मदीनह में आज कस्टोडियन ऑफ द टू होली मस्जिद्स उमराह और विजिट कार्यक्रम 1448 हिजरी के तहत मेहमानों के चौथे और अंतिम बैच का आगमन पूरा हो गया। यह बैच 21 देशों के 250 उमराह परफॉर्मर्स का है, और इसके साथ ही इस वर्ष कार्यक्रम के तहत आने वाले सभी मेहमान सऊदी अरब पहुंच चुके हैं।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 8 अक्टूबर 2026 को बताया, कार्यक्रम का क्रियान्वयन इस्लामी मामलों, दावा और मार्गदर्शन मंत्रालय कर रहा है। कार्यक्रम में मेहमान पैगंबर की मस्जिद और कई इस्लामी तथा ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करते हैं, इसके बाद वे उमराह करने के लिए मक्का की ओर प्रस्थान करते हैं। मंत्रालय ने उनके स्वागत और देखभाल के लिए सेवाओं और सुविधाओं की एक एकीकृत व्यवस्था तैयार की है।
मंत्रालय ने अपनी स्वागत और आयोजन समितियों के माध्यम से मेहमानों के स्वागत और सहायता के लिए एक एकीकृत योजना लागू की, जो उनके अपने देशों से उड़ानों के प्रस्थान से लेकर सऊदी अरब में उनके आगमन तक चलती है। इसमें स्वागत प्रक्रियाओं को सुगम बनाना और उनके आवास तक परिवहन की व्यवस्था शामिल है, ताकि उनका आराम सुनिश्चित हो सके और वे अपने अनुष्ठान तथा दौरा कार्यक्रम आसानी और मानसिक शांति के साथ पूरा कर सकें।
क्या यह कार्यक्रम केवल उमराह तक सीमित है, या इसका दायरा इससे बड़ा है? उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में मदीनह में पैगंबर की मस्जिद और कई इस्लामी तथा ऐतिहासिक स्थलों का दौरा शामिल है, और उसके बाद मेहमान उमराह के लिए मक्का जाते हैं। यानी यात्रा का ढांचा दो चरणों में बंटा हुआ है — पहले मदीनह में दौरा, फिर मक्का में उमराह।
चौथे बैच में शामिल 250 उमराह परफॉर्मर्स 21 देशों से आए हैं। इन देशों में पाकिस्तान, बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, अजरबैजान, तुर्किये, जॉर्जिया, रूस, भूटान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, वानुआतु, सोलोमन आइलैंड्स और फिजी शामिल हैं।
क्या इन 21 देशों की सूची से कार्यक्रम की भौगोलिक पहुंच का कोई संकेत मिलता है? सूची में दक्षिण एशिया, मध्य एशिया, काकेशस, रूस और प्रशांत क्षेत्र के देश शामिल हैं। यह एक ही क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों के देशों को एक साथ जोड़ती है।
एसपीए के अनुसार, चौथे और अंतिम बैच के आगमन के साथ इस वर्ष कार्यक्रम के तहत आमंत्रित सभी मेहमान आ चुके हैं। कुल संख्या 1,000 उमराह परफॉर्मर्स की है, जो 65 देशों से हैं। इन मेहमानों की मेजबानी कस्टोडियन ऑफ द टू होली मस्जिद्स किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद की व्यक्तिगत कीमत पर की गई है।
यह आंकड़ा क्या दर्शाता है? 65 देशों से 1,000 उमराह परफॉर्मर्स — यह संख्या बताती है कि आमंत्रण का दायरा कितने देशों तक फैला है। एसपीए के अनुसार, यह सऊदी अरब की इस्लाम और मुसलमानों के प्रति निरंतर देखभाल तथा दो पवित्र मस्जिदों की यात्रा और उमराह करने में उन्हें सक्षम बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंत्रालय ने मेहमानों के स्वागत के लिए क्या व्यवस्था की है? एसपीए के अनुसार, मंत्रालय ने उनके स्वागत और देखभाल के लिए सेवाओं और सुविधाओं की एक एकीकृत व्यवस्था तैयार की है। स्वागत और आयोजन समितियों के माध्यम से एक एकीकृत योजना लागू की गई, जो उड़ानों के प्रस्थान से लेकर सऊदी अरब में आगमन तक की प्रक्रिया को कवर करती है।
