Friday, October 30, 2026
सऊदी समाचार

सऊदी और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने फोन पर लाल सागर सुरक्षा और सूडान पर चर्चा की

सऊदी और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने फोन पर लाल सागर सुरक्षा और सूडान पर चर्चा की

रियाद में 6 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला और मिस्र अरब गणराज्य के विदेश, प्रवासन और मिस्र प्रवासियों के मंत्री डॉ. बद्र अब्देलाती के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। यह जानकारी सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने दी।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, इस फोन कॉल में दोनों मंत्रियों ने दोनों भाईचारे वाले देशों के बीच भाईचारे और रणनीतिक संबंधों तथा विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तरीकों की समीक्षा की। बातचीत स्थानीय समयानुसार 19:10 बजे और ग्रीनविच समयानुसार 16:10 बजे दर्ज की गई।

मिस्र के विदेश मंत्री ने साम्राज्य को निशाना बनाने वाले सभी हमलों की अपने देश की निंदा दोहराई और साम्राज्य की सुरक्षा और स्थिरता के लिए मिस्र के पूर्ण समर्थन की पुष्टि की। यह बात इस बातचीत का एक प्रमुख हिस्सा थी।

दोनों मंत्रियों ने वर्तमान क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा की और समुद्री मार्गों की सुरक्षा तथा नौवहन की स्वतंत्रता को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया, विशेष रूप से लाल सागर और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य में।

इसके अलावा, दोनों ने सूडान की एकता और संप्रभुता तथा उसकी राष्ट्रीय संस्थाओं के संरक्षण के लिए दोनों भाईचारे वाले देशों के अटल समर्थन को दोहराया, ताकि उसकी सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित हो सके और भाईचारे वाले सूडानी लोगों की आकांक्षाएं पूरी हो सकें।

क्या लाल सागर और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य की सुरक्षा आज के वैश्विक व्यापार के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी यह क्षेत्रीय शांति के लिए है? यह सवाल इस बातचीत के केंद्रीय विषयों में से एक को उजागर करता है।

सऊदी अरब और मिस्र के बीच संबंधों को एसपीए ने भाईचारे और रणनीतिक संबंधों के रूप में वर्णित किया है। दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा इस बातचीत का हिस्सा रही।

क्या दोनों देशों के बीच यह संवाद क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक स्थायी चैनल बन सकता है? एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, इस फोन कॉल में द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया।

मिस्र के विदेश मंत्री द्वारा साम्राज्य को निशाना बनाने वाले सभी हमलों की निंदा और साम्राज्य की सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए मिस्र के पूर्ण समर्थन की पुष्टि इस बातचीत का एक महत्वपूर्ण बिंदु थी। यह दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग किस स्तर पर है।

क्या क्षेत्रीय चुनौतियों के इस दौर में ऐसे समर्थन की पुष्टि दोनों देशों के लिए एक साझा प्राथमिकता बन गई है? एसपीए ने इस बातचीत में इस पहलू को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है।

लाल सागर और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य का उल्लेख इस बातचीत में विशेष रूप से किया गया। दोनों मंत्रियों ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

क्या समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर यह साझा चिंता दोनों देशों के बीच और अधिक ठोस सहयोग का रास्ता खोल सकती है? एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, इस विषय पर दोनों मंत्रियों ने विशेष जोर दिया।

सूडान के संबंध में, दोनों मंत्रियों ने सूडान की एकता और संप्रभुता तथा उसकी राष्ट्रीय संस्थाओं के संरक्षण के लिए दोनों देशों के अटल समर्थन को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह समर्थन सूडान की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने तथा भाईचारे वाले सूडानी लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से है।

क्या सूडान की एकता और संप्रभुता का मुद्दा क्षेत्रीय कूटनीति में एक स्थायी प्राथमिकता बन गया है? एसपीए ने इस बातचीत में सूडान के संबंध में दोनों देशों के रुख को स्पष्ट रूप से दर्ज किया है।

