सऊदी की शाही नौसेना (आरएसएनएफ) ने सरावत परियोजना के दूसरे चरण के तहत दूसरे जहाज एचएमएस नियोम को स्पेन के सैन फर्नांडो स्थित नवांतिया शिपयार्ड में लॉन्च किया। यह लॉन्चिंग जहाज के हल के निर्माण और असेंबली पूरा होने के बाद की गई।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, जहाज के सिस्टम की फिटिंग, इंस्टॉलेशन और इंटीग्रेशन का काम सऊदी अरब में पूरा किया जाएगा। इसके बाद सऊदी भूमि और सऊदी जलक्षेत्र में स्वीकृति परीक्षण किए जाएंगे। यह प्रक्रिया तकनीक हस्तांतरण और सैन्य जहाज निर्माण के स्थानीयकरण को समर्थन देती है।
लॉन्चिंग समारोह में आरएसएनएफ के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडम. मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अलगुरैबी, स्पेन में सऊदी के राजदूत राजकुमारी हैफा बिन्त अब्दुलअजीज बिन अय्याफ अल मुक्रिन, नवांतिया के चेयरमैन रिकार्डो डोमिंगेज, कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर गोंजालो माटेओ-गुएरेरो, सैन फर्नांडो शिपयार्ड के निदेशक अल्बर्टो सेर्वांटेस सांचेज और दोनों देशों के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारी मौजूद रहे।
समारोह में बोलते हुए वाइस एडम. अलगुरैबी ने सशस्त्र बलों, विशेष रूप से आरएसएनएफ को मिल रहे अटूट समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने कस्टोडियन ऑफ द टू होली मस्जिद किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद, क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री महामहिम राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद और रक्षा मंत्री राजकुमार खालिद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस समर्थन से रक्षा क्षमताओं के विकास और परिचालन तैयारी तथा प्रभावशीलता को बढ़ाने में मदद मिली है।
वाइस एडम. अलगुरैबी ने सऊदी-स्पेनिश साझेदारी की प्रशंसा की और नौसैनिक क्षमताओं के विकास में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने परियोजना के इंजीनियरों और तकनीशियनों के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने जोर दिया कि सरावत परियोजना नौसैनिक तैयारी को मजबूत करती है और रसद समर्थन तथा चालक दल की योग्यता और प्रशिक्षण के व्यापक पैकेज के जरिए राष्ट्रीय विशेषज्ञता विकसित करती है। इससे कर्मियों को जहाजों को संचालित और बनाए रखने के लिए आवश्यक ज्ञान और अनुभव मिलता है।
सरावत परियोजना के दूसरे चरण के अनुबंध में व्यापक रसद समर्थन शामिल है। एचएमएस नियोम इस चरण का दूसरा जहाज है, जिसका हल निर्माण और असेंबली पूरा हो चुका है। अब इसके सिस्टम को सऊदी अरब में जोड़ा और एकीकृत किया जाएगा।
यह लॉन्चिंग सऊदी अरब और स्पेन के बीच रक्षा सहयोग का हिस्सा है। समारोह में दोनों देशों के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों की उपस्थिति इस साझेदारी की निरंतरता दर्शाती है। नवांतिया के शिपयार्ड में जहाज का हल तैयार किया गया, जबकि आगे का काम सऊदी अरब में होगा।
सऊदी अरब में सिस्टम की फिटिंग, इंस्टॉलेशन और इंटीग्रेशन का मतलब है कि जहाज का अंतिम चरण देश के भीतर पूरा होगा। इसके बाद सऊदी भूमि और सऊदी जलक्षेत्र में स्वीकृति परीक्षण होंगे। यह प्रक्रिया सैन्य जहाज निर्माण के स्थानीयकरण और तकनीक हस्तांतरण के लक्ष्य से जुड़ी है।
वाइस एडम. अलगुरैबी ने कहा कि सरावत परियोजना नौसैनिक तैयारी को मजबूत करती है। यह परियोजना रसद समर्थन और चालक दल के प्रशिक्षण का व्यापक पैकेज प्रदान करती है। इससे कर्मियों को जहाजों को संचालित करने और बनाए रखने का ज्ञान और अनुभव मिलता है।
समारोह में सऊदी के राजदूत राजकुमारी हैफा बिन्त अब्दुलअजीज बिन अय्याफ अल मुक्रिन भी शामिल हुईं। नवांतिया के चेयरमैन रिकार्डो डोमिंगेज, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर गोंजालो माटेओ-गुएरेरो और सैन फर्नांडो शिपयार्ड के निदेशक अल्बर्टो सेर्वांटेस सांचेज मौजूद रहे। दोनों देशों के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों ने भी समारोह में भाग लिया।
एचएमएस नियोम का लॉन्च होना सरावत परियोजना के दूसरे चरण की प्रगति को दर्शाता है। यह चरण दूसरा जहाज है, जिसका हल पूरा हो चुका है। अब इसका अगला चरण सऊदी अरब में सिस्टम इंटीग्रेशन और परीक्षण है।
