अधिकृत यरुशलम, 3 अक्टूबर 2026 — फ़लस्तीनी विदेश मंत्रालय ने ग़ज़ा पट्टी में फ़लस्तीनी नागरिकों की हत्या पर इज़राइली क़ब्ज़े की निंदा की है। आज तड़के एक आवासीय अपार्टमेंट पर इज़राइली हवाई हमले में पाँच फ़लस्तीनियों की मौत हो गई, जिनमें चार महिलाएँ शामिल थीं, और कई अन्य घायल हुए।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, मंत्रालय ने इस हमले को फ़लस्तीनी लोगों के विरुद्ध जारी नरसंहार और युद्ध अपराधों का हिस्सा बताया। मंत्रालय के अनुसार यह आक्रमण उस व्यापक पैटर्न का हिस्सा है जिसे वह फ़लस्तीनी आबादी के ख़िलाफ़ अपराध बताता है।
हमले का विवरण
एसपीए के मुताबिक हमला आज तड़के एक आवासीय अपार्टमेंट पर हुआ। इसमें पाँच फ़लस्तीनियों की जान गई, जिनमें चार महिलाएँ थीं, और अन्य लोग घायल हुए। मंत्रालय ने मृतकों और घायलों की कुल संख्या के अलावा कोई अतिरिक्त आँकड़ा नहीं दिया।
क्या एक ही इमारत पर हुए इस हमले में चार महिलाओं की मौत यह नहीं दिखाती कि नागरिक ठिकाने किस हद तक निशाने पर हैं? मंत्रालय ने इस घटना को अलग-थलग नहीं, बल्कि जारी कार्रवाई का हिस्सा कहा।
मंत्रालय के आरोप
फ़लस्तीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह आक्रमण, इज़राइल का युद्धविराम पर सहमति से लगातार इनकार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना का पालन न करना, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 का पालन न करना, और भुखमरी तथा कष्ट के बावजूद मानवीय सहायता को क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति न देना — ये सब मिलकर इज़राइल के नरसंहार करने और फ़लस्तीनी लोगों को ज़बरदस्ती विस्थापित करने के इरादे की पुष्टि करते हैं।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि इज़राइल ने युद्धविराम पर सहमति देने से इनकार जारी रखा है। उसके अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना का पालन नहीं हुआ और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 का भी पालन नहीं हुआ।
क्या अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों और योजनाओं का पालन न होना इस बात का संकेत नहीं कि मौजूदा तंत्र नाकाफ़ी हैं? मंत्रालय ने भुखमरी और कष्ट का ज़िक्र करते हुए कहा कि मानवीय सहायता को क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जवाबदेही के तंत्र सक्रिय करने, हर तरह की दंडमुक्ति समाप्त करने और फ़लस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उसने आक्रमण की व्यापक और टिकाऊ समाप्ति, ग़ज़ा पट्टी से इज़राइल की पूर्ण वापसी, मानवीय सहायता की बिना रोक-टोक आपूर्ति, और पुनर्प्राप्ति तथा पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ बनाने की मांग की।
मंत्रालय का मानना है कि इन उपायों से फ़लस्तीन पर अवैध इज़राइली क़ब्ज़े का अंत होना चाहिए, फ़लस्तीन की स्वतंत्रता और संप्रभुता साकार होनी चाहिए, और फ़लस्तीनी लोगों को आत्मनिर्णय का अधिकार मिलना चाहिए।
क्या जवाबदेही के तंत्र के बिना नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी संभव है? मंत्रालय ने दंडमुक्ति को समाप्त करने पर ज़ोर दिया।
मानवीय पहलू
