Thursday, October 29, 2026
अर्थव्यवस्था

सऊदी अध्यक्षता में IMFC डेप्युटीज़ की छठी बैठक, वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर चर्चा

सऊदी अध्यक्षता में IMFC डेप्युटीज़ की छठी बैठक, वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर चर्चा

सऊदी अरब के राज्य की अध्यक्षता में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा और वित्तीय समिति (IMFC) के डेप्युटीज़ की छठी बैठक 29 सितंबर 2026 को वर्चुअल रूप से हुई, जिसमें सदस्य देशों के कई वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक की जानकारी 5 अक्टूबर 2026 को रियाद से जारी हुई।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, अपने उद्घाटन भाषण में IMFC डेप्युटीज़ के अध्यक्ष डॉ. रियाद अलखरीफ ने कहा कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को जारी भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इन चुनौतियों से निपटने और सतत आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने तथा आर्थिक नीतियों के समन्वय के महत्व पर जोर दिया।

डॉ. अलखरीफ ने इस बात को भी रेखांकित किया कि IMFC को साझा चुनौतियों से निपटने के लिए प्रयासों को एक साथ लाने और बहुपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय समन्वय को मजबूत करने में अपनी भूमिका जारी रखनी चाहिए, साथ ही आईएमएफ की सदस्य देशों को समर्थन देने और वैश्विक आर्थिक तथा वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने में केंद्रीय भूमिका रहनी चाहिए।

बैठक में प्रतिभागियों ने आईएमएफ प्रबंध निदेशक के वैश्विक नीति एजेंडा की समीक्षा की और सदस्य देशों को समर्थन देने तथा वैश्विक आर्थिक स्थिरता मजबूत करने में फंड की भूमिका पर चर्चा की।

बैठक में IMFC कम्युनिके के मसौदे तथा प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक और राजकोषीय नीति मुद्दों पर भी चर्चा हुई। यह चर्चा आईएमएफ और विश्व बैंक समूह की 2026 की वार्षिक बैठकों की तैयारियों के हिस्से के रूप में हुई, जो 12 से 18 अक्टूबर 2026 तक बैंकॉक, थाईलैंड में होनी निर्धारित हैं।

क्या वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने खड़ी चुनौतियों को देखते हुए बहुपक्षीय संस्थाओं की भूमिका पहले से अधिक जरूरी नहीं हो गई है? बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि भू-राजनीतिक घटनाक्रम वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर दबाव बनाए हुए हैं, और इसी कारण अंतर्राष्ट्रीय सहयोग तथा नीतिगत समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है।

सऊदी अरब की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक का महत्व इस तथ्य से और बढ़ जाता है कि यह आईएमएफ और विश्व बैंक समूह की वार्षिक बैठकों से ठीक पहले आयोजित की गई। बैंकॉक में 12 से 18 अक्टूबर 2026 तक होने वाली इन बैठकों के लिए IMFC कम्युनिके का मसौदा तैयार करना एक प्रमुख एजेंडा रहा। क्या यह मसौदा सदस्य देशों की प्राथमिकताओं को एक साथ लाने में सफल हो पाएगा?

IMFC डेप्युटीज़ की बैठक में सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की भागीदारी दर्शाती है कि वैश्विक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता से जुड़े विषयों पर सामूहिक विचार-विमर्श की प्रक्रिया सक्रिय है। डॉ. रियाद अलखरीफ ने अपने संबोधन में सतत आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने की बात कही, जो वैश्विक नीति चर्चाओं का एक केंद्रीय बिंदु रहा है।

बैठक में आईएमएफ प्रबंध निदेशक के वैश्विक नीति एजेंडा की समीक्षा एक महत्वपूर्ण चरण रही। इस एजेंडा के माध्यम से फंड अपने सदस्य देशों को समर्थन देने और वैश्विक आर्थिक स्थिरता मजबूत करने की अपनी भूमिका निभाता है। क्या सदस्य देशों की विविध आर्थिक स्थितियों के बीच एक साझा नीति एजेंडा बनाना आसान है?

वर्चुअल रूप से आयोजित इस बैठक में भौगोलिक दूरियों की बाधा कम हुई और विभिन्न देशों के अधिकारी एक ही मंच पर विचार-विमर्श कर सके। यह इस बात का संकेत है कि अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संवाद के स्वरूप में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

बैठक में प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक और राजकोषीय नीति मुद्दों पर चर्चा हुई। राजकोषीय नीति से जुड़े विषय वैश्विक स्तर पर चर्चा के केंद्र में रहते हैं, क्योंकि विभिन्न देशों की राजकोषीय स्थिति और नीतिगत प्राथमिकताएं अलग-अलग होती हैं। क्या इन मुद्दों पर आम सहमति बनाना वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए अनिवार्य है?

