Sunday, October 18, 2026
सऊदी समाचार

उमरा कार्यक्रम के चौथे समूह ने मक्का से प्रस्थान किया, 21 देशों के 250 ज़ायरीन शामिल

उमरा कार्यक्रम के चौथे समूह ने मक्का से प्रस्थान किया, 21 देशों के 250 ज़ायरीन शामिल

मक्का से आज उमरा और विज़िट कार्यक्रम के चौथे समूह के मेहमानों का प्रस्थान शुरू हुआ। इन मेहमानों ने उमरा की रस्में अदा कीं और मस्जिद-ए-नबवी की ज़ियारत की। यह कार्यक्रम खादिम-ए-हरमैन शरीफ़ैन के उमरा और विज़िट कार्यक्रम 1448 हिजरी के तहत चल रहा है। कार्यक्रम का अमल मंत्रालय इस्लामी मामलात, दावा और इरशाद कर रहा है। इस समूह में 21 देशों के 250 उमरा अदा करने वाले शामिल थे। मंत्रालय ने उनके पूरे ठहराव के दौरान सेवाओं और सुविधाओं की एक व्यापक श्रृंखला मुहैया कराई।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, मक्का से यह प्रस्थान 17 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया। एसपीए के मुताबिक मेहमानों ने उमरा की रस्में पूरी कीं और मदीना में मस्जिद-ए-नबवी की ज़ियारत की। इसके बाद वे मक्का से रवाना हो रहे हैं।

मदीना में मेहमानों ने इस्लामी और तारीखी निशानों की ज़ियारत की। इनमें मस्जिद-ए-नबवी, रौज़ा-ए-शरीफ़ा, मस्जिद-ए-क़ुबा, जबल-ए-उहुद और किंग फहद ग्लोरियस क़ुरआन प्रिंटिंग कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। क्या यह सूची यह बताती है कि ज़ायरीन का दौरा सिर्फ़ इबादत तक सीमित नहीं रहता?

मक्का में उन्होंने उमरा की रस्में अदा कीं। इसके अलावा उन्होंने किंग अब्दुलअज़ीज़ कॉम्प्लेक्स फ़ॉर द होली काबा किस्वा और रिवेलेशन एग्ज़िबिशन की ज़ियारत की। उन्होंने तालीमी और सक़ाफ़ती सरगर्मियों में भी हिस्सा लिया। क्या इस तरह की ज़ियारतें ज़ायरीन के तजुर्बे को सिर्फ़ रस्मों से आगे ले जाती हैं?

रवानगी से पहले मेहमानों ने मेज़बानी और व्यापक सेवाओं पर शुक्रिया अदा किया। उन्होंने खादिम-ए-हरमैन शरीफ़ैन और वली अहद के मुसलमानों और ज़ायरीन की देखभाल पर शुक्रिया कहा। उन्होंने मंत्रालय की उन कोशिशों की तारीफ़ की जिनसे उनका रूहानी सफ़र आसान हुआ।

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि मेहमानों ने किन-किन देशों से ताल्लुक रखा। यह भी नहीं बताया गया कि वे किस ज़रिये से आए और किस ज़रिये से रवाना हुए। रिपोर्ट में ठहराव की मुद्दत, रोज़ाना के कार्यक्रम या तालीमी सरगर्मियों की तफ़सील भी नहीं दी गई। क्या इस तरह की तफ़सील के बिना कार्यक्रम के पैमाने का अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं हो जाता?

मंत्रालय ने मेहमानों के ठहराव के दौरान सेवाओं और सुविधाओं की व्यापक श्रृंखला मुहैया कराई। रिपोर्ट के मुताबिक यही सेवाएँ पूरे ठहराव के दौरान जारी रहीं। मेहमानों ने इन्हीं सेवाओं और मेज़बानी पर शुक्रिया अदा किया। क्या मेज़बानी की गुणवत्ता ही ऐसे कार्यक्रमों की सबसे बड़ी पहचान होती है?

कार्यक्रम का नाम खादिम-ए-हरमैन शरीफ़ैन के उमरा और विज़िट कार्यक्रम 1448 हिजरी है। इसे मंत्रालय इस्लामी मामलात, दावा और इरशाद अमल में ला रहा है। चौथा समूह इसी सिलसिले की एक कड़ी है। 21 देशों के 250 उमरा अदा करने वालों का यह समूह अब मक्का से रवाना हो रहा है। क्या इतने देशों के मेहमानों को एक साथ मेज़बानी देना अपने आप में एक बड़ा इंतज़ाम है?

मदीना की ज़ियारतों में मस्जिद-ए-नबवी और रौज़ा-ए-शरीफ़ा के साथ मस्जिद-ए-क़ुबा और जबल-ए-उहुद भी शामिल थे। इन जगहों का ज़िक्र रिपोर्ट में साफ़ तौर पर है। किंग फहद ग्लोरियस क़ुरआन प्रिंटिंग कॉम्प्लेक्स की ज़ियारत भी इसी सूची में है। क्या क़ुरआन छपाई के एक बड़े मरकज़ को देखना ज़ायरीन के लिए इल्म का एक अलग तजुर्बा नहीं होता?