मंत्रालय ने कहा कि भुखमरी और कष्ट व्याप्त है, फिर भी सहायता को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। उसने सहायता की बिना रोक-टोक आपूर्ति की मांग की। मंत्रालय ने पुनर्प्राप्ति और पुनर्निर्माण के लिए परिस्थितियाँ बनाने की बात कही।
क्या भुखमरी के बीच सहायता रोकना मानवीय कानून का उल्लंघन नहीं? मंत्रालय ने इसे नरसंहार के इरादे की पुष्टि बताया।
राजनीतिक मांगें
मंत्रालय ने पूर्ण इज़राइली वापसी, सहायता की अप्रतिबंधित आपूर्ति और पुनर्निर्माण की शर्तों की मांग दोहराई। उसने कहा कि इनसे फ़लस्तीन पर अवैध क़ब्ज़े का अंत, स्वतंत्रता और संप्रभुता तथा आत्मनिर्णय का अधिकार साकार होना चाहिए।
क्या स्थायी युद्धविराम के बिना पुनर्निर्माण संभव है? मंत्रालय ने व्यापक और टिकाऊ समाप्ति की मांग की।
स्रोत में क्या नहीं है
एसपीए की विज्ञप्ति में हमले का स्थान, समय या अपार्टमेंट की पहचान नहीं दी गई। घायलों की संख्या नहीं बताई गई। मृतकों के नाम नहीं दिए गए। मंत्रालय ने किसी अंतरराष्ट्रीय निकाय की प्रतिक्रिया का ज़िक्र नहीं किया। विज्ञप्ति में प्रस्ताव 2803 या ट्रंप योजना का विवरण नहीं है।
हमले में कितने लोग मारे गए? एसपीए के मुताबिक आज तड़के एक आवासीय अपार्टमेंट पर इज़राइली हवाई हमले में पाँच फ़लस्तीनियों की मौत हुई, जिनमें चार महिलाएँ थीं। कई अन्य घायल हुए। मंत्रालय ने घायलों की संख्या नहीं बताई और मृतकों के नाम भी जारी नहीं किए। हमले का स्थान या समय भी विज्ञप्ति में नहीं दिया गया।
मंत्रालय ने किन अंतरराष्ट्रीय संदर्भों का ज़िक्र किया? मंत्रालय ने कहा कि इज़राइल युद्धविराम पर सहमति देने से इनकार कर रहा है, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना का पालन नहीं कर रहा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 का भी पालन नहीं कर रहा। साथ ही भुखमरी के बावजूद मानवीय सहायता को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही। मंत्रालय ने इन सबको नरसंहार के इरादे की पुष्टि बताया।
मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या मांगा? मंत्रालय ने जवाबदेही के तंत्र सक्रिय करने, हर तरह की दंडमुक्ति समाप्त करने और फ़लस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उसने आक्रमण की व्यापक और टिकाऊ समाप्ति, ग़ज़ा पट्टी से इज़राइल की पूर्ण वापसी, मानवीय सहायता की बिना रोक-टोक आपूर्ति तथा पुनर्प्राप्ति और पुनर्निर्माण की परिस्थितियाँ बनाने की मांग की।
मंत्रालय का अंतिम लक्ष्य क्या बताया गया? मंत्रालय का मानना है कि इन उपायों से फ़लस्तीन पर अवैध इज़राइली क़ब्ज़े का अंत होना चाहिए। इसके साथ फ़लस्तीन की स्वतंत्रता और संप्रभुता साकार होनी चाहिए। मंत्रालय ने फ़लस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का भी ज़िक्र किया। ये मांगें विज्ञप्ति के अंतिम हिस्से में दर्ज हैं।
विज्ञप्ति में क्या जानकारी नहीं दी गई? एसपीए की विज्ञप्ति में हमले का स्थान, समय या अपार्टमेंट की पहचान नहीं दी गई। घायलों की संख्या नहीं बताई गई और मृतकों के नाम भी नहीं दिए गए। मंत्रालय ने किसी अंतरराष्ट्रीय निकाय की प्रतिक्रिया का ज़िक्र नहीं किया। प्रस्ताव 2803 या ट्रंप योजना का विवरण भी विज्ञप्ति में नहीं है।





