Monday, October 19, 2026
सऊदी समाचार

अलबुदाईवी: जीसीसी नेताओं के निर्देशों पर खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है

अलबुदाईवी: जीसीसी नेताओं के निर्देशों पर खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है

मनामा में 18 अक्टूबर 2026 को जीसीसी मंत्रिस्तरीय परिषद की 168वीं बैठक हुई, जिसमें महासचिव जासिम अलबुदाईवी ने कहा कि जीसीसी महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है। बैठक की अध्यक्षता बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने की, जो परिषद के वर्तमान सत्र के अध्यक्ष भी हैं। बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्री उपस्थित रहे।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, अलबुदाईवी ने अपने संबोधन में कहा कि जीसीसी महासचिवालय, सदस्य देशों के साथ समन्वय में, खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करने और सदस्य देशों की चुनौतियों से निपटने तथा विकास और समृद्धि हासिल करने की क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए नेताओं के निर्देशों को लागू करने के अपने प्रयास जारी रखे हुए है।

अलबुदाईवी ने कहा कि आतंकवादी हूती मिलिशिया द्वारा सऊदी अरब के खिलाफ किए गए जघन्य हमले हमारे सामने जानबूझकर किए गए आपराधिक आचरण को प्रस्तुत करते हैं, जो मानव जीवन की पवित्रता, नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता पर बढ़ते तनाव के परिणामों की उपेक्षा करता है। उन्होंने इन खुले हमलों की जीसीसी की स्पष्ट निंदा दोहराई और हवाई अड्डों, नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को लगातार निशाना बनाए जाने के साथ-साथ निवासियों को डराने और यात्रियों तथा श्रमिकों को खतरे में डालने को खारिज किया।

उन्होंने कहा कि इस मिलिशिया का अपने अपराधों को दोहराने का हठ प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करता है, ताकि इसके हमलों को रोका जा सके, जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके और सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए इसके खतरों को रोका जा सके। उन्होंने इन हमलों में शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की और अल्लाह से प्रार्थना की कि वह शहीदों और मृतकों पर अपनी विशाल दया बरसाए तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दे।

अलबुदाईवी ने कहा कि जीसीसी सदस्य देशों पर किए गए बार-बार ईरानी हमलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन हैं।

जीसीसी महासचिव की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बनी हुई हैं और सदस्य देश अपनी एकीकरण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। बैठक की अध्यक्षता बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने की, जो वर्तमान सत्र के अध्यक्ष हैं। बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्रियों की उपस्थिति दर्ज की गई।

अलबुदाईवी ने कहा कि महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, जिसका उद्देश्य खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करना और सदस्य देशों की चुनौतियों से निपटने तथा विकास और समृद्धि हासिल करने की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।

उन्होंने सऊदी अरब के खिलाफ हूती मिलिशिया के हमलों की जीसीसी की स्पष्ट निंदा दोहराई। उन्होंने हवाई अड्डों, नागरिक सुविधाओं और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को लगातार निशाना बनाए जाने तथा निवासियों को डराने और यात्रियों और श्रमिकों को खतरे में डालने को खारिज किया। उन्होंने कहा कि मिलिशिया का अपने अपराधों को दोहराने का हठ प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करता है।

अलबुदाईवी ने इन हमलों में शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने जीसीसी सदस्य देशों पर बार-बार किए गए ईरानी हमलों को संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन बताया और कहा कि इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

जीसीसी मंत्रिस्तरीय परिषद की 168वीं बैठक में विदेश मंत्रियों ने भाग लिया और महासचिव ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर बढ़ते तनाव के परिणामों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जीसीसी इन हमलों की स्पष्ट निंदा करता है और नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को खारिज करता है।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, अलबुदाईवी ने कहा कि महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है। उन्होंने खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करने और सदस्य देशों की क्षमताओं को सुदृढ़ करने की बात कही।

बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने अध्यक्षता की। अलबुदाईवी ने हूती मिलिशिया के हमलों की निंदा की और कहा कि ये हमले मानव जीवन की पवित्रता और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा की उपेक्षा करते हैं।

