किंग अब्दुलअजीज रॉयल रिजर्व के विकास प्राधिकरण ने रिजर्व के भीतर इजिप्शियन नाइटजार (Egyptian Nightjar) के घोंसले और प्रजनन के पहले मामले की पुष्टि की है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 8 अगस्त 2026 को बताया, इस खोज को Budapest स्थित ALÖKI Kft. द्वारा प्रकाशित Applied Ecology and Environmental Research नामक अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में एक शोध पत्र के माध्यम से प्रलेखित किया गया है। सऊदी अरब में इस पक्षी को स्थानीय रूप से ‘मल्लाही अर-रयान’ के नाम से जाना जाता है।
यह दुर्लभ और रात में सक्रिय रहने वाला मरुस्थलीय पक्षी है, जिसे इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) की रेड लिस्ट में ‘Least Concern’ (LC) श्रेणी में रखा गया है। शोधकर्ताओं ने रिजर्व के ‘उम्म अज़-दियाबा’ क्षेत्र में, जो एक मौसमी आर्द्रभूमि आवास है, जमीन पर बिना घोंसले के दो अंडे पाए थे।
15 अप्रैल 2025 को अंडों के छिलकों के अवशेष मिले, जिससे चूजों के सफलतापूर्वक निकलने की पुष्टि हुई। यह खोज अरब प्रायद्वीप में इस प्रजाति के प्रजनन क्षेत्र और पारिस्थितिक वितरण के आंकड़ों को अपडेट करने में मदद करेगी। विज्ञप्ति में शोध टीम के सदस्यों के नाम नहीं दिए गए हैं।
इजिप्शियन नाइटजार की खोज कहाँ हुई? यह खोज किंग अब्दुलअजीज रॉयल रिजर्व के ‘उम्म अज़-दियाबा’ क्षेत्र में हुई, जो एक अद्वितीय मौसमी आर्द्रभूमि आवास है। यहाँ जमीन पर बिना पारंपरिक घोंसले के दो अंडे पाए गए थे।
प्रजनन की पुष्टि कब और कैसे हुई? 15 अप्रैल 2025 को अंडों के छिलकों के अवशेष मिले, जिससे चूजों के सफलतापूर्वक निकलने की पुष्टि हुई। इस खोज को Applied Ecology and Environmental Research पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।
इस पक्षी की संरक्षण स्थिति क्या है? इजिप्शियन नाइटजार, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘मल्लाही अर-रयान’ कहा जाता है, इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) की रेड लिस्ट में ‘Least Concern’ (LC) श्रेणी में शामिल है।