Sunday, October 25, 2026
सऊदी समाचार

लेबनान ने किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले की कड़ी निंदा की

लेबनान ने किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले की कड़ी निंदा की

लेबनान के विदेश मंत्रालय और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए उस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है, जिसमें 12 नागरिक मारे गए और 300 से अधिक अन्य घायल हुए। यह हमला शनिवार को हुआ था।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, मंत्रालय ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि महत्वपूर्ण सुविधाओं और नागरिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के नियमों का घोर उल्लंघन है। बयान बेरूत से जारी किया गया।

मंत्रालय ने सऊदी अरब की संप्रभुता, सुरक्षा और संरक्षा पर किसी भी तरह के हस्तक्षेप को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करने की अपनी स्थिति दोहराई। क्या किसी देश के लिए अपने हवाई अड्डों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी सबसे बुनियादी जिम्मेदारी नहीं है?

लेबनानी मंत्रालय ने सऊदी अरब और उसके लोगों के साथ पूरी एकजुटता जताई। उसने कहा कि वह सऊदी अरब की सुरक्षा तथा उसके नागरिकों और उसकी धरती पर रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी भी आक्रामकता के सामने उसके साथ खड़ा रहेगा।

यह बयान ऐसे समय आया है जब रियाद के प्रमुख हवाई अड्डे पर हुए इस हमले ने पूरे क्षेत्र का ध्यान खींचा है। हवाई अड्डा न केवल सऊदी अरब बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए एक प्रमुख हवाई यातायात केंद्र है। क्या ऐसी जगह पर हमला क्षेत्रीय विमानन व्यवस्था पर सवाल नहीं खड़े करता?

एसपीए के अनुसार, हमले में मारे गए लोगों की संख्या 12 बताई गई है, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय ने अपने बयान में इन आंकड़ों का जिक्र करते हुए इसे नागरिकों और महत्वपूर्ण ढांचे को निशाना बनाने वाली घटना करार दिया।

लेबनानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के सिद्धांतों का पालन करता है और नागरिकों को निशाना बनाने की किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं करता। क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए ऐसे हमलों की जवाबदेही तय करना आसान है?

बयान में सऊदी अरब की संप्रभुता, सुरक्षा और संरक्षा का उल्लेख करते हुए कहा गया कि मंत्रालय किसी भी ऐसे कदम को स्पष्ट रूप से खारिज करता है जो सऊदी अरब की संप्रभुता, सुरक्षा और संरक्षा को प्रभावित करे।

मंत्रालय ने सऊदी अरब और उसके लोगों के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त की और कहा कि वह सऊदी अरब की सुरक्षा तथा उसके नागरिकों और उसकी धरती पर रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी भी आक्रामकता के सामने उसके साथ खड़ा रहेगा। क्या क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ऐसी एकजुटता का संदेश महत्वपूर्ण नहीं है?

यह बयान लेबनान की राजधानी बेरूत से जारी किया गया। एसपीए के अनुसार, बयान रविवार को जारी हुआ, जबकि हमला शनिवार को हुआ था। स्थानीय समयानुसार यह जानकारी 15:01 बजे और जीएमटी के अनुसार 12:01 बजे दर्ज की गई।

हवाई अड्डे पर हमले की यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब खाड़ी क्षेत्र में विमानन और यात्री आवागमन लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रियाद का प्रमुख हवाई प्रवेश द्वार है और यहां से दुनिया के कई शहरों के लिए उड़ानें संचालित होती हैं। क्या ऐसे केंद्र पर हमला यात्रियों के भरोसे को प्रभावित नहीं करता?

लेबनानी मंत्रालय के बयान में कहा गया कि महत्वपूर्ण सुविधाओं और नागरिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के नियमों का घोर उल्लंघन है। यह भाषा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अक्सर इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली है, जो नागरिक ठिकानों पर हमलों की निंदा के लिए प्रयुक्त होती है।

मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि वह सऊदी अरब की संप्रभुता, सुरक्षा और संरक्षा पर किसी भी उल्लंघन को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करता है। क्या संप्रभुता के सिद्धांत का पालन अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की नींव नहीं है?