मक्का में किंग अब्दुलअज़ीज़ कॉम्प्लेक्स फ़ॉर द होली काबा किस्वा की ज़ियारत भी हुई। इसके साथ रिवेलेशन एग्ज़िबिशन भी शामिल था। रिपोर्ट के मुताबिक यहाँ तालीमी और सक़ाफ़ती सरगर्मियाँ भी हुईं। क्या किस्वा बनने की जगह को देखना ज़ायरीन के लिए काबा से जुड़ाव का एक और रास्ता नहीं बन जाता?

मेहमानों ने रवानगी से पहले अपने शुक्रिये का इज़हार किया। उन्होंने खादिम-ए-हरमैन शरीफ़ैन और वली अहद की मुसलमानों और ज़ायरीन के लिए देखभाल की सराहना की। साथ ही उन्होंने मंत्रालय की उन कोशिशों की तारीफ़ की जिनसे उनका रूहानी सफ़र आसान हुआ। क्या ज़ायरीन की यह प्रतिक्रिया आगे के समूहों के लिए एक संदेश नहीं है?

रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि चौथे समूह के मेहमानों का चयन कैसे हुआ। यह भी नहीं बताया गया कि 21 देशों में कौन-कौन शामिल थे। ठहराव के दौरान कितने दिन मदीना में और कितने दिन मक्का में गुज़रे, इसका ज़िक्र भी नहीं है। क्या इन तफ़सीलात के बग़ैर कार्यक्रम की तस्वीर मुकम्मल हो पाती है?

एसपीए के मुताबिक यह ख़बर मक्का से 17 अक्टूबर 2026 को आई। स्थानीय समय 13:20 और जीएमटी 10:20 दर्ज है। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि अगला समूह कब आएगा या कार्यक्रम कब तक चलेगा। क्या ऐसे कार्यक्रमों की ख़बरों में आगे का शेड्यूल होना ज़रूरी नहीं?

चौथे समूह में कितने ज़ायरीन और कितने देश शामिल थे? एसपीए के मुताबिक चौथे समूह में 21 देशों के 250 उमरा अदा करने वाले शामिल थे। यह समूह खादिम-ए-हरमैन शरीफ़ैन के उमरा और विज़िट कार्यक्रम 1448 हिजरी के तहत आया। कार्यक्रम का अमल मंत्रालय इस्लामी मामलात, दावा और इरशाद कर रहा है। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि इन 21 देशों में कौन-कौन शामिल थे।

मेहमानों ने मदीना में किन जगहों की ज़ियारत की? मदीना में मेहमानों ने मस्जिद-ए-नबवी और रौज़ा-ए-शरीफ़ा की ज़ियारत की। इसके अलावा मस्जिद-ए-क़ुबा, जबल-ए-उहुद और किंग फहद ग्लोरियस क़ुरआन प्रिंटिंग कॉम्प्लेक्स भी उनकी ज़ियारत की सूची में शामिल थे। एसपीए के मुताबिक ये सभी इस्लामी और तारीखी निशान हैं। रिपोर्ट में हर जगह पर गुज़ारे गए वक़्त की तफ़सील नहीं दी गई।

मक्का में मेहमानों ने क्या-क्या किया? मक्का में मेहमानों ने उमरा की रस्में अदा कीं। इसके बाद उन्होंने किंग अब्दुलअज़ीज़ कॉम्प्लेक्स फ़ॉर द होली काबा किस्वा और रिवेलेशन एग्ज़िबिशन की ज़ियारत की। एसपीए के मुताबिक उन्होंने तालीमी और सक़ाफ़ती सरगर्मियों में भी हिस्सा लिया। रिपोर्ट में इन सरगर्मियों की तफ़सील या उनके मौज़ूअात का ज़िक्र नहीं है।

मेहमानों ने रवानगी से पहले क्या कहा? रवानगी से पहले मेहमानों ने मेज़बानी और व्यापक सेवाओं पर शुक्रिया अदा किया। उन्होंने खादिम-ए-हरमैन शरीफ़ैन और वली अहद की मुसलमानों और ज़ायरीन की देखभाल पर शुक्रिया कहा। एसपीए के मुताबिक उन्होंने मंत्रालय की उन कोशिशों की तारीफ़ की जिनसे उनका रूहानी सफ़र आसान हुआ। रिपोर्ट में किसी मेहमान का नाम या अलग बयान दर्ज नहीं है।

मंत्रालय ने कौन-सी सेवाएँ मुहैया कराईं? एसपीए के मुताबिक मंत्रालय ने मेहमानों के पूरे ठहराव के दौरान सेवाओं और सुविधाओं की एक व्यापक श्रृंखला मुहैया कराई। कार्यक्रम का अमल मंत्रालय इस्लामी मामलात, दावा और इरशाद कर रहा है। मेहमानों ने इन्हीं सेवाओं और मेज़बानी पर शुक्रिया अदा किया। रिपोर्ट में सेवाओं की क़िस्में या उनके पैमाने की तफ़सील नहीं दी गई।

रिपोर्ट में क्या नहीं बताया गया? रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि 21 देशों में कौन-कौन शामिल थे। ठहराव की मुद्दत, रोज़ाना के कार्यक्रम और तालीमी सरगर्मियों की तफ़सील भी नहीं दी गई। एसपीए के मुताबिक यह ख़बर मक्का से 17 अक्टूबर 2026 को आई, स्थानीय समय 13:20 और जीएमटी 10:20 पर। अगले समूह का शेड्यूल या कार्यक्रम की मुद्दत भी रिपोर्ट में नहीं है।