Friday, October 30, 2026
सऊदी समाचार

रियाद में क्षेत्रीय पादप संरक्षण संगठनों की 38वीं तकनीकी परामर्श बैठक शुरू

रियाद में क्षेत्रीय पादप संरक्षण संगठनों की 38वीं तकनीकी परामर्श बैठक शुरू

रियाद में क्षेत्रीय पादप संरक्षण संगठनों (आरपीपीओ) की 38वीं तकनीकी परामर्श बैठक आज शुरू हुई, जिसकी मेजबानी राष्ट्रीय पादप कीट एवं पशु रोग निवारण एवं नियंत्रण केंद्र (विक़ा केंद्र) कर रहा है। बैठक 8 अक्टूबर तक चलेगी, जिसमें क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठन तथा पादप स्वास्थ्य विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, उद्घाटन सत्र में विक़ा केंद्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अयमन अल-ग़ामदी ने सऊदी अरब के कीट प्रबंधन में बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश प्रतिक्रियात्मक कीट प्रबंधन से आगे बढ़कर जोखिम प्रबंधन, निगरानी, पूर्व चेतावनी प्रणालियों और त्वरित प्रतिक्रिया पर आधारित सक्रिय दृष्टिकोण अपना रहा है। उन्होंने पादप संसाधनों की सुरक्षा तथा टिकाऊ कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा के समर्थन के लिए कीट निवारण और प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

अंतरराष्ट्रीय पादप संरक्षण कन्वेंशन के सचिव एनरिको पेरोटी ने आरपीपीओ के बीच सहयोग और सूचना के आदान-प्रदान के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये संगठन अंतरराष्ट्रीय निर्देशों को क्षेत्रीय कार्रवाई में बदलने में भूमिका निभाते हैं, और पादप स्वास्थ्य के समर्थन में आधुनिक प्रौद्योगिकियों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के महत्व को भी उजागर किया।

परामर्श बैठक में प्रमुख तकनीकी और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हो रही है, जिनमें आरपीपीओ के बीच हुए घटनाक्रम, साझा प्राथमिकताएं और चुनौतियां तथा भविष्य की दिशाएं और कार्य योजनाएं शामिल हैं।

विक़ा केंद्र द्वारा इस परामर्श बैठक का आयोजन पादप स्वास्थ्य की रक्षा और कृषि स्थिरता को मजबूत करने के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रयासों के समर्थन के प्रति साम्राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह आयोजन ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया भर में पादप स्वास्थ्य को खाद्य सुरक्षा और कृषि व्यापार से जोड़कर देखा जा रहा है। क्षेत्रीय संगठनों के बीच तकनीकी परामर्श का उद्देश्य सीमा पार कीटों के खतरों से निपटने के लिए साझा समझ बनाना है।

विक़ा केंद्र की भूमिका पादप कीटों और पशु रोगों की रोकथाम तथा नियंत्रण तक फैली हुई है, और यही कारण है कि इस बैठक की मेजबानी को क्षेत्रीय सहयोग के एक व्यावहारिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

बैठक में भाग लेने वाले विशेषज्ञ पादप स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों, निगरानी तंत्रों और पूर्व चेतावनी प्रणालियों पर विचार साझा कर रहे हैं। साथ ही, आधुनिक प्रौद्योगिकियों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को पादप स्वास्थ्य के समर्थन में कैसे उपयोग किया जाए, यह भी चर्चा का हिस्सा है।

अयमन अल-ग़ामदी के अनुसार, सऊदी अरब का दृष्टिकोण जोखिम प्रबंधन, निगरानी, पूर्व चेतावनी और त्वरित प्रतिक्रिया पर केंद्रित है। यह दृष्टिकोण पादप संसाधनों की सुरक्षा और टिकाऊ कृषि उत्पादन तथा खाद्य सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।

एनरिको पेरोटी ने आरपीपीओ के बीच सहयोग और सूचना के आदान-प्रदान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये संगठन अंतरराष्ट्रीय निर्देशों को क्षेत्रीय कार्रवाई में बदलने में सहायक हैं, और पादप स्वास्थ्य के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकियों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता का महत्व भी रेखांकित किया।

परामर्श बैठक के एजेंडे में आरपीपीओ के बीच हुए घटनाक्रम, साझा प्राथमिकताएं और चुनौतियां तथा भविष्य की दिशाएं और कार्य योजनाएं शामिल हैं। ये विषय क्षेत्रीय स्तर पर पादप स्वास्थ्य नीति और व्यवहार के बीच सेतु का काम करते हैं।

विक़ा केंद्र द्वारा आयोजन को पादप स्वास्थ्य की रक्षा और कृषि स्थिरता को मजबूत करने के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रयासों के समर्थन के प्रति साम्राज्य की प्रतिबद्धता के रूप में बताया गया है।

बैठक 6 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक चलेगी। इस दौरान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों तथा पादप स्वास्थ्य विशेषज्ञ अपनी बात रखेंगे।

