इस्लामाबाद, 27 मार्च 2025 — किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (केएसरिलीफ) ने सोमवार को पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों में बाढ़ से प्रभावित सबसे कमजोर परिवारों को 3,020 खाद्य टोकरियाँ वितरित कीं। इस पहल से कुल 22,375 व्यक्तियों को लाभ मिला।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, यह वितरण इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान में वर्ष 1446 हिजरी के लिए «एतआम» रमजान खाद्य टोकरी वितरण परियोजना का हिस्सा है।
«एतआम» परियोजना के चौथे चरण का लक्ष्य रमजान के महीने में 27 देशों में 390,109 खाद्य टोकरियाँ वितरित करना है, जिससे 2,304,104 व्यक्तियों को लाभ मिलेगा और इसकी लागत 67.064 मिलियन सऊदी रियाल से अधिक है।
यह पहल साम्राज्य के राहत प्रयासों का हिस्सा है, जो अपनी मानवीय भुजा केएसरिलीफ के माध्यम से पाकिस्तान में मानवीय संकट के बीच खाद्य सुरक्षा बढ़ाने के लिए काम कर रही है।
पाकिस्तान में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की स्थिति कितनी गंभीर है, यह इसी से समझा जा सकता है कि राहत संगठनों को सबसे कमजोर वर्गों तक पहुँचने के लिए बड़े पैमाने पर खाद्य सहायता अभियान चलाने पड़ रहे हैं।
केएसरिलीफ द्वारा वितरित 3,020 खाद्य टोकरियों से 22,375 व्यक्तियों को राहत मिली, यानी औसतन प्रत्येक टोकरी से लगभग सात से आठ लोगों को लाभ पहुँचा। यह आँकड़ा दर्शाता है कि पाकिस्तान के बाढ़ प्रभावित इलाकों में परिवारों के आकार और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सहायता को इस तरह डिजाइन किया गया है कि एक टोकरी से पूरे परिवार का कुछ समय तक भरण-पोषण हो सके।
«एतआम» परियोजना का नाम अरबी शब्द «एतआम» से आया है, जिसका अर्थ भोजन कराना या खाना खिलाना है। यह परियोजना रमजान के पवित्र महीने में जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जाती है। परियोजना का चौथा चरण इस वर्ष 1446 हिजरी में लागू किया जा रहा है, जो इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रमजान के महीने को समाहित करता है।
क्या यह संयोग नहीं कि रमजान के महीने में खाद्य सहायता का यह अभियान 27 देशों तक फैला है? एसपीए के अनुसार, चौथे चरण में 390,109 खाद्य टोकरियाँ वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनसे 2,304,104 व्यक्तियों को लाभ मिलेगा। इस पैमाने पर सहायता पहुँचाने के लिए 67.064 मिलियन सऊदी रियाल से अधिक की लागत आएगी।
पाकिस्तान में वितरित की गई 3,020 खाद्य टोकरियाँ इस बड़े लक्ष्य का एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पाकिस्तान उन देशों में शामिल है जहाँ «एतआम» परियोजना के तहत रमजान के दौरान खाद्य सहायता पहुँचाई जा रही है। एसपीए की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वितरण पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों में बाढ़ से प्रभावित सबसे कमजोर परिवारों के लिए किया गया।
बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन जाती है, क्योंकि ऐसी आपदाओं में फसलें नष्ट हो जाती हैं, आजीविका के साधन बह जाते हैं और परिवारों के पास खाने-पीने का इंतजाम करने के सीमित विकल्प बचते हैं। ऐसे में खाद्य टोकरियों का वितरण तत्काल राहत तो देता ही है, साथ ही परिवारों को कुछ समय के लिए आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करता है।
केएसरिलीफ साम्राज्य की मानवीय सहायता इकाई है, जो दुनिया भर में संकटग्रस्त समुदायों की मदद के लिए काम करती है। एसपीए के अनुसार, यह पहल साम्राज्य के राहत प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान में मानवीय संकट के बीच खाद्य सुरक्षा को बढ़ाना है।
