Sunday, October 25, 2026
सऊदी समाचार

KFSH जेद्दा को JCI ग्लोबल पेशेंट सेफ्टी अवार्ड, STEP प्रोटोकॉल को मान्यता

KFSH जेद्दा को JCI ग्लोबल पेशेंट सेफ्टी अवार्ड, STEP प्रोटोकॉल को मान्यता

किंग फैसल स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (KFSH) जेद्दा को जॉइंट कमिशन इंटरनेशनल (JCI) की ओर से हेल्थकेयर ऑर्गनाइजेशन श्रेणी में 2026 का ग्लोबल पेशेंट सेफ्टी अवार्ड मिला है, और यह अवार्ड अपने पहले ही वर्ष में अस्पताल को मिला है। यह सम्मान अस्पताल की एम्बुलेंस सर्विसेज द्वारा विकसित सेफ ट्रांसपोर्ट इवैल्यूएशन प्रोटोकॉल (STEP) को दिया गया है, जो उच्च जोखिम वाले केयर ट्रांज़िशन के लिए बनाया गया है।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, KFSH जेद्दा को 32 देशों की हेल्थकेयर संस्थाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरणों की 250 से अधिक प्रविष्टियों में से चुना गया, जिससे यह इस श्रेणी में दुनिया भर के केवल तीन विजेताओं में शामिल हो गया।

यह प्रोटोकॉल उस पैटर्न से निकला जिसे एम्बुलेंस सर्विसेज की टीम ने फील्ड में देखा। कई मरीज़ ट्रांसफर या डिस्चार्ज के सात दिन के भीतर ही इमरजेंसी डिपार्टमेंट लौट रहे थे, क्योंकि इलाज अधूरा रह गया था, डिस्चार्ज ऑर्डर के बाद कोई गिरावट पकड़ में नहीं आई थी, या जाँच के नतीजे उनके इलाज की योजना में शामिल नहीं थे। प्रोटोकॉल लागू होने के बाद इमरजेंसी डिपार्टमेंट में सात दिन के भीतर लौटने की दर 24 प्रतिशत से घटकर 9 प्रतिशत रह गई है।

अस्पताल ने ट्रांसपोर्ट को केवल एक लॉजिस्टिक कदम मानने के बजाय मरीज़ की सुरक्षा की आखिरी कतार के रूप में फिर से डिज़ाइन किया। हर ट्रांसपोर्ट अनुरोध पर पैरामेडिक मरीज़ का इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड देखता है, स्वतंत्र क्लिनिकल मूल्यांकन करता है, हैंडओवर नोट्स और डायग्नोस्टिक नतीजों की जाँच करता है, और मरीज़ को ले जाने से ठीक पहले साथ आए लोगों तथा परिवार के सदस्यों की जानकारी को भी ध्यान में रखता है।

अलाइड मेडिकल सर्विसेज की निदेशक हनादी अल सलमी ने समझाया कि यह अवार्ड KFSH की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि देखभाल के हर चरण में मरीज़ की सुरक्षा बढ़ाई जाए, जिसमें मेडिकल यूनिट्स के बीच मरीज़ों का स्थानांतरण भी शामिल है, और इसमें शामिल टीमों के बीच समन्वय तथा संवाद को बेहतर बनाया जाए।

यह अवार्ड उन हेल्थकेयर संस्थाओं को दिया जाता है जो संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर हैं और जिन्होंने अधिक सुरक्षित तथा उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल को आगे बढ़ाने में उत्कृष्टता दिखाई है। प्रविष्टियों का मूल्यांकन मरीज़ सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के एक पैनल द्वारा किया जाता है, जो नवाचार सहित कुछ मानदंडों पर आधारित होता है।

अब सवाल यह है कि क्या कोई अस्पताल ट्रांसपोर्ट को केवल एक लॉजिस्टिक कदम मानकर आगे बढ़ सकता है, जब सात दिन के भीतर मरीज़ों के लौटने का आँकड़ा इतना साफ़ बोलता है? जब 32 देशों की 250 से अधिक प्रविष्टियों में से केवल तीन को ही यह सम्मान मिलता है, तो क्या यह मान्यता अपने आप में एक मानक बन जाती है? और जब अवार्ड का यह पहला ही वर्ष है, तो क्या यह साबित नहीं होता कि शुरुआत में ही ऊँचा स्तर छूना संभव है?

