बार्सिलोना में 3 से 6 मार्च तक आयोजित Mobile World Congress (MWC) 2025 में Communications, Space and Technology Commission (CST) के प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रेगुलेशन एंड कॉम्पिटिशन सेक्टर के डिप्टी गवर्नर इंजी. Omar AlRejraje ने किया।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, इस कार्यक्रम का आयोजन Global System for Mobile Communications Association (GSMA) द्वारा स्पेन में किया गया। CST का उद्देश्य सऊदी अरब की डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति देने में अपनी भूमिका को मजबूत करना, विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करना और अत्याधुनिक तकनीकों की खोज करना था।
कॉन्फ्रेंस के मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, स्ट्रैटेजी एंड सस्टेनेबिलिटी जनरल मैनेजर इंजी. Abdulaziz Altamrah ने “Advancing Digital Inclusion Towards a Connected Future” नामक राउंडटेबल चर्चा में भाग लिया।
CST ने सऊदी उत्पादों की वैश्विक उपस्थिति बढ़ाने के लिए सऊदी एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी के साथ सहयोग किया, ताकि सऊदी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय मंडपों में भाग लेने की सुविधा मिल सके। इस पहल का लक्ष्य वैश्विक बाजार विस्तार के अवसर बनाना और किंगडम की प्रतिस्पर्धात्मकता को प्रदर्शित करना था। विज्ञप्ति में द्विपक्षीय बैठकों के विशिष्ट विवरण नहीं दिए गए हैं।
MWC 2025 का आयोजन कब और कहाँ हुआ? MWC 2025 का आयोजन 3 से 6 मार्च तक स्पेन के बार्सिलोना में हुआ। इसका आयोजन Global System for Mobile Communications Association (GSMA) द्वारा किया गया था।
CST प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया? CST प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रेगुलेशन एंड कॉम्पिटिशन सेक्टर के डिप्टी गवर्नर इंजी. Omar AlRejraje ने किया। इस भागीदारी का उद्देश्य डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति देना और विशेषज्ञता साझा करना था।
इंजी. Abdulaziz Altamrah ने किस चर्चा में भाग लिया? इंजी. Abdulaziz Altamrah ने कॉन्फ्रेंस के मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम के तहत एक राउंडटेबल चर्चा में हिस्सा लिया। इस चर्चा का शीर्षक “Advancing Digital Inclusion Towards a Connected Future” था।
सऊदी कंपनियों की वैश्विक उपस्थिति के लिए क्या कदम उठाए गए? CST ने सऊदी एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी के साथ सहयोग किया ताकि सऊदी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मंडपों में भाग ले सकें। इसका उद्देश्य वैश्विक बाजार में विस्तार और किंगडम की प्रतिस्पर्धात्मकता को दिखाना था।