मदीना, 01 अक्टूबर 2026 — सीरियाई अरब गणराज्य के संस्कृति मंत्री मोहम्मद यासीन सालेह ने आज मदीना रिसर्च एंड स्टडीज़ सेंटर का दौरा किया, जहां उन्होंने केंद्र के वैज्ञानिक और सांस्कृतिक कार्यों तथा परियोजनाओं का अवलोकन किया।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, मंत्री ने केंद्र के उन प्रयासों को भी देखा जो मदीना के इतिहास का दस्तावेजीकरण करने तथा उसकी विरासत और सभ्यतागत धरोहर को संरक्षित करने के लिए किए जा रहे हैं।
दौरे के दौरान मंत्री ने केंद्र की सुविधाओं और विशेष पुस्तकालय का भ्रमण किया। उन्होंने पुस्तकालय में उपलब्ध स्रोतों, संदर्भ ग्रंथों और शोध संग्रहों की समृद्धि देखी, जो मदीना के इतिहास, उसके स्थलों और विरासत को समर्पित हैं। क्या किसी शहर की स्मृति को उसके पुस्तकालयों से बेहतर कोई सहेज सकता है?
एसपीए के अनुसार, मंत्री ने उन ज्ञान और शोध सेवाओं की भी जानकारी ली जो केंद्र शोधकर्ताओं तथा शहर के इतिहास में रुचि रखने वालों को उपलब्ध कराता है। यह पुस्तकालय केवल पुस्तकों का भंडार नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए एक ठिकाना है जो मदीना के अतीत को तथ्यों की कसौटी पर समझना चाहते हैं।
मंत्री ने केंद्र में लगी Rare Photographs of Madinah Exhibition का भी दौरा किया। इस प्रदर्शनी में उन्होंने अपने संग्रह का एक हिस्सा देखा, जो शहर में हुए ऐतिहासिक और शहरी विकास को दर्शाता है। ये तस्वीरें मदीना के गहरे इतिहास और उसके सभ्यतागत महत्व को प्रतिबिंबित करती हैं और शहर की दृश्य स्मृति को संरक्षित करने में योगदान देती हैं।
एसपीए ने बताया कि यह प्रदर्शनी उस दृश्य स्मृति को आने वाली पीढ़ियों और शोधकर्ताओं के लिए सुलभ बनाने का काम भी करती है। क्या तस्वीरें उस इतिहास को नहीं बचातीं जिसे शब्द अक्सर छोड़ देते हैं?
दौरे के दौरान मंत्री को केंद्र के उन प्रयासों की जानकारी दी गई जो ऐतिहासिक स्रोतों, दस्तावेजों और तस्वीरों को एकत्र करने, संरक्षित करने, सूचीबद्ध करने और उपलब्ध कराने से जुड़े हैं। इसके अलावा उन्होंने केंद्र के शोध, दस्तावेजीकरण और विद्वत्तापूर्ण प्रकाशन के कार्यों की भी समीक्षा की।
मंत्री ने केंद्र के उन प्रयासों को भी देखा जो मदीना तथा दो पवित्र मस्जिदों के इतिहास को संरक्षित करने से जुड़े हैं, साथ ही उनसे जुड़ी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत को सहेजने से जुड़े हैं। क्या दो पवित्र मस्जिदों से जुड़ा कोई भी दस्तावेज केवल एक अभिलेख नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है?
एसपीए के अनुसार, दौरे के समापन पर मंत्री ने केंद्र की वैज्ञानिक और सांस्कृतिक भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने मदीना के इतिहास और विरासत को संरक्षित करने तथा दो पवित्र मस्जिदों से संबंधित ऐतिहासिक स्रोतों और सामग्री की सुरक्षा के प्रयासों की सराहना की।
मंत्री ने केंद्र के उन योगदानों की भी तारीफ की जो वैज्ञानिक शोध को समर्थन देने, ज्ञान को समृद्ध करने और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने से जुड़े हैं। क्या शोध संस्थानों की असली पहचान उनके संग्रह से बनती है या उन लोगों से जो उन संग्रहों तक पहुंचते हैं?
यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब मदीना रिसर्च एंड स्टडीज़ सेंटर शहर के इतिहास, स्थलों और विरासत से जुड़े स्रोतों, संदर्भों और शोध संग्रहों को सहेजने के काम में लगा हुआ है। केंद्र का विशेष पुस्तकालय इन सामग्रियों को एक जगह समेटता है और शोधकर्ताओं तथा इतिहास में रुचि रखने वालों को सेवाएं देता है।
एसपीए की खबर के मुताबिक, मंत्री ने केंद्र की सुविधाओं का दौरा किया और पुस्तकालय तथा प्रदर्शनी दोनों को देखा। प्रदर्शनी में मदीना में हुए ऐतिहासिक और शहरी बदलावों को दर्शाने वाली तस्वीरों का एक हिस्सा शामिल था। क्या शहरों का इतिहास उनकी सड़कों से ज्यादा उनकी तस्वीरों में दिखता है?
