Monday, November 2, 2026
सऊदी समाचार

जेद्दा विश्वविद्यालय पर्यावरण फोरम में इमाम अब्दुलअजीज बिन मोहम्मद रॉयल रिजर्व ने रखी अपनी पहल

जेद्दा विश्वविद्यालय पर्यावरण फोरम में इमाम अब्दुलअजीज बिन मोहम्मद रॉयल रिजर्व ने रखी अपनी पहल

जेद्दा विश्वविद्यालय में आयोजित पर्यावरण स्थिरता कार्यक्रम में इमाम अब्दुलअजीज बिन मोहम्मद रॉयल रिजर्व डेवलपमेंट अथॉरिटी ने तीन पैनल चर्चाओं के जरिए हिस्सा लिया और फोरम की सहवर्ती प्रदर्शनी में एक सूचना पवेलियन भी लगाया।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, अथॉरिटी ने इन चर्चाओं में पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा, वनस्पति आवरण के विकास और सतत इकोटूरिज्म को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों को रेखांकित किया। कार्यक्रम 30 सितंबर 2026 को जेद्दा में हुआ।

रॉयल और प्राकृतिक रिजर्व की सऊदी विजन 2030 और सऊदी ग्रीन इनिशिएटिव के लक्ष्यों को हासिल करने में भूमिका पर हुई सत्र में अथॉरिटी के सीईओ डॉ. तलाल अल-हरीगी ने कहा कि पर्यावरण अब वैश्विक, आर्थिक और सामाजिक चालक बन चुका है और यह विजन के प्रभाव को दर्शाने वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने पिछले पाँच वर्षों में सऊदी अरब में पर्यावरणीय प्रयासों को आगे बढ़ाने में रॉयल रिजर्व और पर्यावरण पहलों के योगदान की ओर इशारा किया।

डॉ. अल-हरीगी ने स्पष्ट किया कि इमाम अब्दुलअजीज बिन मोहम्मद और किंग खालिद रॉयल रिजर्व विजन के पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में योगदान देते हैं, जिनमें संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा तथा वन्यजीव और वनस्पति आवरण का विकास शामिल है।

क्या संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार ही पर्यावरणीय लक्ष्यों की सबसे बड़ी कसौटी है, या प्राकृतिक आवासों की गुणवत्ता भी उतनी ही निर्णायक है?

इकोटूरिज्म और रिजर्व तथा संबंधित संस्थाओं के साथ सहयोग के तरीकों पर हुए सत्र में अथॉरिटी के इकोटूरिज्म विभाग के निदेशक इंजी. अब्दुलहमीद फेलेमबान ने इकोटूरिज्म के स्तंभों और विजन के लक्ष्यों से उसके जुड़ाव पर प्रकाश डाला, जिसमें साम्राज्य के कुल क्षेत्रफल के 30 प्रतिशत तक संरक्षित क्षेत्रों को बढ़ाना शामिल है।

उन्होंने कहा कि इकोटूरिज्म पर्यावरण प्रबंधन योजनाओं के माध्यम से प्रकृति की सुरक्षा और स्थलों की वहन क्षमता निर्धारित करने पर आधारित है, साथ ही स्थानीय समुदायों का विकास, उन्हें आशाजनक आर्थिक और सामाजिक अवसर उपलब्ध कराना तथा प्राकृतिक स्थलों के पर्यावरणीय मूल्य के प्रति आगंतुकों की जागरूकता बढ़ाना भी इसमें शामिल है।

यदि किसी स्थल की वहन क्षमता तय कर दी जाए, तो क्या पर्यटकों की संख्या सीमित करना स्थानीय समुदायों के आर्थिक लाभ से टकराएगा?

अथॉरिटी की भागीदारी केवल पैनल चर्चाओं तक सीमित नहीं रही। फोरम की सहवर्ती प्रदर्शनी में उसने एक सूचना पवेलियन लगाया, जिसके जरिए आगंतुकों को उसके काम की जानकारी दी गई। एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, तीन पैनल चर्चाएँ पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा, वनस्पति आवरण के विकास और सतत इकोटूरिज्म को बढ़ावा देने के इर्द-गिर्द केंद्रित थीं।

डॉ. अल-हरीगी का यह कथन कि पर्यावरण अब वैश्विक, आर्थिक और सामाजिक चालक है, इस बात का संकेत है कि रिजर्व का काम केवल संरक्षण तक सीमित नहीं माना जा रहा। उन्होंने विजन के पर्यावरणीय लक्ष्यों में संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा तथा वन्यजीव और वनस्पति आवरण के विकास को शामिल बताया और कहा कि इमाम अब्दुलअजीज बिन मोहम्मद तथा किंग खालिद रॉयल रिजर्व इन लक्ष्यों को हासिल करने में योगदान देते हैं।

पिछले पाँच वर्षों में सऊदी अरब में पर्यावरणीय प्रयासों को आगे बढ़ाने में रॉयल रिजर्व और पर्यावरण पहलों के योगदान का जिक्र उन्होंने विशेष रूप से किया। यह अवधि ऐसे समय में उल्लेख की गई जब सऊदी ग्रीन इनिशिएटिव और विजन 2030 के पर्यावरणीय लक्ष्य देश की नीति का हिस्सा हैं।

क्या पाँच वर्ष की अवधि को पर्यावरणीय काम की परिपक्वता मापने का उचित पैमाना माना जा सकता है?

