मक्का क्षेत्र के अल-शुमैसी स्थित जनरल सर्विसेज सेंटर में बने स्टेटस-करेक्शन सेंटर का निरीक्षण पासपोर्ट महानिदेशालय के कार्यवाहक महानिदेशक मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने किया। यह निरीक्षण उन यमनी नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की निगरानी के उद्देश्य से किया गया, जो वर्तमान में सऊदी अरब में अनियमित दर्जे के साथ रह रहे हैं और स्टेटस-करेक्शन पहल का लाभ उठा रहे हैं।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, यह दौरा 5 नवंबर 2026 को मक्का क्षेत्र में हुआ और इसका केंद्र बिंदु स्टेटस-करेक्शन पहल के लाभार्थियों को मिल रही सेवाओं की समीक्षा थी। एसपीए के अनुसार, मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने इस अवसर पर पासपोर्ट कर्मचारियों से अपील की कि वे प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए अपने प्रयासों को और तेज करें, ताकि यमनी नागरिक निर्धारित नियमों के अनुरूप अपनी स्थिति को नियमित कर सकें।
एसपीए की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने डिजिटल सेवाओं का उपयोग बढ़ाने के महत्व पर भी जोर दिया और यह सुनिश्चित करने की बात कही कि देश भर में स्थित स्टेटस-करेक्शन सेंटर पहल के लाभार्थियों की सेवा के लिए पूरी तरह सुसज्जित हों। यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब पहल के तहत बड़ी संख्या में यमनी नागरिक अपनी स्थिति नियमित कराने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं।
मक्का क्षेत्र में अल-शुमैसी स्थित जनरल सर्विसेज सेंटर का यह स्टेटस-करेक्शन सेंटर उन केंद्रों में शामिल है जहां पहल के लाभार्थियों को सेवाएं दी जाती हैं। एसपीए की खबर के अनुसार, निरीक्षण का उद्देश्य इन सेवाओं की प्रत्यक्ष निगरानी करना था। क्या ऐसे केंद्रों की संख्या और उनके भौगोलिक विस्तार की जानकारी आम लाभार्थियों तक आसानी से पहुंच पाती है? यह सवाल इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि एसपीए की रिपोर्ट में केंद्रों की कुल संख्या या उनके स्थानों की सूची नहीं दी गई है।
रिपोर्ट में यह स्पष्ट है कि पहल का दायरा यमनी नागरिकों तक है, जो सऊदी अरब में अनियमित दर्जे के साथ मौजूद हैं। एसपीए के मुताबिक, मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने कर्मचारियों से कहा कि वे प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करें ताकि लाभार्थी स्थापित नियमों के अनुसार अपनी स्थिति नियमित कर सकें। क्या नियमितीकरण की प्रक्रिया में लगने वाले समय और आवश्यक दस्तावेजों की सूची सभी लाभार्थियों को पहले से उपलब्ध कराई जाती है? एसपीए की खबर में इस बारे में कोई विवरण नहीं है।
एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, निरीक्षण के दौरान डिजिटल सेवाओं के उपयोग पर विशेष बल दिया गया। मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने कहा कि डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाया जाना चाहिए। यह निर्देश ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन माध्यमों से उपलब्ध कराने की दिशा में काम हो रहा है। क्या डिजिटल सेवाओं तक उन सभी लाभार्थियों की पहुंच है जिनके पास आवश्यक तकनीकी साधन या दस्तावेज नहीं हैं? यह प्रश्न एसपीए की खबर में उठाए गए बिंदुओं से जुड़ा है, हालांकि रिपोर्ट में इसका उत्तर नहीं दिया गया है।
एसपीए के अनुसार, मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सऊदी अरब भर में स्टेटस-करेक्शन सेंटर पहल के लाभार्थियों की सेवा के लिए पूरी तरह सुसज्जित हों। इसका अर्थ यह है कि केंद्रों की तैयारी और संसाधनों की उपलब्धता पर ध्यान दिया जा रहा है। क्या सभी केंद्रों में एक समान स्तर की सुविधाएं और कर्मचारियों की संख्या उपलब्ध है? एसपीए की खबर में इसकी पुष्टि करने वाला कोई आंकड़ा या विवरण नहीं दिया गया है।
