राष्ट्रीय फाल्कन सेंटर की नीलामी 2026 का सातवाँ संस्करण 1 अक्टूबर से शुरू होकर 30 नवंबर तक चलेगा। यह वह बिक्री है जिसने 2020 में अपनी शुरुआत से अब तक 455 बाज़ों से लगभग 45.3 मिलियन सऊदी रियाल जुटाए हैं और जिसमें साम्राज्य के विभिन्न स्थलों से सैकड़ों बाज़दार शामिल होते आए हैं।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 25 सितंबर 2026 को बताया, नीलामी का आयोजन केंद्र के मुख्यालय मलहम में होता है, जो रियाद के उत्तर में स्थित है, और इसे टेलीविज़न तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जाता है ताकि बाज़दार और शौकीन बोली को लगातार देख सकें।
सोचिए, एक नीलामी जो सात साल से चल रही है और जिसने 455 बाज़ों को बाज़ार तक पहुँचाया है, वह अपने पहले वर्ष की तुलना में आज किस मोड़ पर खड़ी है?
नीलामी की शुरुआत 2020 में हुई थी, जब 102 बाज़ों की बिक्री से 10 मिलियन रियाल जुटे थे। यह आँकड़ा आज तक के सभी संस्करणों में सबसे बड़ा है। इसके बाद 2021 में बिक्री 8.3 मिलियन रियाल रही, जिसमें 95 बाज़ बिके और 237 बाज़दारों ने भाग लिया। 2022 में यह आँकड़ा 7.1 मिलियन रियाल और 81 बाज़ों का रहा।
क्या यह गिरावट बाज़ार की मांग में बदलाव का संकेत है या नीलामी के दायरे में आने वाली प्रजातियों और शर्तों का असर है?
2023 में 87 बाज़ पेश किए गए और बिक्री 7.4 मिलियन रियाल तक पहुँची, जिसमें 278 बाज़दार शामिल हुए। यह संख्या 2021 के 237 बाज़दारों से अधिक थी और 2024 तथा 2025 के आँकड़ों से भी कहीं ऊपर।
2024 की नीलामी में साम्राज्य के 30 स्थानों से 50 बाज़ पेश किए गए और लगभग 6 मिलियन रियाल की बिक्री हुई, जिसमें 165 बाज़दारों ने हिस्सा लिया। 2025 के संस्करण में 40 बाज़ बिके और बिक्री 6.4 मिलियन रियाल रही, जिसमें 35 ट्रैपिंग साइटों से 119 बाज़दार शामिल हुए।
क्या 2024 और 2025 के बीच बाज़दारों की संख्या घटने के बावजूद बिक्री मूल्य बढ़ना बाज़ों की गुणवत्ता या मांग की ताकत दर्शाता है?
नीलामी विशेष रूप से प्रवासी किशोर पेरेग्रीन बाज़ों के लिए समर्पित है, जिन्हें शाहीन बहरी कहा जाता है और जो साम्राज्य के भीतर पकड़े जाते हैं। इसमें वयस्क पेरेग्रीन, जिन्हें क़रनास कहा जाता है, और साकर बाज़, जिन्हें हुर कहा जाता है, को शामिल नहीं किया जाता। यह बहिष्कार उनकी स्थिरता और नस्लों के संरक्षण के लिए है।
अगर नीलामी का दायरा इतना सीमित है, तो छह वर्षों में 45.3 मिलियन रियाल की बिक्री इस माँग की गहराई के बारे में क्या बताती है?
ट्रैपिंग सीज़न के दौरान केंद्र की फील्ड टीमें साम्राज्य भर में तैनात रहती हैं। ये टीमें ट्रैपरों को प्राप्त करती हैं और उनके बाज़ों को नीलामी तक पहुँचाने में मदद करती हैं। इसमें परिवहन और आवास की सुविधा दी जाती है, बिक्री का दस्तावेज़ीकरण किया जाता है और पक्षियों को एक लाइव प्रतिस्पर्धी नीलामी में प्रस्तुत किया जाता है।
क्या यह व्यवस्था उन ट्रैपरों के लिए बाज़ार तक पहुँच आसान बनाती है जो दूरदराज़ के इलाकों से आते हैं?
नीलामी का स्थान मलहम है, जो रियाद के उत्तर में केंद्र का मुख्यालय है। टेलीविज़न और सोशल मीडिया पर प्रसारण का मतलब है कि बोली लगाने की प्रक्रिया सिर्फ़ मौके पर मौजूद लोगों तक सीमित नहीं रहती।
क्या प्रसारण से उन बाज़दारों की भागीदारी बढ़ी है जो नीलामी स्थल तक नहीं पहुँच सकते?