इकोटूरिज्म पर इंजी. अब्दुलहमीद फेलेमबान ने जो तस्वीर पेश की, वह संरक्षण और समुदाय के बीच संतुलन पर आधारित है। उनके अनुसार, इकोटूरिज्म पर्यावरण प्रबंधन योजनाओं के माध्यम से प्रकृति की सुरक्षा पर टिका है और इसमें स्थलों की वहन क्षमता निर्धारित करना शामिल है। साथ ही यह स्थानीय समुदायों का विकास, उन्हें आशाजनक आर्थिक और सामाजिक अवसर देना तथा आगंतुकों की जागरूकता बढ़ाना भी मानता है।

विजन के लक्ष्यों से जोड़ते हुए उन्होंने संरक्षित क्षेत्रों को साम्राज्य के कुल क्षेत्रफल के 30 प्रतिशत तक बढ़ाने का जिक्र किया। यह आंकड़ा इकोटूरिज्म की चर्चा को केवल पर्यटन तक सीमित न रखकर संरक्षण नीति से जोड़ता है।

अगर संरक्षित क्षेत्र 30 प्रतिशत तक पहुँच जाएँ, तो इकोटूरिज्म स्थलों के प्रबंधन पर कितना दबाव बढ़ेगा?

जेद्दा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण स्थिरता पर केंद्रित था और इसमें अथॉरिटी ने तीन पैनल चर्चाओं तथा एक सूचना पवेलियन के जरिए भाग लिया। एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि पैनल चर्चाओं में कितने वक्ता शामिल हुए, फोरम में कितने प्रतिभागी आए, या पवेलियन में क्या-क्या प्रदर्शित किया गया।

रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख नहीं है कि इन चर्चाओं से कोई सहयोग समझौता या ठोस घोषणा निकली या नहीं। अथॉरिटी की भागीदारी को तीन सत्रों और एक प्रदर्शनी पवेलियन के संदर्भ में बताया गया है।

क्या ऐसे फोरम केवल विचार-विमर्श के मंच रहते हैं, या इनसे ठोस साझेदारियाँ भी जन्म लेती हैं?

डॉ. अल-हरीगी ने पर्यावरण को वैश्विक, आर्थिक और सामाजिक चालक बताते हुए कहा कि यह विजन के प्रभाव को दर्शाने वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। यह कथन रिजर्व के काम को व्यापक आर्थिक और सामाजिक ढाँचे में रखता है। उन्होंने इमाम अब्दुलअजीज बिन मोहम्मद और किंग खालिद रॉयल रिजर्व का जिक्र करते हुए कहा कि ये विजन के पर्यावरणीय लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान देते हैं।

इन लक्ष्यों में संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा तथा वन्यजीव और वनस्पति आवरण का विकास शामिल है। एसपीए के अनुसार, अथॉरिटी ने फोरम में अपने प्रयासों को इन्हीं बिंदुओं के जरिए प्रस्तुत किया।

क्या रॉयल रिजर्व का योगदान मापने के लिए केवल क्षेत्रफल और आवरण के आँकड़े पर्याप्त हैं?

इकोटूरिज्म की चर्चा में इंजी. फेलेमबान ने स्थानीय समुदायों को आशाजनक आर्थिक और सामाजिक अवसर देने की बात कही। साथ ही उन्होंने आगंतुकों की जागरूकता बढ़ाने को भी इकोटूरिज्म का हिस्सा बताया। उनके मुताबिक, इकोटूरिज्म पर्यावरण प्रबंधन योजनाओं और स्थलों की वहन क्षमता निर्धारित करने पर आधारित है।

यह दृष्टिकोण संरक्षण और पर्यटन के बीच एक ऐसा ढाँचा गढ़ता है जिसमें प्रकृति की सुरक्षा और समुदाय का लाभ दोनों शामिल हैं। विजन के लक्ष्यों से जोड़ते हुए उन्होंने संरक्षित क्षेत्रों को साम्राज्य के कुल क्षेत्रफल के 30 प्रतिशत तक बढ़ाने का उल्लेख किया।

अगर आगंतुकों की जागरूकता बढ़ाना ही लक्ष्य है, तो उसका असर किस पैमाने पर मापा जाएगा?