सऊदी अरब की नौसैनिक क्षमताओं के विकास में यह परियोजना अहम भूमिका निभाती है। वाइस एडम. अलगुरैबी ने सऊदी-स्पेनिश साझेदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी नौसैनिक क्षमताओं को विकसित करने में मदद करती है।
परियोजना के इंजीनियरों और तकनीशियनों के प्रयासों को भी समारोह में सराहा गया। वाइस एडम. अलगुरैबी ने कहा कि उनके प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई। उन्होंने सरावत परियोजना को नौसैनिक तैयारी और राष्ट्रीय विशेषज्ञता के विकास से जोड़ा।
सऊदी अरब में सिस्टम की फिटिंग और इंटीग्रेशन का काम पूरा होने के बाद स्वीकृति परीक्षण होंगे। ये परीक्षण सऊदी भूमि और सऊदी जलक्षेत्र में किए जाएंगे। इससे जहाज की क्षमताओं का मूल्यांकन देश के भीतर ही किया जा सकेगा।
सरावत परियोजना के दूसरे चरण के अनुबंध में व्यापक रसद समर्थन शामिल है। इसमें चालक दल की योग्यता और प्रशिक्षण भी शामिल है। इससे कर्मियों को जहाजों को संचालित और बनाए रखने के लिए आवश्यक ज्ञान और अनुभव मिलता है।
एचएमएस नियोम का लॉन्च समारोह स्पेन के सैन फर्नांडो में हुआ। यह नवांतिया के शिपयार्ड में आयोजित किया गया। समारोह में सऊदी और स्पेन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
वाइस एडम. अलगुरैबी ने सशस्त्र बलों को मिल रहे समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने किंग सलमान, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और रक्षा मंत्री राजकुमार खालिद बिन सलमान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस समर्थन से रक्षा क्षमताओं का विकास हुआ और परिचालन तैयारी तथा प्रभावशीलता बढ़ी।
सऊदी-स्पेनिश साझेदारी को समारोह में सराहा गया। वाइस एडम. अलगुरैबी ने कहा कि यह साझेदारी नौसैनिक क्षमताओं के विकास में भूमिका निभाती है। उन्होंने परियोजना के इंजीनियरों और तकनीशियनों के प्रयासों की भी प्रशंसा की।
सरावत परियोजना नौसैनिक तैयारी को मजबूत करती है। यह रसद समर्थन और चालक दल के प्रशिक्षण का व्यापक पैकेज प्रदान करती है। इससे कर्मियों को जहाजों को संचालित और बनाए रखने का ज्ञान और अनुभव मिलता है।
एचएमएस नियोम सरावत परियोजना के दूसरे चरण का दूसरा जहाज है। इसका हल निर्माण और असेंबली पूरा हो चुका है। अब इसके सिस्टम की फिटिंग, इंस्टॉलेशन और इंटीग्रेशन सऊदी अरब में होगी।
समारोह में सऊदी के राजदूत राजकुमारी हैफा बिन्त अब्दुलअजीज बिन अय्याफ अल मुक्रिन की उपस्थिति दर्ज की गई। नवांतिया के चेयरमैन रिकार्डो डोमिंगेज, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर गोंजालो माटेओ-गुएरेरो और सैन फर्नांडो शिपयार्ड के निदेशक अल्बर्टो सेर्वांटेस सांचेज भी मौजूद रहे। दोनों देशों के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों ने भी समारोह में भाग लिया।
वाइस एडम. अलगुरैबी ने कहा कि सरावत परियोजना राष्ट्रीय विशेषज्ञता विकसित करती है। यह रसद समर्थन और चालक दल की योग्यता तथा प्रशिक्षण के जरिए होता है। इससे कर्मियों को जहाजों को संचालित और बनाए रखने के लिए आवश्यक ज्ञान और अनुभव मिलता है।
एचएमएस नियोम का लॉन्च होना परियोजना के दूसरे चरण की एक अवस्था है। इसके बाद सऊदी अरब में सिस्टम इंटीग्रेशन और स्वीकृति परीक्षण होंगे। ये परीक्षण सऊदी भूमि और सऊदी जलक्षेत्र में किए जाएंगे।
सऊदी अरब और स्पेन के बीच रक्षा सहयोग इस परियोजना के जरिए आगे बढ़ रहा है। समारोह में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति इस साझेदारी को दर्शाती है। नवांतिया के शिपयार्ड में जहाज का हल तैयार किया गया।
सरावत परियोजना के दूसरे चरण के अनुबंध में व्यापक रसद समर्थन शामिल है। इसमें चालक दल की योग्यता और प्रशिक्षण भी शामिल है। इससे कर्मियों को जहाजों को संचालित और बनाए रखने के लिए आवश्यक ज्ञान और अनुभव मिलता है।
वाइस एडम. अलगुरैबी ने सशस्त्र बलों को मिल रहे समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने किंग सलमान, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और रक्षा मंत्री राजकुमार खालिद बिन सलमान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस समर्थन से रक्षा क्षमताओं का विकास हुआ और परिचालन तैयारी तथा प्रभावशीलता बढ़ी।
