रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हमलों में नागरिकों की मौत और घायल होने तथा नागरिक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को नुकसान की घटनाओं के बीच आर4 समूह के देशों ने हूती मिलिशिया के चल रहे शत्रुतापूर्ण हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 11 अक्टूबर 2026 को बताया, आर4 समूह में सऊदी अरब साम्राज्य, अरब गणराज्य मिस्र, इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान और तुर्की गणराज्य शामिल हैं। समूह ने कहा कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन हैं।
समूह ने दोहराया कि ये हमले साम्राज्य की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट उल्लंघन हैं और इसकी सुरक्षा, स्थिरता तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं। समूह के अनुसार यह एक खतरनाक बढ़ोतरी है जिसे किसी भी बहाने से उचित नहीं ठहराया जा सकता और न ही स्वीकार किया जा सकता।
क्या हवाई अड्डे जैसी नागरिक सुविधा को निशाना बनाना किसी भी तर्क से जायज ठहराया जा सकता है? समूह ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों की जान और नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचाना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत स्वीकार्य नहीं है।
आर4 समूह ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता और समर्थन दोहराया। समूह ने इन हमलों का मुकाबला करने, उनके खतरों के स्रोतों को रोकने और उनकी पुनरावृत्ति को रोकने के लिए साम्राज्य द्वारा उठाए जाने वाले सभी वैध उपायों और कदमों के लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। समूह ने कहा कि यह समर्थन साम्राज्य की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा तथा इसके नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के संरक्षण के लिए है, और यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप है।
क्या किसी भी देश को अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए कदम उठाने से रोका जा सकता है जब उसके नागरिकों की सुरक्षा दांव पर हो? समूह ने स्पष्ट किया कि साम्राज्य द्वारा उठाए जाने वाले कदम अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में हैं।
समूह ने हूती मिलिशिया को इन हमलों के परिणामों और उनसे जुड़े किसी भी ऐसे प्रभाव के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा के लिए खतरा हैं। समूह ने इन हमलों को तत्काल और बिना किसी शर्त रोकने की मांग की।
क्या क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को खतरे में डालने वाले ऐसे हमलों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और सख्त कार्रवाई की जरूरत नहीं है? समूह ने अपनी मांग में स्पष्ट किया कि हमलों का तत्काल और बिना शर्त रुकना आवश्यक है।
एसपीए के अनुसार यह बयान रियाद से जारी हुआ और इसमें चार देशों का साझा रुख सामने आया। बयान में किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमलों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया, जिन्हें घृणित बताया गया। बयान के मुताबिक इन हमलों में नागरिकों की मौत और घायल होने की घटनाएं हुईं तथा नागरिक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को नुकसान पहुंचा।
समूह ने इन सबको अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया। बयान में यह भी कहा गया कि ये हमले साम्राज्य की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट उल्लंघन हैं और इसकी सुरक्षा, स्थिरता तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं।
क्या नागरिक हवाई अड्डे पर हमला किसी भी सैन्य या राजनीतिक तर्क से उचित ठहराया जा सकता है? समूह ने इसे ऐसी खतरनाक बढ़ोतरी बताया जिसे किसी भी बहाने से उचित नहीं ठहराया जा सकता और न ही स्वीकार किया जा सकता।
आर4 समूह ने सऊदी अरब के साथ अपनी एकजुटता और समर्थन को फिर से दोहराया। समूह ने साम्राज्य की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा तथा इसके नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के संरक्षण के लिए उठाए जाने वाले सभी वैध उपायों और कदमों के लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।
समूह ने कहा कि यह समर्थन संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप है। बयान में यह भी कहा गया कि समूह इन हमलों का मुकाबला करने, उनके खतरों के स्रोतों को रोकने और उनकी पुनरावृत्ति को रोकने के साम्राज्य के प्रयासों के साथ खड़ा है।
क्या क्षेत्रीय स्थिरता के लिए यह जरूरी नहीं कि सभी पक्ष अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करें? समूह ने अपने बयान में अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट संदर्भ दिया।
समूह ने हूती मिलिशिया को इन हमलों के परिणामों और उनसे जुड़े किसी भी प्रभाव के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा के लिए खतरा हैं। समूह ने इन हमलों को तत्काल और बिना किसी शर्त रोकने की मांग की।
बयान में यह भी कहा गया कि ये हमले साम्राज्य की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट उल्लंघन हैं। समूह के अनुसार यह एक खतरनाक बढ़ोतरी है जिसे किसी भी बहाने से उचित नहीं ठहराया जा सकता और न ही स्वीकार किया जा सकता।
क्या ऐसे हमलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को और ठोस कदम उठाने चाहिए? समूह ने अपनी मांग में हमलों की तत्काल और बिना शर्त रोक पर जोर दिया।
एसपीए के मुताबिक बयान में यह भी कहा गया कि समूह साम्राज्य की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा तथा इसके नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के संरक्षण के लिए सभी वैध उपायों और कदमों का पूर्ण समर्थन करता है। यह समर्थन संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप बताया गया।
समूह ने हूती मिलिशिया को इन हमलों के परिणामों और उनसे जुड़े किसी भी प्रभाव के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा के लिए खतरा हैं। बयान में इन हमलों को तत्काल और बिना किसी शर्त रोकने की मांग की गई।
क्या नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति को प्राथमिकता देने का यह सही समय नहीं है? समूह ने अपने बयान में नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों पर स्पष्ट चिंता जताई।
