Sunday, October 25, 2026
सऊदी समाचार

NWC ने बलजुरशी में 21.4 करोड़ रियाल से अधिक की सीवर परियोजनाएं पूरी कीं

NWC ने बलजुरशी में 21.4 करोड़ रियाल से अधिक की सीवर परियोजनाएं पूरी कीं

अल-बहा क्षेत्र के बलजुरशी गवर्नरेट में राष्ट्रीय जल कंपनी (NWC) ने सीवर प्रणाली की कई परियोजनाएं पूरी कर ली हैं, जिनकी कुल लागत 21.4 करोड़ रियाल से अधिक है। यह जानकारी सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 11 अक्टूबर 2026 को दी।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, कंपनी के अनुसार इन परियोजनाओं में बायो-मेम्ब्रेन तकनीक पर आधारित एक तृतीयक अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र का निर्माण शामिल है, जिसकी कुल क्षमता प्रतिदिन 6,250 घन मीटर है। इसके अलावा लगभग 46 किलोमीटर लंबे सीवेज नेटवर्क, 17 किलोमीटर से अधिक लंबी मुख्य लाइनें और दो पंपिंग स्टेशन भी बनाए गए हैं।

क्या यह साफ है कि बलजुरशी जैसे गवर्नरेट में 46 किलोमीटर का सीवेज नेटवर्क कितने घरों तक पहुंच बनाएगा? कंपनी ने बताया कि परियोजनाओं का दायरा बलजुरशी गवर्नरेट के कई जिलों और गांवों तक फैला है, जिनमें अल-सलाम, अल-खलीज, अल-मरवा और अल-राइद जिले शामिल हैं। इसके साथ ही अल-तलकिया, अल-अताशीन, अल-असलाह, अल-मुहम्मदिया, अल-जलहिया, अल-शतैबा और अल-हस्न गांवों के कुछ हिस्से भी इस दायरे में आते हैं।

एसपीए के अनुसार, ये परियोजनाएं स्वच्छता सेवा कवरेज का विस्तार करने, प्रणाली की दक्षता और विश्वसनीयता में सुधार करने तथा गवर्नरेट में पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने में योगदान देती हैं। कंपनी ने कहा कि ये परियोजनाएं उसके निरंतर प्रयासों का हिस्सा हैं, जो बुनियादी ढांचे के विकास, प्रणाली की दक्षता बढ़ाने और लाभार्थियों के लिए सेवा की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से चल रहे हैं। यह सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों और जीवन की गुणवत्ता सुधारने वाले कार्यक्रमों का समर्थन करता है।

बलजुरशी गवर्नरेट अल-बहा क्षेत्र में स्थित है, और यहां सीवर सेवा का विस्तार उन क्षेत्रों में किया गया है जहां पहले यह सुविधा सीमित थी। क्या 6,250 घन मीटर प्रतिदिन की उपचार क्षमता वाला संयंत्र आने वाले वर्षों में बढ़ती मांग को पूरा कर पाएगा? कंपनी ने यह भी बताया कि उपचार संयंत्र तृतीयक स्तर का है और बायो-मेम्ब्रेन तकनीक का उपयोग करता है, जो आमतौर पर उच्च गुणवत्ता वाले उपचारित जल के लिए जानी जाती है।

एसपीए की रिपोर्ट के मुताबिक, परियोजनाओं में दो पंपिंग स्टेशन भी शामिल हैं, जो सीवेज को नेटवर्क से उपचार संयंत्र तक पहुंचाने में मदद करते हैं। 17 किलोमीटर से अधिक लंबी मुख्य लाइनें इस बात का संकेत देती हैं कि नेटवर्क को कई जिलों और गांवों के बीच जोड़ा गया है। क्या इन मुख्य लाइनों का विस्तार भविष्य में आसपास के अन्य गांवों तक भी किया जाएगा?

