रियाद में आयोजित चौथे UNESCO ग्लोबल फोरम ऑन द एथिक्स ऑफ AI में विशेषज्ञों ने AI गवर्नेंस फ्रेमवर्क विकसित करने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और लैंगिक पहलुओं को व्यावहारिक उपायों में बदलने के तरीकों पर चर्चा की।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 17 सितंबर 2026 को बताया, सत्र में इस बात पर जोर दिया गया कि समावेशिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देने के लिए AI सिस्टम के डिजाइन, विकास, परीक्षण और तैनाती के दौरान लैंगिक विचारों को व्यावहारिक नीतियों और उपायों में एकीकृत किया जाना चाहिए।
प्रतिभागियों ने यह भी रेखांकित किया कि AI में महिलाओं की भागीदारी केवल तकनीक के उपयोग तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें अनुसंधान, विकास और नवाचार में सक्रिय भागीदारी शामिल होनी चाहिए।
यह फोरम 14 से 17 सितंबर तक रियाद में आयोजित किया गया, जिसे Saudi Data and AI Authority (SDAIA) ने UNESCO के साथ साझेदारी में, International Center for AI Research and Ethics (ICAIRE) के सहयोग और सऊदी नेशनल कमीशन फॉर एजुकेशन, कल्चर एंड साइंस के समन्वय से आयोजित किया।
UNESCO फोरम में महिलाओं की भूमिका पर क्या चर्चा हुई? विशेषज्ञों ने AI गवर्नेंस फ्रेमवर्क विकसित करने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं की भूमिका केवल तकनीक के उपयोग तक सीमित न रहकर अनुसंधान, विकास और नवाचार में सक्रिय होनी चाहिए।
AI सिस्टम में किन पहलुओं को एकीकृत करने की बात कही गई? सत्र में समावेशिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देने के लिए लैंगिक विचारों को व्यावहारिक नीतियों में बदलने पर जोर दिया गया। इन्हें AI सिस्टम के डिजाइन, विकास, परीक्षण और तैनाती के दौरान एकीकृत किया जाना चाहिए।
इस फोरम का आयोजन किसने और कब किया? यह फोरम 14 से 17 सितंबर तक रियाद में आयोजित किया गया। इसका आयोजन Saudi Data and AI Authority (SDAIA) ने UNESCO के साथ साझेदारी में, ICAIRE के सहयोग और सऊदी नेशनल कमीशन फॉर एजुकेशन, कल्चर एंड साइंस के समन्वय से किया।