Friday, October 16, 2026
सऊदी समाचार

सऊदी अरब ने सीरिया के कोया पर इजरायली बमबारी की कड़ी निंदा की

सऊदी अरब ने सीरिया के कोया पर इजरायली बमबारी की कड़ी निंदा की

रियाद से जारी एक बयान में सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने सीरियाई अरब गणराज्य के शहर कोया पर इजरायली कब्ज़ा बलों की बमबारी की कड़ी निंदा और भर्त्सना की है, जिसमें दर्जनों निर्दोष नागरिक मारे गए और घायल हुए।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 26 मार्च 2025 को बताया, मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह हमला निर्दोष नागरिकों की जान और सुरक्षा को निशाना बनाता है और इसके परिणामस्वरूप दर्जनों लोगों की मौत और चोटें हुईं। बयान में सऊदी अरब ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वह सीरिया और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को कमज़ोर करने के इजरायल के लगातार प्रयासों को दृढ़ता से खारिज करता है।

मंत्रालय ने कहा कि ये कार्रवाइयाँ अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला और बार-बार उल्लंघन हैं। क्या किसी संप्रभु देश के शहर पर इस तरह की बमबारी को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जायज़ ठहराया जा सकता है? सऊदी अरब ने स्पष्ट किया कि वह इस अन्यायपूर्ण इजरायली आक्रामकता के सामने सीरिया के साथ एकजुटता में खड़ा है।

बयान के अनुसार, सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे इन चल रहे उल्लंघनों के खिलाफ गंभीर और दृढ़ रुख अपनाएँ तथा अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही तंत्र को सक्रिय करें। क्या सुरक्षा परिषद के सदस्य देश इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार हैं? मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि इजरायल के इन प्रयासों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

एसपीए के अनुसार, यह बयान रियाद से जारी हुआ और इसमें कोया शहर पर हुए हमले को निशाना बनाया गया। बयान में कहा गया कि इस हमले में दर्जनों निर्दोष नागरिकों की मौत और चोटें हुईं। क्या निर्दोष नागरिकों पर हमले किसी भी सैन्य या राजनीतिक लक्ष्य को सही ठहरा सकते हैं? सऊदी अरब ने इसे सीरिया के खिलाफ अन्यायपूर्ण आक्रामकता बताया।

मंत्रालय ने कहा कि इजरायल अंतरराष्ट्रीय कानून का बार-बार उल्लंघन कर रहा है और इससे सीरिया तथा क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता प्रभावित हो रही है। बयान में सऊदी अरब की सीरिया के साथ एकजुटता दोहराई गई। क्या क्षेत्रीय स्थिरता के लिए यह ज़रूरी नहीं कि सभी पक्ष अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करें? सऊदी अरब ने सुरक्षा परिषद से ठोस कदम उठाने की अपील की।

एसपीए की रिपोर्ट के मुताबिक, बयान में अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही तंत्र को सक्रिय करने की बात कही गई। मंत्रालय ने सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों से गंभीर और दृढ़ रुख अपनाने का आह्वान किया। क्या जवाबदेही के बिना ऐसे हमले रुक सकते हैं? सऊदी अरब ने इन उल्लंघनों को चल रहा बताया और उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की।

बयान में यह भी कहा गया कि सऊदी अरब इजरायल के उन प्रयासों को दृढ़ता से खारिज करता है जो सीरिया और क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को कमज़ोर करते हैं। मंत्रालय ने इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया। क्या इस तरह के उल्लंघनों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी उचित है? सऊदी अरब ने सीरिया के साथ एकजुटता जताई।

एसपीए के अनुसार, यह बयान विदेश मंत्रालय ने जारी किया और इसमें कोया में हुए हमले की निंदा की गई। बयान में कहा गया कि हमले में दर्जनों निर्दोष नागरिक मारे गए और घायल हुए। क्या नागरिकों की सुरक्षा सबसे पहले नहीं होनी चाहिए? मंत्रालय ने सुरक्षा परिषद से जवाबदेही तंत्र सक्रिय करने की अपील दोहराई।

