Sunday, November 8, 2026
सऊदी समाचार

जीसीसी प्रमुख ने रियाद और खमीस मुशैत पर हूती हमलों की निंदा की

जीसीसी प्रमुख ने रियाद और खमीस मुशैत पर हूती हमलों की निंदा की

खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के महासचिव जासिम अलबुदैवी ने सऊदी अरब के रियाद और खमीस मुशैत शहरों को निशाना बनाने वाले हूती मिलिशिया के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। यह बयान 26 सितंबर 2026 को सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए द्वारा जारी किया गया।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, अलबुदैवी ने कहा कि यह गंभीर उकसावा सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है और नागरिक सुरक्षा तथा क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सीधा खतरा है।

जीसीसी महासचिव ने इस बात पर जोर दिया कि परिषद के सदस्य देश सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता में खड़े हैं और सऊदी अरब अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए जो भी कदम उठाता है, उसमें उसका पूरा समर्थन करते हैं।

अलबुदैवी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इन बार-बार होने वाले आतंकवादी हमलों को समाप्त करने के लिए निर्णायक रुख अपनाए और इनके अपराधियों को जवाबदेह ठहराए।

यह बयान ऐसे समय आया है जब रियाद और खमीस मुशैत दोनों शहरों को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया गया। एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, हमलों की जिम्मेदारी हूती मिलिशिया की ओर से मानी गई है, जिसे जीसीसी महासचिव ने आतंकवादी करार दिया है।

जीसीसी महासचिव का यह बयान परिषद के सदस्य देशों की ओर से सऊदी अरब के साथ एकजुटता दर्शाता है। अलबुदैवी ने स्पष्ट किया कि सदस्य देश सऊदी अरब की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले सभी उपायों का समर्थन करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की गई अपील में अलबुदैवी ने इन हमलों को बार-बार होने वाला बताया और कहा कि इन्हें रोकने तथा अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के लिए निर्णायक रुख की जरूरत है।

एसपीए की ओर से जारी विज्ञप्ति में हमलों के समय, स्थान या क्षति के बारे में कोई अतिरिक्त विवरण नहीं दिया गया। रिपोर्ट में केवल यह बताया गया कि हमले रियाद और खमीस मुशैत शहरों को निशाना बनाकर किए गए और ये बैलिस्टिक मिसाइल तथा ड्रोन के जरिए हुए।

जीसीसी महासचिव ने इन हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया और कहा कि यह नागरिक सुरक्षा तथा क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सीधा खतरा है। यह बयान क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर परिषद की चिंता को दर्शाता है।

अलबुदैवी ने सदस्य देशों की ओर से सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त की और सऊदी अरब द्वारा अपनी सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले सभी कदमों का समर्थन दोहराया।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन आतंकवादी हमलों को समाप्त करने और अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के लिए निर्णायक रुख अपनाने की अपील की।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, यह बयान 26 सितंबर 2026 को रियाद से जारी हुआ। रिपोर्ट में स्थानीय समय 08:36 और जीएमटी 05:36 का उल्लेख है।

विज्ञप्ति में हमलों के परिणामों, किसी भी प्रकार की क्षति या हताहतों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। इसमें यह भी नहीं बताया गया कि हमलों को कब रोका गया या उनका जवाब किस प्रकार दिया गया।

जीसीसी महासचिव के बयान में सदस्य देशों की ओर से सऊदी अरब के साथ एकजुटता और समर्थन पर जोर दिया गया। उन्होंने इन हमलों को बार-बार होने वाला आतंकवादी हमला बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से निर्णायक कार्रवाई की मांग की।

एसपीए की रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि हमलों में किस प्रकार के बैलिस्टिक मिसाइल या ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट केवल यह बताती है कि हमले रियाद और खमीस मुशैत शहरों को निशाना बनाकर किए गए।

जीसीसी महासचिव ने सऊदी अरब की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले सभी उपायों का समर्थन व्यक्त किया। यह बयान परिषद के सदस्य देशों की ओर से सऊदी अरब के साथ एकजुटता को दर्शाता है।

अलबुदैवी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इन बार-बार होने वाले आतंकवादी हमलों को समाप्त करने के लिए निर्णायक रुख अपनाए और इनके अपराधियों को जवाबदेह ठहराए।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, यह बयान 26 सितंबर 2026 को जारी हुआ और इसमें स्थानीय समय 08:36 तथा जीएमटी 05:36 का उल्लेख है। रिपोर्ट में हमलों से जुड़े किसी अन्य विवरण का जिक्र नहीं है।

