बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन के कमांडर रियर एडमिरल अब्दुल्ला बिन सलेम अलशेहरी ने कहा है कि सऊदी अरब नेतृत्व के निर्देशों के तहत समुद्री सुरक्षा बढ़ाने और वैश्विक अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय पहल का नेतृत्व कर रहा है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 6 अगस्त 2026 को बताया, यह गठबंधन बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य, लाल सागर और अदन की खाड़ी में साझा समुद्री हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से बनाया गया है।
अलशेहरी ने बताया कि गठबंधन की संस्थापक बैठक में 43 देशों की मेजबानी इस बात का प्रमाण है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता, आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बहुपक्षीय रक्षा सहयोग और निरंतर समन्वय आवश्यक है।
बैठक के समापन पर कई देशों ने संयुक्त बयान के तहत गठबंधन में शामिल होने की घोषणा की, जबकि अन्य देश अपनी राष्ट्रीय प्रक्रियाओं को पूरा कर रहे हैं। सदस्यता उन सभी देशों के लिए खुली है जो इसमें शामिल होना चाहते हैं।
कमांडर ने स्पष्ट किया कि यह गठबंधन पूरी तरह से रक्षात्मक प्रकृति का है और इसका उद्देश्य किसी देश, संगठन या गठबंधन को लक्षित करना नहीं है।
बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन का मुख्य उद्देश्य क्या है? इस गठबंधन का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा बढ़ाना, नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना और व्यापार मार्गों, आपूर्ति श्रृंखलाओं एवं ऊर्जा संसाधनों को सुरक्षित करना है। यह विशेष रूप से बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य, लाल सागर और अदन की खाड़ी में साझा समुद्री हितों की रक्षा करेगा।
गठबंधन की संस्थापक बैठक में कितने देश शामिल हुए? सऊदी अरब ने गठबंधन की संस्थापक बैठक में 43 देशों की मेजबानी की। यह भागीदारी अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा के प्रति व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति और सामूहिक जिम्मेदारी को दर्शाती है।
गठबंधन की प्रकृति कैसी है और सदस्यता के नियम क्या हैं? कमांडर अलशेहरी के अनुसार, यह गठबंधन पूरी तरह से रक्षात्मक प्रकृति का है और किसी देश या संगठन को लक्षित नहीं करता है। इसकी सदस्यता उन सभी देशों के लिए खुली है जो इसमें शामिल होना चाहते हैं।
सऊदी अरब की इस गठबंधन में क्या भूमिका है? सऊदी अरब इस अंतरराष्ट्रीय पहल का नेतृत्व कर रहा है और गठबंधन के मुख्यालय तथा नेतृत्व की मेजबानी कर रहा है। यह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बढ़ाने में उसकी सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।