बयान में सऊदी अरब ने सीरिया के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की और इजरायली आक्रामकता को अन्यायपूर्ण बताया। मंत्रालय ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। क्या क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए जवाबदेही ज़रूरी नहीं है? एसपीए की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सऊदी अरब ने सुरक्षा परिषद के सदस्यों से ठोस रुख की मांग की।

एसपीए के मुताबिक, बयान में इजरायल के लगातार प्रयासों को खारिज किया गया और कहा गया कि ये सीरिया और क्षेत्र की सुरक्षा तथा स्थिरता को नुकसान पहुँचाते हैं। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानून के बार-बार उल्लंघन का ज़िक्र किया। क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन उल्लंघनों को रोकने के लिए एकजुट होगा? सऊदी अरब ने सीरिया के साथ एकजुटता दोहराई।

बयान में सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों से गंभीर और दृढ़ रुख अपनाने तथा जवाबदेही तंत्र सक्रिय करने की अपील की गई। एसपीए के अनुसार, यह बयान 26 मार्च 2025 को रियाद से जारी हुआ। क्या जवाबदेही के बिना ऐसे हमलों को रोका जा सकता है? मंत्रालय ने इन उल्लंघनों को चल रहा बताया।

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि हमले में मारे गए या घायल हुए लोगों की सटीक संख्या क्या थी, न ही यह कि हमला किस तारीख या समय पर हुआ। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने इस अपील पर क्या प्रतिक्रिया दी। बयान में किसी विशेष देश का नाम लेकर कार्रवाई की मांग नहीं की गई।

सऊदी अरब ने किस घटना की निंदा की? विदेश मंत्रालय ने सीरियाई अरब गणराज्य के शहर कोया पर इजरायली कब्ज़ा बलों की बमबारी की कड़ी निंदा और भर्त्सना की। एसपीए के अनुसार, इस हमले में दर्जनों निर्दोष नागरिक मारे गए और घायल हुए। बयान में इसे निर्दोष नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई बताया गया।

सऊदी अरब ने इजरायल के बारे में क्या कहा? मंत्रालय ने इजरायल के उन लगातार प्रयासों को दृढ़ता से खारिज किया जो सीरिया और क्षेत्र की सुरक्षा तथा स्थिरता को कमज़ोर करते हैं। बयान में इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला और बार-बार उल्लंघन बताया गया। सऊदी अरब ने इजरायली आक्रामकता को अन्यायपूर्ण कहा।

सऊदी अरब ने सुरक्षा परिषद से क्या मांग की? मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे इन चल रहे उल्लंघनों के खिलाफ गंभीर और दृढ़ रुख अपनाएँ। साथ ही अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही तंत्र को सक्रिय करने की अपील की गई। एसपीए के अनुसार, बयान में इन उल्लंघनों को चल रहा बताया गया।

सऊदी अरब ने सीरिया के प्रति क्या रुख दिखाया? बयान में सऊदी अरब ने सीरिया के साथ एकजुटता व्यक्त की और इजरायली आक्रामकता को अन्यायपूर्ण बताया। मंत्रालय ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। एसपीए के अनुसार, सऊदी अरब ने सीरिया और क्षेत्र की सुरक्षा तथा स्थिरता को कमज़ोर करने वाले प्रयासों को खारिज किया।

यह बयान कब और कहाँ से जारी हुआ? एसपीए के अनुसार, यह बयान 26 मार्च 2025 को रियाद से जारी हुआ। इसे सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने जारी किया। बयान में कोया शहर पर हुए हमले की निंदा की गई और दर्जनों निर्दोष नागरिकों की मौत तथा चोटों का ज़िक्र किया गया।

एसपीए की रिपोर्ट में क्या नहीं बताया गया? रिपोर्ट में हमले में मारे गए या घायल हुए लोगों की सटीक संख्या नहीं बताई गई। यह भी नहीं बताया गया कि हमला किस तारीख या समय पर हुआ। सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों की प्रतिक्रिया का भी ज़िक्र नहीं है। बयान में किसी विशेष देश का नाम लेकर कार्रवाई की मांग नहीं की गई।