मक्का क्षेत्र में अल-शुमैसी स्थित जनरल सर्विसेज सेंटर का चयन निरीक्षण के लिए किया गया। एसपीए की रिपोर्ट के मुताबिक, यह दौरा पासपोर्ट महानिदेशालय के कार्यवाहक महानिदेशक द्वारा किया गया। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इस दौरे के दौरान कितने लाभार्थियों से मुलाकात हुई या कितने मामलों की समीक्षा की गई। क्या ऐसे निरीक्षणों के निष्कर्ष सार्वजनिक रूप से साझा किए जाते हैं? यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि एसपीए की खबर में निरीक्षण के परिणामों का कोई उल्लेख नहीं है।
एसपीए की खबर के अनुसार, मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने पासपोर्ट कर्मचारियों से प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए प्रयास तेज करने को कहा। यह निर्देश सीधे तौर पर उन यमनी नागरिकों से जुड़ा है जो पहल का लाभ उठा रहे हैं। क्या प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए कोई विशेष समय-सीमा निर्धारित की गई है? रिपोर्ट में इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि निरीक्षण का उद्देश्य यमनी नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की निगरानी करना था। एसपीए के मुताबिक, ये नागरिक वर्तमान में सऊदी अरब में अनियमित दर्जे के साथ हैं और स्टेटस-करेक्शन पहल से लाभान्वित हो रहे हैं। क्या पहल के तहत आवेदन करने वालों की कुल संख्या या स्वीकृत मामलों का कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध है? एसपीए की खबर में ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है।
एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, निरीक्षण 5 नवंबर 2026 को हुआ और यह मक्का क्षेत्र में स्थित केंद्र पर केंद्रित था। रिपोर्ट में स्थानीय समय 16:47 और जीएमटी 13:47 दिया गया है। यह खबर सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए द्वारा जारी की गई है।
एसपीए की खबर में यह नहीं बताया गया है कि स्टेटस-करेक्शन पहल कब शुरू हुई, इसकी अवधि क्या है, या इसमें कितने केंद्र शामिल हैं। रिपोर्ट में लाभार्थियों की संख्या, नियमित किए गए मामलों की संख्या, या निरीक्षण के दौरान सामने आए किसी विशिष्ट मुद्दे का भी उल्लेख नहीं है। इसमें यह भी नहीं बताया गया है कि डिजिटल सेवाओं के उपयोग को बढ़ाने के लिए कौन-से कदम उठाए जाएंगे या केंद्रों को सुसज्जित करने के लिए किस प्रकार के संसाधन आवंटित किए जाएंगे। एसपीए की खबर में मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा के बयान का सार प्रस्तुत किया गया है, लेकिन इसके अलावा किसी अन्य अधिकारी का बयान या प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
एसपीए के अनुसार, यह निरीक्षण पासपोर्ट महानिदेशालय की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसके तहत पहल के लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस पहल के तहत यमनी नागरिकों को किन-किन श्रेणियों में स्थिति नियमित करने की अनुमति है या इसके लिए क्या पात्रता मानदंड हैं। क्या इन मानदंडों की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है? एसपीए की खबर में इसका उत्तर नहीं है।
मक्का क्षेत्र में अल-शुमैसी स्थित जनरल सर्विसेज सेंटर का निरीक्षण करते समय मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने कर्मचारियों से जो निर्देश दिए, वे एसपीए की रिपोर्ट में दर्ज हैं। इनमें प्रक्रियाओं को सुगम बनाना, डिजिटल सेवाओं का उपयोग बढ़ाना और देश भर के केंद्रों को पूरी तरह सुसज्जित करना शामिल है। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इन निर्देशों के पालन की निगरानी कैसे की जाएगी या इसके लिए कोई समय-सीमा तय की गई है या नहीं।
एसपीए की खबर के अनुसार, यह दौरा उन यमनी नागरिकों की सेवाओं से संबंधित था जो स्टेटस-करेक्शन पहल का लाभ उठा रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि इस पहल के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया क्या है, आवश्यक दस्तावेज कौन-से हैं, या आवेदन कहां जमा किए जा सकते हैं। ये सभी जानकारियां एसपीए की खबर में शामिल नहीं हैं।
