Tuesday, November 3, 2026
सऊदी समाचार

जीसीसी प्रमुख: सर्वोच्च परिषद के परामर्शी निर्णयों के क्रियान्वयन पर मंत्रिस्तरीय समितियाँ सक्रिय

जीसीसी प्रमुख: सर्वोच्च परिषद के परामर्शी निर्णयों के क्रियान्वयन पर मंत्रिस्तरीय समितियाँ सक्रिय

रियाद में जीसीसी महासचिवालय मुख्यालय में मंगलवार को उच्च स्तरीय समिति की 10वीं बैठक हुई, जो जीसीसी सर्वोच्च परिषद की परामर्शी बैठक के निर्णयों के क्रियान्वयन की निगरानी करती है।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के महासचिव जासेम अलबुदैवी ने कहा कि मंत्रिस्तरीय समितियाँ मंत्रिस्तरीय सत्रों और कार्यशालाओं में सदस्य देशों के साथ हासिल की गई उपलब्धियों की निगरानी में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं और उनके परिणामों के आधार पर परामर्शी बैठक के निर्णयों का निष्पादन पूरा कर रही हैं।

एसपीए के अनुसार, अलबुदैवी ने कहा कि इससे जीसीसी देशों के नेताओं की आकांक्षाएँ पूरी होती हैं और साझा खाड़ी कार्रवाई की दिशा आगे बढ़ती है। उन्होंने यह बात बैठक में समिति के सदस्यों की उपस्थिति में कही।

अलबुदैवी ने कहा, “आने वाले चरण में हासिल की गई प्रगति की कड़ी निगरानी और सदस्य देशों के संबंधित प्राधिकरणों के साथ गहन समन्वय की जरूरत है, ताकि शेष कदमों की पहचान हो सके और संभावित बाधाओं का समाधान हो सके।”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंत्रिस्तरीय बैठकों और कार्यशालाओं के परिणामों को ठोस व्यावहारिक उपायों में बदलना जरूरी है और निर्धारित समय-सीमा के अनुसार उनके निष्पादन की निगरानी होनी चाहिए।

अपने बयान के समापन में जीसीसी महासचिव ने सदस्य देशों, मंत्रिस्तरीय समितियों और विशेष कार्य दलों के प्रयासों की सराहना की और प्रस्तावों के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाने में उनके निरंतर सहयोग की तारीफ की।

उन्होंने महासचिवालय की इच्छा पर जोर दिया कि निरंतर अनुवर्ती कार्रवाई और जुड़ाव बना रहे, जिससे उपलब्धियाँ टिकाऊ बनी रहें और खाड़ी एकीकरण के रास्ते और आगे बढ़ें।

एसपीए की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक मंगलवार को रियाद स्थित महासचिवालय मुख्यालय में हुई और इसमें समिति के सदस्य मौजूद रहे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मंत्रिस्तरीय समितियाँ मंत्रिस्तरीय सत्रों और कार्यशालाओं के जरिए हासिल हुई उपलब्धियों की निगरानी कर रही हैं।

अलबुदैवी के बयान का केंद्रीय बिंदु यह रहा कि परामर्शी बैठक के निर्णयों का निष्पादन पूरा करने के लिए मंत्रिस्तरीय समितियाँ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों को पूरा करने से जीसीसी देशों के नेताओं की आकांक्षाएँ पूरी होती हैं।

एसपीए के अनुसार, महासचिव ने आने वाले चरण की जरूरतों का जिक्र करते हुए प्रगति की निगरानी और समन्वय बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों के संबंधित प्राधिकरणों के साथ समन्वय बढ़ाकर शेष कदमों की पहचान की जा सकती है और संभावित बाधाओं को दूर किया जा सकता है।

उन्होंने मंत्रिस्तरीय बैठकों और कार्यशालाओं के परिणामों को ठोस व्यावहारिक उपायों में बदलने की जरूरत बताई। साथ ही निर्धारित समय-सीमा के अनुसार उनके निष्पादन की निगरानी पर जोर दिया।

बयान के अंत में अलबुदैवी ने सदस्य देशों, मंत्रिस्तरीय समितियों और विशेष कार्य दलों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रस्तावों के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाने में उनके निरंतर सहयोग की तारीफ की।

उन्होंने महासचिवालय की निरंतर अनुवर्ती कार्रवाई और जुड़ाव बनाए रखने की इच्छा दोहराई। उनके मुताबिक इससे उपलब्धियाँ टिकाऊ बनी रहेंगी और खाड़ी एकीकरण के रास्ते और आगे बढ़ेंगे।

एसपीए की रिपोर्ट में बैठक का स्थान, दिन और क्रमांक स्पष्ट है। बैठक उच्च स्तरीय समिति की 10वीं बैठक थी, जो जीसीसी सर्वोच्च परिषद की परामर्शी बैठक के निर्णयों के क्रियान्वयन की निगरानी करती है। यह बैठक रियाद में जीसीसी महासचिवालय मुख्यालय में हुई।

रिपोर्ट के अनुसार बैठक में समिति के सदस्य मौजूद थे। महासचिव ने बैठक के दौरान अपनी बात रखी। उन्होंने मंत्रिस्तरीय समितियों की सक्रिय भागीदारी को रेखांकित किया।