क्या पाकिस्तान में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की संख्या को देखते हुए 3,020 खाद्य टोकरियाँ पर्याप्त कही जा सकती हैं? यह सवाल इसलिए भी उठता है क्योंकि एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि पाकिस्तान में कुल कितने परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं या कितने लोगों को सहायता की जरूरत है। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि यह वितरण «सबसे कमजोर परिवारों» के लिए किया गया।
«एतआम» परियोजना का दायरा 27 देशों तक फैला हुआ है, जो दर्शाता है कि यह एक वैश्विक स्तर पर संचालित खाद्य सहायता कार्यक्रम है। इस परियोजना के चौथे चरण में 2,304,104 व्यक्तियों को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों तक खाद्य सहायता पहुँचाने के लिए बड़े पैमाने पर रसद, वितरण नेटवर्क और स्थानीय साझेदारों की जरूरत होती है।
पाकिस्तान में केएसरिलीफ की गतिविधियाँ पहली बार नहीं हो रही हैं। एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, यह वितरण «एतआम» रमजान खाद्य टोकरी वितरण परियोजना के तहत किया गया, जो इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान में वर्ष 1446 हिजरी के लिए चलाई जा रही है। यह दर्शाता है कि पाकिस्तान इस परियोजना के उन देशों में शामिल है जहाँ रमजान के महीने में खाद्य सहायता पहुँचाई जाती है।
रमजान का महीना इस्लामी परंपरा में दान और परोपकार का विशेष समय माना जाता है। इसी भावना के तहत «एतआम» परियोजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों को खाद्य टोकरियाँ उपलब्ध कराई जाती हैं। एसपीए के मुताबिक, चौथे चरण की लागत 67.064 मिलियन सऊदी रियाल से अधिक है, जो इस बात का संकेत है कि इस कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर अंजाम दिया जा रहा है।
क्या खाद्य टोकरियों के वितरण से पाकिस्तान में बाढ़ प्रभावित परिवारों की तत्काल जरूरतें पूरी हो सकती हैं? यह सवाल इसलिए भी प्रासंगिक है क्योंकि बाढ़ जैसी आपदाओं के बाद परिवारों को न केवल भोजन, बल्कि आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएँ और आजीविका के साधन भी चाहिए होते हैं। एसपीए की रिपोर्ट में केवल खाद्य टोकरियों के वितरण का जिक्र है, अन्य प्रकार की सहायता का उल्लेख नहीं है।
केएसरिलीफ की ओर से यह सहायता «साम्राज्य के राहत प्रयासों» के तहत बताई गई है। एसपीए के अनुसार, इसका उद्देश्य पाकिस्तान में मानवीय संकट के बीच खाद्य सुरक्षा को बढ़ाना है। खाद्य सुरक्षा का मतलब है कि लोगों को पर्याप्त, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो, ताकि वे स्वस्थ जीवन जी सकें। बाढ़ जैसी आपदाओं के बाद खाद्य सुरक्षा सबसे पहले प्रभावित होती है, क्योंकि खेत बह जाते हैं, सड़कें टूट जाती हैं और बाजारों तक पहुँच कट जाती है।
पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों में यह वितरण किया गया, जिससे पता चलता है कि सहायता का दायरा कई इलाकों तक फैला हुआ है। एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि किन-किन प्रांतों में यह वितरण हुआ या किस प्रांत में कितनी टोकरियाँ पहुँचीं। रिपोर्ट में केवल इतना कहा गया है कि यह वितरण «विभिन्न प्रांतों» में किया गया।
क्या 22,375 व्यक्तियों को मिली यह सहायता पाकिस्तान में बाढ़ प्रभावित आबादी के एक बड़े हिस्से तक पहुँच पाई है? इस सवाल का जवाब एसपीए की रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है, क्योंकि रिपोर्ट में बाढ़ प्रभावित कुल आबादी का कोई आँकड़ा नहीं दिया गया। रिपोर्ट में केवल यह बताया गया है कि 3,020 खाद्य टोकरियों से 22,375 व्यक्तियों को लाभ मिला।
