Tuesday, October 13, 2026
अर्थव्यवस्था

सऊदी वित्त मंत्रालय ने IPSASB की पहली तिमाही बैठक में अपनी भागीदारी पूरी की

सऊदी वित्त मंत्रालय ने IPSASB की पहली तिमाही बैठक में अपनी भागीदारी पूरी की

वाशिंगटन डीसी में 18 से 21 मार्च तक आयोजित इंटरनेशनल पब्लिक सेक्टर अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स बोर्ड (IPSASB) की पहली तिमाही बैठक में सऊदी वित्त मंत्रालय ने अपनी भागीदारी संपन्न की है।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 21 मार्च 2025 को बताया, बैठक के दौरान प्रतिभागियों ने कई विषयों और मुद्दों पर चर्चा की और सार्वजनिक क्षेत्र के संचालन से संबंधित विभिन्न लेखांकन विषयों पर सलाहकार पत्रों को मंजूरी दी। क्या अंतरराष्ट्रीय लेखांकन मानकों में सुधार से सार्वजनिक क्षेत्र की पारदर्शिता बढ़ेगी?

बैठक के दौरान, पब्लिक सेक्टर अकाउंटिंग स्टैंडर्ड (IPSAS 33) के सीमित-दायरा अपडेट पर एक प्रस्तुति दी गई, जिसका शीर्षक “First-Time Adoption of Accrual Basis IPSAS” था। इस प्रस्तुति में मानक में स्पष्टता और निरंतरता बढ़ाने वाले संशोधनों को प्राप्त करने में सऊदी अरब के योगदान पर प्रकाश डाला गया। क्या इस तरह के तकनीकी संशोधन वैश्विक स्तर पर वित्तीय रिपोर्टिंग को सरल बना सकते हैं?

सऊदी टीम ने परियोजना की शुरुआत से ही परिषद के कर्मचारियों के साथ मिलकर काम किया है, विशेष रूप से अनुमानित लागत की परिभाषा और मानक की संख्या को बनाए रखने के क्षेत्रों में, ताकि IPSAS मानकों को अपनाने वाली संस्थाओं में कोई भ्रम न हो। सऊदी अरब इस परियोजना का समर्थन करना जारी रखे हुए है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक क्षेत्र लेखांकन मानकों के विकास में उसका योगदान और मजबूत हुआ है। क्या यह सहयोग अन्य देशों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है?

मंत्रालय ने परिषद की बैठकों के साथ आयोजित पब्लिक सेक्टर अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल रिपोर्टिंग कॉन्फ्रेंस 2025 के पहले चर्चा सत्र में भी भाग लिया। इस सत्र का शीर्षक “IPSAS Implementation Progress: Success Stories and Challenges” था। क्या कार्यान्वयन की चुनौतियों को साझा करने से वैश्विक सुधार तेज होंगे?

इस सत्र का मुख्य उद्देश्य देश, क्षेत्रीय या वैश्विक स्तर पर PSA/IPSAS कार्यान्वयन सुधारों पर एक अवलोकन और अंतर्दृष्टि प्रदान करना था, जिसमें सीखे गए सबक और प्रमुख चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। क्या इन अनुभवों से भविष्य की वित्तीय नीतियों में सुधार आएगा?

IPSASB में अपने प्रतिनिधित्व के माध्यम से यह भागीदारी सऊदी अरब के विजन 2030 को प्राप्त करने में योगदान देती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय लेखांकन मानकों के क्षेत्र में किंगडम की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति बढ़ती है। किंगडम इस भागीदारी के माध्यम से वैश्विक सार्वजनिक क्षेत्र लेखांकन मानकों के विकास को प्रभावित करना चाहता है। क्या अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रियता से आर्थिक विविधीकरण के लक्ष्यों को बल मिलेगा?

विज्ञप्ति में बैठक में शामिल विशिष्ट अधिकारियों के नाम या स्वीकृत सलाहकार पत्रों के विस्तृत विवरण का उल्लेख नहीं है।

सऊदी वित्त मंत्रालय ने किस बैठक में भाग लिया? सऊदी वित्त मंत्रालय ने वाशिंगटन डीसी में 18 से 21 मार्च तक आयोजित इंटरनेशनल पब्लिक सेक्टर अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स बोर्ड (IPSASB) की पहली तिमाही बैठक में भाग लिया। इस बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के संचालन से संबंधित लेखांकन विषयों पर चर्चा की गई और सलाहकार पत्रों को मंजूरी दी गई।

IPSAS 33 अपडेट में सऊदी अरब का क्या योगदान था? सऊदी अरब ने IPSAS 33 (First-Time Adoption of Accrual Basis IPSAS) में स्पष्टता और निरंतरता बढ़ाने वाले संशोधनों में योगदान दिया। सऊदी टीम ने अनुमानित लागत की परिभाषा और मानक की संख्या बनाए रखने पर काम किया ताकि संस्थाओं में भ्रम न हो।

कॉन्फ्रेंस 2025 के सत्र का उद्देश्य क्या था? पब्लिक सेक्टर अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल रिपोर्टिंग कॉन्फ्रेंस 2025 के सत्र का शीर्षक “IPSAS Implementation Progress: Success Stories and Challenges” था। इसका उद्देश्य देश, क्षेत्रीय या वैश्विक स्तर पर PSA/IPSAS कार्यान्वयन सुधारों, सीखे गए सबक और चुनौतियों पर अंतर्दृष्टि प्रदान करना था।

यह भागीदारी विजन 2030 से कैसे जुड़ी है? IPSASB में प्रतिनिधित्व के माध्यम से यह भागीदारी अंतरराष्ट्रीय लेखांकन मानकों के क्षेत्र में सऊदी अरब की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को बढ़ाती है। यह विजन 2030 के लक्ष्यों को प्राप्त करने और वैश्विक सार्वजनिक क्षेत्र लेखांकन मानकों के विकास को प्रभावित करने में मदद करती है।