डॉ. अलखरीफ ने IMFC की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि समिति को प्रयासों को एक साथ लाने और बहुपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय समन्वय को मजबूत करने का काम जारी रखना चाहिए। यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को जारी भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

बैठक की तैयारियों और एजेंडा से यह भी पता चलता है कि IMFC कम्युनिके का मसौदा वार्षिक बैठकों से पहले एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, जिसमें सदस्य देशों की साझा स्थिति को दर्शाया जाता है। बैंकॉक में होने वाली वार्षिक बैठकों में इस मसौदे पर आगे विचार होना स्वाभाविक है।

सऊदी अरब की अध्यक्षता में IMFC डेप्युटीज़ की यह छठी बैठक वैश्विक आर्थिक विषयों पर निरंतर संवाद की श्रृंखला का हिस्सा है। बैठक में सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता से जुड़े विषयों पर सामूहिक विचार-विमर्श की प्रक्रिया सक्रिय है।

क्या वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का समाधान केवल नीतिगत समन्वय से संभव है, या इसके लिए व्यापक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है? बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने और आर्थिक नीतियों के समन्वय पर जोर दिया जा रहा है, ताकि सतत आर्थिक वृद्धि को समर्थन दिया जा सके।

बैठक में आईएमएफ की केंद्रीय भूमिका पर भी जोर दिया गया, जो सदस्य देशों को समर्थन देने और वैश्विक आर्थिक तथा वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने से जुड़ी है। यह भूमिका ऐसे समय में और महत्वपूर्ण हो जाती है जब वैश्विक परिदृश्य में अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।

बैंकॉक में 12 से 18 अक्टूबर 2026 तक होने वाली आईएमएफ और विश्व बैंक समूह की वार्षिक बैठकों की तैयारी के संदर्भ में यह बैठक एक महत्वपूर्ण कड़ी है। IMFC कम्युनिके का मसौदा और प्रमुख आर्थिक तथा राजकोषीय नीति मुद्दों पर चर्चा इस तैयारी का हिस्सा रही।

क्या वार्षिक बैठकों से पहले आयोजित यह बैठक सदस्य देशों के बीच सहमति के दायरे को व्यापक बनाने में सहायक होगी? यह प्रश्न इसलिए भी प्रासंगिक है क्योंकि बैठक में सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर विचार-विमर्श किया।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार बैठक 29 सितंबर 2026 को वर्चुअल रूप से हुई और इसकी जानकारी 5 अक्टूबर 2026 को रियाद से जारी हुई। रिपोर्ट में बैठक में लिए गए किसी निर्णय, मतभेद या विशिष्ट आंकड़ों का उल्लेख नहीं है।

IMFC डेप्युटीज़ की छठी बैठक कब और कैसे हुई? बैठक 29 सितंबर 2026 को वर्चुअल रूप से हुई और इसकी अध्यक्षता सऊदी अरब के राज्य ने की। इसमें सदस्य देशों के कई वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। एसपीए ने यह जानकारी 5 अक्टूबर 2026 को रियाद से जारी की।

डॉ. रियाद अलखरीफ ने उद्घाटन भाषण में क्या कहा? IMFC डेप्युटीज़ के अध्यक्ष डॉ. रियाद अलखरीफ ने कहा कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को जारी भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने और आर्थिक नीतियों के समन्वय पर जोर दिया ताकि सतत आर्थिक वृद्धि को समर्थन दिया जा सके।

बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई? प्रतिभागियों ने आईएमएफ प्रबंध निदेशक के वैश्विक नीति एजेंडा की समीक्षा की और सदस्य देशों को समर्थन देने तथा वैश्विक आर्थिक स्थिरता मजबूत करने में फंड की भूमिका पर चर्चा की। बैठक में IMFC कम्युनिके का मसौदा तथा प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक और राजकोषीय नीति मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

यह बैठक किस वार्षिक बैठक की तैयारी का हिस्सा थी? यह चर्चा आईएमएफ और विश्व बैंक समूह की 2026 की वार्षिक बैठकों की तैयारियों के हिस्से के रूप में हुई। ये बैठकें 12 से 18 अक्टूबर 2026 तक बैंकॉक, थाईलैंड में होनी निर्धारित हैं। बैठक में IMFC कम्युनिके का मसौदा भी तैयार किया गया।

सऊदी अरब की अध्यक्षता का क्या अर्थ है? बैठक सऊदी अरब के राज्य की अध्यक्षता में हुई और उद्घाटन भाषण IMFC डेप्युटीज़ के अध्यक्ष डॉ. रियाद अलखरीफ ने दिया। उन्होंने IMFC की भूमिका पर जोर दिया कि समिति साझा चुनौतियों से निपटने के लिए प्रयासों को एक साथ लाए और बहुपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय समन्वय मजबूत करे।