«एतआम» परियोजना के चौथे चरण का लक्ष्य 27 देशों में 390,109 खाद्य टोकरियाँ वितरित करना है। इन टोकरियों से 2,304,104 व्यक्तियों को लाभ पहुँचाने की योजना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केएसरिलीफ को विभिन्न देशों में स्थानीय साझेदारों, स्वयंसेवी संगठनों और सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करना होता है। पाकिस्तान में यह वितरण उसी श्रृंखला की एक कड़ी है।
एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, यह वितरण सोमवार को किया गया। रिपोर्ट 27 मार्च 2025 को इस्लामाबाद से जारी हुई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि यह सहायता बाढ़ से प्रभावित सबसे कमजोर परिवारों के लिए थी। हालाँकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि बाढ़ कब आई थी या किन इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था।
क्या रमजान के महीने में खाद्य सहायता का यह अभियान पाकिस्तान में अन्य राहत संगठनों के प्रयासों के साथ समन्वित है? एसपीए की रिपोर्ट में इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। रिपोर्ट में केवल केएसरिलीफ के वितरण का उल्लेख है और यह बताया गया है कि यह «एतआम» परियोजना के तहत किया गया।
केएसरिलीफ की ओर से पाकिस्तान में यह सहायता «मानवीय संकट» के संदर्भ में बताई गई है। एसपीए के अनुसार, इसका मकसद पाकिस्तान में खाद्य सुरक्षा को बढ़ाना है। मानवीय संकट शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर ऐसी स्थिति के लिए किया जाता है जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान, स्वास्थ्य या आजीविका खतरे में हो। बाढ़ के बाद ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है जब लोगों के पास भोजन, पानी और आश्रय जैसी बुनियादी जरूरतों के साधन न बचें।
«एतआम» परियोजना का नाम और उसका उद्देश्य इस बात को दर्शाता है कि यह सहायता रमजान के महीने की परंपरा से जुड़ी हुई है। एसपीए के अनुसार, चौथे चरण में 27 देशों में यह परियोजना चलाई जा रही है। इन देशों की सूची रिपोर्ट में नहीं दी गई है, लेकिन पाकिस्तान उनमें शामिल है।
क्या पाकिस्तान में बाढ़ प्रभावित परिवारों को भविष्य में भी इसी तरह की सहायता मिलती रहेगी? एसपीए की रिपोर्ट में इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। रिपोर्ट में केवल वर्तमान वितरण का जिक्र है, जो «एतआम» परियोजना के चौथे चरण के तहत किया गया। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि आगे कितने चरण होंगे या पाकिस्तान में अगली सहायता कब पहुँचेगी।
एसपीए की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वितरण से 22,375 व्यक्तियों को लाभ मिला। यह संख्या उन परिवारों के सदस्यों को मिलाकर है जिन्हें खाद्य टोकरियाँ दी गईं। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि प्रत्येक खाद्य टोकरी में क्या-क्या सामान शामिल था या उसका वजन कितना था।
«एतआम» परियोजना की कुल लागत 67.064 मिलियन सऊदी रियाल से अधिक बताई गई है। यह राशि चौथे चरण के लिए है, जिसमें 27 देशों में 390,109 खाद्य टोकरियाँ वितरित की जानी हैं। एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि पाकिस्तान के हिस्से में इस राशि का कितना हिस्सा आया या पाकिस्तान में वितरित टोकरियों की लागत कितनी रही।
केएसरिलीफ की ओर से यह सहायता साम्राज्य की मानवीय भुजा के माध्यम से दी जा रही है। एसपीए के अनुसार, यह पहल साम्राज्य के राहत प्रयासों का हिस्सा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसका उद्देश्य पाकिस्तान में मानवीय संकट के बीच खाद्य सुरक्षा को बढ़ाना है।
पाकिस्तान में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए यह वितरण सोमवार को किया गया, जबकि रिपोर्ट 27 मार्च 2025 को जारी हुई। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि वितरण कितने दिनों तक चला या कितने स्थानों पर एक साथ यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