राष्ट्रीय जल कंपनी ने अपने ग्राहकों से आग्रह किया है कि जो जिले और गांव इस सेवा के दायरे में आते हैं, वे कंपनी की सेवाओं का उपयोग करें और घरेलू सीवर कनेक्शन के लिए अनुरोध करें। कंपनी के अनुसार, यह अनुरोध उसके डिजिटल चैनलों के माध्यम से किया जा सकता है, जिनमें एनडब्ल्यूसी स्मार्टफोन ऐप या कंपनी की वेबसाइट शामिल हैं। क्या डिजिटल माध्यम से कनेक्शन का अनुरोध करना ग्राहकों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाएगा?

कंपनी ने यह स्पष्ट किया कि परियोजनाओं का उद्देश्य स्वच्छता सेवा कवरेज बढ़ाना, प्रणाली की दक्षता और विश्वसनीयता में सुधार करना तथा पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है। बलजुरशी गवर्नरेट में अल-सलाम, अल-खलीज, अल-मरवा और अल-राइद जैसे जिलों के अलावा अल-तलकिया, अल-अताशीन, अल-असलाह, अल-मुहम्मदिया, अल-जलहिया, अल-शतैबा और अल-हस्न गांवों के कुछ हिस्सों को इस दायरे में शामिल किया गया है। क्या इन सभी इलाकों में घरेलू कनेक्शन की मांग एक समान रहेगी?

एसपीए ने बताया कि परियोजनाओं की कुल लागत 21.4 करोड़ रियाल से अधिक है। यह राशि उपचार संयंत्र, सीवेज नेटवर्क, मुख्य लाइनों और पंपिंग स्टेशनों सहित पूरे काम को कवर करती है। कंपनी ने इन परियोजनाओं को सऊदी विजन 2030 और जीवन की गुणवत्ता सुधारने वाले कार्यक्रमों के समर्थन से जोड़ा है। क्या बुनियादी ढांचे में ऐसा निवेश लंबे समय में सेवा शुल्क या उपयोगकर्ता अनुभव को प्रभावित करेगा?

रिपोर्ट के अनुसार, उपचार संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 6,250 घन मीटर है, जो तृतीयक उपचार स्तर पर आधारित है। बायो-मेम्ब्रेन तकनीक का इस्तेमाल आमतौर पर ऐसे संयंत्रों में किया जाता है जहां उपचारित जल की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाता है। सीवेज नेटवर्क की कुल लंबाई लगभग 46 किलोमीटर है, जबकि मुख्य लाइनों की लंबाई 17 किलोमीटर से अधिक बताई गई है। क्या इन आंकड़ों से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि नेटवर्क कितने बड़े भू-भाग को कवर करता है?

कंपनी ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे सेवा का लाभ उठाएं और घरेलू सीवर कनेक्शन के लिए अनुरोध करें। इसके लिए उसने ऐप और वेबसाइट जैसे डिजिटल चैनलों का जिक्र किया है। क्या डिजिटल चैनलों के जरिए अनुरोध करने से प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और समय की बचत होगी?

एसपीए की खबर में यह नहीं बताया गया है कि इन परियोजनाओं का काम कब शुरू हुआ था, कब पूरा हुआ, या कितने घरों को कनेक्शन दिए जा चुके हैं। रिपोर्ट में उपचारित जल के पुनः उपयोग, संयंत्र के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी, या भविष्य में विस्तार की योजनाओं के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गई है। क्या आने वाले समय में कंपनी इन पहलुओं पर अलग से जानकारी साझा करेगी?

बलजुरशी गवर्नरेट में स्वच्छता सेवा का विस्तार उन क्षेत्रों में किया गया है जहां जिलों और गांवों की सूची में अल-सलाम, अल-खलीज, अल-मरवा, अल-राइद, अल-तलकिया, अल-अताशीन, अल-असलाह, अल-मुहम्मदिया, अल-जलहिया, अल-शतैबा और अल-हस्न शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, इन इलाकों में सेवा का दायरा बढ़ाना, प्रणाली की दक्षता और विश्वसनीयता में सुधार करना तथा पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना प्रमुख उद्देश्य हैं। क्या इन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए निगरानी या मूल्यांकन की कोई व्यवस्था बताई गई है?