छह वर्षों के आँकड़ों को एक साथ देखें तो 2020 में 102 बाज़ और 10 मिलियन रियाल, 2021 में 95 बाज़ और 8.3 मिलियन रियाल, 2022 में 81 बाज़ और 7.1 मिलियन रियाल, 2023 में 87 बाज़ और 7.4 मिलियन रियाल, 2024 में 50 बाज़ और लगभग 6 मिलियन रियाल तथा 2025 में 40 बाज़ और 6.4 मिलियन रियाल दर्ज हुए। कुल मिलाकर 455 बाज़ बिके और बिक्री लगभग 45.3 मिलियन रियाल रही।
क्या 2024 से बाज़ों की संख्या में आई गिरावट नीलामी की नीति में बदलाव है या ट्रैपिंग साइटों और उपलब्ध पक्षियों की प्राकृतिक सीमा का नतीजा?
2024 में 30 स्थानों से बाज़ आए थे, जबकि 2025 में 35 ट्रैपिंग साइटों से। यानी साइटों की संख्या बढ़ी, लेकिन पेश किए गए बाज़ों की संख्या 50 से घटकर 40 रह गई।
क्या साइटों की संख्या बढ़ने और बाज़ों की संख्या घटने का यह संयोजन संरक्षण नियमों के असर को दिखाता है?
नीलामी का सातवाँ संस्करण 1 अक्टूबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। यह अवधि ट्रैपिंग सीज़न से जुड़ी हुई है, क्योंकि नीलामी केवल उन्हीं प्रवासी किशोर पेरेग्रीन बाज़ों तक सीमित है जो साम्राज्य के भीतर पकड़े जाते हैं।
क्या दो महीने की यह खिड़की बाज़दारों के लिए पर्याप्त है या इससे बोली का दबाव एक ही दिशा में बढ़ता है?
केंद्र की फील्ड टीमों की भूमिका केवल परिवहन तक सीमित नहीं है। वे ट्रैपरों को प्राप्त करती हैं, आवास उपलब्ध कराती हैं, बिक्री का दस्तावेज़ीकरण करती हैं और पक्षियों को लाइव प्रतिस्पर्धी नीलामी में प्रस्तुत करती हैं। यह पूरी शृंखला ट्रैपिंग साइट से नीलामी मंच तक फैली हुई है।
अगर दस्तावेज़ीकरण और प्रस्तुति दोनों केंद्र करता है, तो पारदर्शिता और मूल्य निर्धारण पर इसका क्या असर पड़ता है?
एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि 2026 के संस्करण में कितने बाज़ पेश किए जाएँगे, कितने बाज़दारों के भाग लेने की उम्मीद है, या बिक्री का कोई अनुमानित लक्ष्य क्या है। रिपोर्ट में यह भी नहीं है कि पिछले संस्करणों की तुलना में इस बार किसी नई शर्त या प्रक्रिया को जोड़ा गया है या नहीं।
इन आँकड़ों के आधार पर देखें तो नीलामी ने 2020 से अब तक हर साल औसतन लगभग 7.5 मिलियन रियाल की बिक्री दर्ज की है, लेकिन साल-दर-साल यह आँकड़ा स्थिर नहीं रहा। पहले वर्ष के 10 मिलियन रियाल के बाद लगातार तीन वर्ष गिरावट रही, फिर 2023 में मामूली सुधार हुआ, और उसके बाद के दो वर्षों में बिक्री 6 मिलियन रियाल के आसपास बनी रही।
क्या यह पैटर्न बाज़ार के परिपक्व होने को दर्शाता है, जहाँ कीमतें स्थिर हो रही हैं और मात्रा घट रही है?
बाज़दारों की भागीदारी का रुझान भी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2021 में 237, 2023 में 278, 2024 में 165 और 2025 में 119 बाज़दार शामिल हुए। यानी 2023 के बाद भागीदारी लगातार घटी है।
अगर भागीदारी घट रही है, तो क्या नीलामी का दायरा बढ़ाने या नई श्रेणियाँ जोड़ने की ज़रूरत महसूस हो रही है?
नीलामी का नाम ही बताता है कि यह राष्ट्रीय फाल्कन सेंटर से जुड़ी है, और इसका आयोजन मलहम में केंद्र के मुख्यालय पर होता है। प्रसारण टेलीविज़न और सोशल मीडिया दोनों माध्यमों से होता है, जिससे बोली की प्रक्रिया व्यापक दर्शकों तक पहुँचती है।
क्या इससे बाज़दारों का एक ऐसा समुदाय बन रहा है जो साम्राज्य के बाहर भी नीलामी से जुड़ा रहता है?