क्या «एतआम» परियोजना के तहत पाकिस्तान में यह पहला वितरण है या इससे पहले भी सहायता पहुँचाई गई है? एसपीए की रिपोर्ट में इस सवाल का जवाब नहीं है। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि यह वितरण «एतआम» रमजान खाद्य टोकरी वितरण परियोजना के तहत किया गया, जो इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान में वर्ष 1446 हिजरी के लिए चलाई जा रही है।
एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि खाद्य टोकरियाँ किन स्थानीय संगठनों या अधिकारियों की मदद से वितरित की गईं, न ही यह कि वितरण समारोह में कौन-कौन मौजूद था। रिपोर्ट में केवल केएसरिलीफ के वितरण और लाभार्थियों की संख्या का उल्लेख है।
«एतआम» परियोजना का चौथा चरण 1446 हिजरी में लागू किया जा रहा है, जो इस्लामी कैलेंडर का वर्ष है। एसपीए के अनुसार, इस चरण में 27 देशों में 390,109 खाद्य टोकरियाँ वितरित की जानी हैं। इनसे 2,304,104 व्यक्तियों को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य दर्शाता है कि परियोजना का दायरा कितना व्यापक है।
पाकिस्तान में वितरित 3,020 खाद्य टोकरियों से 22,375 व्यक्तियों को लाभ मिला। यह संख्या चौथे चरण के कुल लक्ष्य का एक छोटा हिस्सा है, लेकिन पाकिस्तान के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए यह तत्काल राहत का जरिया बनी। एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, यह सहायता «सबसे कमजोर परिवारों» को दी गई।
एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि खाद्य टोकरियों में किस प्रकार का भोजन शामिल था, न ही यह कि वितरण के लिए लाभार्थियों का चयन किस आधार पर किया गया। रिपोर्ट में केवल इतना कहा गया है कि यह वितरण बाढ़ से प्रभावित सबसे कमजोर परिवारों के लिए किया गया।
केएसरिलीफ की ओर से यह सहायता «एतआम» परियोजना के तहत दी गई, जिसका लक्ष्य रमजान के महीने में जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना है। एसपीए के अनुसार, चौथे चरण की लागत 67.064 मिलियन सऊदी रियाल से अधिक है। यह राशि 27 देशों में 390,109 खाद्य टोकरियाँ वितरित करने के लिए खर्च की जाएगी।
पाकिस्तान में यह वितरण मार्च 2025 में किया गया, जो रमजान के महीने में आता है। एसपीए की रिपोर्ट 27 मार्च 2025 को इस्लामाबाद से जारी हुई। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि वितरण किस शहर या गाँव में हुआ, केवल यह कहा गया कि यह «विभिन्न प्रांतों» में किया गया।
एसपीए की रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि पाकिस्तान में बाढ़ से कितने लोग प्रभावित हुए या कितने परिवारों को सहायता की जरूरत है। रिपोर्ट में केवल इस वितरण की जानकारी दी गई है, जिसमें 3,020 खाद्य टोकरियाँ और 22,375 लाभार्थी शामिल हैं।
«एतआम» परियोजना के चौथे चरण में 27 देशों को शामिल किया गया है। एसपीए के अनुसार, इन देशों में 390,109 खाद्य टोकरियाँ वितरित की जानी हैं। पाकिस्तान उन देशों में से एक है जहाँ यह सहायता पहुँचाई जा रही है। रिपोर्ट में अन्य देशों के नाम नहीं दिए गए हैं।
केएसरिलीफ की ओर से यह सहायता साम्राज्य के राहत प्रयासों के तहत बताई गई है। एसपीए के अनुसार, इसका उद्देश्य पाकिस्तान में मानवीय संकट के बीच खाद्य सुरक्षा को बढ़ाना है। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि यह मानवीय संकट किस प्रकार का है या उसके क्या कारण हैं।
एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि खाद्य टोकरियों के वितरण के बाद लाभार्थियों की स्थिति में क्या बदलाव आया या आगे क्या योजना है। रिपोर्ट में केवल वर्तमान वितरण की जानकारी दी गई है, जो सोमवार को पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों में किया गया।
