मक्का में मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) ने अल-अक्सा मस्जिद में जारी इजरायली घुसपैठ और पवित्रता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की है। लीग के अनुसार ये घुसपैठ बस्तीबाजों और चरमपंथी मंत्रियों द्वारा कब्ज़ा बलों के संरक्षण में की जा रही है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, यह बयान मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिवालय की ओर से जारी किया गया। इसमें इन गंभीर उल्लंघनों की निंदा की गई और उनके साथ होने वाली उकसाने वाली गतिविधियों का भी ज़िक्र किया गया।
दक्षिणी लेबनान और गाज़ा पर इजरायली बयानों की भी निंदा
एसपीए के मुताबिक, मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने दक्षिणी लेबनान और गाज़ा पट्टी के क्षेत्रों को अपने में मिलाने संबंधी इजरायली बयानों की भी निंदा की है। लीग ने इन बयानों को क्षेत्र में शांति प्रयासों को बाधित करने वाला बताया।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव और संगठन ऑफ मुस्लिम स्कॉलर्स के अध्यक्ष शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने इन गंभीर उल्लंघनों की निंदा की। उन्होंने कहा कि ये उल्लंघन दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को भड़काते हैं और इस्लामी पवित्र स्थलों की पवित्रता का गंभीर उल्लंघन हैं।
शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने क्षेत्र में शांति प्रयासों को बाधित करने वाले अन्य हमलों और धमकियों की भी निंदा की। यह बयान मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिवालय द्वारा जारी किया गया।
अल-अक्सा मस्जिद की पवित्रता का मुद्दा
अल-अक्सा मस्जिद इस्लामी पवित्र स्थलों में से एक है। मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने अपने बयान में इसे इस्लामी पवित्र स्थलों की पवित्रता से जोड़कर देखा है। लीग का कहना है कि इन स्थलों की पवित्रता का उल्लंघन दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को प्रभावित करता है।
एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, बयान में इजरायली घुसपैठ को बस्तीबाजों और चरमपंथी मंत्रियों से जोड़ा गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ये गतिविधियाँ कब्ज़ा बलों के संरक्षण में हो रही हैं।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग की भूमिका
मुस्लिम वर्ल्ड लीग एक अंतरराष्ट्रीय इस्लामी संगठन है। इसका महासचिवालय बयान जारी करता है। संगठन ऑफ मुस्लिम स्कॉलर्स के अध्यक्ष भी मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव हैं। शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा इस पद पर हैं।
एसपीए के मुताबिक, यह बयान मक्का से जारी किया गया। बयान में इजरायली कार्रवाइयों को इस्लामी पवित्र स्थलों की पवित्रता का गंभीर उल्लंघन बताया गया है। साथ ही क्षेत्र में शांति प्रयासों को बाधित करने वाले हमलों और धमकियों की निंदा की गई है।
क्षेत्रीय शांति प्रयासों पर चिंता
मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने अपने बयान में क्षेत्र में शांति प्रयासों को बाधित करने वाली गतिविधियों पर चिंता जताई। लीग के अनुसार, इजरायली बयान और कार्रवाइयाँ इन प्रयासों में बाधा डालती हैं।
एसपीए की रिपोर्ट में बताया गया है कि लीग ने दक्षिणी लेबनान और गाज़ा पट्टी के क्षेत्रों को अपने में मिलाने संबंधी इजरायली बयानों की भी निंदा की। इन बयानों को क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाला बताया गया।
बयान का समय और स्थान
एसपीए के अनुसार, यह बयान 29 सितंबर 2026 को मक्का से जारी किया गया। रिपोर्ट में स्थानीय समय 00:09 और जीएमटी 21:09 दर्ज है। बयान मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिवालय की ओर से आया।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने इन उल्लंघनों को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि ये इस्लामी पवित्र स्थलों की पवित्रता का उल्लंघन हैं और दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को भड़काते हैं।
एसपीए की रिपोर्ट में क्या नहीं है
एसपीए की इस रिपोर्ट में उन विशिष्ट घटनाओं का विवरण नहीं दिया गया है जिन्हें लीग ने उल्लंघन बताया। रिपोर्ट में किसी तारीख, स्थान या व्यक्ति का नाम उल्लंघनों के संदर्भ में नहीं दिया गया है। इसमें यह भी नहीं बताया गया कि लीग ने किसी विशेष देश या संस्था से क्या कार्रवाई मांगी है।
रिपोर्ट में इजरायली बयानों के उद्धरण नहीं दिए गए हैं। इसमें यह भी नहीं बताया गया कि लीग ने किन विशेष शांति प्रयासों का ज़िक्र किया। रिपोर्ट में आगे की कार्रवाई या अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का कोई उल्लेख नहीं है।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने किसकी निंदा की है? मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने अल-अक्सा मस्जिद में जारी इजरायली घुसपैठ और पवित्रता के उल्लंघन की निंदा की। एसपीए के मुताबिक ये घुसपैठ बस्तीबाजों और चरमपंथी मंत्रियों द्वारा कब्ज़ा बलों के संरक्षण में की जा रही है। लीग ने दक्षिणी लेबनान और गाज़ा पट्टी के क्षेत्रों को अपने में मिलाने संबंधी इजरायली बयानों की भी निंदा की।
बयान किसने जारी किया? बयान मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिवालय की ओर से जारी किया गया। एसपीए के मुताबिक, महासचिव और संगठन ऑफ मुस्लिम स्कॉलर्स के अध्यक्ष शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने इन गंभीर उल्लंघनों की निंदा की। उन्होंने कहा कि ये इस्लामी पवित्र स्थलों की पवित्रता का गंभीर उल्लंघन हैं।
बयान कब और कहाँ से जारी हुआ? एसपीए के अनुसार, बयान 29 सितंबर 2026 को मक्का से जारी किया गया। रिपोर्ट में स्थानीय समय 00:09 और जीएमटी 21:09 दर्ज है। बयान मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिवालय की ओर से आया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि लीग ने क्षेत्र में शांति प्रयासों को बाधित करने वाले हमलों और धमकियों की निंदा की।
लीग ने और किन मुद्दों का ज़िक्र किया? मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने दक्षिणी लेबनान और गाज़ा पट्टी के क्षेत्रों को अपने में मिलाने संबंधी इजरायली बयानों की निंदा की। एसपीए के मुताबिक, लीग ने क्षेत्र में शांति प्रयासों को बाधित करने वाले अन्य हमलों और धमकियों की भी निंदा की। शेख डॉ. मोहम्मद अल-ईसा ने इन उल्लंघनों को मुसलमानों की भावनाओं को भड़काने वाला बताया।
एसपीए की रिपोर्ट में क्या नहीं बताया गया? एसपीए की रिपोर्ट में उन विशिष्ट घटनाओं का विवरण नहीं दिया गया जिन्हें लीग ने उल्लंघन बताया। रिपोर्ट में इजरायली बयानों के उद्धरण नहीं दिए गए हैं। इसमें यह भी नहीं बताया गया कि लीग ने किसी विशेष देश या संस्था से क्या कार्रवाई मांगी है। रिपोर्ट में आगे की कार्रवाई या अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का कोई उल्लेख नहीं है।





