नजरान क्षेत्र में खजूर के पत्तों (खूस) से हस्तशिल्प बनाने की पारंपरिक कला आज भी जीवित है, जो स्थानीय पर्यावरण के संसाधनों का उपयोग कर विभिन्न उपयोगी उत्पादों में बदलने के कौशल को दर्शाती है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 14 अगस्त 2026 को बताया, यह शिल्प प्राचीन काल से क्षेत्र के लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ा रहा है। इसमें खजूर के पत्तों और रेशों का उपयोग करके सुफ़र, चटाई, टोकरियाँ, बैग, हाथ के पंखे, झाड़ू और रस्सियाँ जैसे उपकरण बनाए जाते हैं।
अबा अल-सऊद जिले के पुराने लोकप्रिय बाजार की दुकानों में बुनाई की सटीकता और विविध रंगों वाले इन उत्पादों का प्रदर्शन किया जाता है। शिल्पकारों के अनुसार, इस प्रक्रिया में धैर्य और कौशल की आवश्यकता होती है, जिसकी शुरुआत उपयुक्त पत्तों के चयन और तैयारी से होती है।
महिला शिल्पकारों ने बताया कि उन्होंने यह हुनर अपने परिवार से विरासत में पाया है और अब वे पारंपरिक पहचान बनाए रखते हुए आधुनिक जरूरतों के अनुसार उत्पादों को विकसित कर रही हैं। विज्ञप्ति में उत्पादन की मात्रा या बाजार मूल्य का उल्लेख नहीं है।