इस योजना में स्वागत प्रक्रियाओं को सुगम बनाना और आवास तक परिवहन की व्यवस्था शामिल है। एसपीए के अनुसार, इसका उद्देश्य मेहमानों का आराम सुनिश्चित करना और उन्हें अपने अनुष्ठान तथा दौरा कार्यक्रम आसानी और मानसिक शांति के साथ पूरा करने में सक्षम बनाना है।
क्या मेहमानों ने अपने अनुभव पर कुछ कहा? एसपीए के अनुसार, मेहमानों ने गर्मजोशी भरे स्वागत, आतिथ्य और निरंतर देखभाल की प्रशंसा की, जो उन्हें मिली। यह प्रतिक्रिया कार्यक्रम के तहत मिलने वाली सेवाओं के बारे में उनकी संतुष्टि को दर्शाती है।
कार्यक्रम का नाम ही बताता है कि इसमें उमराह और विजिट, दोनों शामिल हैं। एसपीए के अनुसार, मेहमान मदीनह में पैगंबर की मस्जिद और कई इस्लामी तथा ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करते हैं, और उसके बाद उमराह करने के लिए मक्का जाते हैं। यह क्रम कार्यक्रम के नाम में शामिल दोनों पहलुओं को स्पष्ट करता है।
क्या चौथा बैच पहले के बैचों से अलग है? एसपीए ने इसे चौथा और अंतिम बैच बताया है, जिसमें 250 उमराह परफॉर्मर्स 21 देशों से शामिल हैं। कुल 1,000 उमराह परफॉर्मर्स 65 देशों से हैं। उपलब्ध जानकारी में पहले के बैचों की अलग-अलग संख्या या देशवार विवरण नहीं दिया गया है।
एसपीए के अनुसार, कार्यक्रम का क्रियान्वयन इस्लामी मामलों, दावा और मार्गदर्शन मंत्रालय कर रहा है। मंत्रालय की भूमिका स्वागत और आयोजन समितियों के माध्यम से दिखाई देती है, जिन्होंने मेहमानों के आगमन से लेकर उनके आवास तक पहुंचने तक की व्यवस्था संभाली।
क्या आमंत्रण में किसी प्रकार का वित्तीय बोझ मेहमानों पर है? एसपीए के अनुसार, इस वर्ष कार्यक्रम के तहत आमंत्रित 1,000 उमराह परफॉर्मर्स की मेजबानी कस्टोडियन ऑफ द टू होली मस्जिद्स किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद की व्यक्तिगत कीमत पर की गई है। यह जानकारी बताती है कि मेजबानी का खर्च किसके द्वारा वहन किया गया।
1448 हिजरी के लिए यह कार्यक्रम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, क्योंकि चौथे और अंतिम बैच का आगमन पूरा हो गया है। एसपीए के अनुसार, इसके साथ ही इस वर्ष कार्यक्रम के तहत आने वाले सभी मेहमान सऊदी अरब पहुंच चुके हैं। अब मेहमान मदीनह में अपने दौरे के बाद मक्का में उमराह करेंगे।
क्या मदीनह से मक्का की यात्रा का समय या तारीख दी गई है? उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि मेहमान कब मदीनह से मक्का के लिए प्रस्थान करेंगे। एसपीए के अनुसार, वे मदीनह में पैगंबर की मस्जिद और कई इस्लामी तथा ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करने के बाद उमराह करने के लिए मक्का जाते हैं, लेकिन इसके लिए कोई विशिष्ट तारीख नहीं दी गई है।
एसपीए के अनुसार, मंत्रालय ने मेहमानों के स्वागत और देखभाल के लिए सेवाओं और सुविधाओं की एक एकीकृत व्यवस्था तैयार की है। यह व्यवस्था उनके देशों से उड़ान भरने के क्षण से शुरू होकर सऊदी अरब में उनके आगमन, स्वागत प्रक्रियाओं और आवास तक परिवहन तक फैली हुई है।
क्या इन सेवाओं का कोई विस्तृत विवरण उपलब्ध है? एसपीए ने सेवाओं और सुविधाओं की एकीकृत व्यवस्था का उल्लेख किया है, लेकिन इसमें शामिल प्रत्येक सेवा की अलग-अलग सूची नहीं दी है। जो बताया गया है, उसमें स्वागत प्रक्रियाओं की सुगमता और आवास तक परिवहन शामिल है।
चौथे बैच के 250 उमराह परफॉर्मर्स 21 देशों से हैं, जिनमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, अजरबैजान, तुर्किये, जॉर्जिया, रूस, भूटान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, वानुआतु, सोलोमन आइलैंड्स और फिजी शामिल हैं। एसपीए के अनुसार, कुल मिलाकर इस वर्ष 65 देशों से 1,000 उमराह परफॉर्मर्स कार्यक्रम के तहत आए हैं।