एसपीए की रिपोर्ट में निरीक्षण के दौरान मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा के साथ कौन-कौन अधिकारी मौजूद थे, इसका भी उल्लेख नहीं है। रिपोर्ट में केवल यह बताया गया है कि उन्होंने पासपोर्ट कर्मचारियों को निर्देश दिए। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि निरीक्षण कितने समय तक चला या इस दौरान किन विभागों का दौरा किया गया।
एसपीए के अनुसार, यह खबर 5 नवंबर 2026 को मक्का से जारी की गई। रिपोर्ट में स्थानीय समय 16:47 और जीएमटी 13:47 दिया गया है। खबर में यह भी नहीं बताया गया है कि स्टेटस-करेक्शन पहल के तहत अब तक कुल कितने यमनी नागरिकों ने अपनी स्थिति नियमित कराई है या कितने आवेदन लंबित हैं।
एसपीए की खबर में यह जानकारी नहीं दी गई है कि स्टेटस-करेक्शन सेंटर किन-किन शहरों या क्षेत्रों में स्थित हैं, उनके संचालन का समय क्या है, या वहां कितने कर्मचारी तैनात हैं। रिपोर्ट में केवल मक्का क्षेत्र के अल-शुमैसी स्थित जनरल सर्विसेज सेंटर का उल्लेख किया गया है, जहां निरीक्षण हुआ।
एसपीए की रिपोर्ट के मुताबिक, मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने कहा कि पासपोर्ट कर्मचारियों को प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए अपने प्रयास तेज करने चाहिए। यह निर्देश सीधे तौर पर पहल के लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान करने से जुड़ा है। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए पहले से क्या कदम उठाए गए हैं या भविष्य में क्या बदलाव प्रस्तावित हैं।
एसपीए की खबर में यह भी उल्लेख नहीं है कि स्टेटस-करेक्शन पहल के तहत यमनी नागरिकों को किस प्रकार के दस्तावेज या पहचान पत्र जारी किए जाते हैं, या नियमितीकरण के बाद उन्हें क्या अधिकार प्राप्त होते हैं। रिपोर्ट में केवल यह बताया गया है कि वे स्थापित नियमों के अनुसार अपनी स्थिति नियमित कर सकते हैं।
एसपीए के अनुसार, यह निरीक्षण पासपोर्ट महानिदेशालय के कार्यवाहक महानिदेशक द्वारा किया गया। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इस प्रकार के निरीक्षण कितनी बार किए जाते हैं या इनका उद्देश्य केवल निगरानी है या इनसे कोई नीतिगत निर्णय भी निकलता है। एसपीए की खबर में इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
एसपीए की रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि स्टेटस-करेक्शन पहल के तहत आवेदन करने वाले यमनी नागरिकों को किस प्रकार की सहायता या परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि उन्हें सेवाएं प्रदान की जा रही हैं और उनकी स्थिति नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है।
एसपीए की खबर के अनुसार, मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने देश भर के स्टेटस-करेक्शन सेंटरों को पूरी तरह सुसज्जित करने की बात कही। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि वर्तमान में किन केंद्रों में कमी है या किन संसाधनों की आवश्यकता है। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि सुसज्जित करने की प्रक्रिया के लिए कोई बजट या योजना निर्धारित की गई है या नहीं।
एसपीए की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख नहीं है कि स्टेटस-करेक्शन पहल के तहत यमनी नागरिकों की स्थिति नियमित करने की प्रक्रिया में किन सरकारी विभागों की संलिप्तता है। रिपोर्ट में केवल पासपोर्ट महानिदेशालय का उल्लेख किया गया है, जिसके कार्यवाहक महानिदेशक ने निरीक्षण किया।
एसपीए की खबर के अनुसार, यह निरीक्षण 5 नवंबर 2026 को मक्का क्षेत्र में हुआ। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इस दौरे के दौरान किसी लाभार्थी से सीधी बातचीत हुई या नहीं, या किसी विशेष शिकायत या समस्या पर ध्यान दिया गया या नहीं। रिपोर्ट में केवल यह बताया गया है कि निरीक्षण का उद्देश्य सेवाओं की निगरानी करना था।