जीसीसी महासचिव ने हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और नागरिक सुरक्षा तथा क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सीधा खतरा बताया। उन्होंने सदस्य देशों की ओर से सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त की।

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि हमलों के बाद किस प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था अपनाई गई या किसी अंतरराष्ट्रीय निकाय ने क्या कार्रवाई की। रिपोर्ट केवल जीसीसी महासचिव के बयान तक सीमित है।

जीसीसी महासचिव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन आतंकवादी हमलों को समाप्त करने और अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के लिए निर्णायक रुख अपनाने की अपील की। यह बयान क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर परिषद की चिंता को दर्शाता है।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, यह बयान रियाद से 26 सितंबर 2026 को जारी हुआ। रिपोर्ट में हमलों के समय, स्थान या क्षति के बारे में कोई अतिरिक्त विवरण नहीं दिया गया।

जीसीसी महासचिव ने सदस्य देशों की ओर से सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त की और सऊदी अरब द्वारा अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले सभी कदमों का समर्थन दोहराया।

अलबुदैवी ने इन हमलों को बार-बार होने वाला आतंकवादी हमला बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से निर्णायक कार्रवाई की मांग की। एसपीए की रिपोर्ट में इस बयान के अलावा किसी अन्य विवरण का जिक्र नहीं है।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया और इनका निशाना रियाद तथा खमीस मुशैत शहर थे। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि हमलों में किसी प्रकार की क्षति हुई या नहीं।

जीसीसी महासचिव ने इन हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया और कहा कि यह नागरिक सुरक्षा तथा क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सीधा खतरा है। उन्होंने सदस्य देशों की ओर से सऊदी अरब के साथ एकजुटता व्यक्त की।

एसपीए की रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि हमलों के बाद किस प्रकार की कार्रवाई की गई या किसी अंतरराष्ट्रीय निकाय ने क्या रुख अपनाया। रिपोर्ट केवल जीसीसी महासचिव के बयान तक सीमित है।

जीसीसी महासचिव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन आतंकवादी हमलों को समाप्त करने और अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के लिए निर्णायक रुख अपनाने की अपील की। यह बयान 26 सितंबर 2026 को रियाद से जारी हुआ।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, यह बयान स्थानीय समय 08:36 और जीएमटी 05:36 पर जारी किया गया। रिपोर्ट में हमलों से जुड़े किसी अन्य विवरण का जिक्र नहीं है।

जीसीसी महासचिव ने सदस्य देशों की ओर से सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त की और सऊदी अरब द्वारा अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले सभी कदमों का समर्थन दोहराया।

अलबुदैवी ने इन हमलों को बार-बार होने वाला आतंकवादी हमला बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से निर्णायक कार्रवाई की मांग की। एसपीए की रिपोर्ट में इस बयान के अलावा किसी अन्य विवरण का जिक्र नहीं है।

जीसीसी महासचिव ने किन हमलों की निंदा की? जीसीसी महासचिव जासिम अलबुदैवी ने हूती मिलिशिया के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की निंदा की, जिनका निशाना सऊदी अरब के रियाद और खमीस मुशैत शहर थे। एसपीए के अनुसार, उन्होंने इन हमलों को आतंकवादी करार दिया और कहा कि यह सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है।

अलबुदैवी ने इन हमलों को क्या बताया? अलबुदैवी ने कहा कि यह गंभीर उकसावा सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है और नागरिक सुरक्षा तथा क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सीधा खतरा है। एसपीए के अनुसार, उन्होंने इन हमलों को बार-बार होने वाला आतंकवादी हमला बताया।

जीसीसी सदस्य देशों का रुख क्या रहा? अलबुदैवी ने कहा कि जीसीसी सदस्य देश सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता में खड़े हैं और सऊदी अरब अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए जो भी कदम उठाता है, उसमें उसका पूरा समर्थन करते हैं। एसपीए के अनुसार, यह बयान 26 सितंबर 2026 को जारी हुआ।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या अपील की गई? अलबुदैवी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इन बार-बार होने वाले आतंकवादी हमलों को समाप्त करने के लिए निर्णायक रुख अपनाए और इनके अपराधियों को जवाबदेह ठहराए। एसपीए के अनुसार, यह बयान रियाद से जारी किया गया।

एसपीए की रिपोर्ट में क्या जानकारी नहीं दी गई? एसपीए की रिपोर्ट में हमलों के समय, स्थान या क्षति के बारे में कोई अतिरिक्त विवरण नहीं दिया गया। इसमें यह भी नहीं बताया गया कि हमलों में किस प्रकार के बैलिस्टिक मिसाइल या ड्रोन का इस्तेमाल किया गया या हताहतों की संख्या क्या रही।