रियाद में वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2027 के लिए पूर्व-बजट वक्तव्य की घोषणा की है, जिसमें कुल व्यय लगभग 1,392 अरब रियाल और कुल राजस्व लगभग 1,202 अरब रियाल अनुमानित है, तथा घाटा सकल घरेलू उत्पाद के करीब 3.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 30 सितंबर 2026 को बताया, यह वक्तव्य ऐसी राजकोषीय नीति का हिस्सा है जो आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने, विकास प्राथमिकताओं को लागू करते रहने और राजकोषीय स्थिरता बनाए रखने के बीच संतुलन बनाती है।
वक्तव्य में कहा गया है कि सऊदी अर्थव्यवस्था को सऊदी विजन 2030 के शुभारंभ के बाद से जारी आर्थिक सुधारों का लाभ मिलता रहा है। इन सुधारों ने आर्थिक आधार को विविध बनाने, कारोबारी माहौल को बेहतर करने और निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ाने में योगदान दिया है। इसका असर गैर-तेल गतिविधियों के प्रदर्शन में दिखा है और ये गतिविधियाँ आर्थिक वृद्धि को समर्थन देती रही हैं। इससे झटकों के प्रति साम्राज्य की अर्थव्यवस्था का लचीलापन भी बढ़ा है।
क्या गैर-तेल राजस्व में यह बढ़त आने वाले वर्षों में भी जारी रह सकेगी? वक्तव्य के अनुसार, आर्थिक विविधीकरण की पहलों और आर्थिक सुधारों के निरंतर क्रियान्वयन से मध्यम अवधि में राजस्व को समर्थन मिलने की उम्मीद है। कुल राजस्व 2027 में लगभग 1,202 अरब रियाल तक पहुँचने और 2029 तक बढ़कर करीब 1,351 अरब रियाल होने का अनुमान है।
वक्तव्य में यह भी बताया गया कि विजन 2030 की इन पहलों ने गैर-तेल राजस्व को 2015 में लगभग 166 अरब रियाल से बढ़ाकर 2025 में 505 अरब रियाल करने में योगदान दिया है, जिससे सार्वजनिक राजस्व की स्थिरता और टिकाऊपन मजबूत हुआ है।
कुल व्यय 2027 में 1,392 अरब रियाल अनुमानित है और 2029 तक यह लगभग 1,544 अरब रियाल तक पहुँच सकता है। यह विकास पर निरंतर खर्च तथा आर्थिक और सामाजिक प्रतिफल वाली रणनीतिक प्राथमिकताओं और परियोजनाओं को देखते हुए है।
क्या व्यय का यह बढ़ता रुझान राजकोषीय स्थिरता के साथ टिक पाएगा? वक्तव्य के मुताबिक 2027 में घाटा सकल घरेलू उत्पाद का करीब 3.6 प्रतिशत रहेगा। यह सऊदी राजकोषीय नीति के ढाँचे के भीतर है, जो दीर्घकालिक वित्तीय योजना और राजकोषीय स्थिरता बनाए रखने पर आधारित है। इससे सरकार आर्थिक चक्रों के दौरान संतुलित राजकोषीय नीतियाँ अपनाकर आर्थिक वृद्धि को समर्थन दे सकती है।
गैर-तेल राजस्व 2015 के लगभग 166 अरब रियाल से 2025 में 505 अरब रियाल तक पहुँचना किस बात का संकेत है? यह आँकड़ा दर्शाता है कि सार्वजनिक राजस्व का आधार तेल से आगे बढ़ रहा है। वक्तव्य में इसे सार्वजनिक राजस्व की स्थिरता और टिकाऊपन से जोड़ा गया है।
2029 तक कुल राजस्व करीब 1,351 अरब रियाल और कुल व्यय करीब 1,544 अरब रियाल अनुमानित है। इससे मध्यम अवधि में राजस्व और व्यय के बीच का अंतर बना रहने का संकेत मिलता है।
क्या मध्यम अवधि के ये अनुमान आर्थिक सुधारों की गति पर निर्भर हैं? वक्तव्य में कहा गया है कि आर्थिक विविधीकरण की पहलों और आर्थिक सुधारों के निरंतर क्रियान्वयन से मध्यम अवधि में राजस्व को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