समारोह में सऊदी-स्पेनिश साझेदारी की प्रशंसा की गई। वाइस एडम. अलगुरैबी ने कहा कि यह साझेदारी नौसैनिक क्षमताओं के विकास में भूमिका निभाती है। उन्होंने परियोजना के इंजीनियरों और तकनीशियनों के प्रयासों की भी सराहना की।
एचएमएस नियोम का लॉन्च स्पेन के सैन फर्नांडो में नवांतिया शिपयार्ड में हुआ। यह सरावत परियोजना के दूसरे चरण का दूसरा जहाज है। इसका हल निर्माण और असेंबली पूरा हो चुका है।
अब इसके सिस्टम की फिटिंग, इंस्टॉलेशन और इंटीग्रेशन सऊदी अरब में पूरा किया जाएगा। इसके बाद सऊदी भूमि और सऊदी जलक्षेत्र में स्वीकृति परीक्षण होंगे। यह तकनीक हस्तांतरण और सैन्य जहाज निर्माण के स्थानीयकरण को समर्थन देता है।
सरावत परियोजना नौसैनिक तैयारी को मजबूत करती है। यह रसद समर्थन और चालक दल के प्रशिक्षण का व्यापक पैकेज प्रदान करती है। इससे कर्मियों को जहाजों को संचालित और बनाए रखने का ज्ञान और अनुभव मिलता है।
वाइस एडम. अलगुरैबी ने कहा कि सरावत परियोजना राष्ट्रीय विशेषज्ञता विकसित करती है। यह रसद समर्थन और चालक दल की योग्यता तथा प्रशिक्षण के जरिए होता है। इससे कर्मियों को जहाजों को संचालित और बनाए रखने के लिए आवश्यक ज्ञान और अनुभव मिलता है।
एसपीए की रिपोर्ट में जहाज की क्षमता, लागत या पूरा होने की तारीख का उल्लेख नहीं है। रिपोर्ट में आगे के चरणों की समय-सारणी भी नहीं दी गई है।
एचएमएस नियोम क्या है और इसे कहां लॉन्च किया गया? एचएमएस नियोम सरावत परियोजना के दूसरे चरण का दूसरा जहाज है। इसे स्पेन के सैन फर्नांडो स्थित नवांतिया शिपयार्ड में लॉन्च किया गया। यह लॉन्चिंग जहाज के हल के निर्माण और असेंबली पूरा होने के बाद हुई। एसपीए के अनुसार, समारोह में आरएसएनएफ के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडम. मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अलगुरैबी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जहाज के सिस्टम का काम कहां पूरा होगा? जहाज के सिस्टम की फिटिंग, इंस्टॉलेशन और इंटीग्रेशन सऊदी अरब में पूरा किया जाएगा। इसके बाद सऊदी भूमि और सऊदी जलक्षेत्र में स्वीकृति परीक्षण किए जाएंगे। एसपीए के अनुसार, यह प्रक्रिया तकनीक हस्तांतरण और सैन्य जहाज निर्माण के स्थानीयकरण को समर्थन देती है।
समारोह में कौन-कौन शामिल हुए? समारोह में आरएसएनएफ के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडम. मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अलगुरैबी शामिल हुए। स्पेन में सऊदी के राजदूत राजकुमारी हैफा बिन्त अब्दुलअजीज बिन अय्याफ अल मुक्रिन भी मौजूद रहीं। नवांतिया के चेयरमैन रिकार्डो डोमिंगेज, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर गोंजालो माटेओ-गुएरेरो और सैन फर्नांडो शिपयार्ड के निदेशक अल्बर्टो सेर्वांटेस सांचेज भी शामिल हुए।
सरावत परियोजना के दूसरे चरण में क्या शामिल है? सरावत परियोजना के दूसरे चरण के अनुबंध में व्यापक रसद समर्थन शामिल है। इसमें चालक दल की योग्यता और प्रशिक्षण भी शामिल है। एसपीए के अनुसार, इससे कर्मियों को जहाजों को संचालित और बनाए रखने के लिए आवश्यक ज्ञान और अनुभव मिलता है। वाइस एडम. अलगुरैबी ने कहा कि यह परियोजना नौसैनिक तैयारी को मजबूत करती है।
वाइस एडम. अलगुरैबी ने क्या कहा? वाइस एडम. अलगुरैबी ने सशस्त्र बलों को मिल रहे समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने किंग सलमान, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और रक्षा मंत्री राजकुमार खालिद बिन सलमान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस समर्थन से रक्षा क्षमताओं का विकास हुआ और परिचालन तैयारी तथा प्रभावशीलता बढ़ी। उन्होंने सऊदी-स्पेनिश साझेदारी की भी प्रशंसा की।
एसपीए की रिपोर्ट में क्या नहीं बताया गया? एसपीए की रिपोर्ट में जहाज की क्षमता, लागत या पूरा होने की तारीख का उल्लेख नहीं है। रिपोर्ट में आगे के चरणों की समय-सारणी भी नहीं दी गई है। रिपोर्ट में केवल यह बताया गया कि हल निर्माण और असेंबली पूरा हो चुका है तथा आगे का काम सऊदी अरब में होगा।