मस्जिद अल-हराम के इमाम और खतीब शेख डॉ. सालेह बिन अब्दुल्ला बिन हमीद ने मुसलमानों को अल्लाह से डरने और तकवा अपनाने की सलाह दी है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 14 अगस्त 2026 को बताया, उन्होंने अपने खुतबे में कहा कि मानव आत्माएं अक्सर भविष्य के अज्ञात और छिपे हुए रहस्यों को जानने की इच्छा रखती हैं, जिसके कारण कुछ लोग ज्योतिषियों और भविष्यवक्ताओं के जाल में फंसकर भटक जाते हैं।
शेख बिन हमीद ने स्पष्ट किया कि सपनों की व्याख्या एक शरीयत आधारित विज्ञान है जिसे केवल ज्ञान रखने वाले व्यक्ति को ही करना चाहिए। उन्होंने सपनों को तीन प्रकारों में विभाजित किया, जिसमें पहला ‘सच्चा सपना’ (रुया सालेह) है जो अल्लाह की ओर से होता है और नबुवत का छियालीसवां हिस्सा है। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति चाहता है कि उसके सपने सच हों, उसे सच्चाई, हलाल कमाई और अल्लाह के आदेशों का पालन करना चाहिए।
उन्होंने दूसरे प्रकार के सपनों को शैतान की ओर से बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कोई व्यक्ति बुरा सपना देखे, तो उसे तीन बार शैतान से अल्लाह की शरण लेनी चाहिए, बाईं ओर थूकना चाहिए, अपनी करवट बदलनी चाहिए और उसके बारे में किसी को नहीं बताना चाहिए।
विज्ञप्ति में तीसरे प्रकार के सपनों का विवरण नहीं दिया गया है।