मक्का में जारी एक बयान के अनुसार, मुस्लिम वर्ल्ड लीग (एमडब्ल्यूएल) ने मदीना में एक बिजली वितरण स्टेशन पर हूती मिलिशिया के हमले की कड़ी निंदा की है और इसे सऊदी अरब के खिलाफ उसकी आक्रामकता की श्रृंखला बताया है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, यह बयान 2 अक्टूबर 2026 को मक्का से जारी हुआ। एसपीए के मुताबिक हमले का निशाना मदीना में स्थित एक पावर डिस्ट्रिब्यूशन स्टेशन था।
एमडब्ल्यूएल के महासचिव और ऑर्गनाइजेशन ऑफ मुस्लिम स्कॉलर्स के अध्यक्ष शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने हूती मिलिशिया के आतंकवादी रवैये की निंदा की। उन्होंने कहा कि मिलिशिया के हमले पवित्र स्थलों की पवित्रता और कई नागरिक ठिकानों को निशाना बनाते हैं, जो इस्लाम के मूल्यों और मानवीय सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है।
शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां धार्मिक पवित्रताओं तथा धार्मिक और मानवीय भावनाओं का उल्लंघन करती हैं। उन्होंने कहा कि मिलिशिया के लगातार आतंकवादी अपराध धर्म और मुसलमानों के साथ विश्वासघात हैं।
एसपीए की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि एमडब्ल्यूएल ने हमले को सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की निरंतरता बताया। बयान में हमले को आतंकवादी करार दिया गया और इसे पवित्र स्थलों की पवित्रता के खिलाफ बताया गया।
मदीना में बिजली वितरण स्टेशन पर हमले की खबर ऐसे समय में सामने आई है जब एमडब्ल्यूएल ने इसे धार्मिक और मानवीय भावनाओं पर सीधा हमला बताया। संगठन के महासचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी कार्रवाइयां इस्लामी मूल्यों के खिलाफ हैं।
एसपीए के अनुसार, एमडब्ल्यूएल का यह बयान मक्का से जारी हुआ और इसमें हूती मिलिशिया के खिलाफ कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया गया। बयान में हमले को न केवल सऊदी अरब बल्कि पूरे मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बताया गया।
शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने कहा कि मिलिशिया के अपराध लगातार हो रहे हैं और ये धर्म तथा मुसलमानों के साथ विश्वासघात हैं। उन्होंने हमले को पवित्र स्थलों की पवित्रता और नागरिक ठिकानों पर हमले की श्रृंखला का हिस्सा बताया।
एसपीए की खबर में यह नहीं बताया गया है कि हमले में किसी की जान गई या नहीं, कितना नुकसान हुआ, या बिजली वितरण स्टेशन कहां स्थित था। रिपोर्ट में हमले के समय या तारीख का भी जिक्र नहीं है, सिवाय इसके कि बयान 2 अक्टूबर 2026 को जारी हुआ।
एमडब्ल्यूएल ने हमले को आतंकवादी करार देते हुए कहा कि यह सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की निरंतरता है। संगठन ने मिलिशिया के रवैये को आतंकवादी बताया और कहा कि इस तरह के हमले धार्मिक पवित्रताओं का उल्लंघन करते हैं।
शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने कहा कि मिलिशिया के अपराध धर्म और मुसलमानों के साथ विश्वासघात हैं। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाइयां इस्लाम के मूल्यों और बुनियादी मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ हैं।
एसपीए के मुताबिक, एमडब्ल्यूएल ने हमले की कड़ी निंदा की और इसे पवित्र स्थलों की पवित्रता के खिलाफ बताया। संगठन ने कहा कि मिलिशिया के हमले नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाते हैं।
बयान में कहा गया कि मिलिशिया के लगातार आतंकवादी अपराध धर्म और मुसलमानों के साथ विश्वासघात हैं। एमडब्ल्यूएल ने इसे इस्लामी मूल्यों और मानवीय सिद्धांतों का खुला उल्लंघन बताया।
एसपीए की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हमला मदीना में एक बिजली वितरण स्टेशन पर हुआ। एमडब्ल्यूएल ने इसे सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की निरंतरता करार दिया।
शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने हूती मिलिशिया के आतंकवादी रवैये की निंदा की और कहा कि उसके हमले पवित्र स्थलों की पवित्रता और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह इस्लाम के मूल्यों और मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन है।