उन्होंने कहा कि इन हमलों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर तनाव बढ़ता है। उन्होंने प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि हमलों को रोका जा सके और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके।

अलबुदाईवी ने शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने जीसीसी सदस्य देशों पर ईरानी हमलों को संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन बताया।

एसपीए की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बैठक मनामा में हुई और इसमें जीसीसी के विदेश मंत्री उपस्थित रहे। महासचिव ने कहा कि जीसीसी महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करना और सदस्य देशों की चुनौतियों से निपटने तथा विकास और समृद्धि हासिल करने की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।

अलबुदाईवी ने सऊदी अरब के खिलाफ हूती मिलिशिया के हमलों की जीसीसी की स्पष्ट निंदा दोहराई और हवाई अड्डों, नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने को खारिज किया। उन्होंने निवासियों को डराने और यात्रियों तथा श्रमिकों को खतरे में डालने की भी निंदा की।

उन्होंने कहा कि मिलिशिया का अपने अपराधों को दोहराने का हठ प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करता है, ताकि इसके हमलों को रोका जा सके, जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके और सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए इसके खतरों को रोका जा सके।

अलबुदाईवी ने शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की और अल्लाह से प्रार्थना की कि वह शहीदों और मृतकों पर अपनी विशाल दया बरसाए तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दे।

उन्होंने कहा कि जीसीसी सदस्य देशों पर बार-बार किए गए ईरानी हमलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन हैं।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने अध्यक्षता की। महासचिव ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर बढ़ते तनाव के परिणामों पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि जीसीसी इन हमलों की स्पष्ट निंदा करता है और नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को खारिज करता है। उन्होंने प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।

अलबुदाईवी ने कहा कि महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है। उन्होंने खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करने और सदस्य देशों की क्षमताओं को सुदृढ़ करने की बात कही।

बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने अध्यक्षता की। अलबुदाईवी ने हूती मिलिशिया के हमलों की निंदा की और कहा कि ये हमले मानव जीवन की पवित्रता और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा की उपेक्षा करते हैं।

उन्होंने कहा कि इन हमलों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर तनाव बढ़ता है। उन्होंने प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि हमलों को रोका जा सके और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके।

अलबुदाईवी ने शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने जीसीसी सदस्य देशों पर ईरानी हमलों को संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन बताया।

एसपीए की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बैठक मनामा में हुई और इसमें जीसीसी के विदेश मंत्री उपस्थित रहे। महासचिव ने कहा कि जीसीसी महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करना और सदस्य देशों की चुनौतियों से निपटने तथा विकास और समृद्धि हासिल करने की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।

अलबुदाईवी ने सऊदी अरब के खिलाफ हूती मिलिशिया के हमलों की जीसीसी की स्पष्ट निंदा दोहराई और हवाई अड्डों, नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने को खारिज किया। उन्होंने निवासियों को डराने और यात्रियों तथा श्रमिकों को खतरे में डालने की भी निंदा की।

उन्होंने कहा कि मिलिशिया का अपने अपराधों को दोहराने का हठ प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करता है, ताकि इसके हमलों को रोका जा सके, जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके और सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए इसके खतरों को रोका जा सके।

अलबुदाईवी ने शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की और अल्लाह से प्रार्थना की कि वह शहीदों और मृतकों पर अपनी विशाल दया बरसाए तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दे।

उन्होंने कहा कि जीसीसी सदस्य देशों पर बार-बार किए गए ईरानी हमलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन हैं।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने अध्यक्षता की। महासचिव ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर बढ़ते तनाव के परिणामों पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि जीसीसी इन हमलों की स्पष्ट निंदा करता है और नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को खारिज करता है। उन्होंने प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।

अलबुदाईवी ने कहा कि महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है। उन्होंने खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करने और सदस्य देशों की क्षमताओं को सुदृढ़ करने की बात कही।

बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने अध्यक्षता की। अलबुदाईवी ने हूती मिलिशिया के हमलों की निंदा की और कहा कि ये हमले मानव जीवन की पवित्रता और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा की उपेक्षा करते हैं।

उन्होंने कहा कि इन हमलों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर तनाव बढ़ता है। उन्होंने प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि हमलों को रोका जा सके और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके।

अलबुदाईवी ने शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने जीसीसी सदस्य देशों पर ईरानी हमलों को संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन बताया।

एसपीए की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बैठक मनामा में हुई और इसमें जीसीसी के विदेश मंत्री उपस्थित रहे। महासचिव ने कहा कि जीसीसी महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करना और सदस्य देशों की चुनौतियों से निपटने तथा विकास और समृद्धि हासिल करने की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।

अलबुदाईवी ने सऊदी अरब के खिलाफ हूती मिलिशिया के हमलों की जीसीसी की स्पष्ट निंदा दोहराई और हवाई अड्डों, नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने को खारिज किया। उन्होंने निवासियों को डराने और यात्रियों तथा श्रमिकों को खतरे में डालने की भी निंदा की।

उन्होंने कहा कि मिलिशिया का अपने अपराधों को दोहराने का हठ प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करता है, ताकि इसके हमलों को रोका जा सके, जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके और सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए इसके खतरों को रोका जा सके।

अलबुदाईवी ने शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की और अल्लाह से प्रार्थना की कि वह शहीदों और मृतकों पर अपनी विशाल दया बरसाए तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दे।

उन्होंने कहा कि जीसीसी सदस्य देशों पर बार-बार किए गए ईरानी हमलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन हैं।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने अध्यक्षता की। महासचिव ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर बढ़ते तनाव के परिणामों पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि जीसीसी इन हमलों की स्पष्ट निंदा करता है और नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को खारिज करता है। उन्होंने प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।

अलबुदाईवी ने कहा कि महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है। उन्होंने खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करने और सदस्य देशों की क्षमताओं को सुदृढ़ करने की बात कही।

बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने अध्यक्षता की। अलबुदाईवी ने हूती मिलिशिया के हमलों की निंदा की और कहा कि ये हमले मानव जीवन की पवित्रता और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा की उपेक्षा करते हैं।

उन्होंने कहा कि इन हमलों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर तनाव बढ़ता है। उन्होंने प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि हमलों को रोका जा सके और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके।

अलबुदाईवी ने शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने जीसीसी सदस्य देशों पर ईरानी हमलों को संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन बताया।

एसपीए की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बैठक मनामा में हुई और इसमें जीसीसी के विदेश मंत्री उपस्थित रहे। महासचिव ने कहा कि जीसीसी महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करना और सदस्य देशों की चुनौतियों से निपटने तथा विकास और समृद्धि हासिल करने की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।

अलबुदाईवी ने सऊदी अरब के खिलाफ हूती मिलिशिया के हमलों की जीसीसी की स्पष्ट निंदा दोहराई और हवाई अड्डों, नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने को खारिज किया। उन्होंने निवासियों को डराने और यात्रियों तथा श्रमिकों को खतरे में डालने की भी निंदा की।

उन्होंने कहा कि मिलिशिया का अपने अपराधों को दोहराने का हठ प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करता है, ताकि इसके हमलों को रोका जा सके, जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके और सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए इसके खतरों को रोका जा सके।

अलबुदाईवी ने शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की और अल्लाह से प्रार्थना की कि वह शहीदों और मृतकों पर अपनी विशाल दया बरसाए तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दे।

उन्होंने कहा कि जीसीसी सदस्य देशों पर बार-बार किए गए ईरानी हमलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन हैं।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने अध्यक्षता की। महासचिव ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर बढ़ते तनाव के परिणामों पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि जीसीसी इन हमलों की स्पष्ट निंदा करता है और नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को खारिज करता है। उन्होंने प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।

अलबुदाईवी ने कहा कि महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है। उन्होंने खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करने और सदस्य देशों की क्षमताओं को सुदृढ़ करने की बात कही।

बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने अध्यक्षता की। अलबुदाईवी ने हूती मिलिशिया के हमलों की निंदा की और कहा कि ये हमले मानव जीवन की पवित्रता और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा की उपेक्षा करते हैं।

उन्होंने कहा कि इन हमलों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर तनाव बढ़ता है। उन्होंने प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि हमलों को रोका जा सके और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके।

अलबुदाईवी ने शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने जीसीसी सदस्य देशों पर ईरानी हमलों को संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन बताया।

एसपीए की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बैठक मनामा में हुई और इसमें जीसीसी के विदेश मंत्री उपस्थित रहे। महासचिव ने कहा कि जीसीसी महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करना और सदस्य देशों की चुनौतियों से निपटने तथा विकास और समृद्धि हासिल करने की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।

अलबुदाईवी ने सऊदी अरब के खिलाफ हूती मिलिशिया के हमलों की जीसीसी की स्पष्ट निंदा दोहराई और हवाई अड्डों, नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने को खारिज किया। उन्होंने निवासियों को डराने और यात्रियों तथा श्रमिकों को खतरे में डालने की भी निंदा की।

उन्होंने कहा कि मिलिशिया का अपने अपराधों को दोहराने का हठ प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करता है, ताकि इसके हमलों को रोका जा सके, जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके और सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए इसके खतरों को रोका जा सके।

अलबुदाईवी ने शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की और अल्लाह से प्रार्थना की कि वह शहीदों और मृतकों पर अपनी विशाल दया बरसाए तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दे।

उन्होंने कहा कि जीसीसी सदस्य देशों पर बार-बार किए गए ईरानी हमलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन हैं।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने अध्यक्षता की। महासचिव ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर बढ़ते तनाव के परिणामों पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि जीसीसी इन हमलों की स्पष्ट निंदा करता है और नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को खारिज करता है। उन्होंने प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।

अलबुदाईवी ने कहा कि महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है। उन्होंने खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करने और सदस्य देशों की क्षमताओं को सुदृढ़ करने की बात कही।

बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने अध्यक्षता की। अलबुदाईवी ने हूती मिलिशिया के हमलों की निंदा की और कहा कि ये हमले मानव जीवन की पवित्रता और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा की उपेक्षा करते हैं।

उन्होंने कहा कि इन हमलों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर तनाव बढ़ता है। उन्होंने प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि हमलों को रोका जा सके और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके।

अलबुदाईवी ने शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने जीसीसी सदस्य देशों पर ईरानी हमलों को संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन बताया।

एसपीए की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बैठक मनामा में हुई और इसमें जीसीसी के विदेश मंत्री उपस्थित रहे। महासचिव ने कहा कि जीसीसी महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करना और सदस्य देशों की चुनौतियों से निपटने तथा विकास और समृद्धि हासिल करने की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।

अलबुदाईवी ने सऊदी अरब के खिलाफ हूती मिलिशिया के हमलों की जीसीसी की स्पष्ट निंदा दोहराई और हवाई अड्डों, नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने को खारिज किया। उन्होंने निवासियों को डराने और यात्रियों तथा श्रमिकों को खतरे में डालने की भी निंदा की।

उन्होंने कहा कि मिलिशिया का अपने अपराधों को दोहराने का हठ प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करता है, ताकि इसके हमलों को रोका जा सके, जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके और सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए इसके खतरों को रोका जा सके।

अलबुदाईवी ने शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की और अल्लाह से प्रार्थना की कि वह शहीदों और मृतकों पर अपनी विशाल दया बरसाए तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दे।

उन्होंने कहा कि जीसीसी सदस्य देशों पर बार-बार किए गए ईरानी हमलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन हैं।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने अध्यक्षता की। महासचिव ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर बढ़ते तनाव के परिणामों पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि जीसीसी इन हमलों की स्पष्ट निंदा करता है और नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को खारिज करता है। उन्होंने प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।

