Sunday, November 1, 2026
सऊदी समाचार

शूरा काउंसिल ने संसदीय कूटनीति से 135 अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव किए

शूरा काउंसिल ने संसदीय कूटनीति से 135 अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव किए

रियाद में शूरा काउंसिल ने अपने नौवें सत्र के दूसरे वर्ष में संसदीय कूटनीति के 135 जुड़ाव किए, जिनमें 41 सम्मेलन और महासभाएं, सात आधिकारिक विदेशी संसदीय दौरे, मैत्री समितियों की 59 बैठकें और 28 आने वाले प्रतिनिधिमंडल शामिल हैं।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, काउंसिल ने सऊदी अरब की अंतरराष्ट्रीय स्थिति का उपयोग दुनिया भर के विधायी निकायों के साथ साझेदारी मजबूत करने के लिए किया। यह आंकड़े 1 अक्टूबर 2026 को रियाद से जारी विवरण में सामने आए।

बहुपक्षीय स्तर पर काउंसिल ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संसदीय संघों द्वारा आयोजित 41 सम्मेलनों और महासभाओं में भाग लिया। इन मंचों पर काउंसिल ने प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर साम्राज्य का रुख रखा और विधायी अनुभव साझा किया। क्या संसदीय मंच वैश्विक मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करने का असरदार जरिया बन रहे हैं?

इस दौर की एक बड़ी उपलब्धि अरब इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन की साम्राज्य की वर्तमान अध्यक्षता को सक्रिय करना रही। इसी क्रम में यूनियन का 39वां सम्मेलन कस्टोडियन ऑफ द टू होली मस्जिद्स किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के संरक्षण में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य संयुक्त अरब संसदीय कार्रवाई को आगे बढ़ाना बताया गया।

खाड़ी ढांचे के भीतर काउंसिल जीसीसी देशों की शूरा, प्रतिनिधि, राष्ट्रीय और उम्माह परिषदों के अध्यक्षों की आगामी नियमित बैठक की मेजबानी की तैयारी कर रही है। इस बैठक का लक्ष्य साझा क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर तालमेल बनाना और सदस्य देशों के बीच विधायी संबंध गहरे करना है। क्या खाड़ी देशों के विधायी निकायों का यह तालमेल आगे और मजबूत होगा?

द्विपक्षीय स्तर पर काउंसिल ने सात आधिकारिक संसदीय विदेशी दौरे किए, जिनका मकसद समकक्ष विधायी निकायों के साथ संबंध मजबूत करना था। इसके अलावा संसदीय मैत्री समितियों ने 59 बैठकें कीं, जिनसे संवाद के रास्ते बढ़ाने और नीतिगत दृष्टिकोणों में समन्वय किया गया।

काउंसिल के नेतृत्व ने 28 आने वाले प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी भी की, जिनमें संसदीय अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय राजनयिक शामिल थे। क्या इस तरह के आदान-प्रदान से विधायी स्तर पर आपसी समझ बढ़ती है?

एसपीए के अनुसार, ये जुड़ाव शूरा काउंसिल की प्रभावी और टिकाऊ अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की दिशा को दर्शाते हैं। काउंसिल संसदीय कूटनीति का उपयोग सऊदी विदेश नीति को मजबूत करने, आपसी समझ के पुल बनाने और वैश्विक मंच पर साम्राज्य की विधायी उपस्थिति बढ़ाने के लिए कर रही है।

आंकड़ों के लिहाज से देखें तो 135 जुड़ावों का यह समूह कई स्तरों पर बंटा है। बहुपक्षीय स्तर पर 41 सम्मेलन और महासभाएं, द्विपक्षीय स्तर पर सात आधिकारिक दौरे, मैत्री समितियों की 59 बैठकें और 28 आने वाले प्रतिनिधिमंडल। क्या इन आंकड़ों से संसदीय कूटनीति की प्राथमिकताओं का स्पष्ट चित्र मिलता है?

अरब इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन की अध्यक्षता के संदर्भ में एसपीए ने बताया कि यूनियन का 39वां सम्मेलन साम्राज्य की मेजबानी में हुआ। यह सम्मेलन संयुक्त अरब संसदीय कार्रवाई को बढ़ाने के उद्देश्य से जोड़ा गया है। क्या क्षेत्रीय संसदीय संगठनों में अध्यक्षता से सहयोग की नई संभावनाएं खुलती हैं?

खाड़ी सहयोग परिषद के दायरे में आने वाली बैठक की तैयारी को एसपीए ने साझा क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर तालमेल और सदस्य देशों के बीच विधायी संबंधों को गहरा करने से जोड़ा है। इसमें शूरा, प्रतिनिधि, राष्ट्रीय और उम्माह परिषदों के अध्यक्ष शामिल होंगे। क्या इस तरह की बैठकें खाड़ी विधायी सहयोग की दिशा तय करती हैं?

द्विपक्षीय दौरों और मेजबानी के आंकड़े भी ध्यान खींचते हैं। सात आधिकारिक विदेशी दौरे और 28 आने वाले प्रतिनिधिमंडल यह संकेत देते हैं कि संवाद दोनों दिशाओं में चला। मैत्री समितियों की 59 बैठकें इस प्रक्रिया का लगातार हिस्सा रहीं। क्या संसदीय मैत्री समितियां नीतिगत समन्वय का व्यावहारिक मंच बन रही हैं?

