Monday, October 26, 2026
सऊदी समाचार

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने खालिद और अबहा हवाई अड्डों पर हूती हमलों की निंदा की

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने खालिद और अबहा हवाई अड्डों पर हूती हमलों की निंदा की

इस्लामाबाद, 9 अक्टूबर 2026 — पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब पर हूती मिलिशिया के बार-बार किए जा रहे आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की है, जिनमें रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया और जिनमें नागरिकों की मौत और घायल हुए।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, प्रधानमंत्री शरीफ ने सऊदी सशस्त्र बलों की सतर्कता और व्यावसायिकता की सराहना की, जिन्होंने कई बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका और नागरिकों की सुरक्षा तथा साम्राज्य की सुरक्षा के लिए प्रयास किए।

उन्होंने साम्राज्य के नेतृत्व और जनता के साथ पाकिस्तान की अटूट एकजुटता दोहराई और मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के प्रावधानों तथा इस समझौते के तहत गठित सामरिक राजनीतिक और रक्षा समिति के हाल के निर्णयों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने साम्राज्य के अपने लोगों की रक्षा करने और अपने शहरों तथा महत्वपूर्ण सुविधाओं की सुरक्षा के वैध अधिकार के लिए अपने देश के पूर्ण समर्थन को दोहराया और आतंकवादी हूती मिलिशिया से तत्काल अपने हमले बंद करने की अपील की।

क्या हवाई अड्डों को निशाना बनाना नागरिक उड्डयन के लिए एक नया खतरा है? एसपीए के अनुसार, हमलों में नागरिकों की मौत और घायल हुए, जो इस बात का संकेत है कि हमलों का असर आम यात्रियों और नागरिक ढांचे पर पड़ा।

प्रधानमंत्री शरीफ का बयान ऐसे समय में आया है जब सऊदी सशस्त्र बलों ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका। क्या मिसाइल रोकने की यह क्षमता क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण को बदल रही है? एसपीए ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सऊदी सशस्त्र बलों की सतर्कता और व्यावसायिकता की सराहना की और नागरिकों की सुरक्षा तथा साम्राज्य की सुरक्षा के उनके प्रयासों का उल्लेख किया।

पाकिस्तान ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के प्रावधानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग का आधार है, और प्रधानमंत्री ने इसके तहत गठित सामरिक राजनीतिक और रक्षा समिति के हाल के निर्णयों का भी जिक्र किया। क्या इस समिति के निर्णय आने वाले दिनों में सहयोग का दायरा बढ़ाएंगे?

प्रधानमंत्री शरीफ ने साम्राज्य के अपने लोगों की रक्षा करने और अपने शहरों तथा महत्वपूर्ण सुविधाओं की सुरक्षा के वैध अधिकार के लिए पाकिस्तान के पूर्ण समर्थन को दोहराया। उन्होंने आतंकवादी हूती मिलिशिया से तत्काल अपने हमले बंद करने की अपील की। क्या इस अपील का कोई असर होगा, यह समय बताएगा।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, यह बयान इस्लामाबाद से 9 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया। स्थानीय समयानुसार यह शाम 19:53 बजे और जीएमटी के अनुसार 16:53 बजे दर्ज हुआ।

हूती मिलिशिया द्वारा किए गए इन हमलों में किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल थे। क्या नागरिक हवाई अड्डों को बार-बार निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन है? एसपीए ने इन हमलों को आतंकवादी करार दिया और बताया कि इनमें नागरिकों की मौत और घायल हुए।

सऊदी सशस्त्र बलों ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका। प्रधानमंत्री ने इस क्षमता को सतर्कता और व्यावसायिकता से जोड़ा। क्या यह सहयोग क्षेत्र में स्थिरता लाने में मदद करेगा? पाकिस्तान ने साम्राज्य के नेतृत्व और जनता के साथ अपनी अटूट एकजुटता दोहराई।

मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का जिक्र इस बयान में केंद्रीय है। प्रधानमंत्री ने इसके प्रावधानों के प्रति प्रतिबद्धता जताई और सामरिक राजनीतिक और रक्षा समिति के हाल के निर्णयों का उल्लेख किया। क्या यह समझौता द्विपक्षीय रक्षा संबंधों का मुख्य आधार बना रहेगा?

प्रधानमंत्री शरीफ ने साम्राज्य के वैध अधिकार के लिए पूर्ण समर्थन दोहराया और हूती मिलिशिया से हमले बंद करने की अपील की। एसपीए की विज्ञप्ति में हमलों की तारीख, मिसाइलों की संख्या, हताहतों की संख्या या अपील के किसी प्रतिक्रिया का जिक्र नहीं है।

यह बयान पाकिस्तान की ओर से सऊदी अरब के साथ एकजुटता का संकेत है। एसपीए के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सऊदी सशस्त्र बलों की सतर्कता और व्यावसायिकता की सराहना की और नागरिकों की सुरक्षा तथा साम्राज्य की सुरक्षा के प्रयासों का उल्लेख किया। क्या इस तरह के बयान क्षेत्रीय कूटनीति में असर डालते हैं?

एसपीए ने बताया कि प्रधानमंत्री ने हूती मिलिशिया को आतंकवादी करार दिया और उससे तत्काल हमले बंद करने की अपील की। उन्होंने साम्राज्य के शहरों और महत्वपूर्ण सुविधाओं की सुरक्षा के अधिकार का समर्थन किया। क्या नागरिक हवाई अड्डों पर हमले अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनेंगे?

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के प्रावधानों और सामरिक राजनीतिक और रक्षा समिति के हाल के निर्णयों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। यह समिति इसी समझौते के तहत गठित बताई गई है। क्या इस समिति की बैठकों में और निर्णय आएंगे?

