अल-जौफ क्षेत्र के जैतून प्रेसों ने इस अक्टूबर में जैतून की फसल प्राप्त करना और फल को तेल में बदलना शुरू कर दिया है। यह मौसम बड़े कृषि परियोजनाओं और छोटे किसानों की भरपूर कृषि उपज से लाभ उठा रहा है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, सकाका से जारी जानकारी के अनुसार यह मौसम क्षेत्र की स्थिति को सऊदी अरब के प्रमुख जैतून और जैतून तेल उत्पादकों में से एक के रूप में और मजबूत करता है।
अल-जौफ मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा संचालित अल-जौबा प्रेस एक एकीकृत उत्पादन प्रक्रिया अपनाती है। यह प्रक्रिया जैतून प्राप्त करने से शुरू होती है और फिर कन्वेयर प्रणाली के जरिए फल को विभिन्न प्रसंस्करण चरणों से गुजारा जाता है। जैतून को धोने और गूंधने से पहले हवा की मदद से अशुद्धियां, पत्तियां और छोटी टहनियां हटाई जाती हैं। इसके बाद तेल निकाला जाता है, उसे पानी से अलग किया जाता है, शुद्ध किया जाता है और उपभोग के लिए पैक किया जाता है।
अल-जौफ ऑलिव प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. बस्साम अलोवाइश ने बताया कि सऊदी अरब में जैतून की खेती पिछले तीन दशकों में काफी बढ़ी है, विशेष रूप से उत्तरी सऊदी अरब में। अल-जौफ क्षेत्र में जैतून के पेड़ों की संख्या 3 करोड़ से अधिक हो गई है, जो 20,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले हैं, और इसका अनुमानित आर्थिक मूल्य लगभग 50 करोड़ सऊदी रियाल है।
उन्होंने बताया कि 2025 में जैतून का उत्पादन 1,60,000 टन से अधिक रहा, जिसमें लगभग 25,000 टन जैतून तेल शामिल था। इसकी तुलना में 2006 में जैतून तेल लगभग 3,000 टन था। यह क्षेत्र के विकास और बढ़ती उत्पादन क्षमता को दर्शाता है।
अलोवाइश ने आगे कहा कि अल-जौफ क्षेत्र उत्तरी सऊदी अरब में जैतून तेल उत्पादन का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें इसकी विस्तृत कृषि भूमि, उगाई जाने वाली जैतून की किस्मों की विविधता और जैतून की खेती तथा तेल उत्पादन में संचित विशेषज्ञता सहायक है।
उन्होंने पुष्टि की कि जैतून की किस्मों की विविधता और प्रेसिंग तथा उत्पादन प्रक्रियाओं में प्रगति फसल से अधिकतम लाभ उठाने और स्थानीय उत्पादों का अतिरिक्त मूल्य बढ़ाने में मदद करती है। ये प्रयास कृषि गतिविधियों और संबंधित उद्योगों की वृद्धि का समर्थन करते हैं।
अल-जौबा प्रेस की कार्यप्रणाली इस बात का उदाहरण है कि कैसे कच्चे जैतून से उपभोग योग्य तेल तक की यात्रा कई चरणों से गुजरती है। जैतून प्राप्त करने के बाद उन्हें कन्वेयर प्रणाली पर विभिन्न प्रसंस्करण चरणों तक पहुंचाया जाता है। हवा से अशुद्धियां, पत्तियां और छोटी टहनियां हटाई जाती हैं। फिर जैतून को धोया और गूंधा जाता है। इसके बाद तेल निकाला जाता है, पानी से अलग किया जाता है, शुद्ध किया जाता है और पैक किया जाता है।
क्षेत्र में जैतून की खेती का विस्तार पिछले तीन दशकों में हुआ है। डॉ. बस्साम अलोवाइश के अनुसार यह विस्तार विशेष रूप से उत्तरी सऊदी अरब में देखा गया है। अल-जौफ क्षेत्र में जैतून के पेड़ों की संख्या 3 करोड़ से अधिक है और ये 20,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले हैं। इसका अनुमानित आर्थिक मूल्य लगभग 50 करोड़ सऊदी रियाल आंका गया है।