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ये परियोजनाएं कंपनी के निरंतर प्रयासों का हिस्सा हैं, जो बुनियादी ढांचे के विकास, प्रणाली की दक्षता बढ़ाने और लाभार्थियों के लिए सेवा की गुणवत्ता में सुधार पर केंद्रित हैं। इसमें सऊदी विजन 2030 और जीवन की गुणवत्ता सुधारने वाले कार्यक्रमों का समर्थन का जिक्र है। क्या ऐसी परियोजनाएं अल-बहा क्षेत्र के अन्य गवर्नरेट में भी चलाई जा रही हैं?

एसपीए के अनुसार, कंपनी ने ग्राहकों से अपील की है कि वे अपने इलाकों में उपलब्ध सेवा का उपयोग करें और घरेलू सीवर कनेक्शन के लिए अनुरोध करें। इसके लिए ऐप और वेबसाइट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। क्या ग्राहकों को कनेक्शन प्रक्रिया, शुल्क या समय-सीमा के बारे में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध है?

खबर में परियोजनाओं की लागत 21.4 करोड़ रियाल से अधिक बताई गई है, लेकिन यह नहीं बताया गया कि यह राशि किन-किन चरणों में खर्च की गई या किस अनुबंध के तहत काम पूरा हुआ। रिपोर्ट में उपचार संयंत्र की तकनीक, नेटवर्क की लंबाई, मुख्य लाइनों की लंबाई और पंपिंग स्टेशनों की संख्या जैसे तथ्य दिए गए हैं। क्या इन तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि परियोजना का दायरा कितना व्यापक था?

कंपनी ने यह भी नहीं बताया कि उपचारित जल का उपयोग कहां किया जाएगा, या क्या इसे सिंचाई या अन्य उद्देश्यों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। एसपीए की रिपोर्ट में पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने का जिक्र है, लेकिन इसके मापदंड या लक्ष्य स्पष्ट नहीं हैं। क्या भविष्य में इस बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी?

बलजुरशी गवर्नरेट के जिन जिलों और गांवों का नाम लिया गया है, उनमें अल-सलाम, अल-खलीज, अल-मरवा, अल-राइद, अल-तलकिया, अल-अताशीन, अल-असलाह, अल-मुहम्मदिया, अल-जलहिया, अल-शतैबा और अल-हस्न शामिल हैं। कंपनी ने इन इलाकों के ग्राहकों से सेवा का उपयोग करने और घरेलू कनेक्शन का अनुरोध करने को कहा है। क्या इन सभी इलाकों में नेटवर्क का काम एक साथ पूरा हुआ या चरणबद्ध तरीके से?

एसपीए की खबर में यह नहीं बताया गया है कि परियोजनाओं से कितने लोगों को सीधा लाभ होगा, या कितने घरों को नए कनेक्शन मिलेंगे। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि इससे स्वच्छता सेवा कवरेज का विस्तार होगा और प्रणाली की दक्षता तथा विश्वसनीयता में सुधार होगा। क्या इस तरह की परियोजनाओं के परिणामों को मापने के लिए कोई सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाती है?

कंपनी ने अपने ग्राहकों को डिजिटल चैनलों के माध्यम से सेवा का उपयोग करने और घरेलू सीवर कनेक्शन का अनुरोध करने की सलाह दी है। इन चैनलों में एनडब्ल्यूसी स्मार्टफोन ऐप और वेबसाइट शामिल हैं। क्या डिजिटल माध्यम से अनुरोध करने वाले ग्राहकों को कनेक्शन प्रक्रिया में कोई प्राथमिकता या सुविधा मिलती है?

रिपोर्ट के अनुसार, परियोजनाओं में तृतीयक अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र, सीवेज नेटवर्क, मुख्य लाइनें और दो पंपिंग स्टेशन शामिल हैं। यह सभी काम बलजुरशी गवर्नरेट में किए गए हैं, जो अल-बहा क्षेत्र का हिस्सा है। क्या इससे अल-बहा क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की परियोजनाओं की शुरुआत हो सकती है?

