सऊदी अरब के प्रतिनिधिमंडल ने बैंकॉक, थाईलैंड में 2026 विश्व बैंक समूह (WBG) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की वार्षिक बैठकों में 12 से 17 अक्टूबर 2026 तक भाग लिया और अपनी भागीदारी पूरी की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वित्त मंत्री मोहम्मद अलजदान ने किया।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 18 अक्टूबर 2026 को बताया, साम्राज्य की इस भागीदारी का समय आईएमएफ द्वारा वित्त मंत्री अलजदान के अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक और वित्तीय समिति (IMFC) के अध्यक्ष के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ाने की घोषणा के साथ मेल खाता है, जो जनवरी 2028 तक चलेगा।
वित्त मंत्री अलजदान ने संयुक्त राज्य अमेरिका की अध्यक्षता में आयोजित जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की तीसरी बैठक में भी भाग लिया। “वर्तमान आर्थिक घटनाक्रम” पर सत्र के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साम्राज्य के विरुद्ध हमले वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम हैं, और साम्राज्य झटकों के प्रति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लचीलेपन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वित्त मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक और वित्तीय समिति (IMFC) की बैठक की अध्यक्षता भी की, जहां सदस्यों ने वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और भू-राजनीतिक तथा व्यापार तनावों, आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों और बढ़ते सार्वजनिक ऋण बोझ के बीच विकास तथा स्थिरता को बढ़ावा देने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
सदस्यों ने निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले विकास का समर्थन करने वाली आर्थिक नीतियों और संरचनात्मक सुधारों, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने, ऊर्जा प्रवाह की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता तथा विशेष रूप से निम्न आय और नाजुक देशों में ऋण और वित्तपोषण की चुनौतियों के समाधान के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने एक मजबूत, पर्याप्त संसाधनों वाले आईएमएफ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और इस बात पर जोर दिया कि कोटा तथा शासन सुधार पर भविष्य की चर्चाएं “दिरिया मार्गदर्शक सिद्धांतों” से निर्देशित होनी चाहिए, ताकि कोष की प्रभावशीलता और सदस्य देशों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाया जा सके।
मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका, अफगानिस्तान और पाकिस्तान (MENA) के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में भी साम्राज्य ने भाग लिया।
सऊदी अरब का यह प्रतिनिधिमंडल बैंकॉक में 12 से 17 अक्टूबर 2026 तक चली वार्षिक बैठकों में शामिल हुआ, जो विश्व बैंक समूह और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष दोनों के वार्षिक आयोजन थे। इन बैठकों में वित्त मंत्री मोहम्मद अलजदान ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
इस भागीदारी के साथ ही आईएमएफ ने वित्त मंत्री अलजदान के अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक और वित्तीय समिति के अध्यक्ष के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ाने की घोषणा की, जिससे यह पद जनवरी 2028 तक बना रहेगा। यह समिति वैश्विक वित्तीय प्रणाली की निगरानी और सदस्य देशों के बीच नीतिगत समन्वय से जुड़ा महत्वपूर्ण मंच है।
बैंकॉक में साम्राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने केवल वार्षिक बैठकों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की तीसरी बैठक में भी हिस्सा लिया, जो संयुक्त राज्य अमेरिका की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक के “वर्तमान आर्थिक घटनाक्रम” सत्र में वित्त मंत्री अलजदान ने कहा कि साम्राज्य के विरुद्ध हमले वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम पैदा करते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि साम्राज्य झटकों के प्रति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लचीलेपन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वित्त मंत्री अलजदान ने अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक और वित्तीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सदस्यों ने वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया और भू-राजनीतिक तथा व्यापार तनावों, आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों और बढ़ते सार्वजनिक ऋण बोझ के बीच विकास तथा स्थिरता को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की।
समिति के सदस्यों ने निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले विकास का समर्थन करने वाली आर्थिक नीतियों और संरचनात्मक सुधारों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने, ऊर्जा प्रवाह की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता तथा विशेष रूप से निम्न आय और नाजुक देशों में ऋण और वित्तपोषण की चुनौतियों के समाधान पर भी जोर दिया।
