भारत के विभिन्न शहरों और प्रांतों में कस्टोडियन ऑफ द टू होली मॉस्क्स के इफ्तार कार्यक्रम का कार्यान्वयन शुरू हो गया है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 6 मार्च 2025 को बताया, इस्लामिक अफेयर्स, दावा और गाइडेंस मंत्रालय ने भारत के साथ-साथ नेपाल, मालदीव और श्रीलंका में रमजान 1446 AH के दौरान यह कार्यक्रम शुरू किया है।
इन चार लक्षित देशों में लाभार्थियों की कुल संख्या लगभग 1,00,000 तक पहुँचने की उम्मीद है, जिसमें अकेले भारत में 50,000 से अधिक लाभार्थियों के शामिल होने का अनुमान है।
यह कार्यक्रम भारत और पड़ोसी देशों में सऊदी दूतावासों, मान्यता प्राप्त आधिकारिक और धर्मार्थ केंद्रों, तथा मंत्रालय के दावा कार्यकर्ताओं के समन्वय से सामूहिक इफ्तार दावतों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
लाभार्थियों ने किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के प्रयासों की सराहना की। विज्ञप्ति में प्रति व्यक्ति भोजन की लागत या विशिष्ट शहरों के नाम नहीं दिए गए हैं।
इफ्तार कार्यक्रम किन देशों में लागू किया जा रहा है? यह कार्यक्रम भारत, नेपाल, मालदीव और श्रीलंका में लागू किया जा रहा है। इस्लामिक अफेयर्स, दावा और गाइडेंस मंत्रालय इसे रमजान 1446 AH के दौरान संचालित कर रहा है।
इस कार्यक्रम से कितने लोगों के लाभान्वित होने की उम्मीद है? चार लक्षित देशों में कुल लाभार्थियों की संख्या लगभग 1,00,000 पहुँचने की उम्मीद है। इनमें से अकेले भारत में 50,000 से अधिक लाभार्थियों के शामिल होने का अनुमान है।
कार्यक्रम का कार्यान्वयन कैसे किया जा रहा है? इसे सऊदी दूतावासों, मान्यता प्राप्त आधिकारिक और धर्मार्थ केंद्रों तथा मंत्रालय के दावा कार्यकर्ताओं के समन्वय से सामूहिक इफ्तार दावतों के माध्यम से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जरूरतमंदों तक प्रभावी ढंग से पहुँचना है।