अलबुदाईवी ने कहा कि महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है। उन्होंने खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करने और सदस्य देशों की क्षमताओं को सुदृढ़ करने की बात कही।

बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने अध्यक्षता की। अलबुदाईवी ने हूती मिलिशिया के हमलों की निंदा की और कहा कि ये हमले मानव जीवन की पवित्रता और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा की उपेक्षा करते हैं।

उन्होंने कहा कि इन हमलों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर तनाव बढ़ता है। उन्होंने प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि हमलों को रोका जा सके और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके।

अलबुदाईवी ने शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने जीसीसी सदस्य देशों पर ईरानी हमलों को संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन बताया।

एसपीए की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बैठक मनामा में हुई और इसमें जीसीसी के विदेश मंत्री उपस्थित रहे। महासचिव ने कहा कि जीसीसी महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करना और सदस्य देशों की चुनौतियों से निपटने तथा विकास और समृद्धि हासिल करने की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।

अलबुदाईवी ने सऊदी अरब के खिलाफ हूती मिलिशिया के हमलों की जीसीसी की स्पष्ट निंदा दोहराई और हवाई अड्डों, नागरिक सुविधाओं तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने को खारिज किया। उन्होंने निवासियों को डराने और यात्रियों तथा श्रमिकों को खतरे में डालने की भी निंदा की।

उन्होंने कहा कि मिलिशिया का अपने अपराधों को दोहराने का हठ प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करता है, ताकि इसके हमलों को रोका जा सके, जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके और सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए इसके खतरों को रोका जा सके।

अलबुदाईवी ने शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की और अल्लाह से प्रार्थना की कि वह शहीदों और मृतकों पर अपनी विशाल दया बरसाए तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दे।

उन्होंने कहा कि जीसीसी सदस्य देशों पर बार-बार किए गए ईरानी हमलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन हैं।

जीसीसी मंत्रिस्तरीय परिषद की 168वीं बैठक कहाँ और कब हुई? बैठक मनामा में 18 अक्टूबर 2026 को हुई। इसकी अध्यक्षता बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायानी ने की, जो परिषद के वर्तमान सत्र के अध्यक्ष भी हैं। बैठक में जीसीसी के विदेश मंत्री उपस्थित रहे। एसपीए ने यह जानकारी दी।

अलबुदाईवी ने खाड़ी एकीकरण पर क्या कहा? अलबुदाईवी ने कहा कि जीसीसी महासचिवालय सदस्य देशों के समन्वय से नेताओं के निर्देशों को लागू करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है। इसका उद्देश्य खाड़ी एकीकरण परियोजनाओं को मजबूत करना और सदस्य देशों की चुनौतियों से निपटने तथा विकास और समृद्धि हासिल करने की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।

हूती मिलिशिया के हमलों पर जीसीसी की क्या प्रतिक्रिया थी? अलबुदाईवी ने सऊदी अरब के खिलाफ हूती मिलिशिया के हमलों की जीसीसी की स्पष्ट निंदा दोहराई। उन्होंने हवाई अड्डों, नागरिक सुविधाओं और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने तथा निवासियों को डराने और यात्रियों और श्रमिकों को खतरे में डालने को खारिज किया।

अलबुदाईवी ने अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग क्यों की? अलबुदाईवी ने कहा कि मिलिशिया का अपने अपराधों को दोहराने का हठ प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करता है। इसका उद्देश्य इसके हमलों को रोकना, जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना और सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए इसके खतरों को रोकना है।

अलबुदाईवी ने ईरानी हमलों के बारे में क्या कहा? अलबुदाईवी ने कहा कि जीसीसी सदस्य देशों पर बार-बार किए गए ईरानी हमलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ये हमले उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन हैं।

अलबुदाईवी ने शहीदों और घायलों के लिए क्या कहा? अलबुदाईवी ने इन हमलों में शहीदों और पीड़ितों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने अल्लाह से प्रार्थना की कि वह शहीदों और मृतकों पर अपनी विशाल दया बरसाए तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दे।