जेद्दा विश्वविद्यालय के इस फोरम में अथॉरिटी की भागीदारी तीन पैनल चर्चाओं और एक सूचना पवेलियन के रूप में सामने आई। एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, चर्चाओं का केंद्र पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा, वनस्पति आवरण का विकास और सतत इकोटूरिज्म को बढ़ावा देना था।

रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि फोरम कितने दिन चला, कितने लोगों ने हिस्सा लिया, या पवेलियन में कौन-कौन सी सामग्री रखी गई। इन ब्योरों का जिक्र स्रोत में नहीं है।

क्या इस तरह के आयोजनों का असर अगले कुछ वर्षों में रिजर्व के काम पर दिखेगा?

एसपीए की रिपोर्ट में डॉ. तलाल अल-हरीगी और इंजी. अब्दुलहमीद फेलेमबान के बयानों के अलावा किसी अन्य वक्ता का नाम नहीं दिया गया। रिपोर्ट में यह भी नहीं है कि इन सत्रों में किसी नए कार्यक्रम या परियोजना की घोषणा हुई।

अथॉरिटी की ओर से बताए गए प्रयासों में पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा, वनस्पति आवरण का विकास और सतत इकोटूरिज्म को बढ़ावा देना शामिल है। यही बिंदु फोरम में उसकी भागीदारी का आधार बने।

क्या पर्यावरणीय काम की चर्चा विश्वविद्यालय जैसे मंचों तक सीमित रहनी चाहिए या इसे नीति के स्तर तक पहुँचना चाहिए?

फोरम में अथॉरिटी ने किन विषयों पर चर्चा की? एसपीए के अनुसार, अथॉरिटी ने तीन पैनल चर्चाओं में हिस्सा लिया जो पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा, वनस्पति आवरण के विकास और सतत इकोटूरिज्म को बढ़ावा देने पर केंद्रित थीं। इसके अलावा फोरम की सहवर्ती प्रदर्शनी में एक सूचना पवेलियन भी लगाया गया। रिपोर्ट में पवेलियन की सामग्री या सत्रों में शामिल वक्ताओं की संख्या नहीं बताई गई।

डॉ. तलाल अल-हरीगी ने विजन 2030 के बारे में क्या कहा? अथॉरिटी के सीईओ डॉ. तलाल अल-हरीगी ने कहा कि पर्यावरण अब वैश्विक, आर्थिक और सामाजिक चालक बन चुका है और विजन के प्रभाव को दर्शाने वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने पिछले पाँच वर्षों में सऊदी अरब में पर्यावरणीय प्रयासों को आगे बढ़ाने में रॉयल रिजर्व और पर्यावरण पहलों के योगदान का जिक्र किया।

इमाम अब्दुलअजीज बिन मोहम्मद और किंग खालिद रॉयल रिजर्व किन लक्ष्यों में योगदान देते हैं? डॉ. अल-हरीगी के अनुसार, ये दोनों रॉयल रिजर्व विजन के पर्यावरणीय लक्ष्यों को हासिल करने में योगदान देते हैं। इन लक्ष्यों में संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा तथा वन्यजीव और वनस्पति आवरण का विकास शामिल है। एसपीए की रिपोर्ट में इन लक्ष्यों के अलावा कोई अन्य आंकड़ा या समय-सीमा नहीं दी गई।

इकोटूरिज्म के स्तंभों के बारे में क्या बताया गया? अथॉरिटी के इकोटूरिज्म विभाग के निदेशक इंजी. अब्दुलहमीद फेलेमबान ने कहा कि इकोटूरिज्म पर्यावरण प्रबंधन योजनाओं के माध्यम से प्रकृति की सुरक्षा और स्थलों की वहन क्षमता निर्धारित करने पर आधारित है। इसमें स्थानीय समुदायों का विकास, उन्हें आशाजनक आर्थिक और सामाजिक अवसर देना तथा आगंतुकों की जागरूकता बढ़ाना भी शामिल है।

संरक्षित क्षेत्रों को लेकर कौन-सा लक्ष्य बताया गया? इंजी. अब्दुलहमीद फेलेमबान ने इकोटूरिज्म को विजन के लक्ष्यों से जोड़ते हुए कहा कि संरक्षित क्षेत्रों को साम्राज्य के कुल क्षेत्रफल के 30 प्रतिशत तक बढ़ाना लक्ष्य है। यह बात उन्होंने इकोटूरिज्म और संबंधित संस्थाओं के साथ सहयोग के तरीकों पर हुए सत्र में कही। रिपोर्ट में इस लक्ष्य की समय-सीमा नहीं दी गई।

रिपोर्ट में क्या जानकारी नहीं दी गई? एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि फोरम कितने दिन चला, कितने प्रतिभागी आए, पैनल चर्चाओं में कितने वक्ता शामिल हुए, या सूचना पवेलियन में क्या प्रदर्शित किया गया। रिपोर्ट में किसी नए सहयोग समझौते या परियोजना की घोषणा का भी उल्लेख नहीं है।