एसपीए के अनुसार बयान में किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमलों को घृणित बताया गया और कहा गया कि इनसे नागरिकों की मौत और घायल होने की घटनाएं हुईं तथा नागरिक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को नुकसान पहुंचा। समूह ने इन सबको अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया।
समूह ने यह भी दोहराया कि ये हमले साम्राज्य की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट उल्लंघन हैं और इसकी सुरक्षा, स्थिरता तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं। बयान के मुताबिक यह एक खतरनाक बढ़ोतरी है जिसे किसी भी बहाने से उचित नहीं ठहराया जा सकता और न ही स्वीकार किया जा सकता।
क्या अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से लागू नहीं होना चाहिए? समूह ने अपने बयान में अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का स्पष्ट उल्लेख किया।
आर4 समूह ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता और समर्थन दोहराते हुए कहा कि वह साम्राज्य की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा तथा इसके नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के संरक्षण के लिए सभी वैध उपायों और कदमों का पूर्ण समर्थन करता है। यह समर्थन संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप बताया गया।
समूह ने हूती मिलिशिया को इन हमलों के परिणामों और उनसे जुड़े किसी भी प्रभाव के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा के लिए खतरा हैं। बयान में इन हमलों को तत्काल और बिना किसी शर्त रोकने की मांग की गई।
एसपीए के मुताबिक बयान रियाद से जारी हुआ और इसमें चार देशों का साझा रुख सामने आया। बयान में किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमलों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। बयान में यह भी कहा गया कि ये हमले साम्राज्य की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट उल्लंघन हैं।
समूह ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया और कहा कि ये साम्राज्य की सुरक्षा, स्थिरता तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं। बयान में यह भी कहा गया कि यह एक खतरनाक बढ़ोतरी है जिसे किसी भी बहाने से उचित नहीं ठहराया जा सकता और न ही स्वीकार किया जा सकता।
क्या क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाले हमलों पर तत्काल रोक लगाना जरूरी नहीं है? समूह ने अपनी मांग में हमलों की तत्काल और बिना शर्त रोक पर जोर दिया।
एसपीए के अनुसार बयान में यह भी कहा गया कि समूह साम्राज्य की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा तथा इसके नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के संरक्षण के लिए सभी वैध उपायों और कदमों का पूर्ण समर्थन करता है। यह समर्थन संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप बताया गया।
समूह ने हूती मिलिशिया को इन हमलों के परिणामों और उनसे जुड़े किसी भी प्रभाव के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा के लिए खतरा हैं। बयान में इन हमलों को तत्काल और बिना किसी शर्त रोकने की मांग की गई।
एसपीए की विज्ञप्ति में हमलों की संख्या, तारीख, स्थान या नुकसान की मात्रा के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। विज्ञप्ति में हूती मिलिशिया के हमलों के पीछे के कारणों या उनके संचालन के तरीके का भी उल्लेख नहीं है। बयान में यह भी नहीं बताया गया कि आर4 समूह के देशों ने इस मुद्दे पर किसी विशेष बैठक या तंत्र के जरिए यह साझा रुख अपनाया या नहीं।
आर4 समूह में कौन-कौन से देश शामिल हैं? आर4 समूह में सऊदी अरब साम्राज्य, अरब गणराज्य मिस्र, इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान और तुर्की गणराज्य शामिल हैं। एसपीए के अनुसार इन चारों देशों ने हूती मिलिशिया के चल रहे शत्रुतापूर्ण हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। समूह ने यह बयान रियाद से जारी किया और इसमें चारों देशों का साझा रुख सामने आया।
बयान में किस हमले का विशेष रूप से उल्लेख किया गया? बयान में रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हमलों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया, जिन्हें घृणित बताया गया। एसपीए के अनुसार इन हमलों में नागरिकों की मौत और घायल होने की घटनाएं हुईं तथा नागरिक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को नुकसान पहुंचा। समूह ने इन सबको अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया।
समूह ने इन हमलों को किस प्रकार वर्णित किया? समूह ने कहा कि ये हमले साम्राज्य की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट उल्लंघन हैं और इसकी सुरक्षा, स्थिरता तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं। बयान के मुताबिक यह एक खतरनाक बढ़ोतरी है जिसे किसी भी बहाने से उचित नहीं ठहराया जा सकता और न ही स्वीकार किया जा सकता। समूह ने इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन भी कहा।
समूह ने सऊदी अरब के प्रति अपना समर्थन कैसे व्यक्त किया? समूह ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता और समर्थन दोहराया। समूह ने इन हमलों का मुकाबला करने, उनके खतरों के स्रोतों को रोकने और उनकी पुनरावृत्ति को रोकने के लिए साम्राज्य द्वारा उठाए जाने वाले सभी वैध उपायों और कदमों के लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। यह समर्थन संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप बताया गया।
समूह ने हूती मिलिशिया के संबंध में क्या कहा? समूह ने हूती मिलिशिया को इन हमलों के परिणामों और उनसे जुड़े किसी भी प्रभाव के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा के लिए खतरा हैं। समूह ने इन हमलों को तत्काल और बिना किसी शर्त रोकने की मांग की। एसपीए के अनुसार यह मांग बयान में स्पष्ट रूप से शामिल की गई।
एसपीए की विज्ञप्ति में क्या जानकारी नहीं दी गई? एसपीए की विज्ञप्ति में हमलों की संख्या, तारीख, स्थान या नुकसान की मात्रा के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। विज्ञप्ति में हूती मिलिशिया के हमलों के पीछे के कारणों या उनके संचालन के तरीके का भी उल्लेख नहीं है। बयान में यह भी नहीं बताया गया कि आर4 समूह के देशों ने इस मुद्दे पर किसी विशेष बैठक या तंत्र के जरिए यह साझा रुख अपनाया या नहीं।