क्या इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल उमराह कराना है? एसपीए के अनुसार, यह सऊदी अरब की इस्लाम और मुसलमानों के प्रति निरंतर देखभाल तथा दो पवित्र मस्जिदों की यात्रा और उमराह करने में उन्हें सक्षम बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम के तहत मेहमान मदीनह में इस्लामी और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा भी करते हैं।
एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि मेहमानों का चयन किस आधार पर किया गया, न ही यह कि प्रत्येक देश से कितने उमराह परफॉर्मर्स शामिल हैं। रिपोर्ट में मदीनह में मेहमानों के ठहरने की अवधि, मक्का के लिए प्रस्थान की तारीख, या कार्यक्रम पर आने वाले खर्च की राशि का भी उल्लेख नहीं है। ये विवरण उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं हैं।
चौथे बैच में कितने उमराह परफॉर्मर्स और कितने देश शामिल हैं? एसपीए के अनुसार, चौथे बैच में 250 उमराह परफॉर्मर्स शामिल हैं, जो 21 देशों से आए हैं। इन देशों में पाकिस्तान, बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, अजरबैजान, तुर्किये, जॉर्जिया, रूस, भूटान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, वानुआतु, सोलोमन आइलैंड्स और फिजी शामिल हैं। यह बैच चौथा और अंतिम बताया गया है।
इस वर्ष कार्यक्रम के तहत कुल कितने मेहमान आए और कितने देशों से? एसपीए के अनुसार, चौथे और अंतिम बैच के आगमन के साथ इस वर्ष कार्यक्रम के तहत आने वाले सभी मेहमान आ चुके हैं। कुल संख्या 1,000 उमराह परफॉर्मर्स की है, जो 65 देशों से हैं। इन मेहमानों की मेजबानी कस्टोडियन ऑफ द टू होली मस्जिद्स किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद की व्यक्तिगत कीमत पर की गई है।
कार्यक्रम का क्रियान्वयन कौन कर रहा है और इसमें क्या शामिल है? एसपीए के अनुसार, कार्यक्रम का क्रियान्वयन इस्लामी मामलों, दावा और मार्गदर्शन मंत्रालय कर रहा है। कार्यक्रम में मदीनह में पैगंबर की मस्जिद और कई इस्लामी तथा ऐतिहासिक स्थलों का दौरा शामिल है, और उसके बाद मेहमान उमराह करने के लिए मक्का जाते हैं। मंत्रालय ने उनके स्वागत और देखभाल के लिए सेवाओं और सुविधाओं की एक एकीकृत व्यवस्था तैयार की है।
मेहमानों के स्वागत और सहायता के लिए क्या योजना लागू की गई? एसपीए के अनुसार, मंत्रालय ने अपनी स्वागत और आयोजन समितियों के माध्यम से एक एकीकृत योजना लागू की, जो मेहमानों के अपने देशों से उड़ानों के प्रस्थान से लेकर सऊदी अरब में उनके आगमन तक चलती है। इसमें स्वागत प्रक्रियाओं को सुगम बनाना और उनके आवास तक परिवहन की व्यवस्था शामिल है, ताकि उनका आराम सुनिश्चित हो सके।
मेहमानों ने मिली सेवाओं के बारे में क्या कहा? एसपीए के अनुसार, मेहमानों ने गर्मजोशी भरे स्वागत, आतिथ्य और निरंतर देखभाल की प्रशंसा की, जो उन्हें मिली। यह प्रतिक्रिया कार्यक्रम के तहत मिलने वाली सेवाओं के प्रति उनकी संतुष्टि को दर्शाती है। मंत्रालय ने उनके स्वागत और देखभाल के लिए सेवाओं और सुविधाओं की एक एकीकृत व्यवस्था तैयार की थी।
कार्यक्रम किस वर्ष के लिए है और इसका उद्देश्य क्या बताया गया? एसपीए के अनुसार, यह कार्यक्रम 1448 हिजरी के लिए है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह सऊदी अरब की इस्लाम और मुसलमानों के प्रति निरंतर देखभाल तथा दो पवित्र मस्जिदों की यात्रा और उमराह करने में उन्हें सक्षम बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मेहमानों की मेजबानी किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद की व्यक्तिगत कीमत पर की गई।