STEP की सबसे अहम बात यह है कि यह मरीज़ के सफ़र के आखिरी चरण को सबसे नाज़ुक चरण मानता है। जब कोई मरीज़ एक यूनिट से दूसरी यूनिट में जाता है, तो क्या उसके कागज़ात, नतीजे और दवाइयों की जानकारी पूरी तरह साथ जाती है? पैरामेडिक हर अनुरोध पर इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड की समीक्षा करता है और एक स्वतंत्र क्लिनिकल मूल्यांकन करता है। यह दोहरा तंत्र उसी खाई को भरने के लिए है जिसमें अधूरा इलाज, अनदेखी गई गिरावट या योजना से छूटे जाँच के नतीजे शामिल होते हैं।

हैंडओवर नोट्स और डायग्नोस्टिक नतीजों की जाँच के साथ-साथ साथ आए लोगों और परिवार के सदस्यों की जानकारी लेना भी प्रोटोकॉल का हिस्सा है। क्या परिवार की बात सुनना किसी भी मेडिकल प्रक्रिया में कम अहम होता है? मरीज़ के साथ आए लोग अक्सर वह बात बता सकते हैं जो रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होती, और यही जानकारी ट्रांसपोर्ट से ठीक पहले ली जाती है।

हनादी अल सलमी के अनुसार यह अवार्ड KFSH की देखभाल के हर चरण में मरीज़ सुरक्षा बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें मेडिकल यूनिट्स के बीच मरीज़ों का स्थानांतरण भी शामिल है। उन्होंने इसमें शामिल टीमों के बीच समन्वय और संवाद सुधारने की बात कही। क्या बिना समन्वय के कोई भी प्रोटोकॉल ज़मीन पर टिक पाता है?

अवार्ड की शर्तों के मुताबिक यह उन हेल्थकेयर संस्थाओं को दिया जाता है जो संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर हैं और जिन्होंने अधिक सुरक्षित तथा उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल को आगे बढ़ाने में उत्कृष्टता दिखाई है। प्रविष्टियों को मरीज़ सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के पैनल द्वारा नवाचार सहित कुछ मानदंडों पर परखा जाता है। जब मानदंड अंतरराष्ट्रीय हों और आँकड़े घरेलू हों, तो क्या मापने का तरीका ही सबसे बड़ी चुनौती नहीं बन जाता?

KFSH जेद्दा की एम्बुलेंस सर्विसेज ने यह प्रोटोकॉल फील्ड में देखे गए पैटर्न से विकसित किया। टीम ने पाया कि कई मरीज़ ट्रांसफर या डिस्चार्ज के सात दिन के भीतर इमरजेंसी डिपार्टमेंट लौट रहे थे। इसके तीन साफ़ कारण सामने आए: अधूरा इलाज, डिस्चार्ज ऑर्डर के बाद पकड़ में न आई गिरावट, और इलाज की योजना में शामिल न किए गए जाँच के नतीजे। क्या इन तीन कारणों में से कोई भी अकेले इतना बड़ा संकट है कि उसे नज़रअंदाज़ किया जा सके?

इन कारणों को पहचानने के बाद प्रोटोकॉल लागू किया गया, और सात दिन के भीतर इमरजेंसी डिपार्टमेंट लौटने की दर 24 प्रतिशत से 9 प्रतिशत पर आ गई। यह गिरावट अस्पताल के भीतर हुए एक ठोस बदलाव का नतीजा है, जिसमें ट्रांसपोर्ट को आखिरी सुरक्षा कतार माना गया। क्या 24 से 9 प्रतिशत तक का यह सफ़र केवल एक प्रक्रिया बदलने से मुमकिन हुआ, या इसके पीछे रोज़ाना की सख़्ती भी है?

अवार्ड के पहले वर्ष में ही KFSH जेद्दा का चुना जाना इस मायने में अहम है कि प्रतिस्पर्धा 32 देशों की 250 से अधिक प्रविष्टियों की थी। इस श्रेणी में दुनिया भर में केवल तीन विजेता चुने गए, और KFSH जेद्दा उनमें शामिल है। जब पहली बार ही किसी अवार्ड में इतनी बड़ी संख्या में प्रविष्टियाँ हों, तो क्या चयन प्रक्रिया अपने आप में एक परीक्षा नहीं बन जाती?

प्रोटोकॉल का दायरा सिर्फ़ एम्बुलेंस तक सीमित नहीं है। यह मेडिकल यूनिट्स के बीच मरीज़ों के स्थानांतरण को भी कवर करता है, क्योंकि अल सलमी ने स्पष्ट किया कि देखभाल के हर चरण में मरीज़ सुरक्षा बढ़ाना और टीमों के बीच समन्वय तथा संवाद सुधारना इसका लक्ष्य है। क्या अस्पताल के भीतर एक यूनिट से दूसरी यूनिट में जाना उतना ही जोखिम भरा नहीं जितना अस्पताल से बाहर जाना?

एसपीए की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अवार्ड उन संस्थाओं को दिया जाता है जो संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर काम करती हैं और सुरक्षित तथा उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल को आगे बढ़ाने में उत्कृष्टता दिखाती हैं। मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के पैनल द्वारा नवाचार सहित कुछ मानदंडों पर होता है। क्या अमेरिका के बाहर की संस्थाओं के लिए एक अलग श्रेणी होना उनकी उपलब्धियों को और स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है?

अस्पताल ने ट्रांसपोर्ट को लॉजिस्टिक कदम से आगे बढ़ाकर मरीज़ सुरक्षा की आखिरी कतार के रूप में परिभाषित किया। हर अनुरोध पर पैरामेडिक इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड देखता है, स्वतंत्र क्लिनिकल मूल्यांकन करता है, हैंडओवर नोट्स और डायग्नोस्टिक नतीजे परखता है, और साथ आए लोगों तथा परिवार की जानकारी लेता है। क्या यह चार-स्तरीय जाँच हर मरीज़ के लिए व्यावहारिक है, और क्या यही इसे कामयाब बनाती है?