केंद्र के कामों में ऐतिहासिक स्रोतों, दस्तावेजों और तस्वीरों को एकत्र करना, संरक्षित करना, सूचीबद्ध करना और उपलब्ध कराना शामिल है। इसके साथ ही केंद्र शोध, दस्तावेजीकरण और विद्वत्तापूर्ण प्रकाशन के क्षेत्र में भी काम करता है। यही कार्य मदीना और दो पवित्र मस्जिदों के इतिहास तथा उनकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत को संरक्षित करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
मंत्री ने अपनी यात्रा के अंत में केंद्र की भूमिका को सराहा और उसके प्रयासों की प्रशंसा की। एसपीए के अनुसार, उन्होंने विशेष रूप से मदीना के इतिहास और विरासत को बचाने तथा दो पवित्र मस्जिदों से जुड़े ऐतिहासिक स्रोतों और सामग्री की सुरक्षा के काम को सराहा। क्या विरासत की रक्षा करना केवल अतीत को बचाना है या भविष्य को दिशा देना भी?
उन्होंने केंद्र के उन योगदानों को भी रेखांकित किया जो वैज्ञानिक शोध के समर्थन, ज्ञान के संवर्धन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़े हैं। यह दौरा सीरियाई संस्कृति मंत्री की मदीना यात्रा के दौरान हुआ और इसमें केंद्र के वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक कार्यों और परियोजनाओं का अवलोकन शामिल रहा।
एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इस दौरे के दौरान कोई समझौता या सहयोग की घोषणा हुई या नहीं। रिपोर्ट में दौरे की अवधि, प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों या आगे की यात्रा कार्यक्रम का भी उल्लेख नहीं है। क्या ऐसे दौरे आगे सांस्कृतिक सहयोग का रास्ता खोलते हैं, यह समय ही बताएगा।
सीरिया के संस्कृति मंत्री ने मदीना में किस संस्थान का दौरा किया? सीरियाई अरब गणराज्य के संस्कृति मंत्री मोहम्मद यासीन सालेह ने मदीना रिसर्च एंड स्टडीज़ सेंटर का दौरा किया। एसपीए के अनुसार उन्होंने केंद्र के वैज्ञानिक और सांस्कृतिक कार्यों तथा परियोजनाओं का अवलोकन किया और मदीना के इतिहास के दस्तावेजीकरण तथा विरासत संरक्षण के प्रयासों को देखा। दौरा 01 अक्टूबर 2026 को हुआ।
मंत्री ने केंद्र में क्या-क्या देखा? मंत्री ने केंद्र की सुविधाओं और विशेष पुस्तकालय का भ्रमण किया, जहां मदीना के इतिहास, स्थलों और विरासत से जुड़े स्रोत, संदर्भ और शोध संग्रह मौजूद हैं। उन्होंने Rare Photographs of Madinah Exhibition भी देखी, जिसमें शहर के ऐतिहासिक और शहरी विकास को दर्शाने वाली तस्वीरों का एक हिस्सा शामिल था।
केंद्र किस तरह के काम करता है? एसपीए के अनुसार केंद्र ऐतिहासिक स्रोतों, दस्तावेजों और तस्वीरों को एकत्र करने, संरक्षित करने, सूचीबद्ध करने और उपलब्ध कराने पर काम करता है। इसके अलावा यह शोध, दस्तावेजीकरण और विद्वत्तापूर्ण प्रकाशन में भी लगा है तथा मदीना और दो पवित्र मस्जिदों के इतिहास और उनकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत को संरक्षित करने के प्रयास करता है।
तस्वीर प्रदर्शनी का क्या महत्व बताया गया? प्रदर्शनी में मदीना में हुए ऐतिहासिक और शहरी विकास को दर्शाने वाली तस्वीरों का एक हिस्सा प्रदर्शित है। एसपीए के अनुसार ये संग्रह शहर के गहरे इतिहास और सभ्यतागत महत्व को प्रतिबिंबित करते हैं तथा शहर की दृश्य स्मृति को संरक्षित करने में योगदान देते हैं। यह स्मृति आने वाली पीढ़ियों और शोधकर्ताओं के लिए सुलभ बनाई जाती है।
दौरे के अंत में मंत्री ने क्या कहा? दौरे के समापन पर मंत्री ने केंद्र की वैज्ञानिक और सांस्कृतिक भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने मदीना के इतिहास और विरासत को संरक्षित करने तथा दो पवित्र मस्जिदों से जुड़े ऐतिहासिक स्रोतों और सामग्री की सुरक्षा के प्रयासों की सराहना की। साथ ही उन्होंने वैज्ञानिक शोध के समर्थन, ज्ञान के संवर्धन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में केंद्र के योगदान की तारीफ की।
एसपीए की रिपोर्ट में क्या नहीं बताया गया? एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि दौरे के दौरान कोई समझौता या सहयोग की घोषणा हुई या नहीं। रिपोर्ट में दौरे की अवधि, प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों या आगे की यात्रा कार्यक्रम का भी उल्लेख नहीं है। रिपोर्ट में केंद्र के संग्रह की मात्रा, पुस्तकालय के आकार या प्रदर्शनी की अवधि जैसी संख्याएं भी शामिल नहीं हैं।