बयान में सऊदी अरब के लोगों के साथ एकजुटता और उसकी सुरक्षा तथा उसके नागरिकों और उसकी धरती पर रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी भी आक्रामकता के सामने उसके साथ खड़े रहने की बात कही गई। यह उस स्थिति को रेखांकित करता है जिसमें लेबनान सऊदी अरब के साथ खड़ा है।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, हमले में 12 नागरिकों की मौत हुई और 300 से अधिक लोग घायल हुए। ये आंकड़े बयान में स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। क्या घायलों की संख्या और मृतकों के आंकड़े घटना की गंभीरता को नहीं दर्शाते?

लेबनानी विदेश मंत्रालय और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने यह बयान रविवार को जारी किया, जो हमले के एक दिन बाद था। बयान में हमले की निंदा के साथ-साथ सऊदी अरब के साथ एकजुटता और समर्थन की बात कही गई।

बयान में कहा गया कि मंत्रालय सऊदी अरब और उसके लोगों के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त करता है और उसकी सुरक्षा तथा उसके नागरिकों और उसकी धरती पर रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी भी आक्रामकता के सामने उसके साथ खड़ा रहेगा। क्या यह संदेश क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में सहायक हो सकता है?

एसपीए ने बताया कि यह जानकारी स्थानीय समयानुसार 15:01 बजे और जीएमटी के अनुसार 12:01 बजे जारी की गई। रिपोर्ट में बयान की तारीख रविवार बताई गई है, जबकि हमला शनिवार को हुआ था।

हवाई अड्डे पर हुए हमले की निंदा करते हुए लेबनानी मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के सिद्धांतों का हवाला दिया। यह उस स्थिति को दर्शाता है जिसमें नागरिक ठिकानों पर हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना जाता है।

मंत्रालय ने सऊदी अरब की संप्रभुता, सुरक्षा और संरक्षा पर किसी भी उल्लंघन को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करने की अपनी स्थिति दोहराई। यह बयान उस चिंता को भी जाहिर करता है जो क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर बनी हुई है। क्या क्षेत्रीय देशों के बीच ऐसी एकजुटता आगे भी जारी रहेगी?

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, बयान में कहा गया कि मंत्रालय सऊदी अरब और उसके लोगों के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त करता है और किसी भी आक्रामकता के सामने उसके साथ खड़ा रहेगा। यह बयान बेरूत से जारी हुआ।

हमले में 12 नागरिकों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी एसपीए ने दी। लेबनानी मंत्रालय ने अपने बयान में इन आंकड़ों का उल्लेख करते हुए हमले की कड़ी निंदा की।

बयान में यह भी कहा गया कि महत्वपूर्ण सुविधाओं और नागरिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के नियमों का घोर उल्लंघन है। यह भाषा अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से ऐसे मामलों में इस्तेमाल की जाने वाली सामान्य शब्दावली है।

लेबनानी मंत्रालय ने सऊदी अरब की संप्रभुता, सुरक्षा और संरक्षा पर किसी भी उल्लंघन को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करने की बात दोहराई। साथ ही सऊदी अरब और उसके लोगों के साथ पूरी एकजुटता जताई और किसी भी आक्रामकता के सामने उसके साथ खड़े रहने की बात कही। क्या ऐसे बयान क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने में भूमिका निभाते हैं?

एसपीए के अनुसार, यह जानकारी 15:01 स्थानीय समय और 12:01 जीएमटी पर जारी की गई। रिपोर्ट में बयान की तारीख रविवार बताई गई है।

हवाई अड्डे पर हुए हमले की निंदा करते हुए लेबनानी मंत्रालय ने कहा कि वह सऊदी अरब की संप्रभुता, सुरक्षा और संरक्षा पर किसी भी उल्लंघन को स्वीकार नहीं करता। यह बयान उस स्थिति को दर्शाता है जिसमें क्षेत्रीय देश नागरिक ठिकानों पर हमलों को गंभीरता से लेते हैं।

