपराधिक कृत्यों की निंदा की। यह बयान मोरक्को की ओर से सऊदी अरब के प्रति समर्थन और सहानुभूति को व्यक्त करता है।
एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि हमलों की कोई विशिष्ट तारीख, स्थान या नुकसान का ब्योरा दिया गया हो। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि मोरक्को की ओर से कोई ठोस कदम उठाया जाएगा या नहीं। रिपोर्ट में केवल राजा मोहम्मद VI के संदेशों का विवरण दिया गया है। यह बयान सऊदी अरब और मोरक्को के बीच मौजूद संबंधों की एक झलक प्रस्तुत करता है।
मोरक्को के राजा ने किन दो केबल भेजे? राजा मोहम्मद VI ने दो केबल भेजे। एक खादिम अल-हरमैन अल-शरीफैन किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद को और दूसरा क्राउन प्रिंस तथा प्रधानमंत्री प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद को संबोधित था। दोनों केबलों में उन्होंने सऊदी अरब पर हूती मिलिशिया के हमलों की निंदा की। यह बयान 27 सितंबर 2026 को रबात से जारी हुआ।
हमलों में किन लक्ष्यों का उल्लेख किया गया? राजा मोहम्मद VI के अनुसार, हमलों में नागरिक और आर्थिक सुविधाएं, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान, शहर और आवासीय क्षेत्र शामिल हैं जहां आम नागरिक रहते हैं। उन्होंने कहा कि हमले केवल इन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि मक्का और मदीना को निशाना बनाने के प्रयासों तक पहुंच गए। ये स्थान हर मुसलमान के दिल में सबसे पवित्र माने जाते हैं।
राजा मोहम्मद VI ने हमलों को किस आधार पर आपराधिक बताया? राजा मोहम्मद VI ने कहा कि ये हमले इस्लामी आस्था के मूल्यों और सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन हैं। इनमें शांति, सहिष्णुता और रक्त, सम्मान तथा पवित्र स्थलों की पवित्रता शामिल है। उन्होंने कहा कि ये हमले केवल सऊदी अरब पर नहीं, बल्कि दुनिया भर के 1.8 अरब से अधिक मुसलमानों की भावनाओं पर हमला हैं। इसलिए उन्होंने इन्हें आपराधिक कृत्य बताया।
संदेश में किन ऐतिहासिक और धार्मिक कारकों का जिक्र है? राजा मोहम्मद VI ने आस्था, इतिहास और साझा नियति के बंधनों तथा मजबूत भाईचारे के संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक जिम्मेदारी, धार्मिक मूल्य और रणनीतिक विचार हम सभी से सत्य, संप्रभुता, सुरक्षा और पवित्र स्थलों की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़े होने की मांग करते हैं। यह बयान सऊदी अरब के लिए नाजुक मोड़ पर दिया गया।
मोरक्को के राजा ने किस आंकड़े का उल्लेख किया? राजा मोहम्मद VI ने कहा कि ये हमले दुनिया भर के 1.8 अरब से अधिक मुसलमानों की भावनाओं पर खुला हमला हैं। उन्होंने कहा कि ये हमले केवल सऊदी अरब, उसकी जनता और वहां उमरा करने वालों पर हमला नहीं हैं। यह आंकड़ा वैश्विक मुस्लिम आबादी की ओर संकेत करता है और हमलों के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है।
एसपीए की रिपोर्ट में क्या नहीं बताया गया? एसपीए की रिपोर्ट में हमलों की कोई विशिष्ट तारीख, स्थान या नुकसान का ब्योरा नहीं दिया गया। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि मोरक्को की ओर से कोई ठोस कदम उठाया जाएगा या नहीं। रिपोर्ट में केवल राजा मोहम्मद VI के दो केबलों के संदेशों का विवरण दिया गया है, जो 27 सितंबर 2026 को रबात से जारी हुए।