यह फोन कॉल ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में कई घटनाक्रम चल रहे हैं। एसपीए के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने वर्तमान क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। हालांकि, रिपोर्ट में इन घटनाक्रमों का विस्तार से उल्लेख नहीं किया गया है।

क्या क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर इस तरह की नियमित बातचीत दोनों देशों के बीच सूचना और आकलन साझा करने का एक तंत्र बन गई है? एसपीए की रिपोर्ट इस बातचीत के इस पहलू को संक्षेप में प्रस्तुत करती है।

दोनों देशों के बीच भाईचारे और रणनीतिक संबंधों की समीक्षा इस बातचीत का एक और प्रमुख हिस्सा थी। एसपीए के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। यह दर्शाता है कि दोनों देशों के संबंध केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं।

क्या द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में यह निरंतर संवाद दोनों देशों के लोगों के लिए ठोस परिणाम ला सकता है? एसपीए की रिपोर्ट में इस बातचीत के इस आयाम को भी शामिल किया गया है।

मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलाती का पदनाम विदेश, प्रवासन और मिस्र प्रवासियों के मंत्री के रूप में दर्ज है। यह दर्शाता है कि मिस्र की विदेश नीति में प्रवासन और प्रवासी समुदायों का एक महत्वपूर्ण स्थान है।

क्या प्रवासन और प्रवासी मामलों का विदेश मंत्रालय के दायरे में होना दोनों देशों के बीच सहयोग के नए आयाम खोल सकता है? एसपीए ने मिस्र के मंत्री के पूरे पदनाम का उल्लेख किया है।

सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला ने यह फोन कॉल किया। एसपीए के अनुसार, यह बातचीत दोनों देशों के बीच नियमित कूटनीतिक संपर्क का हिस्सा प्रतीत होती है।

क्या इस तरह के उच्च स्तरीय कूटनीतिक संपर्क क्षेत्रीय संकटों के समाधान में एक स्थिर और भरोसेमंद चैनल प्रदान करते हैं? एसपीए की रिपोर्ट इस बातचीत को एक सामान्य कूटनीतिक आदान-प्रदान के रूप में प्रस्तुत करती है।

एसपीए की रिपोर्ट में इस बातचीत की अवधि, इसमें उठाए गए अन्य विषयों या किसी विशिष्ट समझौते का उल्लेख नहीं है। रिपोर्ट में केवल यह दर्ज है कि दोनों मंत्रियों ने भाईचारे और रणनीतिक संबंधों, द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय घटनाक्रमों, समुद्री सुरक्षा और सूडान के मुद्दे पर चर्चा की।

रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि इस बातचीत के दौरान कोई विशेष पहल या समयसीमा तय की गई या नहीं। एसपीए ने केवल उन विषयों का उल्लेख किया है जिन पर दोनों मंत्रियों ने चर्चा की।

क्या इस तरह की बातचीत के बाद ठोस परिणामों की जानकारी जनता तक पहुंचाई जाती है? एसपीए की रिपोर्ट इस प्रश्न का उत्तर नहीं देती।

इस बातचीत में लाल सागर और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य का विशेष उल्लेख इस क्षेत्र के महत्व को दर्शाता है। यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है और इसकी सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय रही है।

क्या इस जलमार्ग की सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच सहयोग अन्य क्षेत्रीय देशों को भी प्रभावित कर सकता है? एसपीए की रिपोर्ट में इस विषय पर दोनों मंत्रियों के जोर को दर्ज किया गया है।

सूडान के संबंध में दोनों देशों का रुख स्पष्ट है: सूडान की एकता, संप्रभुता और राष्ट्रीय संस्थाओं का संरक्षण। एसपीए के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने इस रुख को दोहराया।

क्या सूडान की स्थिति पर क्षेत्रीय देशों के बीच यह साझा रुख वहां शांति और स्थिरता की दिशा में एक ठोस कदम है? एसपीए की रिपोर्ट इस विषय पर दोनों देशों की स्थिति को स्पष्ट करती है।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, यह बातचीत 6 अक्टूबर 2026 को हुई। रिपोर्ट में स्थानीय समय 19:10 और ग्रीनविच समय 16:10 दर्ज है। यह जानकारी रिपोर्ट के अंत में दी गई है।