एसपीए की विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया कि हमले कब हुए, कितनी मिसाइलें रोकी गईं, हताहतों की संख्या क्या रही, या पाकिस्तान की ओर से कोई और कदम उठाया गया। यह भी नहीं बताया गया कि हूती मिलिशिया ने अपील पर कोई प्रतिक्रिया दी या नहीं।

प्रधानमंत्री शरीफ ने सऊदी अरब के नेतृत्व और जनता के साथ पाकिस्तान की अटूट एकजुटता दोहराई। यह बयान ऐसे समय में आया जब सऊदी सशस्त्र बलों ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका और नागरिकों की सुरक्षा के प्रयास किए। क्या यह सहयोग आगे और गहरा होगा?

एसपीए के अनुसार, प्रधानमंत्री ने साम्राज्य के अपने लोगों की रक्षा करने और अपने शहरों तथा महत्वपूर्ण सुविधाओं की सुरक्षा के वैध अधिकार के लिए पूर्ण समर्थन दोहराया। उन्होंने हूती मिलिशिया से तत्काल हमले बंद करने की अपील की। विज्ञप्ति में इस अपील के बाद की किसी घटना का जिक्र नहीं है।

यह बयान इस्लामाबाद से जारी हुआ और एसपीए ने इसे 9 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित किया। स्थानीय समय शाम 19:53 बजे और जीएमटी 16:53 बजे दर्ज है। रिपोर्ट में हमलों के स्थान के रूप में किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बताया गया।

प्रधानमंत्री ने सऊदी सशस्त्र बलों की सतर्कता और व्यावसायिकता की सराहना की। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा और साम्राज्य की सुरक्षा के प्रयासों का उल्लेख किया। क्या मिसाइल रोकने की क्षमता नागरिक सुरक्षा में निर्णायक भूमिका निभा रही है?

एसपीए की विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के प्रावधानों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और सामरिक राजनीतिक और रक्षा समिति के हाल के निर्णयों का जिक्र किया। यह समझौता और समिति दोनों का उल्लेख बयान में स्पष्ट है।

हूती मिलिशिया पर हमलों का आरोप है और एसपीए ने इन्हें आतंकवादी करार दिया। प्रधानमंत्री ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और उन्हें बार-बार किया जा रहा बताया। क्या बार-बार होने वाले हमले क्षेत्रीय सुरक्षा नीति में बदलाव लाएंगे?

रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि हमलों में कितने नागरिक मारे गए या घायल हुए, कितनी मिसाइलें दागी गईं, या किस तारीख को ये हमले हुए। यह भी नहीं बताया गया कि पाकिस्तान ने रक्षा सहयोग के तहत कोई ठोस कदम उठाया या नहीं।

प्रधानमंत्री शरीफ ने साम्राज्य के नेतृत्व और जनता के साथ एकजुटता दोहराई और साम्राज्य के वैध अधिकार के लिए पूर्ण समर्थन जताया। उन्होंने हूती मिलिशिया से तत्काल हमले बंद करने की अपील की। एसपीए के अनुसार, यह बयान 9 अक्टूबर 2026 को इस्लामाबाद से जारी हुआ।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने किन हमलों की निंदा की? प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ ने हूती मिलिशिया द्वारा सऊदी अरब पर किए गए बार-बार के आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की। एसपीए के अनुसार, इन हमलों में रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक इन हमलों में नागरिकों की मौत और घायल हुए।

प्रधानमंत्री ने सऊदी सशस्त्र बलों की क्या सराहना की? प्रधानमंत्री शरीफ ने सऊदी सशस्त्र बलों की सतर्कता और व्यावसायिकता की सराहना की। एसपीए के अनुसार, सऊदी बलों ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका और नागरिकों की सुरक्षा तथा साम्राज्य की सुरक्षा के लिए प्रयास किए। प्रधानमंत्री ने इन प्रयासों का उल्लेख करते हुए सऊदी बलों की भूमिका को रेखांकित किया।

पाकिस्तान ने किस समझौते के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई? प्रधानमंत्री शरीफ ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के प्रावधानों के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई। एसपीए के अनुसार, उन्होंने इस समझौते के तहत गठित सामरिक राजनीतिक और रक्षा समिति के हाल के निर्णयों का भी जिक्र किया। साथ ही उन्होंने साम्राज्य के नेतृत्व और जनता के साथ अटूट एकजुटता दोहराई।

प्रधानमंत्री ने हूती मिलिशिया से क्या अपील की? प्रधानमंत्री शरीफ ने आतंकवादी हूती मिलिशिया से तत्काल अपने हमले बंद करने की अपील की। एसपीए के अनुसार, उन्होंने साम्राज्य के अपने लोगों की रक्षा करने और अपने शहरों तथा महत्वपूर्ण सुविधाओं की सुरक्षा के वैध अधिकार के लिए पाकिस्तान के पूर्ण समर्थन को दोहराया। यह बयान इस्लामाबाद से जारी हुआ।

यह बयान कब और कहां से जारी हुआ? एसपीए के अनुसार, यह बयान इस्लामाबाद से 9 अक्टूबर 2026 को जारी हुआ। रिपोर्ट में स्थानीय समय शाम 19:53 बजे और जीएमटी 16:53 बजे दर्ज है। बयान में किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने का उल्लेख है।

एसपीए की रिपोर्ट में क्या नहीं बताया गया? एसपीए की विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया कि हमले किस तारीख को हुए, कितनी मिसाइलें दागी गईं या रोकी गईं, और हताहतों की संख्या क्या रही। यह भी नहीं बताया गया कि पाकिस्तान ने रक्षा सहयोग के तहत कोई ठोस कदम उठाया या नहीं। हूती मिलिशिया की ओर से अपील पर किसी प्रतिक्रिया का जिक्र भी नहीं है।