Tuesday, November 3, 2026
अर्थव्यवस्था

मिस्र माइनिंग फोरम 2026 में सऊदी अरब ने प्रतिस्पर्धी खनन क्षेत्र का अनुभव साझा किया

मिस्र माइनिंग फोरम 2026 में सऊदी अरब ने प्रतिस्पर्धी खनन क्षेत्र का अनुभव साझा किया

काहिरा में आयोजित मिस्र माइनिंग फोरम 2026 के पांचवें संस्करण में सऊदी अरब ने अपने खनन क्षेत्र के विकास का अनुभव प्रस्तुत किया। उद्योग और खनिज संसाधन मंत्रालय में खनन मामलों के उपमंत्री इंजी. खालिद अल-मुदैफर ने फोरम के एक सत्र में यह अनुभव साझा किया। फोरम 28 और 29 सितंबर को आयोजित हुआ, जिसमें मंत्री, सरकारी अधिकारी, कंपनी प्रमुख, निवेशक तथा खनन और खनिज क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हुए।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, इंजी. खालिद अल-मुदैफर ने सत्र में सऊदी अरब के अधिक प्रतिस्पर्धी और निवेश-आकर्षक खनन क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डाला। यह सत्र सऊदी विजन 2030 के उद्देश्यों के तहत सऊदी खनन क्षेत्र के बदलाव पर केंद्रित रहा।

सत्र में विधायी और नियामक ढांचे के विकास, भूवैज्ञानिक आंकड़ों तक व्यापक पहुंच, अन्वेषण गतिविधियों में तेजी, बुनियादी ढांचे का विस्तार तथा निवेश को सक्षम बनाने वाले प्रोत्साहनों पर चर्चा हुई। एसपीए के अनुसार, ये प्रयास सऊदी अरब की भूवैज्ञानिक क्षमता को निवेश अवसरों और परियोजनाओं में बदलने में मदद करते हैं।

फोरम में सऊदी अरब की भागीदारी खनन क्षेत्र में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है। इसमें खनिज उत्पादक देशों के साथ विशेषज्ञता का आदान-प्रदान, तकनीकी और निवेश साझेदारी के व्यापक अवसरों की खोज तथा मूल्य श्रृंखला के विभिन्न चरणों में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना शामिल है।

एसपीए के अनुसार, सऊदी अरब मिस्र के साथ खनन सहयोग का विस्तार भी चाहता है। यह भागीदारी खनिज क्षेत्र के भविष्य पर अंतरराष्ट्रीय संवाद को व्यापक बनाने में सऊदी अरब की भूमिका के अनुरूप है।

इस संवाद का एक प्रमुख मंच फ्यूचर मिनरल्स फोरम है, जिसका छठा संस्करण रियाद में 12 से 14 जनवरी 2027 तक आयोजित होगा। एसपीए के अनुसार, यह फोरम सरकारों, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों तथा सेवा और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं को एक साथ लाता है, जिसका उद्देश्य अधिक लचीली खनिज मूल्य श्रृंखलाएं बनाना है।

सऊदी खनन क्षेत्र के बदलाव की दिशा

सत्र में सऊदी खनन क्षेत्र के बदलाव को सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों से जोड़कर देखा गया। इंजी. खालिद अल-मुदैफर ने बताया कि किस तरह विधायी और नियामक ढांचे को विकसित किया जा रहा है। क्या किसी देश का खनन क्षेत्र बिना स्पष्ट कानून और नियमों के निवेशकों का भरोसा जीत सकता है?

भूवैज्ञानिक आंकड़ों तक व्यापक पहुंच इस बदलाव का दूसरा अहम हिस्सा है। जब निवेशकों को भूवैज्ञानिक जानकारी आसानी से उपलब्ध होती है, तो अन्वेषण और खोज की गतिविधियां तेज होती हैं। क्या आंकड़ों की पारदर्शिता के बिना कोई खनन कंपनी बड़े पैमाने पर निवेश का जोखिम उठाएगी?

एसपीए के अनुसार, सऊदी अरब अन्वेषण गतिविधियों में तेजी लाने पर भी काम कर रहा है। इसके साथ ही बुनियादी ढांचे का विस्तार और निवेश को सक्षम बनाने वाले प्रोत्साहन भी इसमें शामिल हैं। क्या बुनियादी ढांचे और प्रोत्साहनों के बिना भूवैज्ञानिक क्षमता अपने आप परियोजनाओं में बदल सकती है?