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इन परियोजनाओं का संचालन और रखरखाव कौन करेगा, या इनकी निगरानी के लिए कोई समय-सीमा तय की गई है। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि कंपनी ने परियोजनाएं पूरी कर ली हैं और ग्राहकों से सेवा का उपयोग करने की अपील की है। क्या आने वाले महीनों में कंपनी इन परियोजनाओं के प्रदर्शन पर कोई अपडेट देगी?

बलजुरशी में पूरी हुई परियोजनाओं में क्या-क्या शामिल है? राष्ट्रीय जल कंपनी के अनुसार, परियोजनाओं में बायो-मेम्ब्रेन तकनीक पर आधारित तृतीयक अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र शामिल है, जिसकी क्षमता प्रतिदिन 6,250 घन मीटर है। इसके अलावा लगभग 46 किलोमीटर लंबे सीवेज नेटवर्क, 17 किलोमीटर से अधिक लंबी मुख्य लाइनें और दो पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं। एसपीए ने बताया कि इन सभी कामों की कुल लागत 21.4 करोड़ रियाल से अधिक है।

इन परियोजनाओं का दायरा किन जिलों और गांवों तक फैला है? एसपीए के मुताबिक, परियोजनाओं का दायरा बलजुरशी गवर्नरेट के अल-सलाम, अल-खलीज, अल-मरवा और अल-राइद जिलों तक फैला है। इसके साथ ही अल-तलकिया, अल-अताशीन, अल-असलाह, अल-मुहम्मदिया, अल-जलहिया, अल-शतैबा और अल-हस्न गांवों के कुछ हिस्से भी शामिल हैं। कंपनी ने कहा कि इन इलाकों में स्वच्छता सेवा कवरेज बढ़ाने, प्रणाली की दक्षता सुधारने और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

कंपनी ने ग्राहकों से क्या अपील की है? राष्ट्रीय जल कंपनी ने बलजुरशी गवर्नरेट के उन जिलों और गांवों के ग्राहकों से आग्रह किया है, जो इस सेवा के दायरे में आते हैं, कि वे कंपनी की सेवाओं का उपयोग करें। कंपनी के अनुसार, घरेलू सीवर कनेक्शन के लिए अनुरोध उसके डिजिटल चैनलों के जरिए किया जा सकता है। इन चैनलों में एनडब्ल्यूसी स्मार्टफोन ऐप और कंपनी की वेबसाइट शामिल हैं। एसपीए ने यह जानकारी दी।

इन परियोजनाओं का सऊदी विजन 2030 से क्या संबंध बताया गया है? एसपीए के अनुसार, ये परियोजनाएं कंपनी के निरंतर प्रयासों का हिस्सा हैं, जो बुनियादी ढांचे के विकास, प्रणाली की दक्षता बढ़ाने और लाभार्थियों के लिए सेवा की गुणवत्ता में सुधार पर केंद्रित हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों और जीवन की गुणवत्ता सुधारने वाले कार्यक्रमों का समर्थन करता है। इसमें पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने का भी जिक्र है।

उपचार संयंत्र की तकनीक और क्षमता के बारे में क्या बताया गया है? कंपनी ने बताया कि परियोजनाओं में बायो-मेम्ब्रेन तकनीक पर आधारित तृतीयक अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र शामिल है। इसकी कुल क्षमता प्रतिदिन 6,250 घन मीटर है। एसपीए के मुताबिक, यह संयंत्र बलजुरशी गवर्नरेट में बनाया गया है और इसका उद्देश्य स्वच्छता सेवा कवरेज बढ़ाना तथा प्रणाली की दक्षता और विश्वसनीयता में सुधार करना है। रिपोर्ट में उपचारित जल के पुनः उपयोग की जानकारी नहीं दी गई।

रिपोर्ट में कौन-सी जानकारी नहीं दी गई है? एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि परियोजनाओं का काम कब शुरू हुआ या कब पूरा हुआ। इसमें यह भी नहीं कहा गया कि कितने घरों को कनेक्शन दिए जा चुके हैं या कितने लोगों को सीधा लाभ होगा। उपचारित जल के उपयोग, संयंत्र के संचालन और रखरखाव, तथा भविष्य में विस्तार की योजनाओं के बारे में भी जानकारी नहीं दी गई है।