«एतआम» परियोजना का चौथा चरण 1446 हिजरी में लागू किया जा रहा है। एसपीए के अनुसार, इस चरण में 2,304,104 व्यक्तियों को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य है। यह संख्या दर्शाती है कि परियोजना का उद्देश्य बड़े पैमाने पर जरूरतमंदों तक भोजन पहुँचाना है।
पाकिस्तान में वितरित 3,020 खाद्य टोकरियों से 22,375 व्यक्तियों को लाभ मिला। एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, यह वितरण बाढ़ से प्रभावित सबसे कमजोर परिवारों के लिए किया गया। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि इन परिवारों का चयन कैसे किया गया या उन्हें किन मानदंडों पर «सबसे कमजोर» माना गया।
केएसरिलीफ की ओर से यह सहायता «एतआम» रमजान खाद्य टोकरी वितरण परियोजना के तहत दी गई, जो इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान में वर्ष 1446 हिजरी के लिए चलाई जा रही है। एसपीए के अनुसार, यह पहल साम्राज्य के राहत प्रयासों का हिस्सा है।
एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि पाकिस्तान में यह वितरण किस संगठन या स्थानीय प्रशासन के सहयोग से किया गया, न ही यह कि वितरण के दौरान किन्हीं अधिकारियों की मौजूदगी रही। रिपोर्ट में केवल केएसरिलीफ के वितरण और लाभार्थियों की संख्या का उल्लेख है।
«एतआम» परियोजना के चौथे चरण की लागत 67.064 मिलियन सऊदी रियाल से अधिक बताई गई है। एसपीए के अनुसार, इस चरण में 27 देशों में 390,109 खाद्य टोकरियाँ वितरित की जानी हैं। इनसे 2,304,104 व्यक्तियों को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य रमजान के महीने में बड़े पैमाने पर खाद्य सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक कदम है।
पाकिस्तान में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को यह सहायता मार्च 2025 में मिली, जब रमजान का महीना चल रहा था। एसपीए की रिपोर्ट 27 मार्च 2025 को इस्लामाबाद से जारी हुई। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि वितरण के बाद लाभार्थियों से कोई प्रतिक्रिया मिली या नहीं।
एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि पाकिस्तान में बाढ़ कब आई थी, कितने इलाके प्रभावित हुए थे या कितने लोगों को राहत की जरूरत थी। रिपोर्ट में केवल इस वितरण की जानकारी दी गई है, जिसमें 3,020 खाद्य टोकरियाँ और 22,375 लाभार्थी शामिल हैं।
केएसरिलीफ की ओर से यह सहायता «साम्राज्य के राहत प्रयासों» के तहत बताई गई है। एसपीए के अनुसार, इसका उद्देश्य पाकिस्तान में मानवीय संकट के बीच खाद्य सुरक्षा को बढ़ाना है। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि इस संकट का दायरा कितना बड़ा है या इसके समाधान के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
«एतआम» परियोजना के चौथे चरण में 27 देशों को शामिल किया गया है, जिनमें पाकिस्तान भी है। एसपीए के अनुसार, इस चरण में 390,109 खाद्य टोकरियाँ वितरित की जानी हैं। इनसे 2,304,104 व्यक्तियों को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य है। यह परियोजना रमजान के महीने में जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि पाकिस्तान में वितरित खाद्य टोकरियों की लागत कितनी रही या इन्हें कहाँ से खरीदा गया। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि यह वितरण «एतआम» परियोजना के तहत किया गया, जिसकी चौथे चरण की कुल लागत 67.064 मिलियन सऊदी रियाल से अधिक है।
पाकिस्तान में यह वितरण सोमवार को किया गया, जबकि रिपोर्ट 27 मार्च 2025 को जारी हुई। एसपीए के अनुसार, इससे 22,375 व्यक्तियों को लाभ मिला। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि वितरण कितने घंटों या दिनों तक चला या इसमें कितने स्वयंसेवक शामिल हुए।
