मोहम्मद बिन अहमद अल यमाही ने कहा है कि युवा राष्ट्रों की सबसे मूल्यवान संपत्ति हैं और विकास प्राप्त करने के लिए एक आवश्यक स्तंभ हैं। उन्होंने जोर दिया कि उनकी क्षमताओं, प्रशिक्षण और सशक्तिकरण में निवेश करना वास्तव में समाजों के भविष्य में निवेश करना है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 12 अगस्त 2026 को बताया, अरब संसद के अध्यक्ष ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एक बयान जारी किया। अल यमाही ने अरब युवाओं के निरंतर समर्थन और सशक्तिकरण का आह्वान किया, जो अरब दुनिया में विकास और प्रगति के प्रेरक बल हैं।
उन्होंने उल्लेख किया कि दुनिया में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलाव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, श्रम बाजार के परिवर्तन और आर्थिक संकटों के कारण एक ऐसी पीढ़ी तैयार करने की आवश्यकता है जिसके पास डिजिटल कौशल, आलोचनात्मक सोच और नवाचार की क्षमता हो।
अल यमाही ने उन अरब युवाओं की सराहना की जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय निकायों में अपने देशों का प्रभावी ढंग से प्रतिनिधित्व किया है। विज्ञप्ति में किसी विशिष्ट कार्यक्रम या बजट का विवरण नहीं है।
मोहम्मद बिन अहमद अल यमाही ने युवाओं के बारे में क्या कहा? उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्रों की सबसे मूल्यवान संपत्ति और विकास के लिए एक आवश्यक स्तंभ हैं। उनके अनुसार, युवाओं की क्षमताओं और प्रशिक्षण में निवेश करना वास्तव में समाज के भविष्य में निवेश करने जैसा है।
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर क्या आह्वान किया गया? अल यमाही ने अरब युवाओं के निरंतर समर्थन और सशक्तिकरण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अरब युवा विकास और प्रगति के प्रेरक बल हैं और क्षेत्र में नवाचार करने की क्षमता रखने वाली प्रतिभाएं मौजूद हैं।
वर्तमान वैश्विक बदलावों के लिए किन कौशलों की आवश्यकता है? तकनीकी विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आर्थिक संकटों को देखते हुए डिजिटल कौशल, आलोचनात्मक सोच और नवाचार की क्षमता वाली पीढ़ी तैयार करने की आवश्यकता है। यह उन्हें बदलते श्रम बाजारों के अनुकूल बनाने के लिए जरूरी है।