न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में वैश्विक भू-स्थानिक सूचना प्रबंधन के लिए संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों की समिति (UN-GGIM) की 16वीं बैठक में सऊदी अरब ने भाग लिया।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 8 अगस्त 2026 को बताया, सऊदी अरब का प्रतिनिधित्व जनरल अथॉरिटी फॉर सर्वे एंड जियोस्पेशियल इंफॉर्मेशन ने किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अथॉरिटी के अध्यक्ष डॉ. इंजीनियर मोहम्मद बिन याह्या अल सायल ने किया।
सऊदी अरब ने बैठक के दौरान UN-IGIF के कार्यान्वयन, राष्ट्रीय भू-स्थानिक डेटा के लिए नियामक ढांचे और मानकों के विकास पर अपने प्रयासों को प्रस्तुत किया। चर्चाओं में भू-स्थानिक और सांख्यिकीय सूचनाओं के एकीकरण, भूमि प्रबंधन, समुद्री सूचना, वैश्विक भूडेटिक संदर्भ ढांचे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्विन्स और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे विषय शामिल थे।
सऊदी अरब ने ARABREF पहल में अपने योगदान और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भूडेटिक बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया। साथ ही, रियाद में संयुक्त राष्ट्र जियोस्पेशियल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Ecosystem) की स्थापना के विकास पर चर्चा की गई, जो जर्मनी के बॉन और चीन के डिचिंग स्थित केंद्रों के साथ मिलकर काम करेगा।
विज्ञप्ति में आगामी सम्मेलन की पूरी तारीख और स्थान का विवरण नहीं है।
बैठक में सऊदी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया? सऊदी अरब के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जनरल अथॉरिटी फॉर सर्वे एंड जियोस्पेशियल इंफॉर्मेशन के अध्यक्ष डॉ. इंजीनियर मोहम्मद बिन याह्या अल सायल ने किया। उन्होंने सतत विकास और निर्णय लेने में AI और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया।
सऊदी अरब ने किन तकनीकी विषयों पर चर्चा की? सऊदी अरब ने भू-स्थानिक और सांख्यिकीय सूचनाओं के एकीकरण, भूमि प्रबंधन, समुद्री और हाइड्रोग्राफिक सूचनाओं तथा वैश्विक भूडेटिक संदर्भ ढांचे पर चर्चा की। इसमें डिजिटल ट्विन्स और क्लाउड कंप्यूटिंग के उपयोग को भी शामिल किया गया।
रियाद में किस केंद्र की स्थापना पर चर्चा हुई? रियाद में संयुक्त राष्ट्र जियोस्पेशियल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Ecosystem) की स्थापना के विकास पर चर्चा हुई। यह केंद्र जर्मनी के बॉन और चीन के डिचिंग स्थित केंद्रों के साथ मिलकर नवाचार और तकनीकी सहायता का मंच बनेगा।
भू-स्थानिक डेटा के संबंध में सऊदी अरब के क्या प्रयास रहे? सऊदी अरब ने UN-IGIF ढांचे के कार्यान्वयन और राष्ट्रीय भू-स्थानिक डेटा के लिए नियामक ढांचे और मानकों को विकसित किया है। इसका उद्देश्य डेटा की गुणवत्ता, एकीकरण और कुशल विनिमय को बढ़ाना है।