KFSH जेद्दा की एम्बुलेंस सर्विसेज द्वारा विकसित STEP को यह मान्यता मिली है, और यह अवार्ड 2026 में पहली बार दिया गया। अस्पताल को 32 देशों की 250 से अधिक प्रविष्टियों में से चुना गया और यह इस श्रेणी के तीन वैश्विक विजेताओं में से एक है। सात दिन के भीतर इमरजेंसी डिपार्टमेंट लौटने की दर 24 प्रतिशत से 9 प्रतिशत हुई। अल सलमी ने अवार्ड को देखभाल के हर चरण में मरीज़ सुरक्षा बढ़ाने की प्रतिबद्धता बताया। एसपीए की उपलब्ध सामग्री में अवार्ड समारोह की तारीख, स्थान, पुरस्कार राशि या STEP के भविष्य के विस्तार की योजना के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।

KFSH जेद्दा को कौन-सा अवार्ड मिला और किसने दिया? किंग फैसल स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर जेद्दा को जॉइंट कमिशन इंटरनेशनल (JCI) की ओर से हेल्थकेयर ऑर्गनाइजेशन श्रेणी में 2026 का ग्लोबल पेशेंट सेफ्टी अवार्ड मिला है। यह अवार्ड अपने पहले ही वर्ष में दिया गया। सम्मान अस्पताल की एम्बुलेंस सर्विसेज द्वारा विकसित सेफ ट्रांसपोर्ट इवैल्यूएशन प्रोटोकॉल (STEP) को दिया गया, जो उच्च जोखिम वाले केयर ट्रांज़िशन के लिए बनाया गया है।

STEP प्रोटोकॉल किस समस्या से निकला और उसका असर क्या रहा? यह प्रोटोकॉल उस पैटर्न से निकला जिसे एम्बुलेंस सर्विसेज की टीम ने फील्ड में देखा। कई मरीज़ ट्रांसफर या डिस्चार्ज के सात दिन के भीतर इमरजेंसी डिपार्टमेंट लौट रहे थे, क्योंकि इलाज अधूरा रह गया था, डिस्चार्ज ऑर्डर के बाद कोई गिरावट पकड़ में नहीं आई थी, या जाँच के नतीजे इलाज की योजना में शामिल नहीं थे। प्रोटोकॉल के बाद सात दिन के भीतर लौटने की दर 24 प्रतिशत से घटकर 9 प्रतिशत रह गई।

प्रोटोकॉल के तहत हर ट्रांसपोर्ट अनुरोध पर क्या होता है? अस्पताल ने ट्रांसपोर्ट को केवल लॉजिस्टिक कदम मानने के बजाय मरीज़ सुरक्षा की आखिरी कतार के रूप में फिर से डिज़ाइन किया। हर ट्रांसपोर्ट अनुरोध पर पैरामेडिक मरीज़ का इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड देखता है, स्वतंत्र क्लिनिकल मूल्यांकन करता है, हैंडओवर नोट्स और डायग्नोस्टिक नतीजों की जाँच करता है, और मरीज़ को ले जाने से ठीक पहले साथ आए लोगों तथा परिवार के सदस्यों की जानकारी भी ध्यान में रखता है।

चयन प्रक्रिया में कितनी प्रविष्टियाँ और कितने देश शामिल थे? KFSH जेद्दा को 32 देशों की हेल्थकेयर संस्थाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरणों की 250 से अधिक प्रविष्टियों में से चुना गया। इससे यह इस श्रेणी में दुनिया भर के केवल तीन विजेताओं में शामिल हो गया। अवार्ड उन हेल्थकेयर संस्थाओं को दिया जाता है जो संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर हैं और जिन्होंने अधिक सुरक्षित तथा उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल को आगे बढ़ाने में उत्कृष्टता दिखाई है।

अवार्ड के मूल्यांकन के मानदंड क्या बताए गए हैं? प्रविष्टियों का मूल्यांकन मरीज़ सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के एक पैनल द्वारा किया जाता है, जो नवाचार सहित कुछ मानदंडों पर आधारित होता है। अवार्ड उन संस्थाओं को दिया जाता है जो संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर काम करती हैं और सुरक्षित तथा उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल को आगे बढ़ाने में उत्कृष्टता दिखाती हैं। एसपीए की सामग्री में मानदंडों की पूरी सूची नहीं दी गई है।

KFSH की ओर से अवार्ड पर क्या कहा गया? अलाइड मेडिकल सर्विसेज की निदेशक हनादी अल सलमी ने समझाया कि यह अवार्ड KFSH की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि देखभाल के हर चरण में मरीज़ की सुरक्षा बढ़ाई जाए, जिसमें मेडिकल यूनिट्स के बीच मरीज़ों का स्थानांतरण भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल टीमों के बीच समन्वय तथा संवाद को बेहतर बनाया जाए। एसपीए की सामग्री में अवार्ड समारोह की तारीख या स्थान नहीं दिया गया है।