एसपीए ने बताया कि अलबुदैवी ने कहा कि मंत्रिस्तरीय समितियाँ मंत्रिस्तरीय सत्रों और कार्यशालाओं में हासिल उपलब्धियों की निगरानी कर रही हैं। यह काम सदस्य देशों के साथ मिलकर हो रहा है। इन परिणामों के आधार पर परामर्शी बैठक के निर्णयों का निष्पादन पूरा किया जा रहा है।

महासचिव ने कहा कि इससे जीसीसी देशों के नेताओं की आकांक्षाएँ पूरी होती हैं। साथ ही साझा खाड़ी कार्रवाई को बल मिलता है।

रिपोर्ट में यह भी है कि उन्होंने आने वाले चरण में प्रगति की कड़ी निगरानी की जरूरत बताई। उन्होंने सदस्य देशों के संबंधित प्राधिकरणों के साथ गहन समन्वय पर जोर दिया। इसका मकसद शेष कदमों की पहचान और संभावित बाधाओं का समाधान बताया गया।

अलबुदैवी ने मंत्रिस्तरीय बैठकों और कार्यशालाओं के परिणामों को ठोस व्यावहारिक उपायों में बदलने की जरूरत दोहराई। उन्होंने निर्धारित समय-सीमा के अनुसार निष्पादन की निगरानी पर बल दिया।

बयान के अंत में उन्होंने सदस्य देशों, मंत्रिस्तरीय समितियों और विशेष कार्य दलों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रस्तावों के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाने में उनके निरंतर सहयोग की तारीफ की।

महासचिव ने महासचिवालय की निरंतर अनुवर्ती कार्रवाई और जुड़ाव बनाए रखने की इच्छा जताई। उनके मुताबिक इससे उपलब्धियाँ टिकाऊ रहेंगी और खाड़ी एकीकरण के रास्ते और आगे बढ़ेंगे।

एसपीए की रिपोर्ट में बैठक के एजेंडे का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि कौन-कौन से विशिष्ट निर्णयों की समीक्षा हुई या किन बाधाओं की पहचान की गई। रिपोर्ट में आगामी बैठक की तारीख या समिति की अगली कार्ययोजना का जिक्र नहीं है।

जीसीसी महासचिव ने क्या कहा? जीसीसी महासचिव जासेम अलबुदैवी ने कहा कि मंत्रिस्तरीय समितियाँ मंत्रिस्तरीय सत्रों और कार्यशालाओं में सदस्य देशों के साथ हासिल उपलब्धियों की निगरानी में सक्रिय हैं। उनके मुताबिक इन परिणामों के आधार पर परामर्शी बैठक के निर्णयों का निष्पादन पूरा किया जा रहा है। एसपीए के अनुसार इससे जीसीसी देशों के नेताओं की आकांक्षाएँ पूरी होती हैं और साझा खाड़ी कार्रवाई को बल मिलता है।

यह बैठक कहाँ और कब हुई? एसपीए के अनुसार यह उच्च स्तरीय समिति की 10वीं बैठक थी, जो जीसीसी सर्वोच्च परिषद की परामर्शी बैठक के निर्णयों के क्रियान्वयन की निगरानी करती है। बैठक मंगलवार को रियाद स्थित जीसीसी महासचिवालय मुख्यालय में हुई। रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में समिति के सदस्य मौजूद रहे और महासचिव ने वहीं अपनी बात रखी।

महासचिव ने आने वाले चरण के लिए क्या कहा? अलबुदैवी ने कहा कि आने वाले चरण में हासिल की गई प्रगति की कड़ी निगरानी और सदस्य देशों के संबंधित प्राधिकरणों के साथ गहन समन्वय की जरूरत है। उनके मुताबिक इससे शेष कदमों की पहचान हो सकेगी और संभावित बाधाओं का समाधान हो सकेगा। उन्होंने मंत्रिस्तरीय बैठकों और कार्यशालाओं के परिणामों को ठोस व्यावहारिक उपायों में बदलने पर भी जोर दिया।

महासचिव ने किनके प्रयासों की सराहना की? अपने बयान के समापन में जीसीसी महासचिव ने सदस्य देशों, मंत्रिस्तरीय समितियों और विशेष कार्य दलों के प्रयासों की सराहना की। एसपीए के अनुसार उन्होंने प्रस्तावों के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाने में उनके निरंतर सहयोग की तारीफ की। उन्होंने महासचिवालय की निरंतर अनुवर्ती कार्रवाई और जुड़ाव बनाए रखने की इच्छा भी जताई।

महासचिवालय ने किस पर जोर दिया? अलबुदैवी ने महासचिवालय की इच्छा जताई कि निरंतर अनुवर्ती कार्रवाई और जुड़ाव बना रहे। उनके मुताबिक इससे उपलब्धियाँ टिकाऊ बनी रहेंगी और खाड़ी एकीकरण के रास्ते और आगे बढ़ेंगे। एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार यह बात उन्होंने बैठक में समिति के सदस्यों की उपस्थिति में रखी।

एसपीए की रिपोर्ट में क्या नहीं बताया गया? एसपीए की रिपोर्ट में बैठक के एजेंडे का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि कौन-कौन से विशिष्ट निर्णयों की समीक्षा हुई या किन बाधाओं की पहचान की गई। रिपोर्ट में आगामी बैठक की तारीख या समिति की अगली कार्ययोजना का भी जिक्र नहीं है।