Monday, November 2, 2026
सऊदी समाचार

रियाद में 2027 विश्व जल मंच की मेजबानी, सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में भूमिका मजबूत की

रियाद में 2027 विश्व जल मंच की मेजबानी, सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में भूमिका मजबूत की

रोम में यूरो-भूमध्यसागरीय जल मंच के एक संवाद सत्र में सऊदी अरब ने कहा कि 2027 में रियाद में 11वें विश्व जल मंच की मेजबानी संयुक्त अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को मजबूत करने और प्रतिबद्धताओं तथा पहलों से व्यावहारिक समाधानों की ओर संक्रमण को तेज करने का एक पड़ाव है।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 30 सितंबर 2026 को बताया, यह बयान पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय में जल के उप मंत्री डॉ. अब्दुलअजीज अल-शैबानी की उस संवाद सत्र में भागीदारी के दौरान आया, जिसमें कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और जल क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हुए।

मंच की तारीखें और मेजबानी

अल-शैबानी ने कहा कि सऊदी अरब 21 से 25 मार्च 2027 तक 11वें विश्व जल मंच की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंच का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को बढ़ाना, कार्रवाई योग्य समाधानों का समर्थन करना और वैश्विक प्रतिबद्धताओं को ऐसे स्पष्ट कार्यक्रमों से जोड़ना है जिनका प्रभाव मापा जा सके और परिणामों की निगरानी हो सके।

क्या जल संकट के दौर में वैश्विक मंच वाकई प्रतिबद्धताओं को धरातल पर उतार पाते हैं? यह सवाल इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि आयोजन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि चर्चाएँ कितनी ठोस योजनाओं में बदलती हैं।

छह मुख्य विषय और 30 से अधिक टॉपिक

अल-शैबानी ने बताया कि रियाद का विश्व जल मंच छह मुख्य विषयों और 30 से अधिक टॉपिक पर चर्चा करेगा। इनमें जल सुरक्षा, जल वित्त, मनुष्य और प्रकृति के लिए जल, जल शासन और कूटनीति, जल के लिए नवाचार तथा जल का मूल्य शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि मंच में 150 से अधिक देशों के 20,000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। इतनी बड़ी भागीदारी क्या वास्तव में अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों को एक मंच पर ला पाएगी?

जल सुरक्षा जैसे विषय पर वैश्विक सहमति बनाना आसान नहीं है, क्योंकि हर क्षेत्र की प्राथमिकताएँ और संसाधन अलग होते हैं। फिर भी मंच का ढाँचा यही दिखाता है कि मेजबान देश चर्चा को केवल सिद्धांतों तक सीमित नहीं रखना चाहता।

समावेशी तैयारी प्रक्रिया पर जोर

अल-शैबानी ने इस बात पर जोर दिया कि सऊदी अरब एक समावेशी तैयारी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है, जिसमें विभिन्न हितधारक शामिल हों और जो अलग-अलग क्षेत्रों तथा देशों की जरूरतों को प्रतिबिंबित करे।

उन्होंने कहा कि युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों, निजी क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और नदी बेसिन संगठनों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। क्या युवाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी जल नीति में नए विचार ला सकेगी?

तैयारी प्रक्रिया में विविध पक्षों को शामिल करने का अर्थ यह है कि एजेंडा तय करने में केवल सरकारी संस्थाएँ ही नहीं, बल्कि शोध संस्थान और उद्योग भी हिस्सा लेंगे। यह दृष्टिकोण मंच के परिणामों को व्यापक आधार देने की कोशिश है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान

अल-शैबानी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया कि वह मंच की तैयारियों में सक्रिय योगदान दे और ऐसी पहल, विशेषज्ञता तथा साझेदारियाँ प्रदान करे जो व्यावहारिक और टिकाऊ परिणामों का समर्थन करें।

उन्होंने दोहराया कि सऊदी अरब उम्मीद करता है कि मंच एक ऐसा मंच बनेगा जो दुनिया को संयुक्त कार्रवाई के लिए एक साथ लाएगा। जब देश अपनी पहलें साझा करते हैं, तो क्या उनका असर मापने के लिए एक समान ढाँचा भी बन पाएगा?

यह आह्वान ऐसे समय में आया है जब जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है और कई देश अपनी जल रणनीतियों की समीक्षा कर रहे हैं। मंच को ऐसी पहलों के लिए मंच बनाने की कोशिश की जा रही है जहाँ अनुभव साझा किए जा सकें।

रोम में संवाद सत्र का महत्व

रोम में यूरो-भूमध्यसागरीय जल मंच के दौरान यह संवाद सत्र हुआ, जिसमें कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ मौजूद थे। इस तरह की बैठकें आगामी वैश्विक आयोजन की तैयारी का हिस्सा मानी जाती हैं।

भूमध्यसागरीय क्षेत्र में जल सहयोग पर चर्चा का अपना महत्व है, क्योंकि वहाँ कई देश साझा जल संसाधनों पर निर्भर हैं। क्या ऐसे क्षेत्रीय मंच वैश्विक मंच की तैयारी को और ठोस बना सकते हैं?