उत्पादन के आंकड़े भी इस बदलाव को दिखाते हैं। 2025 में जैतून का उत्पादन 1,60,000 टन से अधिक रहा, जिसमें लगभग 25,000 टन जैतून तेल शामिल था। 2006 में जैतून तेल लगभग 3,000 टन था। यह अंतर क्षेत्र की उत्पादन क्षमता में वृद्धि को दर्शाता है।
अल-जौफ क्षेत्र उत्तरी सऊदी अरब में जैतून तेल उत्पादन का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा है। इसके पीछे विस्तृत कृषि भूमि, उगाई जाने वाली जैतून की किस्मों की विविधता और जैतून की खेती तथा तेल उत्पादन में संचित विशेषज्ञता जैसे कारक बताए गए हैं।
डॉ. अलोवाइश ने कहा कि जैतून की किस्मों की विविधता और प्रेसिंग तथा उत्पादन प्रक्रियाओं में प्रगति फसल से अधिकतम लाभ उठाने और स्थानीय उत्पादों का अतिरिक्त मूल्य बढ़ाने में मदद करती है। इन प्रयासों से कृषि गतिविधियों और संबंधित उद्योगों की वृद्धि को समर्थन मिलता है।
इस मौसम में बड़े कृषि परियोजनाओं और छोटे किसानों दोनों की भरपूर कृषि उपज का लाभ मिल रहा है। जैतून प्रेस इस अक्टूबर में जैतून की फसल प्राप्त कर रहे हैं और फल को तेल में बदल रहे हैं।
अल-जौबा प्रेस अल-जौफ मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा संचालित है। यह प्रेस एक एकीकृत उत्पादन प्रक्रिया अपनाती है। इस प्रक्रिया में जैतून प्राप्त करना, कन्वेयर प्रणाली पर विभिन्न प्रसंस्करण चरणों तक पहुंचाना, हवा से अशुद्धियां, पत्तियां और छोटी टहनियां हटाना, जैतून को धोना और गूंधना, तेल निकालना, पानी से अलग करना, शुद्ध करना और पैक करना शामिल है।
डॉ. बस्साम अलोवाइश अल-जौफ ऑलिव प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। उन्होंने सऊदी अरब में जैतून की खेती के विस्तार पर बात की। उनके अनुसार यह विस्तार पिछले तीन दशकों में हुआ है और विशेष रूप से उत्तरी सऊदी अरब में देखा गया है।
अल-जौफ क्षेत्र में जैतून के पेड़ों की संख्या 3 करोड़ से अधिक है। ये पेड़ 20,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले हैं। इसका अनुमानित आर्थिक मूल्य लगभग 50 करोड़ सऊदी रियाल है।
2025 में जैतून का उत्पादन 1,60,000 टन से अधिक रहा। इसमें लगभग 25,000 टन जैतून तेल शामिल था। 2006 में जैतून तेल लगभग 3,000 टन था।
अल-जौफ क्षेत्र उत्तरी सऊदी अरब में जैतून तेल उत्पादन का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा है। इसके लिए विस्तृत कृषि भूमि, जैतून की किस्मों की विविधता और संचित विशेषज्ञता को आधार बताया गया है।
जैतून की किस्मों की विविधता और प्रेसिंग तथा उत्पादन प्रक्रियाओं में प्रगति से फसल का अधिकतम लाभ लेने और स्थानीय उत्पादों का अतिरिक्त मूल्य बढ़ाने में मदद मिलती है। ये प्रयास कृषि गतिविधियों और संबंधित उद्योगों की वृद्धि का समर्थन करते हैं।
एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि इस मौसम का कुल उत्पादन कितना होगा, कितने प्रेस संचालित हैं, तेल की कीमतें क्या रहेंगी या निर्यात से जुड़े क्या आंकड़े हैं। रिपोर्ट में यह भी नहीं दिया गया कि अल-जौबा प्रेस की दैनिक प्रसंस्करण क्षमता कितनी है या इस मौसम में कितने किसान शामिल हो रहे हैं।