एसपीए ने यह भी बताया कि काउंसिल ने प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर साम्राज्य का रुख रखा और विधायी विशेषज्ञता साझा की। यह पहलू बहुपक्षीय भागीदारी के 41 आयोजनों से जुड़ा है, जिनमें क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संसदीय संघ शामिल थे। क्या विधायी अनुभव का आदान-प्रदान दीर्घकालिक साझेदारी बनाता है?

कुल मिलाकर, एसपीए का विवरण संसदीय कूटनीति को सऊदी विदेश नीति के समर्थन, आपसी समझ के पुल और वैश्विक मंच पर विधायी उपस्थिति बढ़ाने से जोड़ता है। यह नौवें सत्र के दूसरे वर्ष की गतिविधियों का लेखा है। क्या आने वाले वर्षों में इन जुड़ावों की संख्या और दायरा बढ़ेगा?

जो बात इस विवरण में नहीं है, वह भी उतनी ही स्पष्ट है। एसपीए ने किसी विशेष सम्मेलन, दौरे या बैठक की तारीखें, स्थान या एजेंडा का ब्योरा नहीं दिया। इन जुड़ावों के परिणामस्वरूप हुए किसी समझौते, घोषणा या संयुक्त बयान का भी उल्लेख नहीं है।

इसी तरह, 135 जुड़ावों की सूची, उनमें शामिल प्रतिनिधिमंडलों के नाम, या किसी देश के साथ अलग-अलग बैठकों का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। जीसीसी बैठक की तारीख भी नहीं बताई गई। क्या इन ब्योरों के बिना पूरी तस्वीर बन पाती है?

फिर भी, उपलब्ध आंकड़े संसदीय कूटनीति के चार स्तर सामने रखते हैं: बहुपक्षीय, अरब, खाड़ी और द्विपक्षीय। हर स्तर पर गतिविधि की अलग गिनती दी गई है। क्या यह ढांचा आने वाले सत्रों में भी जारी रहेगा?

शूरा काउंसिल ने नौवें सत्र के दूसरे वर्ष में कितने संसदीय कूटनीति जुड़ाव किए? एसपीए के अनुसार शूरा काउंसिल ने अपने नौवें सत्र के दूसरे वर्ष में संसदीय कूटनीति के 135 जुड़ाव किए। इनमें बहुपक्षीय, अरब, खाड़ी और द्विपक्षीय स्तर की गतिविधियां शामिल हैं। काउंसिल ने इन जुड़ावों में सऊदी अरब की अंतरराष्ट्रीय स्थिति का उपयोग दुनिया भर के विधायी निकायों के साथ साझेदारी मजबूत करने के लिए किया।

बहुपक्षीय स्तर पर काउंसिल ने कितने सम्मेलनों और महासभाओं में भाग लिया? एसपीए के मुताबिक काउंसिल ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संसदीय संघों द्वारा आयोजित 41 सम्मेलनों और महासभाओं में भाग लिया। इन मंचों पर काउंसिल ने प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर साम्राज्य का रुख रखा और विधायी विशेषज्ञता साझा की। यह बहुपक्षीय भागीदारी 135 कुल जुड़ावों का एक बड़ा हिस्सा है।

अरब इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन से जुड़ी क्या बात बताई गई? एसपीए ने बताया कि इस दौर की एक बड़ी उपलब्धि अरब इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन की साम्राज्य की वर्तमान अध्यक्षता को सक्रिय करना रही। यूनियन का 39वां सम्मेलन कस्टोडियन ऑफ द टू होली मस्जिद्स किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के संरक्षण में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य संयुक्त अरब संसदीय कार्रवाई को आगे बढ़ाना बताया गया।

खाड़ी सहयोग परिषद के ढांचे में काउंसिल क्या तैयारी कर रही है? एसपीए के अनुसार काउंसिल जीसीसी देशों की शूरा, प्रतिनिधि, राष्ट्रीय और उम्माह परिषदों के अध्यक्षों की आगामी नियमित बैठक की मेजबानी की तैयारी कर रही है। इस बैठक का लक्ष्य साझा क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर तालमेल बनाना और सदस्य देशों के बीच विधायी संबंध गहरे करना है। बैठक की तारीख नहीं बताई गई।

द्विपक्षीय स्तर पर कौन-कौन से आंकड़े दिए गए? एसपीए के मुताबिक काउंसिल ने समकक्ष विधायी निकायों के साथ संबंध मजबूत करने के लिए सात आधिकारिक संसदीय विदेशी दौरे किए। संसदीय मैत्री समितियों ने संवाद के रास्ते बढ़ाने और नीतिगत दृष्टिकोणों में समन्वय के लिए 59 बैठकें कीं। काउंसिल के नेतृत्व ने 28 आने वाले प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी भी की।

एसपीए ने कौन-सी जानकारी नहीं दी? एसपीए ने किसी विशेष सम्मेलन, दौरे या बैठक की तारीखें, स्थान या एजेंडा नहीं बताया। 135 जुड़ावों की सूची, शामिल प्रतिनिधिमंडलों के नाम या अलग-अलग देशों के साथ बैठकों का विवरण भी उपलब्ध नहीं कराया गया। जीसीसी बैठक की तारीख और किसी समझौते या संयुक्त बयान का उल्लेख भी विवरण में नहीं है।