केएसरिलीफ की ओर से यह सहायता «एतआम» रमजान खाद्य टोकरी वितरण परियोजना के तहत दी गई, जो इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान में वर्ष 1446 हिजरी के लिए चलाई जा रही है। एसपीए के अनुसार, यह पहल साम्राज्य के राहत प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान में मानवीय संकट के बीच खाद्य सुरक्षा को बढ़ाना है।
एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि पाकिस्तान में बाढ़ प्रभावित परिवारों को भविष्य में और सहायता मिलेगी या नहीं, न ही यह कि «एतआम» परियोजना का अगला चरण कब शुरू होगा। रिपोर्ट में केवल वर्तमान वितरण की जानकारी दी गई है।
केएसरिलीफ ने पाकिस्तान में कितनी खाद्य टोकरियाँ वितरित कीं और कितने लोगों को लाभ मिला? एसपीए के अनुसार, केएसरिलीफ ने सोमवार को पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों में बाढ़ से प्रभावित सबसे कमजोर परिवारों को 3,020 खाद्य टोकरियाँ वितरित कीं। इस पहल से कुल 22,375 व्यक्तियों को लाभ मिला। यह वितरण इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान में वर्ष 1446 हिजरी के लिए «एतआम» रमजान खाद्य टोकरी वितरण परियोजना के तहत किया गया। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि किन-किन प्रांतों में वितरण हुआ।
«एतआम» परियोजना के चौथे चरण का लक्ष्य क्या है? एसपीए के अनुसार, «एतआम» परियोजना के चौथे चरण का लक्ष्य रमजान के महीने में 27 देशों में 390,109 खाद्य टोकरियाँ वितरित करना है। इनसे 2,304,104 व्यक्तियों को लाभ पहुँचाने की योजना है। इस चरण की लागत 67.064 मिलियन सऊदी रियाल से अधिक बताई गई है। पाकिस्तान उन 27 देशों में शामिल है जहाँ यह सहायता पहुँचाई जा रही है। रिपोर्ट में अन्य देशों की सूची नहीं दी गई है।
यह सहायता किस परियोजना के तहत और किस वर्ष के लिए दी गई? एसपीए के अनुसार, यह सहायता «एतआम» रमजान खाद्य टोकरी वितरण परियोजना के तहत दी गई, जो इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान में वर्ष 1446 हिजरी के लिए चलाई जा रही है। यह परियोजना रमजान के महीने में जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जाती है। रिपोर्ट 27 मार्च 2025 को इस्लामाबाद से जारी हुई। वितरण सोमवार को किया गया।
केएसरिलीफ की यह पहल किस उद्देश्य से की गई? एसपीए के अनुसार, यह पहल साम्राज्य के राहत प्रयासों का हिस्सा है, जो अपनी मानवीय भुजा केएसरिलीफ के माध्यम से पाकिस्तान में मानवीय संकट के बीच खाद्य सुरक्षा बढ़ाने के लिए की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वितरण बाढ़ से प्रभावित सबसे कमजोर परिवारों के लिए था। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि बाढ़ कब आई या कितने लोग प्रभावित हुए।
क्या रिपोर्ट में यह बताया गया है कि खाद्य टोकरियों में क्या सामान था? नहीं, एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि खाद्य टोकरियों में किस प्रकार का भोजन शामिल था या उनका वजन कितना था। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि 3,020 खाद्य टोकरियाँ वितरित की गईं और 22,375 व्यक्तियों को लाभ मिला। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि लाभार्थियों का चयन किस आधार पर किया गया या वितरण में कौन-कौन शामिल था।
पाकिस्तान में यह वितरण कब और कहाँ किया गया? एसपीए के अनुसार, यह वितरण सोमवार को पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों में किया गया। रिपोर्ट 27 मार्च 2025 को इस्लामाबाद से जारी हुई। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि वितरण किस शहर या गाँव में हुआ या किस प्रांत में कितनी टोकरियाँ पहुँचीं। रिपोर्ट में केवल इतना कहा गया है कि यह वितरण «विभिन्न प्रांतों» में किया गया।