क्या इस तरह की बातचीत की सटीक समय-सूचना कूटनीतिक पारदर्शिता का एक संकेत है? एसपीए ने इस बातचीत का समय स्पष्ट रूप से दर्ज किया है।

रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि यह फोन कॉल किसने शुरू किया या यह कितनी देर चली। एसपीए ने केवल यह दर्ज किया है कि दोनों मंत्रियों के बीच बातचीत हुई और उन्होंने किन विषयों पर चर्चा की।

क्या इस तरह की बातचीत के पीछे कोई विशेष कूटनीतिक पहल है जिसका उल्लेख सार्वजनिक रिपोर्ट में नहीं किया गया? एसपीए की रिपोर्ट इस प्रश्न का उत्तर नहीं देती।

इस बातचीत में दोनों देशों के बीच भाईचारे और रणनीतिक संबंधों की समीक्षा की गई। एसपीए के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। यह दर्शाता है कि दोनों देशों के संबंध बहुआयामी हैं।

क्या द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में यह निरंतर संवाद दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करता है? एसपीए की रिपोर्ट में इस बातचीत के इस पहलू का संक्षेप में उल्लेख किया गया है।

मिस्र के विदेश मंत्री ने साम्राज्य को निशाना बनाने वाले सभी हमलों की निंदा की और साम्राज्य की सुरक्षा और स्थिरता के लिए मिस्र के पूर्ण समर्थन की पुष्टि की। एसपीए के अनुसार, यह इस बातचीत का एक प्रमुख बिंदु था।

क्या क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर इस तरह की स्पष्ट एकजुटता दोनों देशों के बीच विश्वास को और गहरा करती है? एसपीए की रिपोर्ट इस समर्थन को स्पष्ट रूप से दर्ज करती है।

रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि साम्राज्य को निशाना बनाने वाले किन हमलों की बात की गई। एसपीए ने केवल यह दर्ज किया है कि मिस्र के विदेश मंत्री ने ऐसे सभी हमलों की निंदा की।

क्या इस तरह की निंदा और समर्थन की पुष्टि क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के एक व्यापक ढांचे का हिस्सा है? एसपीए की रिपोर्ट इस विषय पर विस्तार से नहीं जाती।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने वर्तमान क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। रिपोर्ट में इन घटनाक्रमों का विस्तार से उल्लेख नहीं किया गया है। यह जानकारी रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं में से एक है।

क्या क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर इस तरह की चर्चा दोनों देशों के बीच साझा आकलन और समन्वय का संकेत है? एसपीए की रिपोर्ट इस विषय को संक्षेप में प्रस्तुत करती है।

इस बातचीत में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, विशेष रूप से लाल सागर और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य में। एसपीए के अनुसार, यह दोनों मंत्रियों की साझा चिंता थी।

क्या इस जलमार्ग की सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच यह साझा चिंता अन्य हितधारकों के साथ भी साझा की जाती है? एसपीए की रिपोर्ट इस विषय पर केवल दोनों मंत्रियों के बयान को दर्ज करती है।

सूडान के संबंध में दोनों मंत्रियों ने सूडान की एकता और संप्रभुता तथा उसकी राष्ट्रीय संस्थाओं के संरक्षण के लिए दोनों देशों के अटल समर्थन को दोहराया। एसपीए के अनुसार, यह समर्थन सूडान की सुरक्षा और स्थिरता तथा भाईचारे वाले सूडानी लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से है।

क्या सूडान की स्थिति पर क्षेत्रीय देशों के बीच यह साझा रुख वहां स्थायी शांति की दिशा में एक ठोस आधार प्रदान करता है? एसपीए की रिपोर्ट इस विषय पर दोनों देशों की स्थिति को स्पष्ट करती है।

एसपीए की रिपोर्ट में इस बातचीत के दौरान किसी भी अन्य देश या संगठन का उल्लेख नहीं किया गया है। रिपोर्ट में केवल सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत का विवरण दिया गया है।