अल-शैबानी की भागीदारी यह संकेत देती है कि सऊदी अरब मंच की मेजबानी से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद जारी रखना चाहता है। इससे विभिन्न क्षेत्रों की चिंताओं को समझने का अवसर मिलता है।

मंच से अपेक्षाएँ

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, मंच का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को बढ़ाना और वैश्विक प्रतिबद्धताओं को मापने योग्य कार्यक्रमों से जोड़ना है। छह विषयों में जल वित्त और जल शासन जैसे ऐसे पहलू शामिल हैं जिन पर अक्सर सहमति बनाना कठिन होता है।

20,000 से अधिक प्रतिभागियों और 150 से अधिक देशों की भागीदारी का अनुमान यह बताता है कि आयोजन का पैमाना बड़ा होगा। लेकिन क्या बड़ा पैमाना अपने आप ठोस नतीजे देता है?

जल क्षेत्र के विशेषज्ञ अक्सर कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बैठकों का असर तब दिखता है जब वे राष्ट्रीय नीतियों और स्थानीय परियोजनाओं से जुड़ते हैं। रियाद मंच की तैयारी में यही कड़ी जोड़ने की कोशिश दिखती है।

स्रोत में क्या नहीं है

एसपीए की रिपोर्ट में मंच के बजट, प्रतिभागियों के पंजीकरण की प्रक्रिया, विशिष्ट सत्रों की सूची या पिछले विश्व जल मंचों की तुलना से जुड़े आँकड़े शामिल नहीं हैं। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि छह विषयों पर कौन-कौन से देश या संगठन मुख्य भूमिका निभाएँगे।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मंच 21 से 25 मार्च 2027 तक रियाद में होगा और इसमें छह मुख्य विषय तथा 30 से अधिक टॉपिक शामिल होंगे। शेष विवरण की घोषणा आगे की जा सकती है।

विश्व जल मंच कब और कहाँ होगा? एसपीए के अनुसार, 11वां विश्व जल मंच 21 से 25 मार्च 2027 तक रियाद में आयोजित होगा। जल उप मंत्री डॉ. अब्दुलअजीज अल-शैबानी ने रोम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंच का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को बढ़ाना और वैश्विक प्रतिबद्धताओं को मापने योग्य कार्यक्रमों से जोड़ना है।

मंच में कौन-कौन से विषय शामिल हैं? अल-शैबानी के अनुसार, मंच छह मुख्य विषयों और 30 से अधिक टॉपिक पर चर्चा करेगा। इनमें जल सुरक्षा, जल वित्त, मनुष्य और प्रकृति के लिए जल, जल शासन और कूटनीति, जल के लिए नवाचार तथा जल का मूल्य शामिल हैं। रिपोर्ट में प्रत्येक विषय के सत्रों का विवरण नहीं दिया गया।

कितने देश और प्रतिभागी शामिल होंगे? एसपीए के अनुसार, 150 से अधिक देशों के 20,000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। अल-शैबानी ने कहा कि तैयारी प्रक्रिया समावेशी होगी और इसमें युवा, शैक्षणिक संस्थान, निजी क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय संगठन तथा नदी बेसिन संगठन शामिल होंगे।

सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या कहा? अल-शैबानी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया कि वह मंच की तैयारियों में सक्रिय योगदान दे और ऐसी पहल, विशेषज्ञता तथा साझेदारियाँ प्रदान करे जो व्यावहारिक और टिकाऊ परिणामों का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब उम्मीद करता है कि मंच दुनिया को संयुक्त कार्रवाई के लिए एक साथ लाएगा।

यह बयान कहाँ दिया गया? यह बयान रोम में यूरो-भूमध्यसागरीय जल मंच के दौरान एक संवाद सत्र में दिया गया। एसपीए के अनुसार, सत्र में कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और जल क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हुए। सऊदी अरब की ओर से जल उप मंत्री डॉ. अब्दुलअजीज अल-शैबानी ने भाग लिया।

मंच की तैयारी में किन समूहों को शामिल किया जाएगा? अल-शैबानी ने कहा कि तैयारी प्रक्रिया समावेशी होगी और विभिन्न हितधारकों को शामिल करेगी तथा अलग-अलग क्षेत्रों और देशों की जरूरतों को प्रतिबिंबित करेगी। इसमें युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों, निजी क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और नदी बेसिन संगठनों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।