व्यय के बारे में वक्तव्य में यह कहा गया है कि 2027 में 1,392 अरब रियाल और 2029 तक लगभग 1,544 अरब रियाल का अनुमान विकास पर निरंतर खर्च तथा आर्थिक और सामाजिक प्रतिफल वाली रणनीतिक प्राथमिकताओं और परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए है।
घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 3.6 प्रतिशत पर रखना किस नीति का हिस्सा है? वक्तव्य के अनुसार यह सऊदी राजकोषीय नीति के ढाँचे के भीतर है, जो दीर्घकालिक वित्तीय योजना और राजकोषीय स्थिरता बनाए रखने पर आधारित है।
वक्तव्य में यह भी कहा गया है कि यह ढाँचा सरकार को आर्थिक चक्रों के दौरान संतुलित राजकोषीय नीतियाँ अपनाने में सक्षम बनाता है, जिससे आर्थिक वृद्धि को समर्थन मिलता है।
क्या निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका राजस्व के मध्यम अवधि अनुमानों को मजबूती देगी? वक्तव्य में निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ने का उल्लेख किया गया है और इसे कारोबारी माहौल में सुधार से जोड़ा गया है।
वक्तव्य में गैर-तेल गतिविधियों के प्रदर्शन और आर्थिक वृद्धि में उनके निरंतर योगदान का जिक्र है। इसके साथ ही झटकों के प्रति अर्थव्यवस्था के लचीलेपन को मजबूत होने की बात कही गई है।
2027 के अनुमानों में कुल व्यय 1,392 अरब रियाल और कुल राजस्व 1,202 अरब रियाल हैं, जबकि घाटा सकल घरेलू उत्पाद का करीब 3.6 प्रतिशत अनुमानित है। 2029 तक कुल राजस्व करीब 1,351 अरब रियाल और कुल व्यय करीब 1,544 अरब रियाल तक पहुँचने का अनुमान है।
गैर-तेल राजस्व 2015 में लगभग 166 अरब रियाल था, जो 2025 में 505 अरब रियाल हो गया। वक्तव्य में इसे विजन 2030 की पहलों का योगदान बताया गया है।
क्या ये आँकड़े राजस्व स्थिरता की दिशा में एक स्थायी बदलाव दर्शाते हैं? वक्तव्य में इसे सार्वजनिक राजस्व की स्थिरता और टिकाऊपन मजबूत होने से जोड़ा गया है।
वक्तव्य में यह भी कहा गया है कि सऊदी अर्थव्यवस्था को विजन 2030 के शुभारंभ के बाद से जारी आर्थिक सुधारों का लाभ मिलता रहा है। इन सुधारों ने आर्थिक आधार को विविध बनाने, कारोबारी माहौल को बेहतर करने और निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ाने में योगदान दिया है।
2027 के लिए घाटा सकल घरेलू उत्पाद के करीब 3.6 प्रतिशत अनुमानित है। यह आँकड़ा वक्तव्य में दी गई राजकोषीय नीति की दिशा का हिस्सा है।
क्या मध्यम अवधि में व्यय और राजस्व के बीच का अंतर कम होगा? वक्तव्य में 2029 तक कुल राजस्व करीब 1,351 अरब रियाल और कुल व्यय करीब 1,544 अरब रियाल अनुमानित किया गया है।
वक्तव्य में बताया गया है कि कुल व्यय का अनुमान विकास पर निरंतर खर्च तथा आर्थिक और सामाजिक प्रतिफल वाली रणनीतिक प्राथमिकताओं और परियोजनाओं को देखते हुए है।
गैर-तेल राजस्व में 2015 से 2025 तक की वृद्धि को वक्तव्य में विजन 2030 की पहलों से जोड़ा गया है। इससे सार्वजनिक राजस्व की स्थिरता और टिकाऊपन मजबूत हुआ है।
क्या यह पूर्व-बजट वक्तव्य आगामी बजट की दिशा तय करेगा? वक्तव्य में 2027 के लिए कुल व्यय, कुल राजस्व और घाटे के अनुमान दिए गए हैं, तथा 2029 तक के मध्यम अवधि के अनुमान भी शामिल हैं।
वक्तव्य में यह कहा गया है कि राजकोषीय नीति का ढाँचा दीर्घकालिक वित्तीय योजना और राजकोषीय स्थिरता बनाए रखने पर आधारित है। इससे सरकार आर्थिक चक्रों के दौरान संतुलित नीतियाँ अपना सकती है।