क्या इस तरह की द्विपक्षीय बातचीत क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक सहमति बनाने की दिशा में एक पहला कदम है? एसपीए की रिपोर्ट इस प्रश्न का उत्तर नहीं देती।

रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि इस बातचीत के बाद कोई संयुक्त बयान जारी किया गया या नहीं। एसपीए ने केवल बातचीत के दौरान हुई चर्चा का विवरण दिया है।

क्या इस तरह की बातचीत के बाद संयुक्त बयान जारी करने का कोई प्रावधान है? एसपीए की रिपोर्ट इस विषय पर मौन है।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, यह बातचीत 6 अक्टूबर 2026 को हुई। रिपोर्ट में स्थानीय समय 19:10 और ग्रीनविच समय 16:10 दर्ज है। यह जानकारी रिपोर्ट के अंत में दी गई है।

क्या इस तरह की बातचीत की सटीक समय-सूचना कूटनीतिक पारदर्शिता का एक संकेत है? एसपीए ने इस बातचीत का समय स्पष्ट रूप से दर्ज किया है।

रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि यह फोन कॉल किसने शुरू किया या यह कितनी देर चली। एसपीए ने केवल यह दर्ज किया है कि दोनों मंत्रियों के बीच बातचीत हुई और उन्होंने किन विषयों पर चर्चा की।

क्या इस तरह की बातचीत के पीछे कोई विशेष कूटनीतिक पहल है जिसका उल्लेख सार्वजनिक रिपोर्ट में नहीं किया गया? एसपीए की रिपोर्ट इस प्रश्न का उत्तर नहीं देती।

इस बातचीत में दोनों देशों के बीच भाईचारे और रणनीतिक संबंधों की समीक्षा की गई। एसपीए के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। यह दर्शाता है कि दोनों देशों के संबंध बहुआयामी हैं।

क्या द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में यह निरंतर संवाद दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करता है? एसपीए की रिपोर्ट में इस बातचीत के इस पहलू का संक्षेप में उल्लेख किया गया है।

मिस्र के विदेश मंत्री ने साम्राज्य को निशाना बनाने वाले सभी हमलों की निंदा की और साम्राज्य की सुरक्षा और स्थिरता के लिए मिस्र के पूर्ण समर्थन की पुष्टि की। एसपीए के अनुसार, यह इस बातचीत का एक प्रमुख बिंदु था।

क्या क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर इस तरह की स्पष्ट एकजुटता दोनों देशों के बीच विश्वास को और गहरा करती है? एसपीए की रिपोर्ट इस समर्थन को स्पष्ट रूप से दर्ज करती है।

रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि साम्राज्य को निशाना बनाने वाले किन हमलों की बात की गई। एसपीए ने केवल यह दर्ज किया है कि मिस्र के विदेश मंत्री ने ऐसे सभी हमलों की निंदा की।

क्या इस तरह की निंदा और समर्थन की पुष्टि क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के एक व्यापक ढांचे का हिस्सा है? एसपीए की रिपोर्ट इस विषय पर विस्तार से नहीं जाती।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने वर्तमान क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। रिपोर्ट में इन घटनाक्रमों का विस्तार से उल्लेख नहीं किया गया है। यह जानकारी रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं में से एक है।

क्या क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर इस तरह की चर्चा दोनों देशों के बीच साझा आकलन और समन्वय का संकेत है? एसपीए की रिपोर्ट इस विषय को संक्षेप में प्रस्तुत करती है।

इस बातचीत में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, विशेष रूप से लाल सागर और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य में। एसपीए के अनुसार, यह दोनों मंत्रियों की साझा चिंता थी।

क्या इस जलमार्ग की सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच यह साझा चिंता अन्य हितधारकों के साथ भी साझा की जाती है? एसपीए की रिपोर्ट इस विषय पर केवल दोनों मंत्रियों के बयान को दर्ज करती है।

