बाकू अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला 2026 में सऊदी अरब के पवेलियन का उद्घाटन साहित्य, प्रकाशन और अनुवाद आयोग ने बुधवार को अज़रबैजान की राजधानी बाकू में किया। मेला 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अब्दुललतीफ अलवासेल ने कहा कि बाकू अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में सऊदी अरब की भागीदारी सऊदी अरब और अज़रबैजान के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है।
अलवासेल ने संकेत दिया कि यह भागीदारी अज़रबैजानी और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने सऊदी अरब की बौद्धिक और साहित्यिक गतिविधि को प्रदर्शित करने में मदद करती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पवेलियन सऊदी विज़न 2030 के अंतर्गत सऊदी अरब की रचनात्मक और बौद्धिक विविधता की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करता है।
अलवासेल ने आगे कहा कि इस भागीदारी के माध्यम से आयोग सऊदी रचनाकारों और प्रकाशकों को सशक्त बनाना और प्रकाशन क्षेत्र में साझेदारी तथा ज्ञान के आदान-प्रदान के अवसरों का विस्तार करना चाहता है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मेला सभ्यताओं के बीच संवाद को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बौद्धिक तथा साहित्यिक हस्तियों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य करता है।
आयोग ने एक साथ चलने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम भी तैयार किया है, जिसमें प्रमुख सऊदी लेखकों और बुद्धिजीवियों की भागीदारी के साथ चर्चा सत्रों और कविता संध्या की एक श्रृंखला शामिल है।
ये कार्यक्रम साहित्य, प्रकाशन और अनुवाद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे, साथ ही सऊदी अरब की सांस्कृतिक उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके प्रभाव को रेखांकित करेंगे।
यह भागीदारी आयोग के उन प्रयासों के अंतर्गत आती है जिनका उद्देश्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सऊदी अरब की सांस्कृतिक उपस्थिति को मजबूत करना और पुस्तकों तथा लेखकों का समर्थन करने वाली राष्ट्रीय पहलों को प्रस्तुत करना है, जिससे सऊदी अरब की एक अग्रणी सांस्कृतिक गंतव्य और ज्ञान के प्रकाशस्तंभ के रूप में स्थिति और मजबूत हो।
बाकू अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला 2026 अज़रबैजान की राजधानी बाकू में 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। सऊदी पवेलियन का उद्घाटन बुधवार को हुआ।
आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अब्दुललतीफ अलवासेल ने मेले में सऊदी भागीदारी के उद्देश्यों को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह भागीदारी दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है। उनके अनुसार यह अज़रबैजानी और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने सऊदी अरब की बौद्धिक और साहित्यिक गतिविधि को प्रदर्शित करने में सहायक है।
अलवासेल ने कहा कि पवेलियन सऊदी विज़न 2030 के अंतर्गत सऊदी अरब की रचनात्मक और बौद्धिक विविधता की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करता है। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग इस भागीदारी के माध्यम से सऊदी रचनाकारों और प्रकाशकों को सशक्त बनाना चाहता है। इसके साथ ही प्रकाशन क्षेत्र में साझेदारी और ज्ञान के आदान-प्रदान के अवसरों का विस्तार करना चाहता है।
उन्होंने मेले को सभ्यताओं के बीच संवाद को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख मंच बताया। उनके अनुसार यह मंच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बौद्धिक और साहित्यिक हस्तियों के बीच संबंधों को मजबूत करने में सहायक है।
आयोग ने मेले के साथ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी तैयार किया है। इसमें चर्चा सत्रों और कविता संध्या की एक श्रृंखला शामिल है। इन कार्यक्रमों में प्रमुख सऊदी लेखक और बुद्धिजीवी भाग लेंगे।
ये सत्र साहित्य, प्रकाशन और अनुवाद से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित होंगे। कार्यक्रमों में सऊदी अरब की सांस्कृतिक उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके प्रभाव को भी रेखांकित किया जाएगा।
आयोग की यह भागीदारी उसके उन प्रयासों का हिस्सा है जो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सऊदी अरब की सांस्कृतिक उपस्थिति को मजबूत करने से जुड़े हैं। इसके अंतर्गत पुस्तकों और लेखकों का समर्थन करने वाली राष्ट्रीय पहलों को प्रस्तुत करना भी शामिल है। इससे सऊदी अरब की एक अग्रणी सांस्कृतिक गंतव्य और ज्ञान के प्रकाशस्तंभ के रूप में स्थिति और मजबूत होती है।
बाकू अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला 2026 में सऊदी पवेलियन का उद्घाटन साहित्य, प्रकाशन और अनुवाद आयोग ने किया। यह आयोजन अज़रबैजान की राजधानी बाकू में 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है।