एसपीए की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उद्घाटन सत्र में विक़ा केंद्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अयमन अल-ग़ामदी और अंतरराष्ट्रीय पादप संरक्षण कन्वेंशन के सचिव एनरिको पेरोटी ने संबोधित किया। दोनों ने पादप स्वास्थ्य से जुड़े सहयोग और तकनीकी पहलुओं पर अपने विचार रखे।

पादप स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्षेत्रीय संगठनों की भूमिका इसलिए भी अहम मानी जाती है क्योंकि कीट और रोग सीमाओं का पालन नहीं करते। ऐसे में साझा निगरानी, सूचना विनिमय और समन्वित प्रतिक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी परामर्श जैसे मंच उपयोगी होते हैं।

रियाद में हो रही यह बैठक 38वें संस्करण के रूप में आयोजित की जा रही है। इससे पहले भी आरपीपीओ के बीच तकनीकी परामर्श के दौर चलते रहे हैं, जिनमें क्षेत्रीय प्राथमिकताओं और चुनौतियों पर चर्चा होती रही है।

विक़ा केंद्र की मेजबानी में हो रही इस बैठक में पादप स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भागीदारी बताती है कि तकनीकी स्तर पर सहयोग को कितना महत्व दिया जा रहा है। बैठक का समापन 8 अक्टूबर को होगा।

एसपीए की खबर में बैठक के दौरान उठने वाले सभी मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया गया है। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि किन-किन देशों या संगठनों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हो रहे हैं, और न ही किसी विशेष कार्य योजना या समयसीमा का उल्लेख किया गया है।

रियाद में कौन-सी बैठक शुरू हुई है? रियाद में क्षेत्रीय पादप संरक्षण संगठनों यानी आरपीपीओ की 38वीं तकनीकी परामर्श बैठक शुरू हुई है। इसकी मेजबानी राष्ट्रीय पादप कीट एवं पशु रोग निवारण एवं नियंत्रण केंद्र यानी विक़ा केंद्र कर रहा है। एसपीए के अनुसार बैठक 6 अक्टूबर को शुरू हुई और 8 अक्टूबर तक चलेगी। इसमें क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठन तथा पादप स्वास्थ्य विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

विक़ा केंद्र के सीईओ ने क्या कहा? विक़ा केंद्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अयमन अल-ग़ामदी ने उद्घाटन सत्र में सऊदी अरब के कीट प्रबंधन में बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश प्रतिक्रियात्मक कीट प्रबंधन से आगे बढ़कर जोखिम प्रबंधन, निगरानी, पूर्व चेतावनी प्रणालियों और त्वरित प्रतिक्रिया पर आधारित सक्रिय दृष्टिकोण अपना रहा है। उन्होंने पादप संसाधनों की सुरक्षा तथा टिकाऊ कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा के लिए कीट निवारण और प्रतिक्रिया तंत्र मजबूत करने पर बल दिया।

अंतरराष्ट्रीय पादप संरक्षण कन्वेंशन के सचिव ने क्या कहा? अंतरराष्ट्रीय पादप संरक्षण कन्वेंशन के सचिव एनरिको पेरोटी ने आरपीपीओ के बीच सहयोग और सूचना के आदान-प्रदान के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये संगठन अंतरराष्ट्रीय निर्देशों को क्षेत्रीय कार्रवाई में बदलने में भूमिका निभाते हैं। साथ ही उन्होंने पादप स्वास्थ्य के समर्थन में आधुनिक प्रौद्योगिकियों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के महत्व को भी उजागर किया।

बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हो रही है? परामर्श बैठक में प्रमुख तकनीकी और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हो रही है। एसपीए के अनुसार इनमें आरपीपीओ के बीच हुए घटनाक्रम, साझा प्राथमिकताएं और चुनौतियां तथा भविष्य की दिशाएं और कार्य योजनाएं शामिल हैं। बैठक में भाग लेने वाले विशेषज्ञ पादप स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों, निगरानी तंत्रों और पूर्व चेतावनी प्रणालियों पर विचार साझा कर रहे हैं।

बैठक की मेजबानी का क्या महत्व बताया गया है? एसपीए के अनुसार विक़ा केंद्र द्वारा इस परामर्श बैठक का आयोजन पादप स्वास्थ्य की रक्षा और कृषि स्थिरता को मजबूत करने के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रयासों के समर्थन के प्रति साम्राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विक़ा केंद्र की भूमिका पादप कीटों और पशु रोगों की रोकथाम तथा नियंत्रण तक फैली हुई है।

एसपीए की रिपोर्ट में क्या नहीं बताया गया? एसपीए की रिपोर्ट में बैठक के दौरान उठने वाले सभी मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया गया है। इसमें यह भी नहीं बताया गया है कि किन-किन देशों या संगठनों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा किसी विशेष कार्य योजना या समयसीमा का उल्लेख भी रिपोर्ट में नहीं किया गया है।