Sunday, November 1, 2026
सऊदी समाचार

केएसरिलीफ ने पोर्ट सूडान में 12 एंडोक्राइन सर्जरी कीं

केएसरिलीफ ने पोर्ट सूडान में 12 एंडोक्राइन सर्जरी कीं

पोर्ट सूडान में एंडोक्राइन सर्जरी के लिए चल रहे स्वयंसेवी चिकित्सा परियोजना के तहत अब तक 12 सफल ऑपरेशन किए गए हैं। यह परियोजना 26 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चल रही है और इसमें विभिन्न विशेषज्ञताओं के सात स्वयंसेवक शामिल हैं।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, यह कार्यक्रम किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (केएसरिलीफ) सूडान गणराज्य के पोर्ट सूडान में चला रहा है, और इसमें मदीना की हयात चैरिटी एसोसिएशन के साथ सहयोग किया जा रहा है।

एसपीए के अनुसार, यह परियोजना सऊदी अरब के मानवीय प्रयासों का हिस्सा है, जो केएसरिलीफ के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र को सहयोग देने और सूडान के विभिन्न राज्यों में जरूरतमंद तथा प्रभावित समुदायों की पीड़ा कम करने के लिए चलाए जा रहे हैं।

स्वयंसेवी चिकित्सा परियोजना में सात स्वयंसेवक शामिल हैं, जो अलग-अलग विशेषज्ञताओं से आते हैं। चिकित्सा दल ने अभियान शुरू होने के बाद से 12 सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की हैं। परियोजना की अवधि 26 सितंबर से 3 अक्टूबर तक निर्धारित है।

एंडोक्राइन सर्जरी से जुड़ी इस परियोजना का उद्देश्य पोर्ट सूडान में मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसमें मदीना की हयात चैरिटी एसोसिएशन के साथ सहयोग किया जा रहा है। केएसरिलीफ की ओर से यह कार्यक्रम सूडान के विभिन्न राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं के समर्थन की दिशा में एक कदम है।

एसपीए की खबर के मुताबिक, यह परियोजना सऊदी अरब के मानवीय प्रयासों का हिस्सा है। इन प्रयासों का जिक्र स्वास्थ्य क्षेत्र के समर्थन और जरूरतमंद तथा प्रभावित समुदायों की पीड़ा कम करने के संदर्भ में किया गया है। खबर में सूडान के विभिन्न राज्यों का उल्लेख है, जहां इस तरह के प्रयास चलाए जा रहे हैं।

पोर्ट सूडान में चल रही इस परियोजना की शुरुआत 26 सितंबर को हुई और यह 3 अक्टूबर तक चलेगी। इस अवधि के दौरान चिकित्सा दल ने 12 सर्जरी की हैं। स्वयंसेवकों की संख्या सात है और वे अलग-अलग विशेषज्ञताओं से जुड़े हुए हैं।

केएसरिलीफ और मदीना की हयात चैरिटी एसोसिएशन के बीच सहयोग से यह स्वयंसेवी चिकित्सा परियोजना संचालित हो रही है। एसपीए के अनुसार, यह सूडान गणराज्य के पोर्ट सूडान में चल रही है। खबर में यह भी कहा गया है कि यह सऊदी अरब के मानवीय प्रयासों का हिस्सा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र को सहयोग देने और जरूरतमंद तथा प्रभावित समुदायों की पीड़ा कम करने के उद्देश्य से यह परियोजना चलाई जा रही है। एसपीए की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह के प्रयास सूडान के विभिन्न राज्यों में किए जा रहे हैं। पोर्ट सूडान में एंडोक्राइन सर्जरी पर केंद्रित यह परियोजना उसी दिशा में एक प्रयास है।

खबर में बताया गया है कि अभियान शुरू होने के बाद से 12 सर्जरी सफल रहीं। परियोजना में शामिल सात स्वयंसेवक विभिन्न विशेषज्ञताओं से हैं। परियोजना 26 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलने वाली है।

एसपीए ने यह जानकारी 2 अक्टूबर 2026 को पोर्ट सूडान से दी। खबर के अनुसार, यह परियोजना सूडान गणराज्य में चल रही है और इसमें मदीना की हयात चैरिटी एसोसिएशन के साथ सहयोग शामिल है। केएसरिलीफ के माध्यम से सऊदी अरब के मानवीय प्रयासों का यह हिस्सा बताया गया है।

रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि 12 सर्जरी किन मरीजों की थीं, उनकी उम्र या स्थिति क्या थी, या आगे कितने ऑपरेशन होने हैं। यह भी नहीं बताया गया कि स्वयंसेवक किन देशों या संस्थानों से आए हैं। परियोजना की कुल लागत, उपकरणों का ब्योरा या अस्पताल का नाम भी खबर में नहीं दिया गया है।

यह परियोजना कहां और कब चल रही है? यह परियोजना सूडान गणराज्य के पोर्ट सूडान में चल रही है। एसपीए के अनुसार, इसकी अवधि 26 सितंबर से 3 अक्टूबर तक है। खबर 2 अक्टूबर 2026 को पोर्ट सूडान से जारी हुई। परियोजना एंडोक्राइन सर्जरी पर केंद्रित है और इसमें सात स्वयंसेवक शामिल हैं।

कितनी सर्जरी हुई हैं और कितने स्वयंसेवक हैं? एसपीए के मुताबिक, अभियान शुरू होने के बाद से चिकित्सा दल ने 12 सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की हैं। परियोजना में विभिन्न विशेषज्ञताओं के सात स्वयंसेवक शामिल हैं। खबर में यह नहीं बताया गया कि सर्जरी किन मरीजों की थीं या आगे कितने ऑपरेशन होने हैं।

इस परियोजना में किसके साथ सहयोग किया जा रहा है? एसपीए के अनुसार, किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (केएसरिलीफ) यह स्वयंसेवी चिकित्सा परियोजना मदीना की हयात चैरिटी एसोसिएशन के सहयोग से चला रहा है। परियोजना सूडान गणराज्य के पोर्ट सूडान में चल रही है और इसमें सात स्वयंसेवक शामिल हैं।

यह परियोजना किस बड़े प्रयास का हिस्सा बताई गई है? एसपीए के मुताबिक, यह परियोजना सऊदी अरब के मानवीय प्रयासों का हिस्सा है, जो केएसरिलीफ के माध्यम से चलाए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र को सहयोग देना और सूडान के विभिन्न राज्यों में जरूरतमंद तथा प्रभावित समुदायों की पीड़ा कम करना बताया गया है।

खबर में कौन-सी जानकारी नहीं दी गई है? एसपीए की खबर में यह नहीं बताया गया कि 12 सर्जरी किन मरीजों की थीं, उनकी उम्र या स्थिति क्या थी, या आगे कितने ऑपरेशन होने हैं। स्वयंसेवक किन देशों या संस्थानों से आए, यह भी नहीं बताया गया। परियोजना की लागत, उपकरणों का ब्योरा या अस्पताल का नाम भी नहीं दिया गया।