सदस्यों ने एक मजबूत और पर्याप्त संसाधनों वाले आईएमएफ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोटा और शासन सुधार पर भविष्य की चर्चाएं “दिरिया मार्गदर्शक सिद्धांतों” से निर्देशित होनी चाहिए, ताकि कोष की प्रभावशीलता और सदस्य देशों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाया जा सके।
साम्राज्य ने मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका, अफगानिस्तान और पाकिस्तान (MENA) के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में भी भाग लिया।
बैंकॉक में यह आयोजन 12 से 17 अक्टूबर 2026 तक चला, जिसमें सऊदी प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री मोहम्मद अलजदान के नेतृत्व में हिस्सा लिया। इस दौरान आईएमएफ ने उनके IMFC अध्यक्ष के कार्यकाल को जनवरी 2028 तक बढ़ाने की घोषणा की।
जी20 की बैठक में वित्त मंत्री ने साम्राज्य के विरुद्ध हमलों को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बताया और साम्राज्य की भूमिका को वैश्विक लचीलेपन को मजबूत करने वाली बताया। यह बैठक संयुक्त राज्य अमेरिका की अध्यक्षता में हुई और इसमें “वर्तमान आर्थिक घटनाक्रम” पर सत्र आयोजित हुआ।
IMFC की बैठक में सदस्यों ने भू-राजनीतिक और व्यापार तनावों, आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों तथा बढ़ते सार्वजनिक ऋण बोझ के बीच विकास और स्थिरता पर विचार साझा किए। उन्होंने निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले विकास, संरचनात्मक सुधारों, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, ऊर्जा प्रवाह की सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता तथा ऋण और वित्तपोषण की चुनौतियों के समाधान पर बल दिया।
सदस्यों ने मजबूत और पर्याप्त संसाधनों वाले आईएमएफ के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि कोटा तथा शासन सुधार पर चर्चाएं “दिरिया मार्गदर्शक सिद्धांतों” से निर्देशित होनी चाहिए।
साम्राज्य ने MENA क्षेत्र के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में भी भागीदारी की।
एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि बैठकों में साम्राज्य ने किन विशिष्ट वित्तीय आंकड़ों या प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए, न ही प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों के नाम दिए गए हैं। रिपोर्ट में MENA बैठक के विस्तृत एजेंडे या परिणामों का भी उल्लेख नहीं है।
सऊदी अरब ने बैंकॉक में किन बैठकों में भाग लिया? सऊदी अरब के प्रतिनिधिमंडल ने बैंकॉक, थाईलैंड में 2026 विश्व बैंक समूह और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की वार्षिक बैठकों में 12 से 17 अक्टूबर 2026 तक भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वित्त मंत्री मोहम्मद अलजदान ने किया। इसके अलावा साम्राज्य ने जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की तीसरी बैठक तथा MENA क्षेत्र की बैठक में भी हिस्सा लिया।
वित्त मंत्री अलजदान के IMFC अध्यक्ष कार्यकाल को लेकर क्या घोषणा हुई? आईएमएफ ने वित्त मंत्री मोहम्मद अलजदान के अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक और वित्तीय समिति (IMFC) के अध्यक्ष के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ाने की घोषणा की, जिससे यह जनवरी 2028 तक चलेगा। यह घोषणा साम्राज्य की बैठकों में भागीदारी के साथ मेल खाती है। एसपीए के अनुसार यह जानकारी 18 अक्टूबर 2026 को दी गई।
जी20 बैठक में वित्त मंत्री ने क्या कहा? संयुक्त राज्य अमेरिका की अध्यक्षता में आयोजित जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की तीसरी बैठक के “वर्तमान आर्थिक घटनाक्रम” सत्र में वित्त मंत्री अलजदान ने कहा कि साम्राज्य के विरुद्ध हमले वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि साम्राज्य झटकों के प्रति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लचीलेपन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
IMFC बैठक में सदस्यों ने किन मुद्दों पर बल दिया? IMFC बैठक में सदस्यों ने भू-राजनीतिक और व्यापार तनावों, आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों तथा बढ़ते सार्वजनिक ऋण बोझ के बीच विकास और स्थिरता पर विचार साझा किए। उन्होंने निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले विकास, संरचनात्मक सुधारों, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, ऊर्जा प्रवाह की सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता तथा निम्न आय और नाजुक देशों में ऋण और वित्तपोषण की चुनौतियों के समाधान पर बल दिया।
कोटा और शासन सुधार पर सदस्यों का रुख क्या था? सदस्यों ने एक मजबूत और पर्याप्त संसाधनों वाले आईएमएफ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोटा और शासन सुधार पर भविष्य की चर्चाएं “दिरिया मार्गदर्शक सिद्धांतों” से निर्देशित होनी चाहिए। इसका उद्देश्य कोष की प्रभावशीलता और सदस्य देशों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाना बताया गया।
एसपीए की रिपोर्ट में क्या जानकारी नहीं दी गई? एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि बैठकों में साम्राज्य ने किन विशिष्ट वित्तीय आंकड़ों या प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए। प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों के नाम भी नहीं दिए गए हैं। इसके अलावा MENA बैठक के विस्तृत एजेंडे या परिणामों का उल्लेख भी रिपोर्ट में नहीं है।