सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने 15 सितंबर, 2026 को मक्का की ओर लॉन्च किए गए आतंकवादी हूथी मिलिशिया के शत्रुतापूर्ण ड्रोन की कड़ी निंदा की है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 16 सितंबर, 2026 को बताया, किंगडम ने इस हमले को पवित्र शहर और दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं के खिलाफ एक उकसावा करार दिया। यह मक्का को निशाना बनाने का दूसरा प्रयास था, जबकि पहला प्रयास 27 जुलाई, 2017 को किया गया था।
किंगडम ने रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज की सतर्कता की सराहना की, जिसने ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन गंभीर हमलों की निंदा करने और पवित्र स्थलों, नागरिक और आर्थिक सुविधाओं, तथा समुद्री नेविगेशन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खतरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का आह्वान किया है।
किंगडम ने दो पवित्र मस्जिदों, तीर्थयात्रियों, नागरिकों, निवासियों और अपने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के अपने वैध अधिकार को दोहराया है।
हूथी मिलिशिया ने कब हमला किया? आतंकवादी हूथी मिलिशिया ने 15 सितंबर, 2026 को मक्का की ओर एक शत्रुतापूर्ण ड्रोन लॉन्च किया। यह मक्का को निशाना बनाने का दूसरा प्रयास था, क्योंकि इससे पहले 27 जुलाई, 2017 को भी ऐसा प्रयास किया गया था।
ड्रोन हमले का मुकाबला कैसे किया गया? रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने सतर्कता दिखाते हुए इस हमले का जवाब दिया। उन्होंने ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या अपील की? किंगडम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पवित्र स्थलों, नागरिक और आर्थिक सुविधाओं पर होने वाले हमलों की निंदा करने का आह्वान किया। साथ ही, समुद्री नेविगेशन, वाणिज्यिक शिपिंग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए हूथी मिलिशिया द्वारा उत्पन्न खतरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने को कहा।