सूडान के संबंध में दोनों मंत्रियों ने सूडान की एकता और संप्रभुता तथा उसकी राष्ट्रीय संस्थाओं के संरक्षण के लिए दोनों देशों के अटल समर्थन को दोहराया। एसपीए के अनुसार, यह समर्थन सूडान की सुरक्षा और स्थिरता तथा भाईचारे वाले सूडानी लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से है।

क्या सूडान की स्थिति पर क्षेत्रीय देशों के बीच यह साझा रुख वहां स्थायी शांति की दिशा में एक ठोस आधार प्रदान करता है? एसपीए की रिपोर्ट इस विषय पर दोनों देशों की स्थिति को स्पष्ट करती है।

एसपीए की रिपोर्ट में इस बातचीत के दौरान किसी भी अन्य देश या संगठन का उल्लेख नहीं किया गया है। रिपोर्ट में केवल सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत का विवरण दिया गया है।

क्या इस तरह की द्विपक्षीय बातचीत क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक सहमति बनाने की दिशा में एक पहला कदम है? एसपीए की रिपोर्ट इस प्रश्न का उत्तर नहीं देती।

रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि इस बातचीत के बाद कोई संयुक्त बयान जारी किया गया या नहीं। एसपीए ने केवल बातचीत के दौरान हुई चर्चा का विवरण दिया है।

क्या इस तरह की बातचीत के बाद संयुक्त बयान जारी करने का कोई प्रावधान है? एसपीए की रिपोर्ट इस विषय पर मौन है।

सऊदी और मिस्र के विदेश मंत्रियों के बीच फोन कॉल में किन विषयों पर चर्चा हुई? एसपीए के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच भाईचारे और रणनीतिक संबंधों तथा विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तरीकों की समीक्षा की। इसके अलावा, उन्होंने वर्तमान क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। बातचीत में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता तथा सूडान की एकता और संप्रभुता के मुद्दे भी शामिल थे।

मिस्र के विदेश मंत्री ने सऊदी अरब के संबंध में क्या कहा? एसपीए के अनुसार, मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलाती ने साम्राज्य को निशाना बनाने वाले सभी हमलों की अपने देश की निंदा दोहराई। उन्होंने साम्राज्य की सुरक्षा और स्थिरता के लिए मिस्र के पूर्ण समर्थन की पुष्टि की। यह इस बातचीत का एक प्रमुख बिंदु था।

लाल सागर और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के संबंध में दोनों मंत्रियों ने क्या कहा? एसपीए के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया, विशेष रूप से लाल सागर और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य में। यह दोनों देशों की साझा चिंता थी। रिपोर्ट में इस विषय पर विस्तार से जानकारी नहीं दी गई है।

सूडान के संबंध में दोनों देशों का क्या रुख रहा? एसपीए के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने सूडान की एकता और संप्रभुता तथा उसकी राष्ट्रीय संस्थाओं के संरक्षण के लिए दोनों भाईचारे वाले देशों के अटल समर्थन को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह समर्थन सूडान की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने तथा भाईचारे वाले सूडानी लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से है।

यह फोन कॉल कब हुई और इसमें कौन-कौन शामिल थे? एसपीए के अनुसार, यह फोन कॉल 6 अक्टूबर 2026 को हुई। इसमें सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला और मिस्र अरब गणराज्य के विदेश, प्रवासन और मिस्र प्रवासियों के मंत्री डॉ. बद्र अब्देलाती शामिल थे। रिपोर्ट में स्थानीय समय 19:10 और ग्रीनविच समय 16:10 दर्ज है।

एसपीए की रिपोर्ट में क्या जानकारी नहीं दी गई है? एसपीए की रिपोर्ट में इस बातचीत की अवधि, इसमें उठाए गए अन्य विषयों या किसी विशिष्ट समझौते का उल्लेख नहीं है। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि यह फोन कॉल किसने शुरू किया या कितनी देर चली। इसके अलावा, रिपोर्ट में साम्राज्य को निशाना बनाने वाले किन हमलों की बात की गई, इसका विवरण भी नहीं दिया गया है।