अल-जौफ क्षेत्र में जैतून के पेड़ों और क्षेत्रफल के क्या आंकड़े बताए गए हैं? अल-जौफ ऑलिव प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. बस्साम अलोवाइश के अनुसार अल-जौफ क्षेत्र में जैतून के पेड़ों की संख्या 3 करोड़ से अधिक हो गई है। ये पेड़ 20,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले हैं। इसका अनुमानित आर्थिक मूल्य लगभग 50 करोड़ सऊदी रियाल आंका गया है। एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि इनमें से कितने पेड़ फल देने योग्य हैं या किस्मों का बंटवारा क्या है।
2025 और 2006 के जैतून तेल उत्पादन में कितना अंतर बताया गया है? डॉ. बस्साम अलोवाइश के अनुसार 2025 में जैतून का उत्पादन 1,60,000 टन से अधिक रहा, जिसमें लगभग 25,000 टन जैतून तेल शामिल था। इसकी तुलना में 2006 में जैतून तेल लगभग 3,000 टन था। यह अंतर क्षेत्र के विकास और बढ़ती उत्पादन क्षमता को दर्शाता है। रिपोर्ट में इस बढ़ोतरी के पीछे की लागत या निवेश के आंकड़े नहीं दिए गए हैं।
अल-जौबा प्रेस में जैतून से तेल बनाने की प्रक्रिया क्या है? अल-जौफ मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा संचालित अल-जौबा प्रेस एक एकीकृत उत्पादन प्रक्रिया अपनाती है। इसमें जैतून प्राप्त करने के बाद उन्हें कन्वेयर प्रणाली पर विभिन्न प्रसंस्करण चरणों तक पहुंचाया जाता है। हवा से अशुद्धियां, पत्तियां और छोटी टहनियां हटाई जाती हैं, फिर जैतून को धोया और गूंधा जाता है। इसके बाद तेल निकाला जाता है, पानी से अलग किया जाता है, शुद्ध किया जाता है और पैक किया जाता है।
उत्तरी सऊदी अरब के जैतून तेल उत्पादन में अल-जौफ का कितना हिस्सा है? डॉ. बस्साम अलोवाइश के अनुसार अल-जौफ क्षेत्र उत्तरी सऊदी अरब में जैतून तेल उत्पादन का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा है। इसके लिए विस्तृत कृषि भूमि, उगाई जाने वाली जैतून की किस्मों की विविधता और जैतून की खेती तथा तेल उत्पादन में संचित विशेषज्ञता को आधार बताया गया है। रिपोर्ट में उत्तरी क्षेत्र के कुल उत्पादन का पूरा आंकड़ा नहीं दिया गया है।
इस मौसम में किन किसानों को लाभ मिल रहा है? एसपीए के अनुसार अल-जौफ क्षेत्र के जैतून प्रेस इस अक्टूबर में जैतून की फसल प्राप्त कर रहे हैं और फल को तेल में बदल रहे हैं। इसमें बड़े कृषि परियोजनाओं और छोटे किसानों दोनों की भरपूर कृषि उपज से लाभ मिल रहा है। यह मौसम क्षेत्र की स्थिति को सऊदी अरब के प्रमुख जैतून और जैतून तेल उत्पादकों में से एक के रूप में और मजबूत करता है।
जैतून की किस्मों की विविधता और प्रसंस्करण में प्रगति से क्या होता है? डॉ. बस्साम अलोवाइश ने कहा कि जैतून की किस्मों की विविधता और प्रेसिंग तथा उत्पादन प्रक्रियाओं में प्रगति फसल से अधिकतम लाभ उठाने और स्थानीय उत्पादों का अतिरिक्त मूल्य बढ़ाने में मदद करती है। इन प्रयासों से कृषि गतिविधियों और संबंधित उद्योगों की वृद्धि को समर्थन मिलता है। रिपोर्ट में इस अतिरिक्त मूल्य का कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है।