ग़ासिम प्रांत की 100 से अधिक खजूर किस्मों, जिनमें दुर्लभ प्रजातियां शामिल हैं, को बुरायदा डेट कार्निवल में प्रदर्शित किया गया है। इनमें ‘सैयफ’, ‘अली’ और ‘हलवा’ जैसी किस्में शामिल हैं जो अपने विशिष्ट आकार, स्वाद और रंग के लिए जानी जाती हैं।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 12 अगस्त 2026 को बताया, यह आयोजन प्रांत की कृषि परंपराओं को संजोने और दुर्लभ किस्मों को बढ़ावा देने का एक माध्यम है। किसानों ने ऐसी किस्में प्रदर्शित की हैं जिनका उत्पादन सीमित है या जो दशकों पुरानी स्थानीय प्रजातियां हैं।
यह कार्निवल किसानों और प्रेमियों को इन किस्मों की विशेषताओं, खेती, रखरखाव और विपणन के अनुभवों को साझा करने का अवसर प्रदान करता है। यह पहल खजूर के आनुवंशिक विविधता के संरक्षण और उद्योग के विविधीकरण में सहायक है।
नेशनल सेंटर फॉर पाम्स एंड डेट्स द्वारा आयोजित यह वार्षिक कार्यक्रम 1 अगस्त से मध्य अक्टूबर तक 75 दिनों तक चलता है। यह आयोजन ‘सऊदी विजन 2030’ के कृषि क्षेत्र के विकास और खाद्य सुरक्षा लक्ष्यों के अनुरूप है।
बुरायदा डेट कार्निवल में किन किस्मों का प्रदर्शन किया गया? कार्निवल में ग़ासिम प्रांत की 100 से अधिक खजूर किस्मों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें ‘सैयफ’, ‘अली’ और ‘हलवा’ जैसी दुर्लभ प्रजातियां शामिल हैं। इनमें कुछ सीमित उत्पादन वाली और कुछ दशकों पुरानी स्थानीय किस्में हैं।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका उद्देश्य दुर्लभ खजूर किस्मों के कृषि और सांस्कृतिक विरासत मूल्य को उजागर करना है। यह किसानों को खेती, संरक्षण और विपणन के अनुभव साझा करने तथा आनुवंशिक विविधता को बचाने का अवसर देता है।
यह कार्निवल कब और कितने समय तक चलता है? यह वार्षिक आयोजन 1 अगस्त से शुरू होकर मध्य अक्टूबर तक चलता है और इसकी कुल अवधि 75 दिन होती है। इसका आयोजन नेशनल सेंटर फॉर पाम्स एंड डेट्स द्वारा किया जाता है।