सत्र में यह बात रेखांकित हुई कि ये प्रयास सऊदी अरब की भूवैज्ञानिक क्षमता को निवेश अवसरों और परियोजनाओं में बदलने में मदद करते हैं। यानी जमीन के नीचे मौजूद संसाधन तभी मूल्य पैदा करते हैं जब उन्हें खोजने, निकालने और बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था हो। क्या केवल संसाधन होना ही किसी अर्थव्यवस्था के लिए पर्याप्त है?

फोरम में सऊदी अरब की मौजूदगी को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने की दिशा में एक कदम बताया गया। एसपीए के अनुसार, इसका उद्देश्य खनिज उत्पादक देशों के साथ विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करना है। क्या अलग-अलग देशों के अनुभवों को साझा किए बिना खनन क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान संभव है?

इसी क्रम में तकनीकी और निवेश साझेदारी के व्यापक अवसरों की खोज तथा मूल्य श्रृंखला के विभिन्न चरणों में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने का जिक्र किया गया। मूल्य श्रृंखला के हर चरण में निजी क्षेत्र की भागीदारी का मतलब है कि खोज से लेकर प्रसंस्करण और बिक्री तक हर स्तर पर कंपनियों की भूमिका बढ़े। क्या सरकारी प्रयास अकेले खनन क्षेत्र को गति दे सकते हैं?

एसपीए के अनुसार, सऊदी अरब मिस्र के साथ खनन सहयोग का विस्तार भी चाहता है। दोनों देशों के बीच सहयोग की यह इच्छा क्षेत्रीय स्तर पर साझेदारी की दिशा दिखाती है। क्या पड़ोसी और क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर काम करना खनन क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ा सकता है?

सऊदी अरब की भागीदारी को खनिज क्षेत्र के भविष्य पर अंतरराष्ट्रीय संवाद व्यापक बनाने की उसकी भूमिका से भी जोड़ा गया। इस संवाद का प्रमुख मंच फ्यूचर मिनरल्स फोरम है। एसपीए के अनुसार, इसका छठा संस्करण रियाद में 12 से 14 जनवरी 2027 तक आयोजित होगा।

फ्यूचर मिनरल्स फोरम सरकारों, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों तथा सेवा और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं को एक साथ लाता है। एसपीए के अनुसार, इसका उद्देश्य अधिक लचीली खनिज मूल्य श्रृंखलाएं बनाना है। क्या वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के दबाव के बीच लचीली मूल्य श्रृंखलाएं बनाना जरूरी नहीं हो गया है?

मिस्र माइनिंग फोरम 2026 का आयोजन काहिरा में 28 और 29 सितंबर को हुआ। यह फोरम का पांचवां संस्करण था। इसमें मंत्रियों, सरकारी अधिकारियों, कंपनी प्रमुखों, निवेशकों तथा खनन और खनिज विशेषज्ञों ने भाग लिया। एसपीए के अनुसार, इंजी. खालिद अल-मुदैफर ने इसी फोरम के एक सत्र में सऊदी अनुभव प्रस्तुत किया।

सत्र की चर्चा का केंद्र सऊदी विजन 2030 के तहत सऊदी खनन क्षेत्र का बदलाव था। इसमें विधायी और नियामक ढांचे का विकास, भूवैज्ञानिक आंकड़ों तक व्यापक पहुंच, अन्वेषण गतिविधियों में तेजी, बुनियादी ढांचे का विस्तार तथा निवेश प्रोत्साहन शामिल रहे। एसपीए के अनुसार, ये प्रयास भूवैज्ञानिक क्षमता को निवेश अवसरों और परियोजनाओं में बदलने में मदद करते हैं।

एसपीए की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि फोरम में सऊदी अरब की भागीदारी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने, खनिज उत्पादक देशों के साथ विशेषज्ञता साझा करने, तकनीकी और निवेश साझेदारी के अवसर खोजने तथा निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब मिस्र के साथ खनन सहयोग का विस्तार भी चाहता है।