स्रोत में यह नहीं बताया गया है कि 2027 के अनुमानों में तेल और गैर-तेल राजस्व का अलग-अलग ब्यौरा क्या है, न ही व्यय के क्षेत्रवार आवंटन का कोई विवरण दिया गया है। वक्तव्य में घाटे की वित्त व्यवस्था के स्रोतों, कर्ज़ की राशि या किसी विशेष परियोजना के लिए आवंटन का उल्लेख भी नहीं है।
वित्त वर्ष 2027 के लिए कुल व्यय और राजस्व कितना अनुमानित है? वित्त मंत्रालय के पूर्व-बजट वक्तव्य के अनुसार वित्त वर्ष 2027 में कुल व्यय लगभग 1,392 अरब रियाल और कुल राजस्व लगभग 1,202 अरब रियाल अनुमानित है। वक्तव्य में यह भी कहा गया है कि घाटा सकल घरेलू उत्पाद के करीब 3.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ये आँकड़े एसपीए ने 30 सितंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट में दिए हैं।
2029 तक राजस्व और व्यय के क्या अनुमान हैं? वक्तव्य के अनुसार कुल राजस्व 2027 में लगभग 1,202 अरब रियाल से बढ़कर 2029 तक करीब 1,351 अरब रियाल होने का अनुमान है। कुल व्यय 2027 में 1,392 अरब रियाल अनुमानित है और 2029 तक यह लगभग 1,544 अरब रियाल तक पहुँच सकता है। यह अनुमान विकास पर निरंतर खर्च तथा आर्थिक और सामाजिक प्रतिफल वाली रणनीतिक प्राथमिकताओं और परियोजनाओं को देखते हुए है।
गैर-तेल राजस्व में कितनी वृद्धि दर्ज की गई है? वक्तव्य के मुताबिक विजन 2030 की पहलों ने गैर-तेल राजस्व को 2015 में लगभग 166 अरब रियाल से बढ़ाकर 2025 में 505 अरब रियाल करने में योगदान दिया है। इससे सार्वजनिक राजस्व की स्थिरता और टिकाऊपन मजबूत हुआ है। वक्तव्य में यह भी कहा गया है कि आर्थिक विविधीकरण की पहलों और आर्थिक सुधारों के निरंतर क्रियान्वयन से मध्यम अवधि में राजस्व को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 3.6 प्रतिशत पर रखने का क्या आधार बताया गया है? वक्तव्य के अनुसार 2027 में घाटा सकल घरेलू उत्पाद का करीब 3.6 प्रतिशत रहेगा। यह सऊदी राजकोषीय नीति के ढाँचे के भीतर है, जो दीर्घकालिक वित्तीय योजना और राजकोषीय स्थिरता बनाए रखने पर आधारित है। वक्तव्य में कहा गया है कि यह ढाँचा सरकार को आर्थिक चक्रों के दौरान संतुलित राजकोषीय नीतियाँ अपनाने में सक्षम बनाता है, जिससे आर्थिक वृद्धि को समर्थन मिलता है।
विजन 2030 के सुधारों का अर्थव्यवस्था पर क्या असर बताया गया है? वक्तव्य में कहा गया है कि सऊदी अर्थव्यवस्था को विजन 2030 के शुभारंभ के बाद से जारी आर्थिक सुधारों का लाभ मिलता रहा है। इन सुधारों ने आर्थिक आधार को विविध बनाने, कारोबारी माहौल को बेहतर करने और निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ाने में योगदान दिया है। इसका असर गैर-तेल गतिविधियों के प्रदर्शन और आर्थिक वृद्धि में उनके निरंतर योगदान में दिखा है, तथा झटकों के प्रति अर्थव्यवस्था का लचीलापन भी बढ़ा है।
वक्तव्य में कौन-सी जानकारी नहीं दी गई है? वक्तव्य में 2027 के अनुमानों के तहत तेल और गैर-तेल राजस्व का अलग-अलग ब्यौरा नहीं दिया गया है। व्यय के क्षेत्रवार आवंटन का विवरण भी शामिल नहीं है। इसके अलावा घाटे की वित्त व्यवस्था के स्रोतों, कर्ज़ की राशि या किसी विशेष परियोजना के लिए आवंटन का उल्लेख भी वक्तव्य में नहीं है। एसपीए की रिपोर्ट में ये ब्यौरे उपलब्ध नहीं कराए गए।