एसपीए की रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि स्टेटस-करेक्शन पहल के तहत यमनी नागरिकों को दी जाने वाली सेवाओं में क्या-क्या शामिल है। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि उन्हें सेवाएं प्रदान की जा रही हैं और उनकी स्थिति नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि इस पहल का लाभ उठाने के लिए यमनी नागरिकों को कहां संपर्क करना है।
एसपीए की खबर के अनुसार, मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने पासपोर्ट कर्मचारियों से प्रक्रियाओं को सुगम बनाने और डिजिटल सेवाओं का उपयोग बढ़ाने को कहा। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इन निर्देशों के पालन के लिए कोई विशेष योजना या कार्यक्रम बनाया गया है या नहीं। रिपोर्ट में केवल निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का उल्लेख किया गया है।
एसपीए की रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि स्टेटस-करेक्शन सेंटरों में काम करने वाले कर्मचारियों को किस प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाता है या उनकी संख्या कितनी है। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने कर्मचारियों से अपने प्रयास तेज करने को कहा।
एसपीए की खबर के अनुसार, यह निरीक्षण मक्का क्षेत्र के अल-शुमैसी स्थित जनरल सर्विसेज सेंटर में किया गया। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इस केंद्र में प्रतिदिन कितने लाभार्थी आते हैं या यहां कितने मामलों का निपटारा किया जाता है। रिपोर्ट में केवल यह बताया गया है कि यहां यमनी नागरिकों को सेवाएं दी जा रही हैं।
एसपीए की रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि स्टेटस-करेक्शन पहल के तहत यमनी नागरिकों की स्थिति नियमित करने की प्रक्रिया में कितना समय लगता है या इसके लिए कोई शुल्क देना पड़ता है या नहीं। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि वे स्थापित नियमों के अनुसार अपनी स्थिति नियमित कर सकते हैं।
एसपीए की खबर के अनुसार, मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि देश भर के स्टेटस-करेक्शन सेंटर पहल के लाभार्थियों की सेवा के लिए पूरी तरह सुसज्जित हों। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इसके लिए कोई समय-सीमा तय की गई है या किसी विशेष केंद्र को प्राथमिकता दी जाएगी। रिपोर्ट में केवल निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का उल्लेख किया गया है।
एसपीए की रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि स्टेटस-करेक्शन पहल के तहत यमनी नागरिकों को दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता या उनकी संतुष्टि के स्तर का कोई आकलन किया गया है या नहीं। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि निरीक्षण का उद्देश्य इन सेवाओं की निगरानी करना था।
एसपीए की खबर के अनुसार, यह निरीक्षण 5 नवंबर 2026 को हुआ और इसका संबंध यमनी नागरिकों की स्थिति नियमित करने की पहल से था। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इस पहल के तहत अब तक कुल कितने लोगों ने आवेदन किया है या कितने लोगों की स्थिति नियमित की गई है। रिपोर्ट में केवल यह बताया गया है कि यमनी नागरिक इस पहल का लाभ उठा रहे हैं।
एसपीए की रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि स्टेटस-करेक्शन सेंटरों में सेवाएं प्रदान करने के लिए किस प्रकार की तकनीकी व्यवस्था की गई है या डिजिटल सेवाओं का उपयोग किस स्तर तक हो रहा है। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने डिजिटल सेवाओं का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