आयोग के सीईओ अब्दुललतीफ अलवासेल ने मेले में सऊदी भागीदारी के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह भागीदारी सऊदी अरब और अज़रबैजान के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे अज़रबैजानी और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने सऊदी अरब की बौद्धिक और साहित्यिक गतिविधि प्रदर्शित होती है।
अलवासेल ने जोर दिया कि पवेलियन सऊदी विज़न 2030 के अंतर्गत सऊदी अरब की रचनात्मक और बौद्धिक विविधता की व्यापक तस्वीर पेश करता है। उन्होंने कहा कि आयोग सऊदी रचनाकारों और प्रकाशकों को सशक्त बनाना चाहता है। इसके अलावा प्रकाशन क्षेत्र में साझेदारी और ज्ञान के आदान-प्रदान के अवसरों का विस्तार करना चाहता है।
उन्होंने मेले को सभ्यताओं के बीच संवाद को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बौद्धिक तथा साहित्यिक हस्तियों के बीच संबंधों को मजबूत करने का प्रमुख मंच बताया।
आयोग ने मेले के साथ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम तैयार किया है। इसमें चर्चा सत्रों और कविता संध्या की एक श्रृंखला शामिल है। इनमें प्रमुख सऊदी लेखक और बुद्धिजीवी भाग लेंगे। ये कार्यक्रम साहित्य, प्रकाशन और अनुवाद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही सऊदी अरब की सांस्कृतिक उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके प्रभाव को रेखांकित करेंगे।
यह भागीदारी आयोग के उन प्रयासों का हिस्सा है जिनका लक्ष्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सऊदी अरब की सांस्कृतिक उपस्थिति को मजबूत करना है। इसमें पुस्तकों और लेखकों का समर्थन करने वाली राष्ट्रीय पहलों को प्रस्तुत करना भी शामिल है। इससे सऊदी अरब की एक अग्रणी सांस्कृतिक गंतव्य और ज्ञान के प्रकाशस्तंभ के रूप में स्थिति और मजबूत होती है।
एसपीए की विज्ञप्ति में पवेलियन के आकार, प्रदर्शित पुस्तकों की संख्या, प्रकाशकों की संख्या, चर्चा सत्रों की संख्या या कविता संध्याओं की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। विज्ञप्ति में सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले लेखकों और बुद्धिजीवियों के नाम भी शामिल नहीं हैं।
बाकू अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले 2026 में सऊदी पवेलियन का उद्घाटन कब और कहाँ हुआ? सऊदी अरब के साहित्य, प्रकाशन और अनुवाद आयोग ने बुधवार को अज़रबैजान की राजधानी बाकू में सऊदी पवेलियन का उद्घाटन किया। मेला 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है। एसपीए के अनुसार उद्घाटन बुधवार को हुआ और आयोजन स्थल बाकू है। विज्ञप्ति में पवेलियन के आकार या प्रदर्शित सामग्री की संख्या नहीं बताई गई।
आयोग के सीईओ अब्दुललतीफ अलवासेल ने भागीदारी के बारे में क्या कहा? अब्दुललतीफ अलवासेल ने कहा कि बाकू मेले में सऊदी अरब की भागीदारी सऊदी अरब और अज़रबैजान के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह अज़रबैजानी और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने सऊदी अरब की बौद्धिक और साहित्यिक गतिविधि को प्रदर्शित करने में मदद करती है। उन्होंने यह भी कहा कि पवेलियन सऊदी विज़न 2030 के अंतर्गत सऊदी अरब की रचनात्मक और बौद्धिक विविधता की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करता है।
आयोग इस भागीदारी से क्या हासिल करना चाहता है? अलवासेल के अनुसार आयोग इस भागीदारी के माध्यम से सऊदी रचनाकारों और प्रकाशकों को सशक्त बनाना चाहता है। साथ ही प्रकाशन क्षेत्र में साझेदारी और ज्ञान के आदान-प्रदान के अवसरों का विस्तार करना चाहता है। उन्होंने मेले को सभ्यताओं के बीच संवाद को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बौद्धिक तथा साहित्यिक हस्तियों के बीच संबंधों को मजबूत करने का प्रमुख मंच भी बताया।
मेले के साथ कौन-सा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया है? आयोग ने एक साथ चलने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम तैयार किया है, जिसमें चर्चा सत्रों और कविता संध्या की एक श्रृंखला शामिल है। इन कार्यक्रमों में प्रमुख सऊदी लेखक और बुद्धिजीवी भाग लेंगे। ये सत्र साहित्य, प्रकाशन और अनुवाद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही सऊदी अरब की सांस्कृतिक उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके प्रभाव को रेखांकित करेंगे।
यह भागीदारी आयोग के किन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है? एसपीए के अनुसार यह भागीदारी आयोग के उन प्रयासों का हिस्सा है जिनका उद्देश्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सऊदी अरब की सांस्कृतिक उपस्थिति को मजबूत करना है। इसमें पुस्तकों और लेखकों का समर्थन करने वाली राष्ट्रीय पहलों को प्रस्तुत करना भी शामिल है। इससे सऊदी अरब की एक अग्रणी सांस्कृतिक गंतव्य और ज्ञान के प्रकाशस्तंभ के रूप में स्थिति और मजबूत होती है।
एसपीए की विज्ञप्ति में क्या जानकारी नहीं दी गई है? विज्ञप्ति में पवेलियन के आकार, प्रदर्शित पुस्तकों की संख्या, भाग लेने वाले प्रकाशकों की संख्या, चर्चा सत्रों की संख्या या कविता संध्याओं की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले लेखकों और बुद्धिजीवियों के नाम भी शामिल नहीं हैं। विज्ञप्ति में मेले में सऊदी भागीदारी से जुड़ी किसी राशि या अन्य संख्यात्मक विवरण का उल्लेख नहीं है।