एमडब्ल्यूएल के महासचिव ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां धार्मिक पवित्रताओं तथा धार्मिक और मानवीय भावनाओं का उल्लंघन करती हैं। उन्होंने कहा कि मिलिशिया के अपराध धर्म और मुसलमानों के साथ विश्वासघात हैं।
एसपीए की खबर में यह नहीं बताया गया कि हमले के बाद क्या कार्रवाई की गई या किसी संगठन ने जिम्मेदारी ली या नहीं। रिपोर्ट में केवल एमडब्ल्यूएल के बयान और उसकी निंदा का जिक्र है।
मदीना में बिजली वितरण स्टेशन पर हमले की निंदा करते हुए एमडब्ल्यूएल ने कहा कि यह सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की श्रृंखला है। संगठन ने इसे आतंकवादी कृत्य बताया और कहा कि यह पवित्र स्थलों की पवित्रता के खिलाफ है।
शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने कहा कि मिलिशिया के हमले नागरिक ठिकानों को निशाना बनाते हैं और यह इस्लामी मूल्यों तथा मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां धार्मिक और मानवीय भावनाओं को आहत करती हैं।
एसपीए के अनुसार, एमडब्ल्यूएल ने हमले को आतंकवादी करार दिया और कहा कि यह सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की निरंतरता है। संगठन ने मिलिशिया के रवैये की निंदा की और कहा कि उसके अपराध धर्म और मुसलमानों के साथ विश्वासघात हैं।
रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि हमले में कितना नुकसान हुआ या बिजली वितरण स्टेशन कहां स्थित था। एसपीए की खबर में केवल एमडब्ल्यूएल के बयान और निंदा का जिक्र है।
मक्का से जारी बयान में एमडब्ल्यूएल ने हमले को पवित्र स्थलों की पवित्रता के खिलाफ बताया और कहा कि यह इस्लाम के मूल्यों तथा मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन है। संगठन ने इसे सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की निरंतरता करार दिया।
शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने हूती मिलिशिया के आतंकवादी रवैये की निंदा की और कहा कि उसके हमले पवित्र स्थलों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह इस्लामी मूल्यों और मानवीय सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है।
एसपीए की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि एमडब्ल्यूएल ने हमले को आतंकवादी करार दिया और इसे सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की निरंतरता बताया। संगठन ने कहा कि मिलिशिया के अपराध धर्म और मुसलमानों के साथ विश्वासघात हैं।
बयान में कहा गया कि मिलिशिया के लगातार आतंकवादी अपराध धार्मिक पवित्रताओं और मानवीय भावनाओं का उल्लंघन करते हैं। एमडब्ल्यूएल ने इसे इस्लाम के मूल्यों और बुनियादी मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ बताया।
एसपीए के मुताबिक, यह बयान 2 अक्टूबर 2026 को मक्का से जारी हुआ। रिपोर्ट में हमले के समय, स्थान या नुकसान का जिक्र नहीं है।
मदीना में बिजली वितरण स्टेशन पर हमले की निंदा करते हुए एमडब्ल्यूएल ने कहा कि यह सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की श्रृंखला है। संगठन ने इसे आतंकवादी कृत्य बताया और कहा कि यह पवित्र स्थलों की पवित्रता के खिलाफ है।
शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने कहा कि मिलिशिया के हमले नागरिक ठिकानों को निशाना बनाते हैं और यह इस्लामी मूल्यों तथा मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां धार्मिक और मानवीय भावनाओं को आहत करती हैं।
एसपीए के अनुसार, एमडब्ल्यूएल ने हमले को आतंकवादी करार दिया और कहा कि यह सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की निरंतरता है। संगठन ने मिलिशिया के रवैये की निंदा की और कहा कि उसके अपराध धर्म और मुसलमानों के साथ विश्वासघात हैं।
रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि हमले में कितना नुकसान हुआ या बिजली वितरण स्टेशन कहां स्थित था। एसपीए की खबर में केवल एमडब्ल्यूएल के बयान और निंदा का जिक्र है।
मक्का से जारी बयान में एमडब्ल्यूएल ने हमले को पवित्र स्थलों की पवित्रता के खिलाफ बताया और कहा कि यह इस्लाम के मूल्यों तथा मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन है। संगठन ने इसे सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की निरंतरता करार दिया।
शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने हूती मिलिशिया के आतंकवादी रवैये की निंदा की और कहा कि उसके हमले पवित्र स्थलों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह इस्लामी मूल्यों और मानवीय सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है।
एसपीए की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि एमडब्ल्यूएल ने हमले को आतंकवादी करार दिया और इसे सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की निरंतरता बताया। संगठन ने कहा कि मिलिशिया के अपराध धर्म और मुसलमानों के साथ विश्वासघात हैं।
बयान में कहा गया कि मिलिशिया के लगातार आतंकवादी अपराध धार्मिक पवित्रताओं और मानवीय भावनाओं का उल्लंघन करते हैं। एमडब्ल्यूएल ने इसे इस्लाम के मूल्यों और बुनियादी मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ बताया।
एसपीए के मुताबिक, यह बयान 2 अक्टूबर 2026 को मक्का से जारी हुआ। रिपोर्ट में हमले के समय, स्थान या नुकसान का जिक्र नहीं है।
मदीना में बिजली वितरण स्टेशन पर हमले की निंदा करते हुए एमडब्ल्यूएल ने कहा कि यह सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की श्रृंखला है। संगठन ने इसे आतंकवादी कृत्य बताया और कहा कि यह पवित्र स्थलों की पवित्रता के खिलाफ है।
शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने कहा कि मिलिशिया के हमले नागरिक ठिकानों को निशाना बनाते हैं और यह इस्लामी मूल्यों तथा मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां धार्मिक और मानवीय भावनाओं को आहत करती हैं।
एसपीए के अनुसार, एमडब्ल्यूएल ने हमले को आतंकवादी करार दिया और कहा कि यह सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की निरंतरता है। संगठन ने मिलिशिया के रवैये की निंदा की और कहा कि उसके अपराध धर्म और मुसलमानों के साथ विश्वासघात हैं।
रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि हमले में कितना नुकसान हुआ या बिजली वितरण स्टेशन कहां स्थित था। एसपीए की खबर में केवल एमडब्ल्यूएल के बयान और निंदा का जिक्र है।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने किस हमले की निंदा की? एमडब्ल्यूएल ने मदीना में एक बिजली वितरण स्टेशन पर हूती मिलिशिया के हमले की कड़ी निंदा की। एसपीए के मुताबिक संगठन ने इसे सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की निरंतरता बताया। बयान 2 अक्टूबर 2026 को मक्का से जारी हुआ।
एमडब्ल्यूएल के महासचिव ने क्या कहा? एमडब्ल्यूएल के महासचिव और ऑर्गनाइजेशन ऑफ मुस्लिम स्कॉलर्स के अध्यक्ष शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने हूती मिलिशिया के आतंकवादी रवैये की निंदा की। उन्होंने कहा कि मिलिशिया के हमले पवित्र स्थलों की पवित्रता और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने इसे इस्लाम के मूल्यों और मानवीय सिद्धांतों का खुला उल्लंघन बताया।
बयान में हमले को कैसे वर्णित किया गया? एसपीए के अनुसार एमडब्ल्यूएल ने हमले को आतंकवादी करार दिया और इसे सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की निरंतरता बताया। संगठन ने कहा कि मिलिशिया के लगातार आतंकवादी अपराध धर्म और मुसलमानों के साथ विश्वासघात हैं। यह बयान मक्का से जारी हुआ।
क्या रिपोर्ट में नुकसान का जिक्र है? एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि हमले में किसी की जान गई या कितना नुकसान हुआ। रिपोर्ट में बिजली वितरण स्टेशन का स्थान, हमले का समय या तारीख भी नहीं दी गई। केवल एमडब्ल्यूएल के बयान और निंदा का जिक्र है।
यह बयान कब और कहां से जारी हुआ? एसपीए के मुताबिक यह बयान 2 अक्टूबर 2026 को मक्का से जारी हुआ। रिपोर्ट में स्थानीय समय 02:22 और जीएमटी 23:22 दर्ज है। बयान में हमले की निंदा करते हुए इसे पवित्र स्थलों की पवित्रता के खिलाफ बताया गया।
एमडब्ल्यूएल ने हमले को किस संदर्भ में रखा? एमडब्ल्यूएल ने हमले को सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामकता की निरंतरता बताया। संगठन ने कहा कि मिलिशिया के हमले पवित्र स्थलों की पवित्रता और कई नागरिक ठिकानों को निशाना बनाते हैं। यह इस्लाम के मूल्यों और बुनियादी मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ है।