एसपीए की खबर के अनुसार, मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने पासपोर्ट कर्मचारियों से प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए अपने प्रयास तेज करने को कहा। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इसके लिए किस प्रकार के बदलाव किए जाएंगे या किन प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा। रिपोर्ट में केवल निर्देशों का उल्लेख किया गया है।
एसपीए की रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि स्टेटस-करेक्शन पहल के तहत यमनी नागरिकों की स्थिति नियमित करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा या चुनौती सामने आई है या नहीं। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि निरीक्षण का उद्देश्य सेवाओं की निगरानी करना था।
एसपीए की खबर के अनुसार, यह निरीक्षण मक्का क्षेत्र में किया गया और इसका संबंध यमनी नागरिकों की स्थिति नियमित करने की पहल से था। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इस पहल के तहत यमनी नागरिकों को किस प्रकार के दस्तावेज या पहचान पत्र जारी किए जाते हैं। रिपोर्ट में केवल यह बताया गया है कि वे स्थापित नियमों के अनुसार अपनी स्थिति नियमित कर सकते हैं।
मक्का में किस स्थान का निरीक्षण किया गया? मक्का क्षेत्र के अल-शुमैसी स्थित जनरल सर्विसेज सेंटर में बने स्टेटस-करेक्शन सेंटर का निरीक्षण किया गया। एसपीए के अनुसार, यह निरीक्षण पासपोर्ट महानिदेशालय के कार्यवाहक महानिदेशक मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने किया। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इस केंद्र में प्रतिदिन कितने लाभार्थी आते हैं या यहां कितने मामलों का निपटारा होता है।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या था? एसपीए के अनुसार, निरीक्षण का उद्देश्य उन यमनी नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की निगरानी करना था, जो सऊदी अरब में अनियमित दर्जे के साथ रह रहे हैं और स्टेटस-करेक्शन पहल का लाभ उठा रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने पासपोर्ट कर्मचारियों से प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए प्रयास तेज करने को कहा।
कर्मचारियों को क्या निर्देश दिए गए? एसपीए की रिपोर्ट के मुताबिक, मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने पासपोर्ट कर्मचारियों से प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए अपने प्रयास तेज करने को कहा, ताकि यमनी नागरिक निर्धारित नियमों के अनुरूप अपनी स्थिति नियमित कर सकें। उन्होंने डिजिटल सेवाओं का उपयोग बढ़ाने और देश भर के स्टेटस-करेक्शन सेंटरों को पूरी तरह सुसज्जित करने पर भी जोर दिया।
डिजिटल सेवाओं पर क्यों जोर दिया गया? एसपीए के अनुसार, मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने डिजिटल सेवाओं का उपयोग बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि डिजिटल सेवाओं का उपयोग किस स्तर तक हो रहा है या इसके लिए किस प्रकार की तकनीकी व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाया जाना चाहिए।
स्टेटस-करेक्शन पहल किसके लिए है? एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, स्टेटस-करेक्शन पहल उन यमनी नागरिकों के लिए है जो वर्तमान में सऊदी अरब में अनियमित दर्जे के साथ रह रहे हैं। ये नागरिक इस पहल का लाभ उठा रहे हैं और स्थापित नियमों के अनुसार अपनी स्थिति नियमित कर सकते हैं। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इस पहल के तहत अब तक कुल कितने लोगों ने आवेदन किया है या कितने लोगों की स्थिति नियमित की गई है।
रिपोर्ट में क्या जानकारी नहीं दी गई है? एसपीए की रिपोर्ट में स्टेटस-करेक्शन पहल की शुरुआत की तारीख, उसकी अवधि, केंद्रों की कुल संख्या, लाभार्थियों की संख्या, नियमित किए गए मामलों की संख्या, आवश्यक दस्तावेजों की सूची, आवेदन प्रक्रिया, शुल्क, या निरीक्षण के दौरान सामने आए किसी विशिष्ट मुद्दे का उल्लेख नहीं है। रिपोर्ट में केवल निरीक्षण और दिए गए निर्देशों की जानकारी दी गई है।