नीलामी में केवल शाहीन बहरी शामिल होते हैं, जबकि क़रनास और हुर को बाहर रखा गया है। यह बहिष्कार स्थिरता और नस्लों के संरक्षण के उद्देश्य से है। इसका मतलब है कि नीलामी का दायरा जानबूझकर सीमित रखा गया है।
क्या इस सीमित दायरे के बावजूद 45.3 मिलियन रियाल की कुल बिक्री संरक्षण और व्यापार के बीच संतुलन की मिसाल है?
एसपीए की रिपोर्ट में नीलामी के तकनीकी पहलुओं पर कोई जानकारी नहीं दी गई है, जैसे बोली लगाने की प्रक्रिया कैसे संचालित होती है, भुगतान के क्या नियम हैं, या बाज़ों की स्वास्थ्य जाँच कैसे होती है। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि 2026 के संस्करण के लिए पंजीकरण कैसे होगा या किसी बाज़दार को किन शर्तों का पालन करना होगा।
इन ब्यौरों के बिना, नीलामी के सातवें संस्करण की तैयारी को लेकर बाज़दारों के मन में क्या सवाल उठ सकते हैं?
एसपीए की रिपोर्ट में 2026 के संस्करण के लिए किसी अनुमानित बिक्री, पेश किए जाने वाले बाज़ों की संख्या या भाग लेने वाले बाज़दारों की संख्या का कोई उल्लेख नहीं है। यह भी नहीं बताया गया है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार किसी नई श्रेणी या नई सुविधा को जोड़ा गया है या नहीं।
नीलामी 2026 कब और कहाँ होगी? नीलामी 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 30 नवंबर 2026 तक चलेगी। यह राष्ट्रीय फाल्कन सेंटर के मुख्यालय मलहम में होती है, जो रियाद के उत्तर में स्थित है। एसपीए के अनुसार इसे टेलीविज़न और सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जाता है ताकि बाज़दार और शौकीन बोली को देख सकें। यह नीलामी का सातवाँ संस्करण है।
नीलामी में कुल कितनी बिक्री दर्ज हुई है? 2020 में शुरुआत से अब तक नीलामी ने 455 बाज़ों से लगभग 45.3 मिलियन सऊदी रियाल जुटाए हैं। पहले वर्ष 2020 में 102 बाज़ों से 10 मिलियन रियाल मिले थे। 2025 के संस्करण में 40 बाज़ बिके और बिक्री 6.4 मिलियन रियाल रही। एसपीए ने 2026 के संस्करण के लिए किसी अनुमानित बिक्री का उल्लेख नहीं किया है।
नीलामी में कौन-से बाज़ शामिल होते हैं और कौन बाहर रहते हैं? नीलामी विशेष रूप से प्रवासी किशोर पेरेग्रीन बाज़ों के लिए है, जिन्हें शाहीन बहरी कहा जाता है और जो साम्राज्य के भीतर पकड़े जाते हैं। इसमें वयस्क पेरेग्रीन, जिन्हें क़रनास कहा जाता है, और साकर बाज़, जिन्हें हुर कहा जाता है, शामिल नहीं किए जाते। एसपीए के अनुसार यह बहिष्कार उनकी स्थिरता और नस्लों के संरक्षण के लिए है।
केंद्र की फील्ड टीमें क्या काम करती हैं? ट्रैपिंग सीज़न के दौरान केंद्र की फील्ड टीमें साम्राज्य भर में तैनात रहती हैं। ये ट्रैपरों को प्राप्त करती हैं और उनके बाज़ों को नीलामी तक पहुँचाने में मदद करती हैं। इसमें परिवहन और आवास की सुविधा दी जाती है, बिक्री का दस्तावेज़ीकरण किया जाता है और पक्षियों को लाइव प्रतिस्पर्धी नीलामी में प्रस्तुत किया जाता है।
पिछले संस्करणों में बाज़दारों की भागीदारी कैसी रही? 2021 में 237 बाज़दारों ने भाग लिया, जबकि 2023 में यह संख्या 278 रही। 2024 में 30 स्थानों से 165 बाज़दार शामिल हुए और 2025 में 35 ट्रैपिंग साइटों से 119 बाज़दार। यानी 2023 के बाद भागीदारी घटी है। एसपीए ने 2026 के संस्करण के लिए अपेक्षित भागीदारी का कोई आँकड़ा नहीं दिया है।
क्या एसपीए ने 2026 के संस्करण का कोई लक्ष्य बताया है? एसपीए की रिपोर्ट में 2026 के संस्करण के लिए किसी अनुमानित बिक्री, पेश किए जाने वाले बाज़ों की संख्या या भाग लेने वाले बाज़दारों की संख्या का उल्लेख नहीं है। यह भी नहीं बताया गया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार किसी नई श्रेणी या नई सुविधा को जोड़ा गया है या नहीं।





