रियाद में UNESCO ग्लोबल फोरम ऑन द एथिक्स ऑफ AI के चौथे संस्करण की मेजबानी की जा रही है, जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की क्षमताओं और मानवीय जिम्मेदारी पर चर्चा हो रही है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 15 सितंबर 2026 को बताया, यह चार दिवसीय आयोजन निर्णय निर्माताओं, विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों को एक साथ लाता है।
फोरम में इस बात पर संवाद हो रहा है कि जब AI प्रणालियाँ डेटा से पैटर्न निकालकर तेजी से भविष्यवाणियाँ और सिफारिशें करती हैं, तो नैतिक मानकों का निर्धारण कैसे हो। इसमें पारदर्शिता, गोपनीयता, निष्पक्षता, जवाबदेही और विश्वास से जुड़े सवालों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
चर्चा का मुख्य बिंदु यह है कि निष्पक्षता और सार्वजनिक हित का आकलन करना मानवीय और संस्थागत जिम्मेदारी बनी हुई है। विज्ञप्ति में किसी विशिष्ट परिणाम या समझौते का उल्लेख नहीं है।
UNESCO ग्लोबल फोरम ऑन द एथिक्स ऑफ AI का उद्देश्य क्या है? इस फोरम का उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि AI तकनीकों को क्या करना चाहिए और उनके परिणामों की जिम्मेदारी किसकी होगी। यह नवाचार और नैतिकता के बीच संतुलन बनाने वाली प्रणाली विकसित करने पर केंद्रित है।
फोरम में कौन शामिल हो रहा है? रियाद में आयोजित इस कार्यक्रम में निर्णय निर्माता, विशेषज्ञ, शिक्षाविद, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के लोग शामिल हैं। एसपीए के अनुसार यह संवाद चार दिनों तक चलेगा।
AI के संदर्भ में मानवीय जिम्मेदारी क्यों आवश्यक है? AI प्रणालियाँ डेटा के आधार पर सिफारिशें दे सकती हैं, लेकिन वे स्वयं नैतिक मानकों का निर्धारण नहीं कर सकतीं। निष्पक्षता और सार्वजनिक हित का आकलन करना मानवीय और संस्थागत जिम्मेदारी है।