रिपोर्ट में फ्यूचर मिनरल्स फोरम के छठे संस्करण का जिक्र किया गया, जो रियाद में 12 से 14 जनवरी 2027 तक होगा। एसपीए के अनुसार, यह फोरम सरकारों, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों तथा सेवा और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं को एक साथ लाता है और अधिक लचीली खनिज मूल्य श्रृंखलाएं बनाने पर केंद्रित है।

एसपीए की इस रिपोर्ट में सत्र में दिए गए भाषण के अंश, किसी समझौते का ब्योरा, निवेश के आंकड़े या परियोजनाओं की सूची शामिल नहीं है। रिपोर्ट में मिस्र के साथ सहयोग के विस्तार का उल्लेख है, लेकिन इसके लिए किसी समझौते, समय-सारणी या ढांचे का जिक्र नहीं किया गया है।

मिस्र माइनिंग फोरम 2026 में सऊदी अरब का प्रतिनिधित्व किसने किया? उद्योग और खनिज संसाधन मंत्रालय में खनन मामलों के उपमंत्री इंजी. खालिद अल-मुदैफर ने फोरम के एक सत्र में सऊदी अरब का अनुभव प्रस्तुत किया। एसपीए के अनुसार, उन्होंने अधिक प्रतिस्पर्धी और निवेश-आकर्षक खनन क्षेत्र के विकास पर बात की। फोरम काहिरा में 28 और 29 सितंबर 2026 को हुआ और यह इसका पांचवां संस्करण था।

सत्र में सऊदी खनन क्षेत्र के किन पहलुओं पर चर्चा हुई? सत्र सऊदी विजन 2030 के उद्देश्यों के तहत खनन क्षेत्र के बदलाव पर केंद्रित रहा। इसमें विधायी और नियामक ढांचे का विकास, भूवैज्ञानिक आंकड़ों तक व्यापक पहुंच, अन्वेषण गतिविधियों में तेजी, बुनियादी ढांचे का विस्तार तथा निवेश को सक्षम बनाने वाले प्रोत्साहन शामिल रहे। एसपीए के अनुसार, ये प्रयास भूवैज्ञानिक क्षमता को निवेश अवसरों और परियोजनाओं में बदलने में मदद करते हैं।

फोरम में सऊदी अरब की भागीदारी का उद्देश्य क्या बताया गया? एसपीए के अनुसार, यह भागीदारी खनन क्षेत्र में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है। इसमें खनिज उत्पादक देशों के साथ विशेषज्ञता का आदान-प्रदान, तकनीकी और निवेश साझेदारी के व्यापक अवसरों की खोज तथा मूल्य श्रृंखला के विभिन्न चरणों में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना शामिल है। रिपोर्ट में मिस्र के साथ खनन सहयोग के विस्तार की इच्छा भी जताई गई।

फ्यूचर मिनरल्स फोरम का अगला संस्करण कब और कहां होगा? एसपीए के अनुसार, फ्यूचर मिनरल्स फोरम का छठा संस्करण रियाद में 12 से 14 जनवरी 2027 तक आयोजित होगा। यह फोरम सरकारों, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों तथा सेवा और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं को एक साथ लाता है। इसका उद्देश्य अधिक लचीली खनिज मूल्य श्रृंखलाएं बनाना बताया गया है।

फोरम में किन-किन की भागीदारी रही? एसपीए के अनुसार, फोरम में मंत्री, सरकारी अधिकारी, कंपनी प्रमुख, निवेशक तथा खनन और खनिज क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हुए। यह आयोजन काहिरा में 28 और 29 सितंबर 2026 को हुआ और यह फोरम का पांचवां संस्करण था। रिपोर्ट में भाग लेने वाले व्यक्तियों या कंपनियों के नाम नहीं दिए गए हैं।

एसपीए की रिपोर्ट में क्या जानकारी नहीं दी गई? रिपोर्ट में सत्र में दिए गए भाषण के अंश, किसी समझौते का ब्योरा, निवेश के आंकड़े या परियोजनाओं की सूची शामिल नहीं है। मिस्र के साथ सहयोग के विस्तार का उल्लेख है, लेकिन इसके लिए किसी समझौते, समय-सारणी या ढांचे का जिक्र नहीं किया गया है। रिपोर्ट में भाग लेने वाले अधिकारियों या कंपनियों के नाम भी नहीं दिए गए हैं।