बयान में सऊदी अरब और उसके लोगों के साथ पूरी एकजुटता और किसी भी आक्रामकता के सामने उसके साथ खड़े रहने की बात कही गई। यह लेबनान की ओर से सऊदी अरब के प्रति समर्थन का स्पष्ट संदेश है।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, हमले में 12 नागरिक मारे गए और 300 से अधिक घायल हुए। यह हमला शनिवार को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ। बयान रविवार को जारी हुआ।

लेबनानी विदेश मंत्रालय और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने अपने बयान में अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि नागरिकों और महत्वपूर्ण सुविधाओं को निशाना बनाना इन सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है।

मंत्रालय ने सऊदी अरब की संप्रभुता, सुरक्षा और संरक्षा पर किसी भी उल्लंघन को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करने की अपनी स्थिति दोहराई और सऊदी अरब तथा उसके लोगों के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त की। क्या अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का पालन सभी देशों के लिए समान रूप से आवश्यक नहीं है?

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि हमले के पीछे कौन था, न ही इसकी जिम्मेदारी किसी ने ली है। रिपोर्ट में हमले के कारणों या परिस्थितियों के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गई है। बयान में केवल निंदा, एकजुटता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का उल्लेख है।

लेबनानी विदेश मंत्रालय ने किस घटना की निंदा की है? मंत्रालय ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। एसपीए के अनुसार, इस हमले में 12 नागरिक मारे गए और 300 से अधिक अन्य घायल हुए। बयान रविवार को जारी किया गया और इसमें महत्वपूर्ण सुविधाओं तथा नागरिकों को निशाना बनाने को अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के सिद्धांतों का घोर उल्लंघन बताया गया।

बयान में सऊदी अरब की संप्रभुता को लेकर क्या कहा गया? मंत्रालय ने सऊदी अरब की संप्रभुता, सुरक्षा और संरक्षा पर किसी भी उल्लंघन को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करने की अपनी स्थिति दोहराई। बयान में कहा गया कि महत्वपूर्ण सुविधाओं और नागरिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के नियमों का घोर उल्लंघन है। मंत्रालय ने सऊदी अरब की संप्रभुता, सुरक्षा और संरक्षा पर किसी भी तरह के हस्तक्षेप को अस्वीकार करने की बात कही।

लेबनान ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता कैसे जताई? मंत्रालय ने सऊदी अरब और उसके लोगों के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त की। बयान में कहा गया कि लेबनान सऊदी अरब की सुरक्षा तथा उसके नागरिकों और उसकी धरती पर रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी भी आक्रामकता के सामने उसके साथ खड़ा रहेगा। यह बयान लेबनान की राजधानी बेरूत से रविवार को जारी किया गया।

हमले में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हुए? एसपीए के अनुसार, हमले में 12 नागरिक मारे गए और 300 से अधिक अन्य घायल हुए। यह हमला शनिवार को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ। लेबनानी विदेश मंत्रालय और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने रविवार को जारी अपने बयान में इन आंकड़ों का उल्लेख करते हुए हमले की कड़ी निंदा की।

बयान कब और कहां से जारी किया गया? बयान लेबनान की राजधानी बेरूत से रविवार को जारी किया गया, जबकि हमला शनिवार को हुआ था। एसपीए के अनुसार, यह जानकारी स्थानीय समयानुसार 15:01 बजे और जीएमटी के अनुसार 12:01 बजे दर्ज की गई। बयान में मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा के साथ-साथ सऊदी अरब के साथ एकजुटता और समर्थन की बात कही।

बयान में अंतरराष्ट्रीय कानून का क्या संदर्भ दिया गया? मंत्रालय ने कहा कि महत्वपूर्ण सुविधाओं और नागरिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के नियमों का घोर उल्लंघन है। बयान में सऊदी अरब की संप्रभुता, सुरक्षा और संरक्षा पर किसी भी उल्लंघन को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करने की बात दोहराई गई। एसपीए की रिपोर्ट में हमले के पीछे किसी का नाम या जिम्मेदारी नहीं बताई गई।