पोर्ट सूडान में किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) ने अंधापन और इससे संबंधित बीमारियों से लड़ने के लिए ‘नूर सऊदी’ स्वयंसेवक परियोजना का समापन किया है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 7 अक्टूबर 2026 को बताया, यह परियोजना 19 सितंबर से 26 सितंबर 2026 तक संचालित की गई थी। क्या स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच किसी समाज के जीवन स्तर को बदल सकती है? इस अभियान में विभिन्न विशेषज्ञताओं वाले चार स्वयंसेवकों ने भाग लिया और इसे Al-Basar International Foundation के सहयोग से पूरा किया गया।
अभियान के दौरान स्वयंसेवक चिकित्सा टीम ने कुल 3,281 व्यक्तियों की जांच की। क्या इतने बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग से समय पर इलाज संभव हो पाता है? इस अवधि में टीम ने 450 सर्जरी कीं, जिनमें से सभी सफल रहीं। इसके अतिरिक्त, जरूरतमंदों के बीच 1,063 जोड़ी मेडिकल चश्मे वितरित किए गए। क्या दृष्टि की बहाली किसी व्यक्ति के आत्मनिर्भर होने का पहला कदम है?
यह परियोजना सऊदी अरब द्वारा KSrelief के माध्यम से प्रदान किए जा रहे निरंतर मानवीय और राहत प्रयासों का हिस्सा है। क्या अंतरराष्ट्रीय सहयोग संकटग्रस्त क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर सकता है? इसका उद्देश्य सूडान के विभिन्न राज्यों में स्वास्थ्य क्षेत्र को समर्थन देना और जरूरतमंद एवं प्रभावित आबादी के कष्टों को कम करना है। क्या ऐसे चिकित्सा शिविर दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का एकमात्र सहारा हैं?
विज्ञप्ति में स्वयंसेवकों के विशिष्ट चिकित्सा पदों, सर्जरी के प्रकारों या वितरित चश्मों की लागत का विवरण नहीं दिया गया है।
नूर सऊदी परियोजना का उद्देश्य क्या था? इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पोर्ट सूडान में अंधापन और इससे संबंधित बीमारियों का मुकाबला करना था। इसे KSrelief द्वारा Al-Basar International Foundation के सहयोग से चलाया गया।
अभियान के दौरान कितने लोगों को लाभ मिला? चिकित्सा टीम ने कुल 3,281 व्यक्तियों की जांच की और 1,063 जोड़ी मेडिकल चश्मे वितरित किए। इसके अलावा, 450 सफल सर्जरी की गईं।
यह परियोजना कब और किसके द्वारा संचालित की गई? यह परियोजना 19 से 26 सितंबर 2026 तक संचालित हुई। इसमें विभिन्न विशेषज्ञताओं वाले चार स्वयंसेवकों ने भाग लिया और इसे KSrelief ने प्रबंधित किया।